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आज दूल्हा हत्याकांड को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। सौम्या बहन ने इस मामले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और "योगी गुंडाराज" के नारे लगाए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अरुण कुमार दुबे ब्यूरो चीफ
आज दूल्हा हत्याकांड को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। सौम्या बहन ने इस मामले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और "योगी गुंडाराज" के नारे लगाए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की है। यह कार्रवाई अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में की गई है, जहाँ वित्त लेखाधिकारी कार्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। CBI की टीमों ने एक साथ लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या, अमेठी और कुशीनगर में विभिन्न ठिकानों पर रेड मारी। यह जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI को सौंपी गई थी। मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर फिलहाल जांच जारी है।1
- ट्रेन में सफर के दौरान गोरखपुर के कुसम्ही जंगल का एक अनोखा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जिसे यात्रा करते हुए कैमरे में कैद किया गया।1
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के पिलखनी गांव में एक खेत से करीब 55 वर्षीय अधेड़ का अर्धनग्न शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जनपद के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अरैला निवासी विनय कुमार सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जगन्नाथ सिंह उर्फ जग्गू के रूप में हुई है। मृतक पिछले दो दिनों से लापता था, मंगलवार को वह घर से हरदासपुर चाय पीने निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला था। ग्रामीणों की सूचना पर लम्भुआ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। वहीं, घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भी देर से पहुंची और 'खाना पूर्ति' कर वापस लौट गई। टीम ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे, जिससे इस गुत्थी को सुलझाना अब पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है। प्रथम दृष्टया शव को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मृतक शौच के लिए गए थे, क्योंकि उनके पास पानी की बोतल भी पड़ी मिली है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी मेहनत से इस मामले के दोषियों तक पहुँच पाती है।4
- 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को 18 जून को उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए अपने प्रसिद्ध उद्घोष "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" से देशभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा दी थी। उन्होंने 18 जून 1858 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन संगठनों ने युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन नारी शक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है और उनका बलिदान भारतवासियों को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण से अमिट छाप छोड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई को "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी" कहते हुए शत-शत नमन किया गया।1
- प्रतापगढ़ जिले की लालगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल धीरज यादव पर दबंगई और मनमानी का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला परगना रामपुर के ग्राम सभा चौप सिंह का बताया जा रहा है, जहाँ स्थगन आदेश (स्टे) प्रभावी होने के बावजूद जमीन की जबरन पैमाइश कराने पहुँचे लेखपाल और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि लेखपाल धीरज यादव ने स्थानीय लोगों के विरोध को नजरअंदाज करते हुए नाप-जोख की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान जब एक काश्तकार ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई, तो लेखपाल ने जूता निकाल लिया और कथित तौर पर काश्तकार को मारने के लिए दौड़ा लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मामले में स्थगन आदेश प्रभावी था तो फिर किस आधार पर पैमाइश की कार्रवाई की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राजस्व विभाग के अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल खड़े होने लगे हैं, और लेखपाल की कथित दबंगई से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जाँच कर दोषी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।1
- होशियारपुर में 21 जून से श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 29 जून तक चलेगी, जिसके बाद उसी दिन महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।1
- सुलतानपुर जिले के लम्भुआ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव का भव्य स्वागत किया। इस दौरान लाल बिहारी यादव ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष राजभर के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें राजभर ने सपा में फूट पड़ने की बात कही थी। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने राजभर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनका कोई राजनीतिक वजूद नहीं है। सपा नेताओं ने दावा किया कि राजभर का यह बयान वास्तविकता से परे है और समाजवादी पार्टी एकजुट है।3
- आज के आधुनिक युग में, जहाँ बाज़ार में नई तकनीक और आकर्षक डिज़ाइन वाली मोटरसाइकिलें उपलब्ध हैं, वहीं रॉयल एनफील्ड की ओल्ड बुलेट का अपना एक विशेष रुतबा और पहचान है। यह केवल एक मोटरसाइकिल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए जुनून, शान और विरासत का प्रतीक है। इसकी दमदार 'ठक-ठक' आवाज़ लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेती है। ओल्ड बुलेट की मजबूत बनावट, शानदार संतुलन और लंबी दूरी तय करने की क्षमता इसे अन्य बाइकों से अलग बनाती है। यह गाँव की कच्ची सड़कों से लेकर शहर की व्यस्त गलियों तक, हर रास्ते पर अपनी एक अलग पहचान बनाती है। लोगों का पुरानी बुलेट के प्रति यह लगाव सिर्फ उसके लुक या आवाज़ के कारण नहीं है, बल्कि यह उन सुनहरे दिनों की याद दिलाती है जब मजबूती और भरोसे को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। आज भी कई लोग अपनी वर्षों पुरानी बुलेट को बड़े गर्व के साथ सँभाल कर रखते हैं और उसे परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं। बुलेट चलाना केवल सफर करना नहीं, बल्कि एक खास अनुभव है। इसकी सवारी में जो आत्मविश्वास और शाही एहसास मिलता है, वह शायद ही किसी और बाइक में मिलता हो। यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद ओल्ड बुलेट का क्रेज आज भी बरकरार है, क्योंकि, जैसा कि सूर्य प्रकाश पाण्डेय (मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन) ने लिखा है, "बुलेट पुरानी हो सकती है, लेकिन उसका रुतबा कभी पुराना नहीं होता।"1
- काम के सिलसिले में एक साथ निकले चार युवाओं को रास्ते में काल बनकर आई रोडवेज बस ने कुचल दिया, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना ने न केवल उनके जीवन को छीन लिया बल्कि उनके पूरे परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। एक ही झटके में चार सगे भाइयों की मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।1