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प्रशासनिक अनदेखी और आक्रोश जनता का गुस्सा केवल माफिया के खिलाफ नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक मौन के खिलाफ भी है जो नियमों की धज्जियाँ उड़ते देख कर भी आँखें मूंदे रहता है।

1 hr ago
user_Rakesh Nagar
Rakesh Nagar
Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
1 hr ago

प्रशासनिक अनदेखी और आक्रोश जनता का गुस्सा केवल माफिया के खिलाफ नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक मौन के खिलाफ भी है जो नियमों की धज्जियाँ उड़ते देख कर भी आँखें मूंदे रहता है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Rakesh Nagar
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    Post by Rakesh Nagar
    user_Rakesh Nagar
    Rakesh Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • झालावाड़, 25 अप्रैल। कवि शैलेंद्र जैन ‘गुनगुना’ ने राजस्थान सरकार से अपील करते हुए कहा है कि 1 अप्रैल 2026 से देशभर में बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी को राजस्थान में भी ठेका कर्मियों के हित में शीघ्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के बढ़ते दौर में श्रमिक वर्ग को आर्थिक राहत देने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। गुनगुना ने बताया कि कई राज्यों में संशोधित न्यूनतम मजदूरी लागू हो चुकी है, जिससे वहां के श्रमिकों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि ठेका कर्मियों के साथ न्याय करते हुए जल्द से जल्द नई दरों को लागू कर श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके परिवारों को भी राहत मिलेगी। साथ ही यह कदम सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।
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    झालावाड़, 25 अप्रैल। कवि शैलेंद्र जैन ‘गुनगुना’ ने राजस्थान सरकार से अपील करते हुए कहा है कि 1 अप्रैल 2026 से देशभर में बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी को राजस्थान में भी ठेका कर्मियों के हित में शीघ्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के बढ़ते दौर में श्रमिक वर्ग को आर्थिक राहत देने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
गुनगुना ने बताया कि कई राज्यों में संशोधित न्यूनतम मजदूरी लागू हो चुकी है, जिससे वहां के श्रमिकों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि ठेका कर्मियों के साथ न्याय करते हुए जल्द से जल्द नई दरों को लागू कर श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में पहल की जाए।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके परिवारों को भी राहत मिलेगी। साथ ही यह कदम सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।
    user_SOHAN LAL KOLI
    SOHAN LAL KOLI
    Photographer Jhalrapatan, Jhalawar•
    5 hrs ago
  • Bhastrika Pranayam at home chhipabarod
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    Bhastrika Pranayam at home chhipabarod
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • हरनावदाशाहजी.क्षेत्र में पिछले तीन चार दिन से विचरण करके चर्चा का विषय बना कूनो जंगल का केपी 3 चीता गुरुवार को हरनावदाशाहजी क्षेत्र के गांवों में नजर आया। कलमोदिया ग्राम पंचायत के सैकुड गांव में सुबह जल्दी ग्रामीणों को खेतों में होकर गुजरता दिखा। वहां से झामरिया के निकट जंगल में ओझल हो गया। जहां दिनभर छाया में दुबका रहा। गांवो के नजदीक होकर गुजरते चीते को देख कर लोग कौतुहल भरे नजर आए। वहीं विभाग की चेतावनी के चलते लोगों ने वन्यजीव से दूरी बनाए रखी। इससे पहले बुधवार को केपी 3 चीता का क्षेत्र के अमलावदाखरण गांव के नजदीक मूवमेंट बना रहा इस दौरान बकरी का शिकार भी किया। चीता के लगातार मूवमेंट से जगी आस- छीपाबडौद रेंज के वन क्षेत्र में चीता की उपस्थिति से वन्यजीव प्रेमियों की उम्मीदों को पंख लगने की आस जगी है। प्राप्त जानकारी अनुसार परवन नदी क्षेत्र के गांवों से सटे मैदानी क्षेत्र में पंहुचे चीता ने सुबह एक बकरी का शिकार किया। उसके बाद दिनभर झाड़ियों में दुबका रहा जहां से शाम को आगे बढता हुआ हरनावदाशाहजी के नजदीक पंहुचा। जानकारों का कहना है कि कूनों में पल बढ रहे चीतों को बारां जिले के जंगल काफी रास आ रहे हैं। एक सप्ताह से मूवमेंट छीपाबड़ौद रेंज में बना हुआ है क्योंकि यहां की प्राकृतिक एवं भौगोलिक स्थिति काफी हद तक चीते के अनुकूल मानी जा सकती है। पिछले एक दशक के दौरान क्षेत्र में प्लांटेशन तैयार कर जंगल विकसित किए जिनमें कई प्रजातियों के वन्यजीव फल-फूल रहे हैं। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीते के लिए जिस प्रकार का मैदानी एवं पहाडी इलाका मुफीद होता है उसके हिसाब से छीपाबड़ौद रेंज का इलाका परफेक्ट है। क्योंकि पहाडी पर चढकर शिकार की तलाश एवं सपाट मैदान शिकार के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराते हैं। इसके साथ ही हरनावदाशाहजी, कचनारिया झनझनी समेत अन्य जंगलों में पनप रहे वन्य जीवों के कुनबे चीते के पसंदीदा आहार की श्रेणी में आते है। यहां के जंगलों में जंगली सुअर बहुतायत में हैं जिसका शिकार चीते को प्रिय होता है।ऐसे में चीते को बसाने की कार्ययोजना पर काम हो सकता है। नही करता हमला- जानकारी के अनुसार चीता मानव जाति पर हमला नही करता बल्कि उसको छेडने पर या भोजन के समय हमलावर हो जाता है।ऐसे में लोगों को सावचेत रहकर उसकी छेड़छाड़ नही करने की अपील की। वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने क्षेत्र में चीते को बसाने की मांग करते हुए जंगलों को बचाने की दिशा में एक अच्छा कदम बताया। इधर क्षेत्रीय विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने भी वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री को पत्र लिखकर चीता को शेरगढ़अभ्यारण्य में शिफ्ट करने की मांग की है।
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    हरनावदाशाहजी.क्षेत्र में पिछले तीन चार दिन से विचरण करके चर्चा का विषय बना कूनो जंगल का केपी 3 चीता गुरुवार को हरनावदाशाहजी क्षेत्र के गांवों में नजर आया। कलमोदिया ग्राम पंचायत के सैकुड गांव में सुबह जल्दी ग्रामीणों को खेतों में होकर गुजरता दिखा। वहां से झामरिया के निकट जंगल में ओझल हो गया। जहां दिनभर छाया में दुबका रहा। गांवो के नजदीक होकर गुजरते चीते को देख कर  लोग कौतुहल भरे नजर आए। वहीं विभाग की चेतावनी के चलते लोगों ने वन्यजीव से दूरी बनाए रखी। इससे पहले बुधवार को केपी 3 चीता का क्षेत्र के अमलावदाखरण गांव के नजदीक मूवमेंट बना रहा इस दौरान बकरी का शिकार भी किया। 
चीता के लगातार मूवमेंट से जगी आस-
छीपाबडौद रेंज के वन क्षेत्र में चीता की उपस्थिति से वन्यजीव प्रेमियों की उम्मीदों को पंख लगने की आस जगी है। 
प्राप्त जानकारी अनुसार परवन नदी क्षेत्र के गांवों से सटे मैदानी क्षेत्र में पंहुचे चीता ने सुबह एक बकरी का शिकार किया। उसके बाद दिनभर झाड़ियों में दुबका रहा जहां से शाम को आगे बढता हुआ हरनावदाशाहजी के नजदीक पंहुचा।
जानकारों का कहना है कि कूनों में पल बढ रहे चीतों को बारां जिले के जंगल काफी रास आ रहे हैं। एक सप्ताह से मूवमेंट छीपाबड़ौद रेंज में बना हुआ है क्योंकि यहां की प्राकृतिक एवं भौगोलिक स्थिति काफी हद तक चीते के अनुकूल मानी जा सकती है। पिछले एक दशक के दौरान क्षेत्र में प्लांटेशन तैयार कर जंगल विकसित किए जिनमें कई प्रजातियों के वन्यजीव फल-फूल रहे हैं।  वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीते के लिए जिस प्रकार का मैदानी एवं पहाडी इलाका  मुफीद होता है उसके हिसाब से छीपाबड़ौद रेंज का इलाका परफेक्ट है। क्योंकि पहाडी पर चढकर शिकार की तलाश  एवं सपाट मैदान शिकार के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराते हैं। इसके साथ ही हरनावदाशाहजी, कचनारिया झनझनी समेत अन्य जंगलों में पनप रहे वन्य जीवों के कुनबे चीते के पसंदीदा आहार की श्रेणी में आते है। यहां के जंगलों में जंगली सुअर बहुतायत में हैं जिसका शिकार चीते को प्रिय होता है।ऐसे में चीते को बसाने की कार्ययोजना पर काम हो सकता है।
नही करता हमला- जानकारी के अनुसार चीता मानव जाति पर हमला नही करता बल्कि उसको छेडने पर या भोजन के समय हमलावर हो जाता है।ऐसे में लोगों को सावचेत रहकर उसकी छेड़छाड़ नही करने की अपील की। वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने क्षेत्र में चीते को बसाने की मांग करते हुए जंगलों को बचाने की दिशा में एक अच्छा कदम बताया। इधर क्षेत्रीय विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने भी वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री को पत्र लिखकर चीता को शेरगढ़अभ्यारण्य में शिफ्ट करने की मांग की है।
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    पत्रकार छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Post by Akshay Gurjar
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    Post by Akshay Gurjar
    user_Akshay Gurjar
    Akshay Gurjar
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • झालावाड़। कनिष्ठ तकनीकी सहायक संघ द्वारा Jta और jen के बीच कार्य विभाजन का लेकर पंचायत राज द्वारा 03/04/26 को आदेश निकाला गया जिसमें gkn 2025 के अनुसार jta और jen को क्लस्टर आवंटित कर ग्रामीण विकास पंचायती राज की समस्त योजनाओं का पूर्व में प्रचलित sop के अनुसार कार्य संपादित करने के आदेश किए गए लेकिन इस आदेश को पंचायती राज विभाग द्वारा 14/04//26 को स्थगित कर दिया गया जिसके विरोध में जिले के सभी कनिष्ठ तकनीकी सहायक द्वारा जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र निमेष के मार्फत माननीय गमाननीय मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान को ज्ञापन दिया गया 14/04 /26 आदेश को जब तक निरस्त नहीं किया जाएगाऔर पूर्व की प्रचलित sop 2018 or Gkn ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025  अनुसार jen और jta को समकक्ष मानकर क्लस्टर आवंटित कर ग्रामीण एवं पंचायती राज की समस्त योजनाओं का कार्य संपादित का आदेश नहीं होगा तब तक धरना देने का निश्चय किया गया है साथ ही कनिष्ठ तकनीकी सहायकों की वेतन विसंगति की लंबित मांगों एवं ग्रामीण विकास में प्रतिनियुक्ति पर लगे अभियंताओं की महा नरेगा से समाप्त कर वरिष्ठ कनिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को  09,18 वर्ष के अनुभव के आधार पर लगाए।
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    झालावाड़। कनिष्ठ तकनीकी सहायक संघ द्वारा Jta और jen के बीच कार्य विभाजन का लेकर पंचायत राज द्वारा 03/04/26 को आदेश निकाला गया जिसमें gkn 2025 के अनुसार jta और jen को क्लस्टर आवंटित कर ग्रामीण विकास पंचायती राज की समस्त योजनाओं का पूर्व में प्रचलित sop के अनुसार कार्य संपादित करने के आदेश किए गए लेकिन इस आदेश को पंचायती राज विभाग द्वारा 14/04//26 को स्थगित कर दिया गया जिसके विरोध में जिले के सभी कनिष्ठ तकनीकी सहायक द्वारा जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र निमेष के मार्फत माननीय गमाननीय मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान को ज्ञापन दिया गया 14/04 /26 आदेश को जब तक निरस्त नहीं किया जाएगाऔर पूर्व की प्रचलित sop 2018 or Gkn ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025  अनुसार jen और jta को समकक्ष मानकर क्लस्टर आवंटित कर ग्रामीण एवं पंचायती राज की समस्त योजनाओं का कार्य संपादित का आदेश नहीं होगा तब तक धरना देने का निश्चय किया गया है साथ ही कनिष्ठ तकनीकी सहायकों की वेतन विसंगति की लंबित मांगों एवं ग्रामीण विकास में प्रतिनियुक्ति पर लगे अभियंताओं की महा नरेगा से समाप्त कर वरिष्ठ कनिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को  09,18 वर्ष के अनुभव के आधार पर लगाए।
    user_Jhalawar hulchal
    Jhalawar hulchal
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • #jhalawar
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    #jhalawar
    user_Hadoti samrat
    Hadoti samrat
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • Samundar samundar manthan Pranayam at home chhipabarod
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    Samundar samundar manthan Pranayam at home chhipabarod
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
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