उत्तर प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए मानक लागू किए हैं। इन अनिवार्य नियमों के तहत, सभी कोचिंग संस्थानों के पास वैध पंजीकरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संस्थानों को अपने भवन का स्वीकृत नक्शा, व्यावसायिक उपयोग की अनुमति और अग्निशमन विभाग से एक वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नए मानकों के अनुसार, संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यार्थियों की संख्या कक्ष की क्षमता के अनुरूप रखी जाएगी, और स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा वेंटिलेशन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी आवश्यक होंगे। संस्थानों को अपनी फीस संरचना और सभी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा, साथ ही विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना भी अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना, सीलिंग, पंजीकरण रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हाल ही में कई संस्थानों की जांच के लिए निरीक्षण अभियान चलाए गए हैं, और प्रशासन इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, जिसमें कोचिंग संचालकों के लिए SOP और 10 अनिवार्य मानक 2026 भी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए मानक लागू किए हैं। इन अनिवार्य नियमों के तहत, सभी कोचिंग संस्थानों के पास वैध पंजीकरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संस्थानों को अपने भवन का स्वीकृत नक्शा, व्यावसायिक उपयोग की अनुमति और अग्निशमन विभाग से एक वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नए मानकों के अनुसार, संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यार्थियों की संख्या कक्ष की क्षमता के अनुरूप रखी जाएगी, और स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा वेंटिलेशन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी आवश्यक होंगे। संस्थानों को अपनी फीस संरचना और सभी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा, साथ ही विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना भी अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना, सीलिंग, पंजीकरण रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हाल ही में कई संस्थानों की जांच के लिए निरीक्षण अभियान चलाए गए हैं, और प्रशासन इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, जिसमें कोचिंग संचालकों के लिए SOP और 10 अनिवार्य मानक 2026 भी शामिल हैं।
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- बलिया के दुबहड़ थाना क्षेत्र के ओझा कछुआ गांव निवासी माया देवी ने गांव के कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और मंगलसूत्र छीनने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। कृपा शंकर मिश्रा की पत्नी माया देवी के अनुसार, 21 जून की शाम जब वह अपने दरवाजे पर गाय को चारा खिला रही थीं और साफ-सफाई कर रही थीं, तभी गांव के अखिलेश मिश्रा, जयशंकर मिश्रा, भोला शंकर मिश्रा समेत कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर उन्हें गालियां देने लगे। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने ईंट-पत्थर से हमला कर उनसे मारपीट की और इस दौरान उनका मंगलसूत्र भी छीन लिया गया। घटना के तुरंत बाद माया देवी ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने दुबहड़ थाने में लिखित तहरीर दी है, लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, और थाने जाने पर उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है। इस मामले पर दुबहड़ थानाध्यक्ष अजय पाल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। थानाध्यक्ष ने आशंका जताई कि पीड़िता के पति कृपा शंकर मिश्रा के 'हिस्ट्री-शीटर' होने के कारण शायद वे थाने नहीं आ रहे होंगे। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए मानक लागू किए हैं। इन अनिवार्य नियमों के तहत, सभी कोचिंग संस्थानों के पास वैध पंजीकरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संस्थानों को अपने भवन का स्वीकृत नक्शा, व्यावसायिक उपयोग की अनुमति और अग्निशमन विभाग से एक वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नए मानकों के अनुसार, संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यार्थियों की संख्या कक्ष की क्षमता के अनुरूप रखी जाएगी, और स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा वेंटिलेशन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी आवश्यक होंगे। संस्थानों को अपनी फीस संरचना और सभी नियमों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा, साथ ही विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना भी अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना, सीलिंग, पंजीकरण रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हाल ही में कई संस्थानों की जांच के लिए निरीक्षण अभियान चलाए गए हैं, और प्रशासन इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, जिसमें कोचिंग संचालकों के लिए SOP और 10 अनिवार्य मानक 2026 भी शामिल हैं।1
- बिहार के डेहरी रोहतास और अकोढ़ी गोला में दसवें मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले गए। इन आयोजनों में मुस्लिम भाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- शिक्षक मंत्री के सिस्टम को सीधे तौर पर विफल बताया गया है, और इस आशंका पर सवाल उठाया गया है कि क्या मंत्री स्वयं इस 'खेल' में लिप्त हैं। यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि सेना का उपयोग अपने व्यक्तिगत घोटालों को छिपाने की एक योजना प्रतीत होता है, जिससे भारतवर्ष को विदेश में चर्चा होने पर शर्मसार होना पड़ेगा। पोस्ट में इस बात पर कड़ी आपत्ति और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है कि जिस सेना का मूल कार्य सरहदों की रक्षा करना है, अब उसे NEET परीक्षा के पेपरों की देखभाल (संचालन) करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसे 'कितनी शर्म की बात' बताते हुए, इस स्थिति को बेहद निंदनीय करार दिया गया है।1
- PK ने सम्राट चौधरी को लेकर एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी बिहार में ज्यादा दिन तक टिकने वाले नहीं हैं। इस बयान के साथ ही PK ने यह सवाल भी उठाया कि क्या नीतीश कुमार से कोई बड़ी गलती हुई है।1
- रोहतास जिले के अकोढ़ी गोला और डेहरी में सामने आई जानकारी के अनुसार, एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसमें हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ पुलिस बल की संलिप्तता भी है।1
- सिवान जिले के दरौली प्रखंड स्थित पचबेनिया गांव में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे प्रशासन की देखरेख में मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस दौरान, जुलूस में शामिल युवकों ने विभिन्न तरह के करतब दिखाए। युवकों ने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए ताजिया को पूरे गांव में घुमाया। इस आयोजन में दर्जनों लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस शांतिपूर्ण जुलूस में भाग लिया।1