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तेजस्वी पर जदयू महिला प्रदेश अध्यक्ष का तीखा प्रहार।कहा बिहार की चिंता छोड़ दे,अपने घर का चिंता करे। नालंदा

7 hrs ago
user_Hello Nalanda
Hello Nalanda
Electronic engineer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
7 hrs ago

तेजस्वी पर जदयू महिला प्रदेश अध्यक्ष का तीखा प्रहार।कहा बिहार की चिंता छोड़ दे,अपने घर का चिंता करे। नालंदा

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  • नालंदा आस्था का महाकुंभ: मघड़ा की पावन धरती पर कल से बरसेगी माँ शीतला की कृपा । बिहारशरीफ शहर के पंचाने नदी के तट पर बसी ऐतिहासिक नगरी मघड़ा एक बार फिर भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर होने को तैयार है। जिला मुख्यालय से महज पाँच किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ माँ शीतला के दरबार में कल मंगलवार से तीन दिवसीय वार्षिक शीतलाष्टमी मेले का भव्य मंगलारंभ होने जा रहा है। चैत्र कृष्ण सप्तमी की पावन तिथि से शुरू होने वाले इस दिव्य उत्सव में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड—सहित सात समंदर पार से भी श्रद्धालुओं का जत्था मघड़ा पहुँच रहा है। इतिहास और अटूट विश्वास की गाथा: मघड़ा की महिमा केवल लोक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रमाण इतिहास के पन्नों में भी दर्ज हैं। चीनी यात्री ह्वेनसांग जब नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, तब वे अक्सर इसी मंदिर परिसर के नीम और पीपल की शीतल छांव में विश्राम किया करते थे, जिसका उल्लेख उन्होंने अपनी कृतियों में भी किया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महादेव ने माता सती के पावन अवशेषों को एक 'मघ' (घड़े) में सुरक्षित कर इसी धरती पर छिपाया था, जिससे इस स्थान का नाम 'मघड़ा' प्रसिद्ध हुआ। बाद में राजा वृषकेतु को मिले ईश्वरीय स्वप्न के बाद हुई खुदाई में माँ की प्रतिमा यहाँ से प्रकट हुई। परंपरा जो दुनिया में कहीं और नहीं: बसियौरा और निर्जल चूल्हा : मघड़ा की सबसे अद्भुत परंपरा 'बसियौरा' पूजा है, जो त्याग और नियम की पराकाष्ठा है। अनोखा नियम: अष्टमी के दिन पूरे गाँव में चूल्हा जलाना वर्जित रहता है। यहाँ तक कि घरों में झाड़ू भी नहीं लगाई जाती। प्रसाद का विधान: सप्तमी को निर्मित चने की दाल, चावल और सब्जी का 'बासी' भोग अष्टमी को माँ को अर्पित किया जाता है। अक्षय जलस्रोत: इस प्रसाद को बनाने के लिए केवल ऐतिहासिक 'मिट्ठी कुआं' के जल का ही उपयोग होता है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ से माँ प्रकट हुई थीं, और भीषण गर्मी में भी इस कुएं का जल कभी कम नहीं होता। आरोग्य की देवी: भभूत से मिटते हैं असाध्य रोग : जनमानस में यह दृढ़ विश्वास है कि चेचक और चर्म रोगों जैसी व्याधियों से मुक्ति पाने के लिए माँ शीतला का दरबार सर्वोत्तम है। श्रद्धालु यहाँ की पवित्र भभूत और जल को संजीवनी मानते हैं। अपनी मन्नतें पूरी होने पर भक्त कृतज्ञता स्वरूप माँ को जीवित प्रतीक (जैसे कबूतर) अर्पित करते हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम : श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने चौकस व्यवस्था की है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है । पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए दर्जनों गुप्त कैमरे (सीसीटीवी) लगाए गए हैं, जिनका सीधा संपर्क मुख्य नियंत्रण कक्ष से होगा। जन-सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चलित शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की गई है। जल सुरक्षा: मंदिर के समीप स्थित तालाब में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टुकड़ियाँ तैनात रहेंगी।
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    नालंदा आस्था का महाकुंभ: मघड़ा की पावन धरती पर कल से बरसेगी माँ शीतला की कृपा ।
बिहारशरीफ शहर के पंचाने नदी के तट पर बसी ऐतिहासिक नगरी मघड़ा एक बार फिर भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर होने को तैयार है। जिला मुख्यालय से महज पाँच किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ माँ शीतला के दरबार में कल मंगलवार से तीन दिवसीय वार्षिक शीतलाष्टमी मेले का भव्य मंगलारंभ होने जा रहा है। चैत्र कृष्ण सप्तमी की पावन तिथि से शुरू होने वाले इस दिव्य उत्सव में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड—सहित सात समंदर पार से भी श्रद्धालुओं का जत्था मघड़ा पहुँच रहा है।
इतिहास और अटूट विश्वास की गाथा: 
मघड़ा की महिमा केवल लोक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रमाण इतिहास के पन्नों में भी दर्ज हैं। चीनी यात्री ह्वेनसांग जब नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, तब वे अक्सर इसी मंदिर परिसर के नीम और पीपल की शीतल छांव में विश्राम किया करते थे, जिसका उल्लेख उन्होंने अपनी कृतियों में भी किया है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, महादेव ने माता सती के पावन अवशेषों को एक 'मघ' (घड़े) में सुरक्षित कर इसी धरती पर छिपाया था, जिससे इस स्थान का नाम 'मघड़ा' प्रसिद्ध हुआ। बाद में राजा वृषकेतु को मिले ईश्वरीय स्वप्न के बाद हुई खुदाई में माँ की प्रतिमा यहाँ से प्रकट हुई।
परंपरा जो दुनिया में कहीं और नहीं:
बसियौरा और निर्जल चूल्हा : मघड़ा की सबसे अद्भुत परंपरा 'बसियौरा' पूजा है, जो त्याग और नियम की पराकाष्ठा है।
अनोखा नियम: अष्टमी के दिन पूरे गाँव में चूल्हा जलाना वर्जित रहता है। यहाँ तक कि घरों में झाड़ू भी नहीं लगाई जाती।
प्रसाद का विधान: सप्तमी को निर्मित चने की दाल, चावल और सब्जी का 'बासी' भोग अष्टमी को माँ को अर्पित किया जाता है।
अक्षय जलस्रोत: इस प्रसाद को बनाने के लिए केवल ऐतिहासिक 'मिट्ठी कुआं' के जल का ही उपयोग होता है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ से माँ प्रकट हुई थीं, और भीषण गर्मी में भी इस कुएं का जल कभी कम नहीं होता।
आरोग्य की देवी: भभूत से मिटते हैं असाध्य रोग : 
जनमानस में यह दृढ़ विश्वास है कि चेचक और चर्म रोगों जैसी व्याधियों से मुक्ति पाने के लिए माँ शीतला का दरबार सर्वोत्तम है। श्रद्धालु यहाँ की पवित्र भभूत और जल को संजीवनी मानते हैं। अपनी मन्नतें पूरी होने पर भक्त कृतज्ञता स्वरूप माँ को जीवित प्रतीक (जैसे कबूतर) अर्पित करते हैं।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम : 
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने चौकस व्यवस्था की है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है । पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए दर्जनों गुप्त कैमरे (सीसीटीवी) लगाए गए हैं, जिनका सीधा संपर्क मुख्य नियंत्रण कक्ष से होगा।
जन-सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चलित शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की गई है।
जल सुरक्षा: मंदिर के समीप स्थित तालाब में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टुकड़ियाँ तैनात रहेंगी।
    user_Rohit Raj
    Rohit Raj
    पत्रकार बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    52 min ago
  • नालंदा के मिर्जापुर में ज/मकर हुई मा/रपीट,बचाव करने गई आशा कार्यकर्ता को भी पी/टा,बेटा भी घा/यल..!!
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    नालंदा के मिर्जापुर में ज/मकर हुई मा/रपीट,बचाव करने गई आशा कार्यकर्ता को भी पी/टा,बेटा भी घा/यल..!!
    user_Samachar City
    Samachar City
    Media company बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • जदयू के नीतीश कुमार जी के परिवारवाद पर क्या कहती है डॉ. भारती मेहता
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    जदयू के नीतीश कुमार जी के परिवारवाद पर क्या कहती है डॉ. भारती मेहता
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • जदयू के नीतीश कुमार जी के परिवारवाद पर क्या कहती है डॉ. भारती मेहता
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    जदयू के नीतीश कुमार जी के परिवारवाद पर क्या कहती है डॉ. भारती मेहता
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by VN News Bihar
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    Post by VN News Bihar
    user_VN News Bihar
    VN News Bihar
    Bihar Sharif, Nalanda•
    3 hrs ago
  • बिजली ,पानी, ख़राब सड़क की समस्या बस एक कॉल से होगी दूर ये नंबर तुरंत डायल करें
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    बिजली ,पानी, ख़राब सड़क की समस्या बस एक कॉल से होगी दूर ये नंबर तुरंत डायल करें
    user_Aarav raj
    Aarav raj
    Interior designer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    4 hrs ago
  • तेजस्वी पर जदयू महिला प्रदेश अध्यक्ष का तीखा प्रहार।कहा बिहार की चिंता छोड़ दे,अपने घर का चिंता करे। नालंदा
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    तेजस्वी पर जदयू महिला प्रदेश अध्यक्ष का तीखा प्रहार।कहा बिहार की चिंता छोड़ दे,अपने घर का  चिंता करे।
नालंदा
    user_Hello Nalanda
    Hello Nalanda
    Electronic engineer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by Samachar City
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    Post by Samachar City
    user_Samachar City
    Samachar City
    Media company बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    17 hrs ago
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