UP के छात्रों को फ्री कोचिंग, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में UPSC से NEET तक की तैयारी उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है. योजना 75 जिलों में संचालित है, जहां छात्रों को कक्षा आधारित और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की सुविधा मिलती है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है, जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन दिया जाता है. इस योजना की शुरुआत फरवरी 2021 में हुई थी. शुरुआत में मंडल मुख्यालयों पर कोचिंग केंद्र स्थापित किए गए और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी छात्रों को तैयारी की सुविधा दी गई. Advertisement इस योजना के तहत UPSC, UPPSC, JEE (Main), NEET, NDA और CDS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्रों को कक्षा आधारित और ऑनलाइन माध्यम से मार्गदर्शन दिया जाता है. विषय विशेषज्ञों और अनुभवी सरकारी अधिकारियों को भी शिक्षण और मार्गदर्शन से जोड़ा गया है. यूपी के सभी जिलों में संचालित आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के अनुसार, यह योजना वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित है. पोर्टल पर लगभग 2,000 शिक्षक और विषय विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. पोर्टल के अनुसार, योजना से जुड़े 400 से अधिक छात्रों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम रूप से चयन हुआ है, इनमें UPSC 2023 में 23, UPPSC 2023 में 30 और JEE Main 2024 में 35 छात्रों का चयन शामिल है. 2026–27 सत्र की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से हुई, जिसके तहत सिविल सेवा, JEE (Main), NEET और NDA/CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लेक्चर प्लान और टाइमटेबल उपलब्ध कराए गए हैं. छात्र आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता, जिले और पसंदीदा पाठ्यक्रम की जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं. कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की संरचित तैयारी को अधिक सुलभ बनाना है, जिसमें पात्र छात्रों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है.
UP के छात्रों को फ्री कोचिंग, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में UPSC से NEET तक की तैयारी उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है. योजना 75 जिलों में संचालित है, जहां छात्रों को कक्षा आधारित और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की सुविधा मिलती है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है, जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन दिया जाता है. इस योजना की शुरुआत फरवरी 2021 में हुई थी. शुरुआत में मंडल मुख्यालयों पर कोचिंग केंद्र स्थापित किए गए और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी छात्रों को तैयारी की सुविधा दी गई. Advertisement इस योजना के तहत UPSC, UPPSC, JEE (Main), NEET, NDA और CDS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्रों को कक्षा आधारित और ऑनलाइन माध्यम से मार्गदर्शन दिया जाता है. विषय विशेषज्ञों और अनुभवी सरकारी अधिकारियों को भी शिक्षण और मार्गदर्शन से जोड़ा गया है. यूपी के सभी जिलों में संचालित आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के अनुसार, यह योजना वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित है. पोर्टल पर लगभग 2,000 शिक्षक और विषय विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. पोर्टल के अनुसार, योजना से जुड़े 400 से अधिक छात्रों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम रूप से चयन हुआ है, इनमें UPSC 2023 में 23, UPPSC 2023 में 30 और JEE Main 2024 में 35 छात्रों का चयन शामिल है. 2026–27 सत्र की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से हुई, जिसके तहत सिविल सेवा, JEE (Main), NEET और NDA/CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लेक्चर प्लान और टाइमटेबल उपलब्ध कराए गए हैं. छात्र आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता, जिले और पसंदीदा पाठ्यक्रम की जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं. कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की संरचित तैयारी को अधिक सुलभ बनाना है, जिसमें पात्र छात्रों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है.
- मऊ में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रक्तदान कार्यक्रम का किया शुभारंभ मऊ में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रक्तदान कार्यक्रम का किया शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मऊ जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पहुंचे और रक्तदान कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मऊ जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचकर रक्तदान कर रहे लोगों और कार्यकर्ताओं से जानकारी ली। मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा, सुशासन और संकल्प के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मऊ में रक्तदान के बाद फल वितरण समेत अन्य सेवा गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लोगों को भी कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना को लेकर अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
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- जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 60 बच्चे, शौचालय और पानी की भी व्यवस्था नहीं 13 साल में ही जर्जर हो गया 2011-12 में बना भवन, टूटी चहारदीवारी से विद्यालय में असामाजिक तत्वों और पशुओं का प्रवेश धीना। बरहनी विकासखंड के सेवखरी गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में जर्जर भवन के बीच बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय में करीब 60 बच्चे नामांकित हैं, जबकि प्रतिदिन लगभग 18 से 22 बच्चों की ही उपस्थिति रहती है। वर्ष 2011-12 में निर्मित विद्यालय भवन निर्माण के करीब 13-14 वर्ष में ही जर्जर हो गया। भवन की हालत ऐसी है कि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। पेयजल की भी मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं विद्यालय की चहारदीवारी करीब दो वर्षों से टूटी हुई है। इससे विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों के आने-जाने के साथ ही पशु-पक्षियों का भी बसेरा बना हुआ है। ग्रामीण जयप्रकाश उपाध्याय, सुनील कुमार, अनिल यादव और मनोज गौड़ आदि ने बताया कि चहारदीवारी टूटने के बाद विद्यालय परिसर असुरक्षित हो गया है। छात्र-छात्राओं के शौचालय भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। कई बार समस्या की जानकारी अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रधानाध्यापक दीपक सिंह ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार विभाग को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। खंड शिक्षा अधिकारी बरहनी अजीत पाल ने बताया कि जर्जर भवन के संबंध में लिखा-पढ़ी कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। धन उपलब्ध होते ही विद्यालय का ध्वस्तीकरण कराकर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।2
- अब किसी भाजपाई की भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं? अब हिंदू धर्म के प्रति निष्ठा कहां गायब हो गई? अब किसी भाजपाई की भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं? अब हिंदू धर्म के प्रति निष्ठा या यूँ कहिए स्वघोषित ठेकेदारी कहां चली गई? या भाजपाइयों की सारी निष्ठा अपने भगवान मोदी की चाटुकारिता में ही चली गई?1
- चंदौली के धानापुर प्रजापति के कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू1
- आयुष मलिक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में 16 सितंबर 2026 को सुनवाई हुई। कोर्ट के सामने आयुष ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया और उन पर किसी तरह का दबाव, धमकी या लालच नहीं था। अदालत ने उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि एक बालिग व्यक्ति अपने धर्म और जीवनसाथी को लेकर कानून के दायरे में स्वयं निर्णय ले सकता है। #AyushMalik #AllahabadHighCourt #HighCourt1
- मऊ में पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, 8 आरोपी और एक वारंटी गिरफ्तार मऊ में पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, 8 आरोपी और एक वारंटी गिरफ्तार मऊ में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने भीटी, गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, मिर्जाहादीपुरा, बढ़ुआ गोदाम और अदरी मोड़ समेत कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग की। अभियान के दौरान जिले में 41 टीमें गठित कर 41 स्थानों पर चेकिंग की गई। पुलिस के मुताबिक करीब 2680 संदिग्ध व्यक्तियों और 1727 संदिग्ध वाहनों को चेक किया गया। इस दौरान 8 लोगों और एक वारंटी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 9 नाजायज चाकू और एक अवैध तमंचा बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर दो वाहनों को सीज किया गया।1
- चंदौली के विकास पुरुष की बात करते कांग्रेस प्रदेश महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने दिया बड़ा बयान1
- इसे कहते हैं प्राथमिकता!! बिहार में एक करोड़ के लगभग लोग बाढ़ से परेशान हैं । इसे कहते हैं प्राथमिकता!! बिहार में एक करोड़ के लगभग लोग बाढ़ से परेशान हैं पर उनके लिए मोदी सरकार 500 नए नाव की व्यवस्था नहीं कर पाई! लेकिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन के लिए काशी में 500 नए ब्रांड न्यू चमचमाती मोटरसाइकिल जरूर पहुंच गई! बिहारवासियों ने अपने लिए खुद इस उपेक्षा और अनदेखी को चुना है! बाढ़ नहीं, ₹10,000 के प्रलोभन के चक्कर में डूब गया है बिहार!1