छतरपुर जिले में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के लिए कुल पाँच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर, सांदीपनि विद्यालय छतरपुर और पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय नौगांव शामिल हैं। शनिवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी रजत सकलेचा ने इनमें से चार केंद्रों—शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर और सांदीपनि विद्यालय छतरपुर—का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एडीएम विनय द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने प्रश्न पत्र रखे जाने वाले स्ट्रॉग रूम और उसकी सुरक्षा व्यवस्था का भी गहनता से मुआयना किया। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सघन जांच व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश एवं निकास द्वार पर परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु अलग-अलग व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थापित किए गए क्लॉक रूम का भी निरीक्षण किया और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए, ताकि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले केंद्रों तक पहुंच सकें। कलेक्टर ने परीक्षा कक्षों में उचित प्रकाश व्यवस्था और पंखों की चालू स्थिति की भी जांच की। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और ग्लूकोज, तथा स्वास्थ्य संबंधी उपचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों के साथ आने वाले परिजनों या अभिभावकों के लिए पर्याप्त आकार के टेंट और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नीट परीक्षा की कुल अवधि सवा तीन घंटे की होगी, जिसमें इस बार सभी परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।
छतरपुर जिले में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के लिए कुल पाँच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर, सांदीपनि विद्यालय छतरपुर और पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय नौगांव शामिल हैं। शनिवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी रजत सकलेचा ने इनमें से चार केंद्रों—शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर और सांदीपनि विद्यालय छतरपुर—का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एडीएम विनय द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने प्रश्न पत्र रखे जाने वाले स्ट्रॉग रूम और उसकी सुरक्षा व्यवस्था का भी गहनता से मुआयना किया। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सघन जांच व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रवेश एवं निकास द्वार पर परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु अलग-अलग व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थापित किए गए क्लॉक रूम का भी निरीक्षण किया और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए, ताकि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले केंद्रों तक पहुंच सकें। कलेक्टर ने परीक्षा कक्षों में उचित प्रकाश व्यवस्था और पंखों की चालू स्थिति की भी जांच की। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और ग्लूकोज, तथा स्वास्थ्य संबंधी उपचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों के साथ आने वाले परिजनों या अभिभावकों के लिए पर्याप्त आकार के टेंट और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नीट परीक्षा की कुल अवधि सवा तीन घंटे की होगी, जिसमें इस बार सभी परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।
- छतरपुर जिले में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के लिए कुल पाँच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर, सांदीपनि विद्यालय छतरपुर और पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय नौगांव शामिल हैं। शनिवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी रजत सकलेचा ने इनमें से चार केंद्रों—शासकीय उत्कृष्ट मा. विद्यालय क्र. 1, शासकीय उ.मा. विद्यालय क्र. 2, पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय छतरपुर और सांदीपनि विद्यालय छतरपुर—का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एडीएम विनय द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और बायोमेट्रिक व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने प्रश्न पत्र रखे जाने वाले स्ट्रॉग रूम और उसकी सुरक्षा व्यवस्था का भी गहनता से मुआयना किया। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सघन जांच व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश एवं निकास द्वार पर परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु अलग-अलग व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थापित किए गए क्लॉक रूम का भी निरीक्षण किया और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए, ताकि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले केंद्रों तक पहुंच सकें। कलेक्टर ने परीक्षा कक्षों में उचित प्रकाश व्यवस्था और पंखों की चालू स्थिति की भी जांच की। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और ग्लूकोज, तथा स्वास्थ्य संबंधी उपचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विद्यार्थियों के साथ आने वाले परिजनों या अभिभावकों के लिए पर्याप्त आकार के टेंट और पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। नीट परीक्षा की कुल अवधि सवा तीन घंटे की होगी, जिसमें इस बार सभी परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।2
- पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व शक्ति के सम्मान में देशभर में चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, आदिम जाति कल्याण विभाग के शासकीय अनुसूचित जाति जूनियर/उत्कृष्ट कन्या छात्रावास पलेरा परिसर में एक बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए जिला संयोजक मुकेश पालीवाल ने छात्रावास के विभागीय अधीक्षकों को पहले ही निर्देशित किया था। आज इस आयोजन में अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और पत्रकार बंधुओं ने मिलकर पलेरा छात्रावास परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद, पलेरा ब्लॉक के आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास के सभी अधीक्षकों ने उपस्थित अतिथियों और लोगों को पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने और लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने की शपथ दिलाई। अभियान के तहत, छात्रावास परिसर में नीम, बरगद, आम, जामुन और आंवले जैसे छायादार व फलदार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि सरोज राजपूत जिला अध्यक्ष, सुनील खटीक सांसद प्रतिनिधि और पवन सिंगया ने सभी को संबोधित करते हुए पेड़ों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर अपनी माता जी के नाम से एक पौधा लगाना न केवल प्रकृति की सेवा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति में मां के प्रति सर्वोच्च सम्मान को भी दर्शाता है। उन्होंने बच्चों और कर्मचारियों से अपील की कि वे केवल पौधे न लगाएं, बल्कि छात्रावास में रहने के दौरान एक मां की तरह ही इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाएं। कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मचारियों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। सभी अधीक्षकों, कर्मचारियों, समाजसेवियों और पत्रकार बंधुओं ने अपनी मां की स्मृति और सम्मान में अपने हाथों से पौधे लगाए और उनमें पानी डाला। अनुसूचित जाति जूनियर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास के इस अनूठे प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है, और यह ग्रीन पहल न सिर्फ छात्रावास परिसर को सुंदर व छायादार बनाएगी, बल्कि देश में पर्यावरण जागरूकता का एक सकारात्मक संदेश भी देगी। कार्यक्रम के अंत में, विभागीय अधीक्षकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।4
- छतरपुर जिले में प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार सक्रियता से कार्रवाई कर रहा है। यह अभियान अनवरत जारी है।1
- चंदला विधानसभा क्षेत्र में विधायक दिलीप अहिरवार ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की है। उन्होंने अपने पूर्व वादे को निभाते हुए अब तक करीब 150 कन्याओं की शादी में राशन सामग्री वितरित की है। उनका यह अभियान लगभग 1000 शादियों तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। चंदला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मध्य प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार की इस पहल से क्षेत्र की जनता में खासा उत्साह देखने को मिला है, जिसने इसे गरीब परिवारों के लिए एक सराहनीय और अनोखा प्रयास बताया है। विधायक दिलीप अहिरवार ने इस पहल को लेकर कहा कि जनप्रतिनिधि बनने से पहले भी उनकी रुचि सामाजिक कार्यों में रही है। उन्होंने पूरी विधानसभा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि उनका फर्ज है कि यदि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी हो, तो वे अपनी क्षमता अनुसार हर संभव सहयोग जरूर करें। इस पहल को सामाजिक सहयोग और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत जनपद शिक्षा केंद्र बड़ा मलहरा द्वारा आयोजित कुक कम हेल्पर कुकिंग प्रतियोगिता ने एक तरफ जहां रसोइयों की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर मध्यान्ह भोजन योजना की जमीनी हकीकत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बड़ा मलहरा में आयोजित इस प्रतियोगिता में रसोइयों ने स्वाद, गुणवत्ता और पौष्टिकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसकी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने सराहना भी की। हालांकि, प्रतियोगिता में परोसे गए आकर्षक और स्वादिष्ट व्यंजनों को देखकर लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि यदि रसोइयां इतना बेहतर और पौष्टिक भोजन बना सकती हैं, तो फिर शासकीय स्कूलों के बच्चों को प्रतिदिन उसी स्तर का भोजन क्यों नहीं मिल पाता। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जहां बच्चों को मिलने वाली सब्जियों में हरी सब्जियों की मात्रा बेहद कम रहती है और मसालों व गुणवत्ता का अभाव दिखाई देता है। उनका आरोप है कि आलू की सब्जी में भी बच्चों को आलू के टुकड़े मुश्किल से मिल पाते हैं। इसके अतिरिक्त, अभिभावकों का कहना है कि भोजन कई बार इतना फीका होता है कि बच्चे उसे पूरा नहीं खा पाते, जिससे पोषण की कमी बनी रहती है। समय-समय पर खराब भोजन, पोषण की कमी और भोजन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। प्रतियोगिता के लिए जारी आदेशों में रसोइयों को बेहतर सामग्री और आकर्षक व्यंजन तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि यदि प्रतियोगिता के लिए ऐसी विशेष तैयारी संभव है, तो नियमित रूप से बच्चों के लिए पौष्टिक, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन क्यों नहीं सुनिश्चित किया जा सकता? जानकारों के अनुसार, मध्यान्ह भोजन योजना का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना है। यदि इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, पर्याप्त संसाधन और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, तो बच्चों की थाली भी उतनी ही पौष्टिक और आकर्षक बन सकती है, जैसी प्रतियोगिता में प्रदर्शित की गई। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस आयोजन को केवल एक औपचारिकता माना जाएगा या बच्चों तक वास्तव में बेहतर भोजन पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।1
- केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में, कलेक्टर पार्थ जैसवाल और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ ग्राम ढोड़न से विस्थापित होकर करौंदिया में निवासरत परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने उनका हालचाल जाना और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की और ग्रामीणों की आवश्यकताओं को देखते हुए एक अतिरिक्त बोरवेल कराने के निर्देश दिए, जबकि दो बोरवेल पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आवास निर्माण, दस्तावेजीकरण एवं अन्य आवश्यक कार्यों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों को बताया गया कि नए पुनर्वास स्थल करौंदिया में आवंटित प्लॉट क्षेत्र में सी.सी. रोड और सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही, उनकी धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए देवस्थान निर्माण के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके उपरांत, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने ग्राम ढोड़न एवं खरियानी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने उन ग्रामीणों से चर्चा की जिन्होंने अभी तक स्वेच्छा से अपने आवास खाली नहीं किए हैं। कलेक्टर ने उनकी समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि कोई पात्र व्यक्ति मुआवजा अथवा पुनर्वास लाभ से वंचित रह गया है, किसी प्रकार की त्रुटि हुई है अथवा बैंक खाते से संबंधित समस्या है, तो शिविर लगाकर अधिकारियों की टीम द्वारा सभी शिकायतों का निराकरण किया जाए। कलेक्टर श्री जैसवाल ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र परिवार अपने अधिकारों एवं सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा और सभी वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि डैम निर्माण के चलते भविष्य में क्षेत्र में जलभराव की संभावना है, इसलिए सुरक्षा एवं सावधानी को ध्यान में रखते हुए सभी परिवार चरणबद्ध तरीके से नए पुनर्वास स्थल पर स्थानांतरित होते रहें। इस अवसर पर एसडीएम विजय द्विवेदी, तहसीलदार सटई, जल संसाधन विभाग के अधिकारी, थाना प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- छतरपुर के मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम चौका के पास एक तेज़ रफ़्तार चार पहिया वाहन ने पीछे से एक बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी। इस हादसे में पति-पत्नी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल डायल 112 की सहायता से ज़िला अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना आज 20 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। घायल दंपति की पहचान रिक्सा पुरवा निवासी हरि कुशवाहा (32) और उनकी पत्नी रामसखी कुशवाहा (30) के रूप में हुई है। हरि कुशवाहा ने बताया कि वे अपनी भांजी के शादी समारोह में शामिल होने ग्राम हटवाह गए थे और वहीं से वापस लौटते समय चौका के पास यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलने के बाद, मातगुवां की ओर से डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत छतरपुर ज़िला अस्पताल ले आई। अस्पताल में डॉक्टर रोशन द्विवेदी ने प्राथमिक उपचार के बाद हरि कुशवाहा और रामसखी कुशवाहा को ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया है। उनका इलाज जारी है।1