रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में आमामुड़ा तालाब में एक हाथी शावक की मृत्यु और वनमंडल क्षेत्र में कुल तीन शावकों की मौत की घटनाओं के बाद वन विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। वन विभाग हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी सतत निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है जहाँ छोटे हाथी शावकों के फंसने अथवा दुर्घटना होने की आशंका हो सकती है। आवश्यकतानुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे ताकि हाथियों को जल स्रोतों तक सुरक्षित पहुंच मिल सके। धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए आमामुड़ा तालाब में हुई हाथी शावक की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील एवं दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी रात स्थिति की निगरानी की गई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। शावक की मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि हाथियों के विचरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों एवं जल स्रोतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, और रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाथी मित्र दल, ट्रैकर एवं वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाकर वैज्ञानिक अध्ययन एवं निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की पहल की है। विभाग हाथियों के व्यवहार, विचरण मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति तैयार कर रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक संरक्षण योजना पर कार्य कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मजयगढ़ वनमंडल खासकर शावक हाथियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में आमामुड़ा तालाब में एक हाथी शावक की मृत्यु और वनमंडल क्षेत्र में कुल तीन शावकों की मौत की घटनाओं के बाद वन विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। वन विभाग हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी सतत निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है जहाँ छोटे हाथी शावकों के फंसने अथवा दुर्घटना होने की आशंका हो सकती है। आवश्यकतानुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे ताकि हाथियों को जल स्रोतों तक सुरक्षित पहुंच मिल सके। धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए आमामुड़ा तालाब में हुई हाथी शावक की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील एवं दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी रात स्थिति की निगरानी की गई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। शावक की मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने
के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि हाथियों के विचरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों एवं जल स्रोतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, और रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाथी मित्र दल, ट्रैकर एवं वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाकर वैज्ञानिक अध्ययन एवं निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की पहल की है। विभाग हाथियों के व्यवहार, विचरण मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति तैयार कर रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक संरक्षण योजना पर कार्य कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मजयगढ़ वनमंडल खासकर शावक हाथियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है।
- रायगढ़ पुलिस का ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ नेटवर्क के खिलाफ चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन अंकुश’ लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, धरमजयगढ़ पुलिस ने आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सट्टेबाजों का नेटवर्क जहां तक फैला है, वहां तक कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार, 24 मई 2026 की रात को धरमजयगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि वर्षों से बंद पड़े भारत टॉकीज परिसर के सामने कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैच पर हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एएसआई मंजू मिश्रा, आरक्षक विजयानंद राठिया और कमलेश केरकेट्टा की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन एक व्यक्ति को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक (38 वर्ष) निवासी धरमजयगढ़ कॉलोनी, खरसिया रोड, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ बताया। पुलिस ने आरोपी मनीष भौमिक के कब्जे से आईपीएल टीमों के नाम और पैसों का हिसाब लिखी सट्टा-पट्टी, नकद रुपये और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल की गहन जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, खाईवालों और अन्य जुड़े लोगों के डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। आरोपी मनीष भौमिक के खिलाफ थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। धरमजयगढ़ पुलिस ने आरोपी को धरमजयगढ़ व्यवहार न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल भेजकर न्यायिक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों और खाईवालों की तलाश में गंभीरता से जुटी हुई है।1
- कोरबा जिले में भारी वाहनों की अव्यवस्था को दर्शाने वाला एक वीडियो कुछ समय पहले काफी वायरल हुआ था। अब उसी स्थान पर कुछ ही दिनों के भीतर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए हैं। यह घटना उसी जगह पर हुई है, जहाँ पहले भारी वाहनों के कारण उत्पन्न अव्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे।1
- कोरबा जिले के बरपाली J स्थित राशन दुकान में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है, जहाँ ग्रामीणों को निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक दाम पर शक्कर बेची जा रही है। शासन द्वारा शक्कर का मूल्य ₹17 प्रति किलो निर्धारित किया गया है, लेकिन दुकान में इसे ₹20 प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बीच चल रही सियासी खींचतान और ‘युवा बनाम बाबा’ बहस के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टीएस सिंहदेव के किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने बताया कि दीपक बैज पिछले साढ़े तीन वर्षों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का निर्णय केवल पार्टी हाईकमान द्वारा ही लिया जाता है। बघेल ने साफ शब्दों में कहा, "किसे नेता प्रतिपक्ष बनाना है और किसे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देनी है, यह पार्टी हाईकमान तय करता है। मैं इसमें अपनी बुद्धि नहीं लगाता।" उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही ‘युवा बनाम बाबा’ बहस और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठनात्मक मुद्दों पर हाईकमान के फैसले को सर्वोपरि मानने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।1
- कोरबा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 104 चालान काटे हैं। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 19 शराबी चालकों को पकड़ा, जिनसे कुल ₹53,400 का जुर्माना वसूला गया।2
- राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का शपथग्रहण समारोह मऊ मधुवन में संपन्न हुआ। इस आयोजन में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों के लोग शामिल हुए।1
- कोरबा जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर लेमरू में पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोग पहाड़ पर बसे हुए हैं।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में आमामुड़ा तालाब में एक हाथी शावक की मृत्यु और वनमंडल क्षेत्र में कुल तीन शावकों की मौत की घटनाओं के बाद वन विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करना है, जिसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। वन विभाग हाथियों के नियमित विचरण वाले क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन कर उनकी सतत निगरानी कर रहा है। विशेष रूप से ऐसे जलाशयों की पहचान की जा रही है जहाँ छोटे हाथी शावकों के फंसने अथवा दुर्घटना होने की आशंका हो सकती है। आवश्यकतानुसार ऐसे स्थलों पर सुरक्षित ढलान, पहुंच मार्ग और अन्य सुरक्षा उपाय विकसित किए जाएंगे ताकि हाथियों को जल स्रोतों तक सुरक्षित पहुंच मिल सके। धरमजयगढ़ के वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए आमामुड़ा तालाब में हुई हाथी शावक की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील एवं दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरी रात स्थिति की निगरानी की गई, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। शावक की मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं, और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि हाथियों के विचरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों एवं जल स्रोतों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा, और रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हाथी मित्र दल, ट्रैकर एवं वन अमले की संयुक्त टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की समय पर जानकारी प्राप्त हो सके और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाकर वैज्ञानिक अध्ययन एवं निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करने की पहल की है। विभाग हाथियों के व्यवहार, विचरण मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दीर्घकालिक संरक्षण रणनीति तैयार कर रहा है। वनमंडलाधिकारी श्री उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक संरक्षण योजना पर कार्य कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मजयगढ़ वनमंडल खासकर शावक हाथियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है।2