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बिलासपुर में हाथ में बियर, कार में स्टंट… सड़क पर खुलेआम कानून की उड़ाई धज्जियां। 🚗🍺 रफ्तार और दिखावे की ये लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। ट्रैफिक नियम सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि हर किसी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। प्रशासन से ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है ताकि सड़क पर आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। ⚠️

3 hrs ago
user_मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
Advertising Photographer सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

बिलासपुर में हाथ में बियर, कार में स्टंट… सड़क पर खुलेआम कानून की उड़ाई धज्जियां। 🚗🍺 रफ्तार और दिखावे की ये लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। ट्रैफिक नियम सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि हर किसी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। प्रशासन से ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है ताकि सड़क पर आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। ⚠️

More news from Manendragarh Chirimiri Bharatpur and nearby areas
  • मनेंद्रगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बरबसपुर और सिरौली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान तेज हो गया है। इस पहल के अंतर्गत, बरबसपुर के स्वच्छता ग्राहियों ने 15 किलोग्राम सफेद पन्नी, 46 किलोग्राम रंगीन पन्नी और 8 किलोग्राम प्लास्टिक बोतलें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई चनवारीडांड को बेचीं। इसके साथ ही, सूची ऐप का उपयोग करते हुए आंगनबाड़ी, स्कूल, सामुदायिक शौचालय सहित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग कार्य पूरा किया गया। सिरौली, नागोई, पिपरिया और कठौतिया गांवों में भी प्लास्टिक संग्रहण और जियो टैगिंग अभियान चलाया गया। प्रशासन ने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
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    मनेंद्रगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बरबसपुर और सिरौली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान तेज हो गया है। इस पहल के अंतर्गत, बरबसपुर के स्वच्छता ग्राहियों ने 15 किलोग्राम सफेद पन्नी, 46 किलोग्राम रंगीन पन्नी और 8 किलोग्राम प्लास्टिक बोतलें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई चनवारीडांड को बेचीं।

इसके साथ ही, सूची ऐप का उपयोग करते हुए आंगनबाड़ी, स्कूल, सामुदायिक शौचालय सहित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग कार्य पूरा किया गया। सिरौली, नागोई, पिपरिया और कठौतिया गांवों में भी प्लास्टिक संग्रहण और जियो टैगिंग अभियान चलाया गया।

प्रशासन ने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    8 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। इस आंदोलन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। मांगें माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और स्वयं टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया। कांग्रेस के नेताओं ने इस सफल नतीजे को जनता की जीत बताया है।
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    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। इस आंदोलन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।

मांगें माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और स्वयं टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया। कांग्रेस के नेताओं ने इस सफल नतीजे को जनता की जीत बताया है।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
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    सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है।

ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन द्वारा उनकी तीन प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी। यह पूरा मामला बिश्रामपुर में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ रविवार रात आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुआ। इस घटना के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत प्रदेश व जिला स्तर के कई कांग्रेसी नेता बिश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे थे। टीएस सिंहदेव मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर थे, जबकि दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस व प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई थीं: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना, बिश्रामपुर टीआई को निलंबित करना और जिला उपाध्यक्ष की पत्नी की रिपोर्ट पर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना। आंदोलन के उग्र होते देख, मंगलवार रात सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने धरना समाप्त नहीं किया। बुधवार सुबह दोबारा एसडीएम और एएसपी ने आईजी दीपक झा और सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर से बात कराई, जिसके बाद कांग्रेस की तीनों मांगें मान ली गईं। प्रशासन की सहमति के बाद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा, और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी लोगों की सहमति से क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त की। पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला भी दर्ज किया। इस अवसर पर टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की उनकी पहली मांग पूरी हुई है और वे आगे भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। दीपक बैज ने इस जीत को 'न्याय की जीत' बताया और कहा कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
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    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन द्वारा उनकी तीन प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी।

यह पूरा मामला बिश्रामपुर में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ रविवार रात आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुआ। इस घटना के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत प्रदेश व जिला स्तर के कई कांग्रेसी नेता बिश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे थे। टीएस सिंहदेव मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर थे, जबकि दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस व प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई थीं: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना, बिश्रामपुर टीआई को निलंबित करना और जिला उपाध्यक्ष की पत्नी की रिपोर्ट पर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना। आंदोलन के उग्र होते देख, मंगलवार रात सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने धरना समाप्त नहीं किया। बुधवार सुबह दोबारा एसडीएम और एएसपी ने आईजी दीपक झा और सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर से बात कराई, जिसके बाद कांग्रेस की तीनों मांगें मान ली गईं।

प्रशासन की सहमति के बाद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा, और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी लोगों की सहमति से क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त की। पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला भी दर्ज किया। इस अवसर पर टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की उनकी पहली मांग पूरी हुई है और वे आगे भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। दीपक बैज ने इस जीत को 'न्याय की जीत' बताया और कहा कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • एक ज़मीनी विवाद के मामले में, 112 नंबर पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन बिना किसी जाँच-पड़ताल के ही वापस लौट गई। पुलिस कर्मियों ने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते और यह मामला तहसीलदार कोर्ट देखेगा, क्योंकि उन्हें मौके पर "कुछ दिख ही नहीं रहा है"। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से ज़मीन के कागज़ात माँगना भी ज़रूरी नहीं समझा और ना ही कोई सवाल-जवाब किए। वे केवल आए, बैठे, पानी पिया और बिना कोई जवाब दिए चले गए, जबकि उनके सामने ही काम चल रहा था। उन पर आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को समझा ही नहीं। पुलिस के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी अपने "कमीशन पर पड़े" हैं और केवल "वर्दी का रुबाब" दिखाते हैं। इस घटना को लेकर चेतावनी दी गई है कि न केवल पुलिस, बल्कि गलत तरीके से काम करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को सावधान हो जाना चाहिए।
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    एक ज़मीनी विवाद के मामले में, 112 नंबर पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन बिना किसी जाँच-पड़ताल के ही वापस लौट गई। पुलिस कर्मियों ने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते और यह मामला तहसीलदार कोर्ट देखेगा, क्योंकि उन्हें मौके पर "कुछ दिख ही नहीं रहा है"।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से ज़मीन के कागज़ात माँगना भी ज़रूरी नहीं समझा और ना ही कोई सवाल-जवाब किए। वे केवल आए, बैठे, पानी पिया और बिना कोई जवाब दिए चले गए, जबकि उनके सामने ही काम चल रहा था। उन पर आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को समझा ही नहीं।

पुलिस के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी अपने "कमीशन पर पड़े" हैं और केवल "वर्दी का रुबाब" दिखाते हैं। इस घटना को लेकर चेतावनी दी गई है कि न केवल पुलिस, बल्कि गलत तरीके से काम करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को सावधान हो जाना चाहिए।
    user_Mukesh Tiwari
    Mukesh Tiwari
    सराय, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है, ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता को गुणवत्तापूर्ण पानी मुहैया कराएं। हालांकि, नगर पालिका द्वारा बिना किसी जांच के पानी की सप्लाई किया जाना एक गंभीर लापरवाही के रूप में सामने आया है, जिसे सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, संबंधित विभाग से तत्काल पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने और यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि सप्लाई किया जा रहा पानी सभी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप हो। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि वह योग्य लैब टेक्निकल स्टाफ की नियुक्ति करे और नियमित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिल सके। वर्तमान में, पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच न होना और लैब टेक्निकल स्टाफ के बिना सप्लाई जारी रहना चिंता का विषय है।
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    स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है, ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता को गुणवत्तापूर्ण पानी मुहैया कराएं। हालांकि, नगर पालिका द्वारा बिना किसी जांच के पानी की सप्लाई किया जाना एक गंभीर लापरवाही के रूप में सामने आया है, जिसे सीधे तौर पर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया है।

इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, संबंधित विभाग से तत्काल पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने और यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि सप्लाई किया जा रहा पानी सभी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप हो। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि वह योग्य लैब टेक्निकल स्टाफ की नियुक्ति करे और नियमित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिल सके। वर्तमान में, पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच न होना और लैब टेक्निकल स्टाफ के बिना सप्लाई जारी रहना चिंता का विषय है।
    user_मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    मीडिया रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer सोनहत, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • भूपेश बघेल ने रामभद्राचार्य जी से तीखे सवाल पूछे हैं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और उनकी नीतियों के संबंध में। बघेल ने रामभद्राचार्य जी को गौ-भक्त और राम भक्त बताते हुए जानना चाहा कि मोदी ने गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है। उन्होंने विनम्र निवेदन करते हुए रामभद्राचार्य जी से यह भी कहा कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देश दें कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। भूपेश बघेल ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि रामभद्राचार्य जी इतने ज्ञानी और दिव्यदृष्टि वाले हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मोदी डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं।
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    भूपेश बघेल ने रामभद्राचार्य जी से तीखे सवाल पूछे हैं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और उनकी नीतियों के संबंध में। बघेल ने रामभद्राचार्य जी को गौ-भक्त और राम भक्त बताते हुए जानना चाहा कि मोदी ने गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है।

उन्होंने विनम्र निवेदन करते हुए रामभद्राचार्य जी से यह भी कहा कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देश दें कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। भूपेश बघेल ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि रामभद्राचार्य जी इतने ज्ञानी और दिव्यदृष्टि वाले हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मोदी डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौढिया कुल्हूई में कानून और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वीरेंद्र पाल और उनके परिवार के साथ घर में घुसकर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें वीरेंद्र पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल वीरेंद्र पाल को जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां समय पर उपचार नहीं मिल सका। ट्रॉमा सेंटर में मौजूद डॉक्टरों ने पुलिस के आने की शर्त पर सीटी स्कैन और एक्सरे करने से इनकार कर दिया। बताया गया कि इमरजेंसी वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर दर्द से तड़प रहे घायल को बिना समुचित उपचार के जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इधर, माड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि घंटों तक पुलिस अस्पताल नहीं पहुंची और न ही समय पर घायल का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इलाज और पुलिस सहयोग नहीं मिलने के कारण मजबूर होकर पीड़ित परिवार को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक तरफ दबंग खुलेआम घर में घुसकर हमला कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घायल पीड़ित को न तो पुलिस से न्याय मिल रहा है और न ही अस्पताल में संवेदनशील उपचार। जिले की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यशैली को लेकर आमजन में चिंता बढ़ती जा रही है।
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    सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत नौढिया कुल्हूई में कानून और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वीरेंद्र पाल और उनके परिवार के साथ घर में घुसकर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें वीरेंद्र पाल गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल वीरेंद्र पाल को जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां समय पर उपचार नहीं मिल सका। ट्रॉमा सेंटर में मौजूद डॉक्टरों ने पुलिस के आने की शर्त पर सीटी स्कैन और एक्सरे करने से इनकार कर दिया। बताया गया कि इमरजेंसी वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर दर्द से तड़प रहे घायल को बिना समुचित उपचार के जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

इधर, माड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि घंटों तक पुलिस अस्पताल नहीं पहुंची और न ही समय पर घायल का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इलाज और पुलिस सहयोग नहीं मिलने के कारण मजबूर होकर पीड़ित परिवार को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा।

इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक तरफ दबंग खुलेआम घर में घुसकर हमला कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घायल पीड़ित को न तो पुलिस से न्याय मिल रहा है और न ही अस्पताल में संवेदनशील उपचार। जिले की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यशैली को लेकर आमजन में चिंता बढ़ती जा रही है।
    user_Amrendra Shukla पत्रकार
    Amrendra Shukla पत्रकार
    Local News Reporter सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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