मध्य प्रदेश के शहडोल बस स्टैंड पर स्थित शराब दुकान पर ग्राहकों से लगातार MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम ओवररेट में शराब बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि दुकान में तय कीमत से ज़्यादा रुपए लिए जाते हैं, और विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो और शिकायतें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे शराब प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का यह भी कहना है कि बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब की दुकान होने के कारण आए दिन विवाद और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। इस गंभीर स्थिति पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईवे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास शराब दुकानों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, जिनकी कथित तौर पर अवहेलना हो रही है।
मध्य प्रदेश के शहडोल बस स्टैंड पर स्थित शराब दुकान पर ग्राहकों से लगातार MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम ओवररेट में शराब बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि दुकान में तय कीमत से ज़्यादा रुपए लिए जाते हैं, और विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो और शिकायतें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे शराब प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का यह भी कहना है कि बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब की दुकान होने के कारण आए दिन विवाद और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। इस गंभीर स्थिति पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईवे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास शराब दुकानों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, जिनकी कथित तौर पर अवहेलना हो रही है।
- मध्य प्रदेश के शहडोल बस स्टैंड पर स्थित शराब दुकान पर ग्राहकों से लगातार MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम ओवररेट में शराब बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि दुकान में तय कीमत से ज़्यादा रुपए लिए जाते हैं, और विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी वीडियो और शिकायतें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे शराब प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का यह भी कहना है कि बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब की दुकान होने के कारण आए दिन विवाद और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। इस गंभीर स्थिति पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईवे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास शराब दुकानों को लेकर सख्त निर्देश दिए थे, जिनकी कथित तौर पर अवहेलना हो रही है।1
- कोरिया जिले के ग्राम जिल्दा में एक खाद्य घोटाला सामने आया है। इस मामले में प्रशासन द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई है।1
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बिश्रामपुर थाने का घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी इस घेराव में शामिल हुए।4
- पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यदि नशे का मुख्य कारोबारी (मास्टरमाइंड) जेल में बंद है, तो भी 'कोडीन फॉस्फेट' जैसी खतरनाक नशीली सिरप बड़े पैमाने पर क्षेत्र में कैसे पहुंच रही है, यह एक गंभीर सवाल है। इस स्थिति ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़कर मीडिया के सामने अपनी वाहवाही लूटी थी, वह सिर्फ नशे के कारोबार का एक मोहरा था और इसका असली सरगना अभी भी बाहर सक्रिय है।1
- अनूपपुर जिले के कोतमा बाजार क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक के अचानक बाजार में घुस जाने से वहाँ मौजूद लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान ट्रक ने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को टक्कर मार कर नुकसान पहुँचाया। गनीमत रही कि इस घटना में लोग किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद, कोतमा पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।1
- जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल 1 जेसीबी मशीन और 5 ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। खनिज विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध रेत और खनिज कारोबार में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान, संबंधित वाहन चालकों और संचालकों से उनके दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वैध अनुमति प्रस्तुत न कर पाने के कारण सभी वाहनों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि प्राकृतिक संसाधनों की किसी भी प्रकार की अवैध लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पानी के गंभीर संकट को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, लोग घड़ा-बाल्टी लेकर जनपद में पहुंचे और पानी की समस्या को उजागर किया।1
- जनकपुर क्षेत्र के बहरासी गांव में मारपीट से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है।1