भारत-नेपाल सीमा पर फॉर्म-सी नियमों की अनदेखी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क खुफिया विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, कई होटल व संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण ठूठीबारी। भारत में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी दर्ज करने के लिए अनिवार्य फॉर्म-सी नियमों की सीमावर्ती क्षेत्रों में खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खासकर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में कई होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों के संचालक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में खुफिया विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी है। सुरक्षा के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा विदेशी नागरिकों के प्रवास का पूरा विवरण दर्ज करने के लिए फॉर्म-सी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत भारत में ठहरने वाले किसी भी विदेशी नागरिक का पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन की तिथि सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, डाक बंगला, शिक्षण संस्थान समेत किसी भी ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराने वाले संचालकों को विदेशी नागरिक के आगमन के 24 घंटे के भीतर डिजिटल माध्यम से फॉर्म-सी पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी होती है। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में कई संचालक इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। खुफिया विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के आसपास स्थित अधिकांश होटल और ठहरने के स्थानों पर फॉर्म-सी ऑनलाइन नहीं भरा जा रहा है। इतना ही नहीं, कई होटल, अस्पताल और संस्थानों के मालिकों ने गृह मंत्रालय के डिजिटल फॉर्म-सी पोर्टल पर अब तक पंजीकरण भी नहीं कराया है। इस स्थिति के कारण यहां ठहरने वाले विदेशी नागरिकों का कोई अधिकृत डेटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रदेश में रहने वाले विदेशियों को ट्रैक और ट्रेस करना काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। नेपाल की खुली सीमा का उठाते हैं फायदा भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर कई बार विदेशी नागरिक भी अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कई मामलों में विदेशी नागरिकों को खुली सीमा की जानकारी नहीं होती, लेकिन भारत और नेपाल में सक्रिय दलाल उन्हें इसकी जानकारी देकर सरहद पार कराने में मदद करते हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिलों में फॉर्म-सी नियमों का कड़ाई से पालन सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही होटल व अन्य संस्थानों को नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
भारत-नेपाल सीमा पर फॉर्म-सी नियमों की अनदेखी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क खुफिया विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, कई होटल व संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण ठूठीबारी। भारत में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी दर्ज करने के लिए अनिवार्य फॉर्म-सी नियमों की सीमावर्ती क्षेत्रों में खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खासकर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में कई होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों के संचालक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में खुफिया विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी है। सुरक्षा के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा विदेशी नागरिकों के प्रवास का पूरा विवरण दर्ज करने के लिए फॉर्म-सी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत भारत में ठहरने वाले किसी भी विदेशी नागरिक का पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन की तिथि सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, डाक बंगला, शिक्षण संस्थान समेत किसी भी ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराने वाले संचालकों को विदेशी नागरिक के आगमन के 24 घंटे के भीतर डिजिटल माध्यम से फॉर्म-सी पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी होती है। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में कई संचालक इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। खुफिया विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के आसपास स्थित अधिकांश होटल और ठहरने के स्थानों पर फॉर्म-सी ऑनलाइन नहीं भरा जा रहा है। इतना ही नहीं, कई होटल, अस्पताल और संस्थानों के मालिकों ने गृह मंत्रालय के डिजिटल फॉर्म-सी पोर्टल पर अब तक पंजीकरण भी नहीं कराया है। इस स्थिति के कारण यहां ठहरने वाले विदेशी नागरिकों का कोई अधिकृत डेटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रदेश में रहने वाले विदेशियों को ट्रैक और ट्रेस करना काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। नेपाल की खुली सीमा का उठाते हैं फायदा भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर कई बार विदेशी नागरिक भी अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कई मामलों में विदेशी नागरिकों को खुली सीमा की जानकारी नहीं होती, लेकिन भारत और नेपाल में सक्रिय दलाल उन्हें इसकी जानकारी देकर सरहद पार कराने में मदद करते हैं। ऐसे में सीमावर्ती जिलों में फॉर्म-सी नियमों का कड़ाई से पालन सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही होटल व अन्य संस्थानों को नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
- महाराजगंज जिले के भिटौली थानेदार मदन मोहन मिश्र पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने, थर्ड डिग्री देने और वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच सीओ सदर को सौंप दी है। भिटौली गांव निवासी सीमा वर्मा पत्नी रमेश वर्मा ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 3 मार्च 2026 को गांव के ही एक व्यक्ति ने जानबूझकर अपना सिर बिजली के पोल से भिड़ा लिया था। इसके बाद उसके पुत्र विशाल वर्मा को बेवजह इस मामले में फंसा कर थाने पर बैठा लिया गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौता भी हो गया था। आरोप है कि इसके बावजूद 6 मार्च को गांव के ही एक व्यक्ति के बहकावे में आकर थानाध्यक्ष ने महिला और उसके बच्चों को थाने बुला लिया। महिला का कहना है कि थाने पर उसके बेटे को बंद कर दिया गया और उसके साथ तथा उसके पुत्र के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और थर्ड डिग्री दी गई। सीमा वर्मा का आरोप है कि बाद में उसके और उसके पुत्र विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया, जहां से दोनों जमानत पर रिहा हुए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष द्वारा अब तक उससे 35 हजार रुपये ले लिए गए हैं और और अधिक धनराशि की मांग की जा रही है। पीड़िता ने गांव के एक व्यक्ति पर भी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने और परिवार को धमकाने का आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ सदर को सौंप दी है।1
- सिसवा बाजार के सबया स्थित सिंह गैस एजेंसी के गोदाम पर रसोई गैस लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग रात 1 बजे से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर नहीं मिल सका। प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, फिर भी जमीनी स्तर पर लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। . #SiswaBazar #GasCylinder #GasShortage #maharajganjnews #aapanmaharajganj1
- भारत में ठहरने के लिए विदेशी नागरिकों का फॉर्म सी भरना अनिवार्य है। लेकिन कुछ होटल और लॉज संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इससे सुरक्षा को भी खतरा है। इस मामले को लेकर खुफिया विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेजी है। Trending Videos सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार की ओर से फॉर्म-सी का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें भारत में ठहरने वाले विदेशियों के प्रवास का विवरण पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन की तारीख आदि दर्ज करानी होती है। इसमें होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, डाक बंगला, शिक्षण संस्थान आदि के मालिक द्वारा फॉर्म सी डिजिटल प्रारूप में किसी भी विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से भरा जाना अनिवार्य है लेकिन होटल संचालकों की ओर से अनियमितताओं के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में फॉर्म-सी नहीं भरा जा रहा है। विज्ञापन विभाग की ओर से जारी पत्र में स्टूडेंट वीजा पर भारत आकर अध्ययन करने वाले विदेशियों के प्रवास व अध्ययन विवरण (पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण, नवीन फोटो, आगमन का तारीख आदि) शामिल है। शिक्षण संस्थानों के मालिक प्रबंधक द्वारा उनकी उपस्थिति, आचरण, सेमेस्टर-वार परिणाम, शैक्षणिक प्रोफाइल आदि का विवरण भी समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। सभी विदेशी छात्रों को संबंधित पाठ्यक्रम में नामांकन होने के तुरंत बाद निकटतम एफआरआरओ कार्यालय में स्वयं को पंजीकृत करना होगा। विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में अधिकांश होटल व अन्य ठहरने के स्थानों के मालिक प्रबंधकों फॉर्म सी को डिजिटल प्रारूप में विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से नहीं भरी जा रही है। अधिकांश होटल, अस्पताल, संस्थान के मालिक ने गृह मंत्रालय के डिजिटल फॉर्म सी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। इसके परिणाम स्वरूप ऐसे विदेशी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। इससे उप्र में रहने वाले विदेशी को ट्रैक और ट्रेस करना बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। अक्सर विदेशी उठाते हैं नेपाल की खुली सीमा का फायदा भारत नेपाल की खुली सीमा से भारतीय अपराधी ही नहीं विदेशी नागरिक भी अक्सर घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं। उनको खुली सीमा के बारे में ज्ञान नहीं होता है। भारत और नेपाल में बैठे दलाल उनको खुली सीमा के बारे में जानकारी देकर सरहद पार करने में मदद करते हैं। बीते पांच माह में तीन भारतीय अपराधी के साथ ही नेपाली महिला, अमेरिकी, चीनी, उब्जेकिस्तान की महिला सहित कई लोग पकड़े गए। नवंबर माह में महाराष्ट्र के एक आरोपी को विभाग ने गिरफ्तार किया था। सितंबर माह में थाईलैंड की महिला के साथ भी यही हुआ। नेपाली नागरिक पंकज और भारतीय कैलास और इंदु ने विदेशी महिला को पगडंडियों के रास्ते भारत में प्रवेश दिला दिया लेकिन एसएसबी और पुलिस की खुफिया टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सोनौली सीमा पर पकड़ा गया था चीनी नागरिक अभी बीते वर्ष सोनौली सीमा पर ही एक चीनी नागरिक को घुसपैठ करा रहे दो युवकों को एसएसबी ने पकड़ लिया था और पुलिस को सौंप दिया था। बीते वर्ष मार्च माह में नीदरलैंड के युवक को एसएसबी और पुलिस ने पगडंडियों के रास्ते साइकिल से अवैध घुसपैठ के दौरान गिरफ्तार किया था। दिसंबर माह में एक श्रीलंका के नागरिक को सीमा पर पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था, जिसके खिलाफ श्रीलंका में आपराधिक मामले दर्ज है। बीते साल अगस्त महीने में दो विदेशी महिलाएं अवैध रूप से बॉर्डर पार करने के दौरान गिरफ्तार की गई थीं।, जिसमें एक उब्जेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला शामिल है। जो इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अवैध ढंग से घुसने का प्रयास कर रही थी। कब-कब पकड़े गए विदेशी नागरिक - 10 मई 2024 को भारत से नेपाल जाते समय संदिग्धता के आधार पर रोक कर पुलिस ने अर्जेंटीना देश निवासी लियो पुत्र तरेस को गिरफ्तार किया। -24 अप्रैल 2024 को भारत मे आ रही एक इंडोनेशिया महिला इसनेनी को नेपाल पुलिस को सौंपा गया। -20 फरवरी 2022 को फर्जी वीजा के साथ रूसी दंपती स्वेटलाना फैडेरोवा व रुसाना सुल्तानोवा को नेपाल प्रवेश करने से पहले पकड़ लिया गया। जो कि गोवा में एनडीपीएस एक्ट के आरोपित भी थे। -11 दिसंबर 2021 को भारत में प्रवेश कर रहे चीनी नागरिक जी यांग शी निवासी हुबेई चीन को आव्रजन अधिकारियों ने बिना वीजा भारत प्रवेश करने से रोका और नेपाल वापस कर दिया गया। - 22 अगस्त 2020 को चीनी नागरिक शेन ली हुबेई चीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 18 अक्टूबर 2020 को फिलिस्तीन के नागरिक अवनी मोहम्मद हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फॉर्म सी भरना अनिवार्य है। सभी होटल एवं लाज की जांच की जाएगी। अगर इसमें कमी पाया गया तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अंकुर कुमार गौतम, क्षेत्राधिकारी, नौतनवा1
- Breaking कुशीनगर - प्राइवेट हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा की मौत- घटना के बाद हॉस्पिटल संचालक फरार- परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप- नवजात के शव को डिब्बे में बंद कर लिफाफे में रख जनरेटर पर रखने का आरोप- अमानवीय व्यवहार को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश- स्थानीय लोगों ने कहा पहले भी अस्पताल पर लग चुके हैं लापरवाही के आरोप- स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे बड़े सवाल- ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग- नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा कला स्थित खुशी हॉस्पिटल का मामला।1
- Breaking - कुशीनगर - ईलाज के दौरान जच्चा बच्चा कि मौत - परिजनों ने हॉस्पिटल पर लापरवाही का लगाया आरोप - मृतका के शव को गंभीर हालत बता जिला अस्पताल किया रेफर - जांचोपरांत डॉक्टरों ने किया मृत घोषित - परिजन शव को पुनः लेकर पहुंचे हॉस्पिटल - हॉस्पिटल ने बच्चे के शव को गत्ते में बंद कर बाहर रखा - पिछले एक महीने में इस हॉस्पिटल पर हुई यह तीसरी मौत - स्वास्थ विभाग कि लापरवाही भी आई सामने - सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम के लिए - नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार स्थित खुशी हॉस्पिटल का मामला1
- कुशीनगर कोटवा के खुशी हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा की मौ.त परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप मृत बच्चे के शव को पोस्टमार्टम ले जाते परिजन1
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- नौतनवा - महराजगंज। उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज के नौतनवा क्षेत्र में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एसएसबी में तैनात महिला वंदना के पति अमरेंद्र भारती ने कथित रूप से अपने दो मासूम बच्चों की हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों सहित आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। नौतनवा थाना प्रभारी पुरुषोत्तम राव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी तक घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है। अमरेंद्र भारती मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी थे और एसएसबी में तैनात थे। उनकी पत्नी वंदना भी एसएसबी में तैनात हैं।1