कन्नौज के सौरिख में सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर मक्का की खरीद न होने से नाराज किसानों ने देर रात करीब 10 बजे केंद्र पर छापा मारा। सौरिख सकरावा रोड पर चंदरा गाँव के पास स्थित इस केंद्र पर किसान संजय सिंह, बंटू चौहान, आशीष गुप्ता और पवन सेंगर अपने एक दर्जन साथियों के साथ बारिश में भीगते हुए पहुँचे। मौके पर किसानों ने देखा कि केंद्र के अंदर एक ट्रैक्टर-ट्राली से मक्का की तौल की जा रही थी और वहां सैकड़ों सरकारी बोरियां मक्का से भरी हुई थीं, जबकि केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह वहां से गायब थे। किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से वे अपनी फसल बेचने के लिए केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें वारदाना न होने का बहाना बनाकर हर बार लौटा दिया जाता है। प्रदर्शनकारी किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी द्वारा अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए केवल बिचौलियों के माध्यम से ही मक्का की खरीद की जा रही है। गौरतलब है कि सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया है, जबकि खुले बाजार में यह 1900 से 2000 रुपये प्रति कुंतल की दर से बिक रही है। किसानों ने इस पूरी अनियमितता की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है, हालांकि इस संबंध में केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह ने फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
कन्नौज के सौरिख में सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर मक्का की खरीद न होने से नाराज किसानों ने देर रात करीब 10 बजे केंद्र पर छापा मारा। सौरिख सकरावा रोड पर चंदरा गाँव के पास स्थित इस केंद्र पर किसान संजय सिंह, बंटू चौहान, आशीष गुप्ता और पवन सेंगर अपने एक दर्जन साथियों के साथ बारिश में भीगते हुए पहुँचे। मौके पर किसानों ने देखा कि केंद्र के अंदर एक ट्रैक्टर-ट्राली से मक्का की तौल की जा रही थी और वहां सैकड़ों सरकारी बोरियां मक्का से भरी हुई थीं, जबकि केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह वहां से गायब थे। किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से वे अपनी फसल बेचने के लिए केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें वारदाना न होने का बहाना बनाकर हर बार लौटा दिया जाता है। प्रदर्शनकारी किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी द्वारा अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए केवल बिचौलियों के माध्यम से ही मक्का की खरीद की जा रही है। गौरतलब है कि सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया है, जबकि खुले बाजार में यह 1900 से 2000 रुपये प्रति कुंतल की दर से बिक रही है। किसानों ने इस पूरी अनियमितता की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है, हालांकि इस संबंध में केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह ने फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।
- कन्नौज के सौरिख में सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर मक्का की खरीद न होने से नाराज किसानों ने देर रात करीब 10 बजे केंद्र पर छापा मारा। सौरिख सकरावा रोड पर चंदरा गाँव के पास स्थित इस केंद्र पर किसान संजय सिंह, बंटू चौहान, आशीष गुप्ता और पवन सेंगर अपने एक दर्जन साथियों के साथ बारिश में भीगते हुए पहुँचे। मौके पर किसानों ने देखा कि केंद्र के अंदर एक ट्रैक्टर-ट्राली से मक्का की तौल की जा रही थी और वहां सैकड़ों सरकारी बोरियां मक्का से भरी हुई थीं, जबकि केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह वहां से गायब थे। किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से वे अपनी फसल बेचने के लिए केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें वारदाना न होने का बहाना बनाकर हर बार लौटा दिया जाता है। प्रदर्शनकारी किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी द्वारा अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए केवल बिचौलियों के माध्यम से ही मक्का की खरीद की जा रही है। गौरतलब है कि सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया है, जबकि खुले बाजार में यह 1900 से 2000 रुपये प्रति कुंतल की दर से बिक रही है। किसानों ने इस पूरी अनियमितता की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है, हालांकि इस संबंध में केंद्र प्रभारी कमल कुमार सिंह ने फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निर्माणाधीन नए थाना भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। भवन का निरीक्षण करते समय पुलिस अधीक्षक की नजर एक दीवार में आई दरार (चटक) पर पड़ी, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर अक्षय मौर्य से भवन निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही काम करने को कहा। एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी कमियों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने थाना परिसर में बन रहे आवासों का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी राजीव कुमार, इंजीनियर अक्षय मौर्य सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ आर्मी कैंट के सामने स्थापित सैन्य शस्त्रों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और वह प्रदर्शित सैन्य शस्त्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। भारतीय थल सेना के शस्त्र देश की सुरक्षा, वीरता और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिन शस्त्रों और सैन्य परंपराओं के सम्मान के लिए देश के अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके प्रति इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यदि वायरल वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित युवक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।1
- फर्रुखाबाद में नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। शहर के कई इलाकों में नाले-नालियां ओवरफ्लो हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। समय पर सफाई न होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके भीतर नगर पालिका के खिलाफ भारी आक्रोश है। हाल ही में हुई हल्की बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पूरी पोल खोल कर रख दी है। आवास विकास कॉलोनी समेत शहर के कई मोहल्लों में सड़कों पर जलभराव, गंदगी और कीचड़ का माहौल बन गया है। कई स्थानों पर सड़कें खुदी पड़ी हैं जिनकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर बने हुए हैं। नालों से निकाली गई मिट्टी और सिल्ट भी कई दिनों तक सड़क पर ही पड़ी रहती है, जिससे दुर्गंध फैलती है और आवागमन में भारी दिक्कत होती है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई, नालों की नियमित सफाई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दिनों में समस्याएं और भी अधिक गंभीर हो सकती हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर शहरवासियों को इस गंदगी और अव्यवस्था से कब निजात मिलेगी और नगर पालिका के दावे जमीनी स्तर पर कब दिखाई देंगे।1
- कन्नौज के सौरिख में बिजली विभाग के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंडल उपाध्यक्ष लाइनमैन द्वारा की जा रही अवैध वसूली की शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचे, जहाँ जेई ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर पर पहुंचकर जेई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में डीपी बदलने, नए कनेक्शन जोड़ने और काटने के नाम पर ग्रामीणों से लगातार अवैध वसूली की जा रही है और विरोध करने पर विभाग के अधिकारी अभद्र व्यवहार पर उतर आते हैं। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक संबंधित जेई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाने में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जमीनी विवाद की एक शिकायत में संतोषजनक जानकारी न देने पर जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल पवन दिवाकर को तुरंत निलंबित करने के निर्देश दिए। मामला नवाबगंज नगर की गायत्री गली निवासी किरन देवी से जुड़ा था, जिन्होंने वीरपुर निवासी राजाराम से खरीदी गई जमीन की निहास को गांव के ही दबंग द्वारा तोड़े जाने और ईंट गायब करने का आरोप लगाया था। किरन देवी का आरोप था कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और उल्टा थाने के एक दरोगा ने उनके पिता को बुलाकर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर थाना प्रभारी राजीव कुमार और एसएसआई रामसिंह को फटकार लगाते हुए मामले के निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में ग्राम दनियापुर निवासी श्रीपाल ने भी अपने पुत्र नितिन को घायल करने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत की। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने शिकायत करने जा रहे श्रीपाल को डीएम और एसपी के सामने जाने से रोकने का प्रयास भी किया। शिकायत सुनने के बाद एसपी ने दूसरे पक्ष द्वारा घायल का इलाज कराने और ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, नगला धोबियांन निवासी अशोक की बाइक चोरी की शिकायत पर एसपी ने जांच के आदेश दिए और चौकीदार दलवीर से जानकारी ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करेंगी। समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने नवाबगंज स्थित गौशाला का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने गोवंशों की देखभाल, चारा, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। इसके उपरांत, दोनों अधिकारियों ने दुनाया रोड पर निर्माणाधीन थाने के नए भवन के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। वहां जेई अक्षय मौर्या से नक्शे की जानकारी लेते हुए उन्होंने छोटा दरवाजा देखकर उसे बड़ा करवाने और कार्य को निर्धारित मानकों व समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने परिसर में पौधारोपण भी किया। इस मौके पर एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार, तहसीलदार अनवर हुसैन और सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- फर्रुखाबाद में माल से भरा एक ट्रक अचानक पुलिया में जा पलटा। यह हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लदा सारा सामान भी दुर्घटना के बाद मौके पर ही बिखर गया। हालांकि, इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और कोई बड़ी जानमाल की क्षति होने से बच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।1