logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

6 hrs ago
user_Akhil Mittal
Akhil Mittal
उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। घटना की जानकारी मिलने के

ae4bfa80-33f6-4269-bc81-40ac1b7eca06

बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    2
    सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है।

ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • ek. laiek maile aur sa sapt kijiyes cainnal me banerahe main pat Taigarpoit me da... maja majar raha hai .27 5...20026 may
    2
    ek. laiek maile aur sa sapt kijiyes cainnal me banerahe
main pat  Taigarpoit me  da...  maja majar raha hai  .27 5...20026 may
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा चलाए गए आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव का आमरण अनशन समाप्त हो गया। आखिरकार प्रशासन को इस आंदोलन के आगे झुकना पड़ा और अनशन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया। मांगों के माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता की जीत बताया है।
    1
    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा चलाए गए आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव का आमरण अनशन समाप्त हो गया। आखिरकार प्रशासन को इस आंदोलन के आगे झुकना पड़ा और अनशन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया। मांगों के माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता की जीत बताया है।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
    1
    सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।
    user_Sandeep kushwaha
    Sandeep kushwaha
    सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन द्वारा उनकी तीन प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी। यह पूरा मामला बिश्रामपुर में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ रविवार रात आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुआ। इस घटना के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत प्रदेश व जिला स्तर के कई कांग्रेसी नेता बिश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे थे। टीएस सिंहदेव मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर थे, जबकि दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस व प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई थीं: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना, बिश्रामपुर टीआई को निलंबित करना और जिला उपाध्यक्ष की पत्नी की रिपोर्ट पर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना। आंदोलन के उग्र होते देख, मंगलवार रात सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने धरना समाप्त नहीं किया। बुधवार सुबह दोबारा एसडीएम और एएसपी ने आईजी दीपक झा और सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर से बात कराई, जिसके बाद कांग्रेस की तीनों मांगें मान ली गईं। प्रशासन की सहमति के बाद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा, और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी लोगों की सहमति से क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त की। पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला भी दर्ज किया। इस अवसर पर टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की उनकी पहली मांग पूरी हुई है और वे आगे भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। दीपक बैज ने इस जीत को 'न्याय की जीत' बताया और कहा कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
    1
    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन द्वारा उनकी तीन प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी।

यह पूरा मामला बिश्रामपुर में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ रविवार रात आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुआ। इस घटना के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत प्रदेश व जिला स्तर के कई कांग्रेसी नेता बिश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे थे। टीएस सिंहदेव मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर थे, जबकि दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस व प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई थीं: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना, बिश्रामपुर टीआई को निलंबित करना और जिला उपाध्यक्ष की पत्नी की रिपोर्ट पर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना। आंदोलन के उग्र होते देख, मंगलवार रात सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने धरना समाप्त नहीं किया। बुधवार सुबह दोबारा एसडीएम और एएसपी ने आईजी दीपक झा और सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर से बात कराई, जिसके बाद कांग्रेस की तीनों मांगें मान ली गईं।

प्रशासन की सहमति के बाद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा, और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी लोगों की सहमति से क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त की। पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला भी दर्ज किया। इस अवसर पर टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की उनकी पहली मांग पूरी हुई है और वे आगे भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। दीपक बैज ने इस जीत को 'न्याय की जीत' बताया और कहा कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • धरमजयगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत नवागांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 19 लाख रुपये की लागत से चल रहे तालाब निर्माण कार्य को तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित हाजिरी व्यवस्था मजदूरों और कर्मचारियों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। यह तालाब गांव के किसानों, पशुपालकों और आम ग्रामीणों के लिए सिंचाई और निस्तारी की सुविधा प्रदान करने की एक बड़ी उम्मीद है। सैकड़ों मजदूर भीषण गर्मी में भी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत पर तकनीकी दिक्कतें भारी पड़ रही हैं। रोजगार सहायक अनिता गुप्ता और मेट शांति के अनुसार, नई व्यवस्था में मजदूरों की उपस्थिति चेहरे के मिलान के आधार पर दर्ज की जाती है। हालांकि, तकनीकी कारणों से कई बार मजदूरों का चेहरा सिस्टम से मैच नहीं हो पाता, जिससे उनकी हाजिरी दर्ज नहीं होती। इससे मजदूरों में यह चिंता बढ़ गई है कि दिनभर काम करने के बाद भी कहीं उन्हें मजदूरी से वंचित न होना पड़े। इस स्थिति का असर अब कार्य की गति पर भी दिख रहा है और कुछ मजदूर हाजिरी संबंधी समस्याओं के कारण काम पर आने से हिचक रहे हैं। जून माह के अंत तक तालाब निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन लगातार आ रही तकनीकी बाधाएं इस लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और समाधान का आश्वासन भी मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही कम मजदूरी और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही मनरेगा योजना में यह नई तकनीकी परेशानी गरीब मजदूरों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है। कार्यस्थल पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तो है, लेकिन यदि फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ी समस्याओं का जल्द व्यावहारिक समाधान नहीं हुआ, तो न केवल तालाब निर्माण प्रभावित होगा बल्कि जरूरतमंद मजदूरों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यह मांग की जा रही है कि तकनीक और व्यवस्था के बीच ऐसा संतुलन बने, जिससे मजदूरों की मेहनत का पूरा सम्मान हो और यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी हो सके।
    4
    धरमजयगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत नवागांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 19 लाख रुपये की लागत से चल रहे तालाब निर्माण कार्य को तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित हाजिरी व्यवस्था मजदूरों और कर्मचारियों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। यह तालाब गांव के किसानों, पशुपालकों और आम ग्रामीणों के लिए सिंचाई और निस्तारी की सुविधा प्रदान करने की एक बड़ी उम्मीद है। सैकड़ों मजदूर भीषण गर्मी में भी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत पर तकनीकी दिक्कतें भारी पड़ रही हैं।

रोजगार सहायक अनिता गुप्ता और मेट शांति के अनुसार, नई व्यवस्था में मजदूरों की उपस्थिति चेहरे के मिलान के आधार पर दर्ज की जाती है। हालांकि, तकनीकी कारणों से कई बार मजदूरों का चेहरा सिस्टम से मैच नहीं हो पाता, जिससे उनकी हाजिरी दर्ज नहीं होती। इससे मजदूरों में यह चिंता बढ़ गई है कि दिनभर काम करने के बाद भी कहीं उन्हें मजदूरी से वंचित न होना पड़े। इस स्थिति का असर अब कार्य की गति पर भी दिख रहा है और कुछ मजदूर हाजिरी संबंधी समस्याओं के कारण काम पर आने से हिचक रहे हैं।

जून माह के अंत तक तालाब निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन लगातार आ रही तकनीकी बाधाएं इस लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और समाधान का आश्वासन भी मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही कम मजदूरी और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही मनरेगा योजना में यह नई तकनीकी परेशानी गरीब मजदूरों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है। कार्यस्थल पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तो है, लेकिन यदि फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ी समस्याओं का जल्द व्यावहारिक समाधान नहीं हुआ, तो न केवल तालाब निर्माण प्रभावित होगा बल्कि जरूरतमंद मजदूरों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यह मांग की जा रही है कि तकनीक और व्यवस्था के बीच ऐसा संतुलन बने, जिससे मजदूरों की मेहनत का पूरा सम्मान हो और यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी हो सके।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    11 hrs ago
  • आज दिनांक 27 मई 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी संघर्ष कुमार मिश्र के नेतृत्व में एक विभागीय टीम ने कोरबा शहर के पुराना बस स्टैंड, पॉवर हाउस रोड और बुधवारी बाजार क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 11 दुकानों का गहन निरीक्षण किया गया, जिनमें राजा नारियल पानी एवं फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, सर्वमंगला फ्रूट सेंटर, माँ शारदा फ्रूट सेंटर और चौरसिया फ्रूट सेंटर शामिल थे। जांच के दौरान, दुकानों में बेचने के लिए रखे गए 15 किलो आम, 4 दर्जन केले, 2 किलो अनार और 7 किलो खरबूजे खराब अवस्था में पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 28 किलो इन सभी खराब फलों को नष्ट करवा दिया। यह अभियान खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री दीपक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के निर्देशन में चल रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है, जो 28 और 29 मई 2026 तक संचालित रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराना है। इस निरीक्षण के दौरान, टीम कृत्रिम मिठास (सैकरीन) और कार्बाइड से फल पकाने जैसे अवैध तरीकों की भी जांच कर रही है। जिन फल विक्रेताओं के पास फूड लाइसेंस नहीं पाया गया, उन्हें तत्काल लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए गए और आगे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
    3
    आज दिनांक 27 मई 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी संघर्ष कुमार मिश्र के नेतृत्व में एक विभागीय टीम ने कोरबा शहर के पुराना बस स्टैंड, पॉवर हाउस रोड और बुधवारी बाजार क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 11 दुकानों का गहन निरीक्षण किया गया, जिनमें राजा नारियल पानी एवं फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, सर्वमंगला फ्रूट सेंटर, माँ शारदा फ्रूट सेंटर और चौरसिया फ्रूट सेंटर शामिल थे।

जांच के दौरान, दुकानों में बेचने के लिए रखे गए 15 किलो आम, 4 दर्जन केले, 2 किलो अनार और 7 किलो खरबूजे खराब अवस्था में पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 28 किलो इन सभी खराब फलों को नष्ट करवा दिया। यह अभियान खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री दीपक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के निर्देशन में चल रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है, जो 28 और 29 मई 2026 तक संचालित रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराना है।

इस निरीक्षण के दौरान, टीम कृत्रिम मिठास (सैकरीन) और कार्बाइड से फल पकाने जैसे अवैध तरीकों की भी जांच कर रही है। जिन फल विक्रेताओं के पास फूड लाइसेंस नहीं पाया गया, उन्हें तत्काल लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए गए और आगे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। इस आंदोलन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। मांगें माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और स्वयं टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया। कांग्रेस के नेताओं ने इस सफल नतीजे को जनता की जीत बताया है।
    1
    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। इस आंदोलन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।

मांगें माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और स्वयं टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया। कांग्रेस के नेताओं ने इस सफल नतीजे को जनता की जीत बताया है।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.