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पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यदि नशे का मुख्य कारोबारी (मास्टरमाइंड) जेल में बंद है, तो भी 'कोडीन फॉस्फेट' जैसी खतरनाक नशीली सिरप बड़े पैमाने पर क्षेत्र में कैसे पहुंच रही है, यह एक गंभीर सवाल है। इस स्थिति ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़कर मीडिया के सामने अपनी वाहवाही लूटी थी, वह सिर्फ नशे के कारोबार का एक मोहरा था और इसका असली सरगना अभी भी बाहर सक्रिय है।
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पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यदि नशे का मुख्य कारोबारी (मास्टरमाइंड) जेल में बंद है, तो भी 'कोडीन फॉस्फेट' जैसी खतरनाक नशीली सिरप बड़े पैमाने पर क्षेत्र में कैसे पहुंच रही है, यह एक गंभीर सवाल है। इस स्थिति ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़कर मीडिया के सामने अपनी वाहवाही लूटी थी, वह सिर्फ नशे के कारोबार का एक मोहरा था और इसका असली सरगना अभी भी बाहर सक्रिय है।
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- अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान तिरंगा झंडा व बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली की समस्या, सिंचाई सुविधाओं की कमी और किसानों के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यह रैली तिपान नदी साईं मंदिर के पास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसके माध्यम से किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के संकट ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्रदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- एक पोस्ट के माध्यम से चश्मा पहने एक गाय की तस्वीर को सभी लोगों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया है। इसमें अपील की गई है कि इस तस्वीर को पूरे छत्तीसगढ़ में हर जगह फैलाया जाना चाहिए। पोस्ट में लोगों से इस फोटो को लाइक करने और बहुत जल्द इसका समर्थन करने की बात कही गई है।2
- अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है, जहाँ हाल ही में नेशनल हाईवे 130 पर एक कार की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना 24 मई, रविवार की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन माता मंदिर के पास हुई। मृतकों की पहचान ग्राम महुआटिकरा दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामकुमार सिंह, पिता स्व. सरनाम सिंह, और उनके भतीजे जयसिंह के रूप में हुई है। ये दोनों प्रीतिभोज में शामिल होकर अपनी बाइक (CG 15 CQ 8979) से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही स्विफ्ट कार (CG 11 BT 7498) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए, और बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर अचेत अवस्था में गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने लखनपुर थाने में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद परिवारजनों समेत पूरे गाँव में शोक का माहौल है। इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग को 'यमलोक जाने का सुलभ रास्ता' तक कहने लगे हैं, जहाँ लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोग जान गँवा रहे हैं। पोस्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि बाइक सवार हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सिर में गंभीर चोटों और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बावजूद इसके कि यातायात पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर गति सूचक और गति नियंत्रक बोर्ड की कमी, कई जगहों पर निर्देशात्मक बोर्ड का अभाव, और नियमों के कठोर पालन की कमी को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाया जाता नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन द्वारा इन सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।1
- प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड दौरे का मुख्य केंद्र भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम और वैश्विक रिश्ते रहेंगे।1
- एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। इस दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है और कोमा में चला गया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी अपने पति के साथ हुए विवाद के बाद घर से निकल गई। जानकारी के अनुसार, घर छोड़ने के बाद यह महिला जंगल में गई, जहाँ उसने एक "बड़ा कांड" किया। इस घटना के बारे में सुनकर लोग कांप उठे हैं और इसे बेहद भयानक बताया जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के शांतप्रिय चांगभाखार क्षेत्र में अब गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने वाली घटनाएं बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। जनकपुर क्षेत्र के बहराशि गांव से सामने आई ऐसी ही तस्वीरों ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। यह स्थिति, जिसे अक्सर बंगाल या बिहार से जोड़ा जाता है, अब छत्तीसगढ़ में दिखने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियां गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। इन घटनाओं को देखते हुए यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और क्या अपराधियों में कानून का डर अब खत्म हो चुका है? आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करे, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यदि समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका सीधा असर पूरे क्षेत्र के सामाजिक माहौल और आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। इस गंभीर स्थिति पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि "ये कैसा सुशासन है?", जो मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखा हमला है।1
- अनूपपुर में भीषण गर्मी के दौर में, जब इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव और पशु-पक्षी भी पानी व भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, सर्प प्रहरी छोटे लाल यादव जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनूपपुर क्षेत्र के जाने-माने सर्प प्रहरी, जिन्होंने हजारों बेहद जहरीले छोटे-बड़े साँपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा है, अब उन्होंने बंदरों की भूख मिटाने के लिए केले खिलाने की मुहिम भी छेड़ी है। वे अपने दुपहिया वाहन से विभिन्न क्षेत्रों में पहुँचकर बंदरों को केले खिलाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें भोजन उपलब्ध हो सके। छोटे लाल यादव का कहना है कि गर्मियों में जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बंदरों को भोजन की तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि बेजुबान जीवों को कुछ राहत मिल सके। वे प्रतिदिन अपने वाहन में केले लेकर निकलते हैं और उन स्थानों तक पहुँचते हैं जहाँ बंदरों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की है, उनका कहना है कि आज के व्यस्त समय में जब लोग पशु-पक्षियों पर कम ध्यान दे पाते हैं, तब छोटे लाल यादव का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि इंसान होने के नाते केवल मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह कार्य मानवता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश दे रहा है, और क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि अन्य लोग भी इसी प्रकार आगे आएं और पशु-पक्षियों के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था करें, तो गर्मी में बेजुबान जीवों को काफी राहत मिल सकती है। छोटे लाल यादव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- प्रभारी मंत्री सुखवंत साहिब और सांसद कमलेश जांगड़े ने 'सीन ऑफ क्राइम मोबाइल फॉरेंसिक वैन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।1