Shuru
Apke Nagar Ki App…
भूपेश बघेल ने रामभद्राचार्य जी से तीखे सवाल पूछे हैं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और उनकी नीतियों के संबंध में। बघेल ने रामभद्राचार्य जी को गौ-भक्त और राम भक्त बताते हुए जानना चाहा कि मोदी ने गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है। उन्होंने विनम्र निवेदन करते हुए रामभद्राचार्य जी से यह भी कहा कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देश दें कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। भूपेश बघेल ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि रामभद्राचार्य जी इतने ज्ञानी और दिव्यदृष्टि वाले हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मोदी डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं।
Pradesh Khabar
भूपेश बघेल ने रामभद्राचार्य जी से तीखे सवाल पूछे हैं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल और उनकी नीतियों के संबंध में। बघेल ने रामभद्राचार्य जी को गौ-भक्त और राम भक्त बताते हुए जानना चाहा कि मोदी ने गौ-मांस भक्षक किरण रिजिजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है। उन्होंने विनम्र निवेदन करते हुए रामभद्राचार्य जी से यह भी कहा कि वे अपने शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी को निर्देश दें कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं। भूपेश बघेल ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि रामभद्राचार्य जी इतने ज्ञानी और दिव्यदृष्टि वाले हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मोदी डोनाल्ड ट्रंप के सामने इतना क्यों झुक जाते हैं।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- ek. laiek maile aur sa sapt kijiyes cainnal me banerahe main pat Taigarpoit me da... maja majar raha hai .27 5...20026 may2
- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा चलाए गए आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव का आमरण अनशन समाप्त हो गया। आखिरकार प्रशासन को इस आंदोलन के आगे झुकना पड़ा और अनशन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया। मांगों के माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता की जीत बताया है।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशासन द्वारा उनकी तीन प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल खत्म कर दी। यह पूरा मामला बिश्रामपुर में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ रविवार रात आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद शुरू हुआ। इस घटना के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत प्रदेश व जिला स्तर के कई कांग्रेसी नेता बिश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे थे। टीएस सिंहदेव मंगलवार शाम से आमरण अनशन पर थे, जबकि दीपक बैज क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस व प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की ओर से प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई थीं: कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना, बिश्रामपुर टीआई को निलंबित करना और जिला उपाध्यक्ष की पत्नी की रिपोर्ट पर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना। आंदोलन के उग्र होते देख, मंगलवार रात सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने धरना समाप्त नहीं किया। बुधवार सुबह दोबारा एसडीएम और एएसपी ने आईजी दीपक झा और सूरजपुर एसएसपी प्रशांत ठाकुर से बात कराई, जिसके बाद कांग्रेस की तीनों मांगें मान ली गईं। प्रशासन की सहमति के बाद, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नारियल पानी पीकर अपना आमरण अनशन तोड़ा, और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी लोगों की सहमति से क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त की। पुलिस ने कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला भी दर्ज किया। इस अवसर पर टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की उनकी पहली मांग पूरी हुई है और वे आगे भी इस लड़ाई को जारी रखेंगे। दीपक बैज ने इस जीत को 'न्याय की जीत' बताया और कहा कि प्रशासन ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।1
- सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत करौंदा मुंडा अपनी खुद की पहचान स्थापित करने में संघर्ष कर रही है। यह ग्राम पंचायत वर्तमान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है।1
- सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्र उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सायर के बिछलघाटी मोड़ में आज प्रातः लगभग 4:30 बजे एक हाथी देखा गया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में करीब 13 हाथियों का दल पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि हाथियों की आवाजाही लगातार जंगल और गांव के आसपास देखी जा रही है। इस कारण लोगों में रात के समय बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है, और कई ग्रामीण पूरी रात जागकर निगरानी करने को मजबूर हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दे रहा है और उसने लोगों से रात के समय अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जंगल किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का प्रयास न करें, तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।2
- बलरामपुर जिले के नगर पंचायत कुसमी में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के कथित भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से परेशान अमजद उर्फ जाकिर हुसैन नामक पीड़ित ने न्याय न मिलने पर एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की लिखित चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठजनों ने इसमें संज्ञान लिया है और शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास करने के लिए मोर्चा संभाला है। कुसमी मुख्य मार्ग पर टायर की छोटी दुकान चलाकर जीवन यापन करने वाले जाकिर हुसैन का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से वहीं निवास कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भू-माफियाओं ने उनकी पुश्तैनी जमीन का फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। जाकिर हुसैन के अनुसार, वर्ष 1995 में उनके पिता ने अपनी 1 डिसमिल जमीन बेची थी, लेकिन खरीदार जरीफ अंसारी ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर लगभग 5 डिसमिल जमीन का फर्जी पट्टा अपने नाम करवा लिया। इस मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब जाकिर हुसैन के पिता को उक्त जमीन का पट्टा 1980-85 के बीच खुद कलेक्टर द्वारा जारी किया गया था और उन्होंने जमीन 1995 में बेची, जबकि विपक्ष का दावा है कि उनके पास इस जमीन का पट्टा 1972 का है। यह पूरा मामला फिलहाल रामानुजगंज सिविल कोर्ट में लंबित है। नियमतः जब कोई मामला सिविल कोर्ट में लंबित होता है, तो उस संपत्ति पर किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप या कब्जे की अनुमति नहीं होती है। इसके बावजूद, बीते गुरुवार (21 मई 2026) को विपक्षी जरीफ अंसारी प्रशासनिक और पुलिस बल के सहयोग से उस विवादित जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुँच गया। प्रशासन के इस रवैए से आहत होकर पीड़ित अमजद उर्फ जाकिर हुसैन ने तत्काल कुसमी थाना, तहसील कार्यालय और जिला मुख्यालय पहुँचकर एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जाकिर ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और भू-माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। मामले की गंभीरता और तनाव को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सदर (अध्यक्ष) व वरिष्ठ जनों ने इस विवाद में संज्ञान लिया है। सामाजिक स्तर पर दोनों पक्षों को समझाकर एक सप्ताह का समय लिया गया है और इस दौरान दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार का विवाद न करने की अपील की गई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि वे बैठकर इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बलरामपुर जिले में भू-माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और मोटी रकम के लालच में शासकीय तथा निजी जमीनों के रिकॉर्ड में जमकर हेरा-फेरी की जा रही है। उनका आरोप है कि इस भ्रष्टाचार के कारण जिले की आम जनता बेहद परेशान है और जब भी ऐसे मामले उजागर होते हैं, तो बड़े चेहरों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।1
- बिलासपुर में हाथ में बियर, कार में स्टंट… सड़क पर खुलेआम कानून की उड़ाई धज्जियां। 🚗🍺 रफ्तार और दिखावे की ये लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। ट्रैफिक नियम सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि हर किसी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। प्रशासन से ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है ताकि सड़क पर आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े। ⚠️1
- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। इस आंदोलन से जुड़ी तीनों प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। मांगें माने जाने के बाद, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और स्वयं टी एस सिंहदेव को नारियल पानी पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया गया। कांग्रेस के नेताओं ने इस सफल नतीजे को जनता की जीत बताया है।1