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अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है, जहाँ हाल ही में नेशनल हाईवे 130 पर एक कार की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना 24 मई, रविवार की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन माता मंदिर के पास हुई। मृतकों की पहचान ग्राम महुआटिकरा दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामकुमार सिंह, पिता स्व. सरनाम सिंह, और उनके भतीजे जयसिंह के रूप में हुई है। ये दोनों प्रीतिभोज में शामिल होकर अपनी बाइक (CG 15 CQ 8979) से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही स्विफ्ट कार (CG 11 BT 7498) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए, और बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर अचेत अवस्था में गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने लखनपुर थाने में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद परिवारजनों समेत पूरे गाँव में शोक का माहौल है। इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग को 'यमलोक जाने का सुलभ रास्ता' तक कहने लगे हैं, जहाँ लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोग जान गँवा रहे हैं। पोस्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि बाइक सवार हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सिर में गंभीर चोटों और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बावजूद इसके कि यातायात पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर गति सूचक और गति नियंत्रक बोर्ड की कमी, कई जगहों पर निर्देशात्मक बोर्ड का अभाव, और नियमों के कठोर पालन की कमी को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाया जाता नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन द्वारा इन सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

11 hrs ago
user_Jarif Khan
Jarif Khan
अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
11 hrs ago

अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है, जहाँ हाल ही में नेशनल हाईवे 130 पर एक कार की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना 24 मई, रविवार की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन माता मंदिर के पास हुई। मृतकों की पहचान ग्राम महुआटिकरा दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामकुमार सिंह, पिता स्व. सरनाम सिंह, और उनके भतीजे जयसिंह के रूप में हुई है। ये दोनों प्रीतिभोज में शामिल होकर अपनी बाइक (CG 15 CQ 8979) से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही स्विफ्ट कार (CG 11 BT 7498) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए, और बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर अचेत अवस्था में गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने लखनपुर थाने में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद परिवारजनों समेत पूरे गाँव में शोक का माहौल है। इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग को 'यमलोक जाने का सुलभ रास्ता' तक कहने लगे हैं, जहाँ लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोग जान गँवा रहे हैं। पोस्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि बाइक सवार हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सिर में गंभीर चोटों और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बावजूद इसके कि यातायात पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर गति सूचक और गति नियंत्रक बोर्ड की कमी, कई जगहों पर निर्देशात्मक बोर्ड का अभाव, और नियमों के कठोर पालन की कमी को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाया जाता नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन द्वारा इन सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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  • एक पोस्ट के माध्यम से चश्मा पहने एक गाय की तस्वीर को सभी लोगों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया है। इसमें अपील की गई है कि इस तस्वीर को पूरे छत्तीसगढ़ में हर जगह फैलाया जाना चाहिए। पोस्ट में लोगों से इस फोटो को लाइक करने और बहुत जल्द इसका समर्थन करने की बात कही गई है।
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    एक पोस्ट के माध्यम से चश्मा पहने एक गाय की तस्वीर को सभी लोगों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया है। इसमें अपील की गई है कि इस तस्वीर को पूरे छत्तीसगढ़ में हर जगह फैलाया जाना चाहिए। पोस्ट में लोगों से इस फोटो को लाइक करने और बहुत जल्द इसका समर्थन करने की बात कही गई है।
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है, जहाँ हाल ही में नेशनल हाईवे 130 पर एक कार की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना 24 मई, रविवार की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन माता मंदिर के पास हुई। मृतकों की पहचान ग्राम महुआटिकरा दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामकुमार सिंह, पिता स्व. सरनाम सिंह, और उनके भतीजे जयसिंह के रूप में हुई है। ये दोनों प्रीतिभोज में शामिल होकर अपनी बाइक (CG 15 CQ 8979) से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही स्विफ्ट कार (CG 11 BT 7498) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए, और बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर अचेत अवस्था में गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने लखनपुर थाने में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद परिवारजनों समेत पूरे गाँव में शोक का माहौल है। इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग को 'यमलोक जाने का सुलभ रास्ता' तक कहने लगे हैं, जहाँ लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोग जान गँवा रहे हैं। पोस्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि बाइक सवार हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सिर में गंभीर चोटों और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बावजूद इसके कि यातायात पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर गति सूचक और गति नियंत्रक बोर्ड की कमी, कई जगहों पर निर्देशात्मक बोर्ड का अभाव, और नियमों के कठोर पालन की कमी को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाया जाता नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन द्वारा इन सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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    अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है, जहाँ हाल ही में नेशनल हाईवे 130 पर एक कार की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह घटना 24 मई, रविवार की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन माता मंदिर के पास हुई।

मृतकों की पहचान ग्राम महुआटिकरा दरिमा निवासी 65 वर्षीय रामकुमार सिंह, पिता स्व. सरनाम सिंह, और उनके भतीजे जयसिंह के रूप में हुई है। ये दोनों प्रीतिभोज में शामिल होकर अपनी बाइक (CG 15 CQ 8979) से घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही स्विफ्ट कार (CG 11 BT 7498) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक और कार दोनों क्षतिग्रस्त हो गए, और बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर अचेत अवस्था में गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि टक्कर की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने लखनपुर थाने में कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच कर रही है।

इस दुखद घटना के बाद परिवारजनों समेत पूरे गाँव में शोक का माहौल है। इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए लोग अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग को 'यमलोक जाने का सुलभ रास्ता' तक कहने लगे हैं, जहाँ लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोग जान गँवा रहे हैं। पोस्ट में यह भी चिंता जताई गई है कि बाइक सवार हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सिर में गंभीर चोटों और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, बावजूद इसके कि यातायात पुलिस और प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर गति सूचक और गति नियंत्रक बोर्ड की कमी, कई जगहों पर निर्देशात्मक बोर्ड का अभाव, और नियमों के कठोर पालन की कमी को भी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। प्रशासन की ओर से भी इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कड़ा रुख अपनाया जाता नहीं दिख रहा है।

अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन द्वारा इन सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड दौरे का मुख्य केंद्र भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम और वैश्विक रिश्ते रहेंगे।
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    प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड दौरे का मुख्य केंद्र भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम और वैश्विक रिश्ते रहेंगे।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सनवाल रोड पर ग्राम पीपर पान के पास हुई, जहाँ एक तेज रफ्तार बाइक ईंटों से भरे ट्रैक्टर से पीछे से जा टकराई। पुलिस के अनुसार, इस दर्दनाक टक्कर में बाइक पर सवार सभी चारों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक बीती शाम डिंडो बाजार से अपने घर वापस लौट रहे थे। सनवाल थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
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    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सनवाल रोड पर ग्राम पीपर पान के पास हुई, जहाँ एक तेज रफ्तार बाइक ईंटों से भरे ट्रैक्टर से पीछे से जा टकराई।

पुलिस के अनुसार, इस दर्दनाक टक्कर में बाइक पर सवार सभी चारों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक बीती शाम डिंडो बाजार से अपने घर वापस लौट रहे थे। सनवाल थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • रायगढ़ पुलिस का ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ नेटवर्क के खिलाफ चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन अंकुश’ लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, धरमजयगढ़ पुलिस ने आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सट्टेबाजों का नेटवर्क जहां तक फैला है, वहां तक कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार, 24 मई 2026 की रात को धरमजयगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि वर्षों से बंद पड़े भारत टॉकीज परिसर के सामने कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैच पर हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एएसआई मंजू मिश्रा, आरक्षक विजयानंद राठिया और कमलेश केरकेट्टा की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन एक व्यक्ति को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक (38 वर्ष) निवासी धरमजयगढ़ कॉलोनी, खरसिया रोड, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ बताया। पुलिस ने आरोपी मनीष भौमिक के कब्जे से आईपीएल टीमों के नाम और पैसों का हिसाब लिखी सट्टा-पट्टी, नकद रुपये और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल की गहन जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, खाईवालों और अन्य जुड़े लोगों के डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। आरोपी मनीष भौमिक के खिलाफ थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपी को धरमजयगढ़ व्यवहार न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल भेजकर न्यायिक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों और खाईवालों की तलाश में गंभीरता से जुटी हुई है।
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    रायगढ़ पुलिस का ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ नेटवर्क के खिलाफ चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन अंकुश’ लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, धरमजयगढ़ पुलिस ने आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सट्टेबाजों का नेटवर्क जहां तक फैला है, वहां तक कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

जानकारी के अनुसार, 24 मई 2026 की रात को धरमजयगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि वर्षों से बंद पड़े भारत टॉकीज परिसर के सामने कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैच पर हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एएसआई मंजू मिश्रा, आरक्षक विजयानंद राठिया और कमलेश केरकेट्टा की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन एक व्यक्ति को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक (38 वर्ष) निवासी धरमजयगढ़ कॉलोनी, खरसिया रोड, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ बताया।

पुलिस ने आरोपी मनीष भौमिक के कब्जे से आईपीएल टीमों के नाम और पैसों का हिसाब लिखी सट्टा-पट्टी, नकद रुपये और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल की गहन जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, खाईवालों और अन्य जुड़े लोगों के डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। आरोपी मनीष भौमिक के खिलाफ थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपी को धरमजयगढ़ व्यवहार न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल भेजकर न्यायिक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों और खाईवालों की तलाश में गंभीरता से जुटी हुई है।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाना विश्रामपुर के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “सत्ता की दलाली बंद करो” और “लोकतंत्र की आवाज़ दबाना बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और सांसद ज्योत्सना महंत सहित कई वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने और विपक्षी नेताओं को डराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष के आवेदन पर दुर्भावनापूर्वक और बिना निष्पक्ष जांच किए राजनीतिक दबाव में यह प्रकरण दर्ज किया गया है। नेताओं ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक यह झूठा प्रकरण वापस नहीं लिया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
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    शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाना विश्रामपुर के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “सत्ता की दलाली बंद करो” और “लोकतंत्र की आवाज़ दबाना बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना कड़ा विरोध जताया।

प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और सांसद ज्योत्सना महंत सहित कई वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने और विपक्षी नेताओं को डराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष के आवेदन पर दुर्भावनापूर्वक और बिना निष्पक्ष जांच किए राजनीतिक दबाव में यह प्रकरण दर्ज किया गया है। नेताओं ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप भी लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक यह झूठा प्रकरण वापस नहीं लिया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
    user_मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के ग्राम बरती खुर्द में चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे लेकर पहुंच रहे नेताओं को अब ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सालों से जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है, जहाँ वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि खोखले वादे करने वाले नेताओं की अब गाँव में खैर नहीं। गाँव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है, जहाँ उन्होंने एक खास गाने के साथ अपने गाँव की बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया है। यह वीडियो उन नेताओं के लिए एक सीधा तमाचा है जो चुनाव आते ही गाँव के विकास का दावा करते हैं, और ग्रामीण इसके माध्यम से 'सड़क नहीं तो वोट नहीं!' का सीधा संदेश दे रहे हैं। ग्रामीणों की साफ मांग है कि नेताओं को भाषण देने से पहले गाँव की इस बदहाल सड़क पर चलकर दिखाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में नेताओं को वोट की जगह केवल विरोध ही मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या होता है।
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    बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के ग्राम बरती खुर्द में चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे लेकर पहुंच रहे नेताओं को अब ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सालों से जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है, जहाँ वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि खोखले वादे करने वाले नेताओं की अब गाँव में खैर नहीं।

गाँव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है, जहाँ उन्होंने एक खास गाने के साथ अपने गाँव की बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया है। यह वीडियो उन नेताओं के लिए एक सीधा तमाचा है जो चुनाव आते ही गाँव के विकास का दावा करते हैं, और ग्रामीण इसके माध्यम से 'सड़क नहीं तो वोट नहीं!' का सीधा संदेश दे रहे हैं।

ग्रामीणों की साफ मांग है कि नेताओं को भाषण देने से पहले गाँव की इस बदहाल सड़क पर चलकर दिखाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में नेताओं को वोट की जगह केवल विरोध ही मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या होता है।
    user_जनता की ख़बर
    जनता की ख़बर
    Local News Reporter वाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में आमामुड़ा तालाब में एक हाथी शावक की मृत्यु और वनमंडल क्षेत्र में कुल तीन शावकों की मौत की घटनाओं के बाद वन विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। वन विभाग हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी सतत निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है जहाँ छोटे हाथी शावकों के फंसने अथवा दुर्घटना होने की आशंका हो सकती है। आवश्यकतानुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे ताकि हाथियों को जल स्रोतों तक सुरक्षित पहुंच मिल सके। धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए आमामुड़ा तालाब में हुई हाथी शावक की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील एवं दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी रात स्थिति की निगरानी की गई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। शावक की मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि हाथियों के विचरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों एवं जल स्रोतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, और रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाथी मित्र दल, ट्रैकर एवं वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाकर वैज्ञानिक अध्ययन एवं निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की पहल की है। विभाग हाथियों के व्यवहार, विचरण मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति तैयार कर रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक संरक्षण योजना पर कार्य कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मजयगढ़ वनमंडल खासकर शावक हाथियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है।
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    रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में आमामुड़ा तालाब में एक हाथी शावक की मृत्यु और वनमंडल क्षेत्र में कुल तीन शावकों की मौत की घटनाओं के बाद वन विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

वन विभाग हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी सतत निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है जहाँ छोटे हाथी शावकों के फंसने अथवा दुर्घटना होने की आशंका हो सकती है। आवश्यकतानुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे ताकि हाथियों को जल स्रोतों तक सुरक्षित पहुंच मिल सके।

धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए आमामुड़ा तालाब में हुई हाथी शावक की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील एवं दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी रात स्थिति की निगरानी की गई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। शावक की मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि हाथियों के विचरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों एवं जल स्रोतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, और रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाथी मित्र दल, ट्रैकर एवं वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाकर वैज्ञानिक अध्ययन एवं निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की पहल की है। विभाग हाथियों के व्यवहार, विचरण मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति तैयार कर रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक संरक्षण योजना पर कार्य कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मजयगढ़ वनमंडल खासकर शावक हाथियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
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