Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश के कोतमा बाजार में यातायात की लचर व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही का गंभीर परिणाम सामने आया है। यहाँ एक बेकाबू 16 टायरा ट्रक मौत बनकर दौड़ पड़ा, जिसने बाजार में भारी तबाही मचाई है।
Ravindra chaturvedi News india
मध्य प्रदेश के कोतमा बाजार में यातायात की लचर व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही का गंभीर परिणाम सामने आया है। यहाँ एक बेकाबू 16 टायरा ट्रक मौत बनकर दौड़ पड़ा, जिसने बाजार में भारी तबाही मचाई है।
More news from Anuppur and nearby areas
- रायसेन में एक नाले का निर्माण कार्य 18 दिन बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं, जिससे ठेकेदार की लापरवाही स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।1
- मनेंद्रगढ़ शहर में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर नगर पालिका जल शाखा कार्यालय के सामने चल रहा धरना-प्रदर्शन नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। बुधवार सुबह 10 बजे से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी सहित कांग्रेसी पार्षद शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। धरना स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर साफ पानी की व्यवस्था नहीं होती है, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- बिलासपुर में हाथ में बियर, कार में स्टंट… सड़क पर खुलेआम कानून की उड़ाई धज्जियां। 🚗🍺 रफ्तार और दिखावे की ये लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। ट्रैफिक नियम सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि हर किसी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। प्रशासन से ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है ताकि सड़क पर आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। ⚠️1
- अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देश पर, अनूपपुर यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ग्रामीण नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में "ग्रामीण ट्रैफिक चौपाल" अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, यातायात पुलिस लगातार गांव-गांव पहुँचकर लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दे रही है। अब तक 20 से अधिक गांवों में ट्रैफिक चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 1000 से अधिक नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक किया गया। चौपालों में ग्रामीणों, युवाओं, वाहन चालकों और स्कूली विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशे की हालत में वाहन न चलाने, तेज गति से बचने, गलत दिशा में वाहन न चलाने और सड़क पार करते समय सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही, शासन की राजवीर योजना संबंधी जानकारी भी साझा की गई। यातायात पुलिस टीम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। चौपाल के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि एक छोटी सी सावधानी बड़े हादसों को रोक सकती है। ग्रामीणों ने यातायात पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। अनूपपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।1
- अनूपपुर के बरगवां नगर परिषद में 34 लाख रुपये की लागत से बनी पीसीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं, क्योंकि निर्माण के कुछ ही महीनों में सड़क जर्जर हो गई है। इस मामले में इंजीनियर, ठेकेदार और अधिकारियों के बीच मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जय अम्बे कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्मित इस सड़क के घटिया निर्माण के समय इंजीनियर अंजनी प्रजापति मौके पर मौजूद थे, जिससे स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि काम को रोका क्यों नहीं गया। आरोपों के मुताबिक, नियमानुसार घटिया निर्माण के लिए ठेकेदार जय अम्बे कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था, जबकि उसकी फर्म परिषद कार्यालय से मात्र 100 मीटर दूर है। लेकिन ठेकेदार को राहत देते हुए कथित तौर पर कहा गया कि वह अपने खर्चे से डामर चढ़ा दे और उसका पैसा निकाल दिया जाएगा। गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के कारण सड़क का अंतिम भुगतान रोक दिया गया था, फिर भी आनन-फानन में डामर की नई परत चढ़ाने की तैयारी चल रही है। जनता का आरोप है कि यह लीपापोती कर भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की कोशिश है। चर्चा है कि इस पूरे खेल में अध्यक्ष और संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा की मिलीभगत है, जो बिना थर्ड पार्टी जांच के डामरीकरण का आदेश देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएमओ भूपेंद्र सिंह बरगवां ने माना कि 34 लाख की पीसीसी रोड गुणवत्ताविहीन रही, इसीलिए भुगतान रोका गया था, लेकिन उन्होंने संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा के आदेशानुसार डामरीकरण कराए जाने और ठेकेदार से पांच साल की लिखित गारंटी लेने की बात कही। वहीं, संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा ने पत्रकार के संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं दिया। इस मामले में प्रशासन से पांच बड़े सवाल पूछे जा रहे हैं: इंजीनियर अंजनी प्रजापति ने घटिया निर्माण क्यों नहीं रुकवाया, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया, भुगतान रोकने के बाद संभागीय अभियंता के मौखिक आदेश पर डामरीकरण कैसे शुरू हुआ, कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी, और क्या इस मामले की थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट कराई जाएगी? नागरिकों ने कलेक्टर अनूपपुर से मांग की है कि 34 लाख के इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया, एमबी बुक, मटेरियल टेस्ट रिपोर्ट और भुगतान पत्रावली की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही, इंजीनियर अंजनी प्रजापति, ठेकेदार जय अम्बे कंस्ट्रक्शन और आदेश देने वाले संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा की भूमिका की भी जांच की जाए। अब यह देखना है कि जिला प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करता है या यह फाइल भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी।2
- पेंड्रा शहर की सड़कों पर आज वाहन सामान्य से काफी कम दिखाई दिए। ऐसा संभवतः तेज़ गर्मी के कारण हुआ, जिसकी वजह से कई वाहन मकानों पर खड़े नज़र आए। सड़कों पर गाड़ियाँ धीमी गति से चलती दिखीं और कुल मिलाकर, गर्मी के चलते वाहनों की आवाजाही बहुत कम रही।1
- मनेंद्रगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बरबसपुर और सिरौली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान तेज हो गया है। इस पहल के अंतर्गत, बरबसपुर के स्वच्छता ग्राहियों ने 15 किलोग्राम सफेद पन्नी, 46 किलोग्राम रंगीन पन्नी और 8 किलोग्राम प्लास्टिक बोतलें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई चनवारीडांड को बेचीं। इसके साथ ही, सूची ऐप का उपयोग करते हुए आंगनबाड़ी, स्कूल, सामुदायिक शौचालय सहित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग कार्य पूरा किया गया। सिरौली, नागोई, पिपरिया और कठौतिया गांवों में भी प्लास्टिक संग्रहण और जियो टैगिंग अभियान चलाया गया। प्रशासन ने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।1
- मध्य प्रदेश के कोतमा बाजार में यातायात की लचर व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही का गंभीर परिणाम सामने आया है। यहाँ एक बेकाबू 16 टायरा ट्रक मौत बनकर दौड़ पड़ा, जिसने बाजार में भारी तबाही मचाई है।1