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सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
Sandeep kushwaha
सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
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- तेज़ धूप में बिना किसी स्वार्थ के प्रतिदिन लोगों को राहत पहुँचाने का कार्य कर रही एक महिला मानवता, सेवा और करुणा की सच्ची मिसाल बनी हैं। उनके निस्वार्थ प्रयास समाज को यह संदेश देते हैं कि छोटी-छोटी सेवाएँ भी किसी के जीवन में बड़ी राहत बन सकती हैं। उनकी संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना हम सभी के लिए प्रेरणादायी है, क्योंकि समाज में ऐसे लोगों की मौजूदगी ही इंसानियत को जीवित रखती है। इस नेक पहल को सलाम।1
- मनेंद्रगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बरबसपुर और सिरौली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान तेज हो गया है। इस पहल के अंतर्गत, बरबसपुर के स्वच्छता ग्राहियों ने 15 किलोग्राम सफेद पन्नी, 46 किलोग्राम रंगीन पन्नी और 8 किलोग्राम प्लास्टिक बोतलें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई चनवारीडांड को बेचीं। इसके साथ ही, सूची ऐप का उपयोग करते हुए आंगनबाड़ी, स्कूल, सामुदायिक शौचालय सहित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग कार्य पूरा किया गया। सिरौली, नागोई, पिपरिया और कठौतिया गांवों में भी प्लास्टिक संग्रहण और जियो टैगिंग अभियान चलाया गया। प्रशासन ने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।1
- जनकपुर क्षेत्र के बहरासी गांव में मारपीट से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है।1
- रायसेन में एक नाले का निर्माण कार्य 18 दिन बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं, जिससे ठेकेदार की लापरवाही स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल बस स्टैंड पर स्थित शराब दुकान पर ग्राहकों से लगातार MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम ओवररेट में शराब बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि दुकान में तय कीमत से ज़्यादा रुपए लिए जाते हैं, और विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो और शिकायतें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे शराब प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का यह भी कहना है कि बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब की दुकान होने के कारण आए दिन विवाद और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। इस गंभीर स्थिति पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईवे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास शराब दुकानों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, जिनकी कथित तौर पर अवहेलना हो रही है।1
- भूपेश बघेल ने रामभद्राचार्य जी से तीखे सवाल पूछे हैं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और उनकी नीतियों के संबंध में। बघेल ने रामभद्राचार्य जी को गौ-भक्त और राम भक्त बताते हुए जानना चाहा कि मोदी ने गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है। उन्होंने विनम्र निवेदन करते हुए रामभद्राचार्य जी से यह भी कहा कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देश दें कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। भूपेश बघेल ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि रामभद्राचार्य जी इतने ज्ञानी और दिव्यदृष्टि वाले हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मोदी डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं।1
- स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है, ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता को गुणवत्तापूर्ण पानी मुहैया कराएं। हालांकि, नगर पालिका द्वारा बिना किसी जांच के पानी की सप्लाई किया जाना एक गंभीर लापरवाही के रूप में सामने आया है, जिसे सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, संबंधित विभाग से तत्काल पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने और यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि सप्लाई किया जा रहा पानी सभी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप हो। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि वह योग्य लैब टेक्निकल स्टाफ की नियुक्ति करे और नियमित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिल सके। वर्तमान में, पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच न होना और लैब टेक्निकल स्टाफ के बिना सप्लाई जारी रहना चिंता का विषय है।1
- बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के कथित भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से परेशान अमजद उर्फ जाकिर हुसैन नामक पीड़ित ने न्याय न मिलने पर एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की लिखित चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठजनों ने इसमें संज्ञान लिया है और शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास करने के लिए मोर्चा संभाला है। कुसमी मुख्य मार्ग पर टायर की छोटी दुकान चलाकर जीवन यापन करने वाले जाकिर हुसैन का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भू-माफियाओं ने उनकी पुश्तैनी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। जाकिर हुसैन के अनुसार, वर्ष 1995 में उनके पिता ने अपनी 1 डिसमिल जमीन बेची थी, लेकिन खरीदार जरीफ अंसारी ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर लगभग 5 डिसमिल जमीन का फर्जी पट्टा अपने नाम करवा लिया। इस मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब जाकिर हुसैन के पिता को उक्त जमीन का पट्टा 1980-85 के बीच खुद कलेक्टर द्वारा जारी किया गया था और उन्होंने जमीन 1995 में बेची, जबकि विपक्ष का दावा है कि उनके पास इस जमीन का पट्टा 1972 का है। यह पूरा मामला फिलहाल रामानुजगंज सिविल कोर्ट में लंबित है। नियमतः जब कोई मामला सिविल कोर्ट में लंबित होता है, तो उस संपत्ति पर किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या कब्जे की अनुमति नहीं होती है। इसके बावजूद, बीते गुरुवार (21 मई 2026) को विपक्षी जरीफ अंसारी प्रशासनिक और पुलिस बल के सहयोग से उस विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुँच गया। प्रशासन के इस रवैए से आहत होकर पीड़ित अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने तत्काल कुसमी थाना, तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय पहुँचकर एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जाकिर ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। मामले की गंभीरता और तनाव को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सदर (अध्यक्ष) व वरिष्ठ जनों ने इस विवाद में संज्ञान लिया है। सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाकर एक सप्ताह का समय लिया गया है और इस दौरान दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार का विवाद न करने की अपील की गई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे बैठकर इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बलरामपुर जिले में भू-माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और मोटी रकम के लालच में शासकीय तथा निजी जमीनों के रिकॉर्ड में जमकर हेरा-फेरी की जा रही है। उनका आरोप है कि इस भ्रष्टाचार के कारण जिले की आम जनता बेहद परेशान है और जब भी ऐसे मामले उजागर होते हैं, तो बड़े चेहरों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।1
- मध्य प्रदेश के कोतमा बाजार में यातायात की लचर व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही का गंभीर परिणाम सामने आया है। यहाँ एक बेकाबू 16 टायरा ट्रक मौत बनकर दौड़ पड़ा, जिसने बाजार में भारी तबाही मचाई है।1