हजारीबाग पुलिस के बेड़े को मिली नई ताकत, 30 नई डायल-112 गाड़ियां थानों के लिए रवाना शहर से गांव तक तेज होगी पुलिस की पहुंच; अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान में होगा इस्तेमाल हजारीबाग | हजारीबाग जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा और गश्ती व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड सरकार की ओर से पुलिस मुख्यालय, झारखंड रांची के माध्यम से हजारीबाग जिला पुलिस को 30 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। बुधवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न थानों के लिए रवाना किया गया। हजारीबाग पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले को 28 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई थीं। अब 30 और वाहन मिलने से जिले में डायल-112 सेवा के लिए उपलब्ध नए वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इन वाहनों को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण थानों में भी तैनात किया जाएगा। अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिलेगी मदद नई डायल-112 गाड़ियों का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई तथा नशे के खिलाफ अभियान में किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों की तैनाती से किसी घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस को मौके तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। डायल-112 आपातकालीन सेवा के जरिए आम लोग जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता मांग सकते हैं। अतिरिक्त वाहन मिलने से जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों में भी पुलिस की गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। एसपी अमन कुमार ने दिखाई हरी झंडी नई डायल-112 गाड़ियों को हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न थानों के लिए रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय ज्ञान रंजन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर रूपक कुमार सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ फैजान अहमद, पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर मोहम्मद अरमानुल हक और परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र हजारीबाग कुमार देवव्रत सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण इलाकों में भी मजबूत होगी पुलिस की मौजूदगी नई गाड़ियों को ग्रामीण थानों तक भेजे जाने से पुलिस की पहुंच का दायरा बढ़ेगा। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में आपात सूचना मिलने पर पुलिस टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने में भी इन वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हजारीबाग पुलिस को मिली नई डायल-112 गाड़ियां जिले में त्वरित पुलिस सहायता और बेहतर गश्ती व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
हजारीबाग पुलिस के बेड़े को मिली नई ताकत, 30 नई डायल-112 गाड़ियां थानों के लिए रवाना शहर से गांव तक तेज होगी पुलिस की पहुंच; अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान में होगा इस्तेमाल हजारीबाग | हजारीबाग जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा और गश्ती व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड सरकार की ओर से पुलिस मुख्यालय, झारखंड रांची के माध्यम से हजारीबाग जिला पुलिस को 30 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। बुधवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न थानों के लिए रवाना किया गया। हजारीबाग पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले को 28 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई थीं। अब 30 और वाहन मिलने से जिले में डायल-112 सेवा के लिए उपलब्ध नए वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इन वाहनों को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण थानों में भी तैनात किया जाएगा। अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिलेगी मदद नई डायल-112 गाड़ियों का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई तथा नशे के खिलाफ अभियान में किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों की तैनाती से किसी घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस को मौके तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। डायल-112 आपातकालीन सेवा के जरिए आम लोग जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता मांग सकते हैं। अतिरिक्त वाहन मिलने से जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों में भी पुलिस की गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। एसपी अमन कुमार ने दिखाई हरी झंडी नई डायल-112 गाड़ियों को हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न थानों के लिए रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय ज्ञान रंजन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर रूपक कुमार सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ फैजान अहमद, पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर मोहम्मद अरमानुल हक और परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र हजारीबाग कुमार देवव्रत सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण इलाकों में भी मजबूत होगी पुलिस की मौजूदगी नई गाड़ियों को ग्रामीण थानों तक भेजे जाने से पुलिस की पहुंच का दायरा बढ़ेगा। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में आपात सूचना मिलने पर पुलिस टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने में भी इन वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हजारीबाग पुलिस को मिली नई डायल-112 गाड़ियां जिले में त्वरित पुलिस सहायता और बेहतर गश्ती व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
- हजारीबाग पुलिस के बेड़े को मिली नई ताकत, 30 नई डायल-112 गाड़ियां थानों के लिए रवाना शहर से गांव तक तेज होगी पुलिस की पहुंच; अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान में होगा इस्तेमाल हजारीबाग | हजारीबाग जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा और गश्ती व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड सरकार की ओर से पुलिस मुख्यालय, झारखंड रांची के माध्यम से हजारीबाग जिला पुलिस को 30 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। बुधवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न थानों के लिए रवाना किया गया। हजारीबाग पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले को 28 नई डायल-112 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई थीं। अब 30 और वाहन मिलने से जिले में डायल-112 सेवा के लिए उपलब्ध नए वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इन वाहनों को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण थानों में भी तैनात किया जाएगा। अपराध और नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिलेगी मदद नई डायल-112 गाड़ियों का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई तथा नशे के खिलाफ अभियान में किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों की तैनाती से किसी घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस को मौके तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। डायल-112 आपातकालीन सेवा के जरिए आम लोग जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता मांग सकते हैं। अतिरिक्त वाहन मिलने से जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों में भी पुलिस की गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। एसपी अमन कुमार ने दिखाई हरी झंडी नई डायल-112 गाड़ियों को हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न थानों के लिए रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय ज्ञान रंजन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर रूपक कुमार सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ फैजान अहमद, पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर मोहम्मद अरमानुल हक और परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र हजारीबाग कुमार देवव्रत सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण इलाकों में भी मजबूत होगी पुलिस की मौजूदगी नई गाड़ियों को ग्रामीण थानों तक भेजे जाने से पुलिस की पहुंच का दायरा बढ़ेगा। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में आपात सूचना मिलने पर पुलिस टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने में भी इन वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हजारीबाग पुलिस को मिली नई डायल-112 गाड़ियां जिले में त्वरित पुलिस सहायता और बेहतर गश्ती व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।1
- O पुराने पल फिर याद आए... O पुराने पल फिर याद आए... O पुराने पल फिर याद आए... O पुराने पल फिर याद आए...1
- गंदी बस्तियों,अस्थाई बसावट, लोगो का जीवन स्तर में सुधार की आवश्यकता है लोगों का बेहतर स्थिति को बनाने के लिए सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए इस पर आपकी क्या राय है कि क्या कमेंट करें1
- राँची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म और परीक्षा रद्द की मांग को लेकर छात्रों ने बारिश में भींगते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा मार्च निकाला। युवाओं की आवाज़, सड़कों पर बुलंद। #JPSC #JSSC #TirangaMarch #Ranchi #StudentProtest राँची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म और परीक्षा रद्द की मांग को लेकर छात्रों ने बारिश में भींगते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा मार्च निकाला। युवाओं की आवाज़, सड़कों पर बुलंद। #JPSC #JSSC #TirangaMarch #Ranchi #StudentProtest1
- बगोदर में वज्रपात से मृत मजदूर का 18 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम, पूर्व विधायक की पहल पर मिला 4 लाख मुआवजा बगोदर: अलगडीहा में वज्रपात से नहर निर्माण कार्य में लगे लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव का पोस्टमार्टम रुकवा दिया। इससे शव करीब 18 घंटे तक बगोदर सीएचसी में रखा रहा। बुधवार को पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह की पहल पर कंपनी और परिजनों के बीच सहमति बनी। कंपनी ने 4 लाख रुपये मुआवजा (1 लाख नगद व 3 लाख का चेक) तथा शव गांव ले जाने के लिए वाहन खर्च देने पर सहमति जताई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक की बहन ने बताया कि समीर परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था और उसके पीछे पत्नी व तीन बच्चों का भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मौके पर उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह, भाजपा नेता रवि सिंह, भाकपा माले नेता पवन महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे।1
- हजारीबाग पुलिस हुई और हाईटेक! सड़कों पर उतरीं 30 नई डायल-112 गाड़ियां1
- बड़कागांव सीएचसी में जच्चा-बच्चा की मौत पर फूटा जनाक्रोश, 9 घंटे बाद समाप्त हुआ धरना सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने सीएस से मिलकर घटना की उच्चस्तरीय जांच और व्यवस्था सुधार का किया आग्रह, जांच कमिटी बनाकर तत्काल घटना की जांच कराने का मिला आश्वासन हजारीबाग जिले के बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही से जच्चा और नवजात शिशु की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में मंगलवार शाम से मृतक के परिजनों के समर्थन में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शव के साथ सीएचसी परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषी चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई, अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। धरना लगातार करीब नौ घंटे तक चला। देर रात बीडीओ जितेंद्र कुमार मंडल एवं अंचलाधिकारी मनोज कुमार की पहल पर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद रात करीब तीन बजे धरना समाप्त हुआ। वार्ता के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार ने मृतक परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने, आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने, घटना में संलिप्त चिकित्सक के विरुद्ध जांचोपरांत कार्रवाई कराने तथा बड़कागांव सीएचसी की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था में अविलंब सुधार और अनियमितताओं पर रोक लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने थाना में लिखित आवेदन सौंपा और शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। इधर पोस्टमार्टम के दौरान हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें निष्पक्ष जांच एवं न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद रंजन चौधरी सीधे हजारीबाग जिले के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से कार्यालय पंहुचकर उनसे मिले और बड़कागांव सीएचसी में हुई जच्चा-बच्चा की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने हाल ही में सामने आए दवाई चोरी मामले पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई तथा बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। इस पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि जच्चा-बच्चा की मौत की घटना की जांच के लिए जल्द ही एक जांच समिति गठित की जा रही है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दवाई चोरी प्रकरण में संबंधित दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही बड़कागांव सीएचसी का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी सह पत्रकार एवं बड़कागांव सांसद मीडिया प्रतिनिधि उमेश दांगी, जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, बड़कागांव सांसद प्रतिनिधि पूनम साव, भाजपा मंडल अध्यक्ष शिवशंकर कुमार उर्फ शिबू, विवेक सोनी, पत्रकार शिवशंकर कुमार, संजय सागर, पिंटू कुशवाहा, संजय भुईयां, पंचायत समिति सदस्य रंजीत चौबे, चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार, मृतक परिवार के मुखलाल राणा, सीताराम राणा, अवध किशोर कुमार, उदय कुमार, रवि कुमार महतो, तीब्रकांत मौर्य सहित दर्जनों पत्रकार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं ग्रामीण उपस्थित थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच तथा दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- भाजपा की कार्यशाला में बूथ संगठन और मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर मंथन, विधायक मनोज यादव ने दिए अहम निर्देश भाजपा की कार्यशाला में बूथ संगठन और मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर मंथन, विधायक मनोज यादव ने दिए अहम निर्देश1