बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के कथित भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से परेशान अमजद उर्फ जाकिर हुसैन नामक पीड़ित ने न्याय न मिलने पर एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की लिखित चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठजनों ने इसमें संज्ञान लिया है और शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास करने के लिए मोर्चा संभाला है। कुसमी मुख्य मार्ग पर टायर की छोटी दुकान चलाकर जीवन यापन करने वाले जाकिर हुसैन का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भू-माफियाओं ने उनकी पुश्तैनी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। जाकिर हुसैन के अनुसार, वर्ष 1995 में उनके पिता ने अपनी 1 डिसमिल जमीन बेची थी, लेकिन खरीदार जरीफ अंसारी ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर लगभग 5 डिसमिल जमीन का फर्जी पट्टा अपने नाम करवा लिया। इस मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब जाकिर हुसैन के पिता को उक्त जमीन का पट्टा 1980-85 के बीच खुद कलेक्टर द्वारा जारी किया गया था और उन्होंने जमीन 1995 में बेची, जबकि विपक्ष का दावा है कि उनके पास इस जमीन का पट्टा 1972 का है। यह पूरा मामला फिलहाल रामानुजगंज सिविल कोर्ट में लंबित है। नियमतः जब कोई मामला सिविल कोर्ट में लंबित होता है, तो उस संपत्ति पर किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या कब्जे की अनुमति नहीं होती है। इसके बावजूद, बीते गुरुवार (21 मई 2026) को विपक्षी जरीफ अंसारी प्रशासनिक और पुलिस बल के सहयोग से उस विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुँच गया। प्रशासन के इस रवैए से आहत होकर पीड़ित अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने तत्काल कुसमी थाना, तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय पहुँचकर एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जाकिर ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। मामले की गंभीरता और तनाव को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सदर (अध्यक्ष) व वरिष्ठ जनों ने इस विवाद में संज्ञान लिया है। सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाकर एक सप्ताह का समय लिया गया है और इस दौरान दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार का विवाद न करने की अपील की गई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे बैठकर इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बलरामपुर जिले में भू-माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और मोटी रकम के लालच में शासकीय तथा निजी जमीनों के रिकॉर्ड में जमकर हेरा-फेरी की जा रही है। उनका आरोप है कि इस भ्रष्टाचार के कारण जिले की आम जनता बेहद परेशान है और जब भी ऐसे मामले उजागर होते हैं, तो बड़े चेहरों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के कथित भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से परेशान अमजद उर्फ जाकिर हुसैन नामक पीड़ित ने न्याय न मिलने पर एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की लिखित चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठजनों ने इसमें संज्ञान लिया है और शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास करने के लिए मोर्चा संभाला है। कुसमी मुख्य मार्ग पर टायर की छोटी दुकान चलाकर जीवन यापन करने वाले जाकिर हुसैन का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भू-माफियाओं ने उनकी पुश्तैनी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। जाकिर हुसैन के अनुसार, वर्ष 1995 में उनके पिता ने अपनी 1 डिसमिल जमीन बेची थी, लेकिन खरीदार जरीफ अंसारी ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर लगभग 5 डिसमिल जमीन का फर्जी पट्टा अपने नाम करवा लिया। इस मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब जाकिर हुसैन के पिता को उक्त जमीन का पट्टा 1980-85 के बीच खुद कलेक्टर द्वारा जारी किया गया था और उन्होंने जमीन 1995 में बेची, जबकि विपक्ष का दावा है कि उनके पास इस जमीन का पट्टा 1972 का है। यह पूरा मामला फिलहाल रामानुजगंज सिविल कोर्ट में लंबित है। नियमतः जब कोई मामला सिविल कोर्ट में लंबित होता है, तो उस संपत्ति पर किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या कब्जे की अनुमति नहीं होती है। इसके बावजूद, बीते गुरुवार (21 मई 2026) को विपक्षी जरीफ अंसारी प्रशासनिक और पुलिस बल के सहयोग से उस विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुँच गया। प्रशासन के इस रवैए से आहत होकर पीड़ित अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने तत्काल कुसमी थाना, तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय पहुँचकर एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जाकिर ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। मामले की गंभीरता और तनाव को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सदर (अध्यक्ष) व वरिष्ठ जनों ने इस विवाद में संज्ञान लिया है। सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाकर एक सप्ताह का समय लिया गया है और इस दौरान दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार का विवाद न करने की अपील की गई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे बैठकर इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बलरामपुर जिले में भू-माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और मोटी रकम के लालच में शासकीय तथा निजी जमीनों के रिकॉर्ड में जमकर हेरा-फेरी की जा रही है। उनका आरोप है कि इस भ्रष्टाचार के कारण जिले की आम जनता बेहद परेशान है और जब भी ऐसे मामले उजागर होते हैं, तो बड़े चेहरों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
- मनिका थाना क्षेत्र के सिन्जो पंचायत स्थित आमा टोली गांव में बुधवार अहले सुबह करीब चार बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अवैध बालू से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सिन्जो पंचायत निवासी मोहन सिंह के घर का दरवाजा तोड़ते हुए सीधे छप्पर के ऊपर चढ़ गया। इस घटना से घर को भारी क्षति पहुंची है, लेकिन घर के सभी लोग बाल-बाल बच गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर का नंबर JH19 F9796 बताया गया है और इसके मालिक का नाम बिनोद यादव है, जो भदईबथान के रहने वाले हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मनिका पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर थाने ले गई, जहाँ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि औरंगा नदी से अवैध बालू उठाने के लिए रोजाना 50 से अधिक ट्रैक्टर तेज रफ्तार से नदी की ओर जाते हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। हालांकि प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, फिर भी मनिका में अवैध बालू का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।2
- गढ़वा प्रखंड के ग्राम चेतना क्षेत्र में चंद्रवंशी समाज की ज़मीन पर कथित तौर पर नज़र गड़ाए बैठे असामाजिक तत्वों को एक व्यक्ति द्वारा कड़ी और स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने यह साफ़ कर दिया है कि वे अपने क्षेत्र की एक इंच भी ज़मीन किसी माफ़िया या असामाजिक तत्व को क़ब्ज़ाने नहीं देंगे। चेतावनी में उन लोगों को भी सख़्त लहजे में कहा गया है जो ग़रीबों और चंद्रवंशी समाज को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि क़ानून अपना काम करेगा और वे स्वयं इस समुदाय की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं, ताकि "कोई माई का लाल ज़मीन नहीं लूट पाए।" प्रशासन को भी इस मामले को गंभीरता से लेने के सख़्त निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी देने वाले व्यक्ति ने ज़ोर देकर कहा कि जनहित और समाज की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके साथ खिलवाड़ करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।1
- सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली लखनऊ की प्रियंका गोस्वामी का हाल ही में आज कल के परिवेश को लेकर एक इंटरव्यू लिया गया।1
- अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध से भारत पर पड़ने वाले खतरे को लेकर राहुल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।1
- सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद करना हमेशा एक बेहद खास और प्रेरणादायक अनुभव होता है। अपने नीदरलैंड दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसके माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की वैश्विक पहचान को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री मोदी ने इराक के नए प्रधानमंत्री अली फलीह काजिम अल-जैदी को भी बधाई दी और भारत-इराक संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अहम चर्चा जारी है।1
- झारखंड में आयोजित एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक अनंत प्रताप देव ने पूर्व विधायक भानु पर जमकर निशाना साधा है। विधायक के इन तीखे बयानों से राज्य की राजनीति में खासी हलचल मच गई है, जिससे प्रदेश की सियासत में गरमाहट आ गई है।1
- झारखंड के लातेहार जिले के मनिका में एक अवैध बालू लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर एक छप्पर में जा घुसा। इस घटना में एक बड़ा हादसा टल गया, और उसमें मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।1
- विंढमगंज थाना क्षेत्र के सीता मोड़ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे और कई ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाना भी शुरू कर दिया।1