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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय चिरमिरी से सड़क मार्ग होते बैकुंठपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ है, केबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं श्री श्याम बिहारी जायसवाल। सर्किट हाउस में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे व जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत। साथ ही कर्मा नृत्य दल ने किया जोशीला स्वागत।
Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय चिरमिरी से सड़क मार्ग होते बैकुंठपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ है, केबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं श्री श्याम बिहारी जायसवाल। सर्किट हाउस में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे व जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत। साथ ही कर्मा नृत्य दल ने किया जोशीला स्वागत।
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- *कोरिया, 16 फरवरी/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर पारंपरिक कर्मा नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर जोशीला सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। आदिवासी लोकसंस्कृति की छटा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न शासकीय एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भैया लाल रजवाड़े भी उपस्थित थे!4
- यूजीसी के समर्थन मे सरगुजा के मूलनिवासी समाज का आंदोलन एवं ज्ञापन1
- चिरमिरी में ऐतिहासिक दिवस: 127 करोड़ की विकास सौगात के साथ आगे बढ़ा जिला एमसीबी: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: आस्था, विश्वास और विकास के अद्भुत संगम का साक्षी बना चिरमिरी, जब विष्णुदेव साय ने जिले को 127 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक विकास सौगात दी। मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा कलश एवं पुष्पवर्षा से स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जनसमूह के उत्साह ने इस आयोजन को ऐतिहासिक आयाम दे दिया। *141 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास: मुख्यमंत्री ने 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण 82 कार्यों का लोकार्पण तथा 8,824.78 लाख रुपये की लागत से 59 नए कार्यों का भूमिपूजन किया। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि एमसीबी जिले के सुनहरे भविष्य की ठोस नींव है। मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक और फिजियोथैरेपी कॉलेज जैसी संस्थाओं की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल और चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज की सौगात से स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। *बुनियादी सुविधाओं से आत्मनिर्भरता की ओर: अमृत जल मिशन के तहत 183 करोड़ की पेयजल योजना, 43 करोड़ की साजा पहाड़ सड़क, और 659 करोड़ की नागपुर-चिरमिरी रेल लाइन परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगी। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता जनविश्वास का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” केवल नारा नहीं, बल्कि हर वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, लाखों परिवारों को आवास, किसानों और महिलाओं को आर्थिक संबल, यह सब सुशासन की पहचान है। *जनजातीय समाज के उत्थान पर विशेष फोकस: प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पीएम जनमन योजना और धरती आबा योजना के माध्यम से बैगा परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र को हजारों करोड़ के प्रस्ताव भेजे गए हैं। *आध्यात्मिक शिखर: श्री जगन्नाथ मंदिर चिरमिरी में पूजा-अर्चना: कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री का श्री जगन्नाथ मंदिर आगमन पूरे आयोजन का आध्यात्मिक उत्कर्ष बन गया। शंखनाद और “जय जगन्नाथ” के जयघोष के बीच मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में आमजन के साथ प्रसाद ग्रहण कर उन्होंने सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और सरकार इसके विकास हेतु पूर्ण सहयोग देगी। एक ओर 127 करोड़ की विकास परियोजनाओं से जिले की तस्वीर बदलने का संकल्प, तो दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर जनकल्याण की कामना—चिरमिरी की यह ऐतिहासिक घड़ी विकास और धर्म के संतुलित समन्वय का सशक्त उदाहरण बन गई। एमसीबी अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर एक नई पहचान बनता जा रहा हैं।4
- दी रजिस्टर्ड बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाहू लाल बौद्ध एवं महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष मनोज बौद्ध प्रभाकर बौद्ध इत्यादि लोग चांदनी बिहार पुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया और लाल जी बौद्ध एवं क्षेत्र के उन लोगों से संपर्क किया5
- न्यूज़ स्क्रिप्ट नगर अंबिकापुर के प्रतापपुर चौक स्थित सहेेली गली शिव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात धूमधाम के साथ निकाली गई। श्री शिव शंकर कीर्तन मंडली के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सहेेली गली शिव मंदिर से बारात निकालने की परंपरा 80 के दशक से अनवरत जारी है। पिछले 46 वर्षों से यह आयोजन निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से निकली बारात गुदरी चौक, जोड़ा पीपल, देवीगंज रोड सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए रात्रि लगभग 10 बजे गौरी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान शिव की आरती उतारी और बारातियों का फल एवं मिठाइयों से भव्य स्वागत किया। गौरी मंदिर पहुंचने के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान शिव एवं माता पार्वती का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।khas report by himanshu raj md news vice buero ambikapur c.g.7805838076.4
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- बड़ी खबर: माड़ी जलाशय में दिखा मगरमच्छ! 🐊 सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र अंतर्गत माड़ी जलाशय में आज एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया है। मगरमच्छ दिखने से आसपास के ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।1
- जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत धौराभाठा में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जावेद पारा में बनी इस पुलिया को देखकर प्रथम दृष्टया ही निर्माण कार्य एस्टीमेट के अनुरूप और मानक गुणवत्ता के साथ किया गया हो, ऐसा प्रतीत नहीं होता। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया में नाम मात्र की रेलिंग लगाई गई है और वह भी पूरे ढांचे में नहीं बनाई गई। जो रेलिंग लगाई गई है, उसमें भी दरारें उभरने लगी हैं। ढलाई कार्य की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिया से जुड़ी सड़क के निचले हिस्से में खोखलापन दिखाई देने लगा है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, सूत्रों के अनुसार डेढ़ से दो वर्ष पूर्व बनी सीसी सड़क भी स्तरहीन निर्माण का उदाहरण बन चुकी है। बताया जाता है कि सड़क निर्माण के महज एक महीने के भीतर ही वह उखड़ने लगी थी और वर्तमान में स्थिति यह है कि सड़क लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर टिकाऊ निर्माण दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया और सीसी सड़क—दोनों कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा व्यय की गई राशि का सामाजिक अंकेक्षण किया जाए। निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में कहीं अनियमितता या लापरवाही तो नहीं हुई। यदि जांच होती है तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सकता है और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा सकती है।4