1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को 18 जून को उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए अपने प्रसिद्ध उद्घोष "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" से देशभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा दी थी। उन्होंने 18 जून 1858 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन संगठनों ने युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन नारी शक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है और उनका बलिदान भारतवासियों को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण से अमिट छाप छोड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई को "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी" कहते हुए शत-शत नमन किया गया।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को 18 जून को उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए अपने प्रसिद्ध उद्घोष "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" से देशभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा दी थी। उन्होंने 18 जून 1858 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन संगठनों ने युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन नारी शक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है और उनका बलिदान भारतवासियों को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण से अमिट छाप छोड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई को "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी" कहते हुए शत-शत नमन किया गया।
- 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को 18 जून को उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए अपने प्रसिद्ध उद्घोष "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" से देशभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा दी थी। उन्होंने 18 जून 1858 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की, और उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन संगठनों ने युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन नारी शक्ति, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है और उनका बलिदान भारतवासियों को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। भारत की स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण से अमिट छाप छोड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई को "खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी" कहते हुए शत-शत नमन किया गया।1
- ट्रेन में सफर के दौरान गोरखपुर के कुसम्ही जंगल का एक अनोखा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जिसे यात्रा करते हुए कैमरे में कैद किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के 25 से 26 सांसद पाला बदलने और पार्टी तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना में हुई टूट का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को खुद नहीं तोड़ रही, बल्कि ये नेता साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव तक अपने आप ही टूटकर चले जाएंगे। इस सियासी घमासान के बीच राम मंदिर मामले पर भी बयानबाजी हुई है। इससे पहले राज्य सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी सनसनी मचाई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सपा में बड़ी टूट होगी और राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। राजभर ने खनन और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा शिकंजा कसने से परेशान है और समूची सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार है। यूपी के मंत्री मनोज पांडेय ने भी कहा कि सत्ता में रहने पर लोगों को भगाने वाली सपा के साथ आज कोई नहीं रहना चाहता। इन दावों पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने लखनऊ में कहा कि ओम प्रकाश राजभर खुद एक स्कैम हैं और प्रदेश में तानाशाही है। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने राजभर को दोमुंहा बताते हुए कहा कि वे सिर्फ मंत्री पद पर बने रहने के लिए बयान देते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा का एक भी नेता भाजपा में नहीं जाएगा और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी। वहीं, कानपुर में राम मंदिर के दानपात्र से चोरी होने के मामले पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है, इसलिए एफआईआर की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिसने भी दानपात्र का पैसा खाया है, उसे कानूनी सजा तो मिलेगी ही, साथ ही वह जीवन में कभी सुख नहीं भोग पाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा रिकवर हो जाएगा।1
- 19 जून को साइन होने वाली ईरान डील पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि टेक्स्ट अभी फ़ाइनल नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (समझौता ज्ञापन) है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें यह डील पसंद नहीं आती है, तो वे ईरान के सिर पर बम गिराना शुरू कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर ईरान ठीक से पेश नहीं आता है, तो वे फिर से बम गिराना शुरू कर देंगे।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गोरखपुर जिलों में सोमवार की दोपहर को हल्की बारिश हुई। वहीं, राज्य की राजधानी लखनऊ में तेज धूप के साथ उमस और गर्मी में वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। फिलहाल मानसून बिहार की सीमा पर अटका हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। रविवार की रात से ही वाराणसी, गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं।1
- भदोही जनपद के जंगीगंज क्षेत्र अंतर्गत कलनुआ गांव में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। दोपहर बाद तेज हवा और आंधी के झोंकों के साथ आसमान में बादल छा गए, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि, इन तेज हवाओं के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव के कारण धूल भरी हवाएं चलीं और वातावरण में ठंडक महसूस की गई। मौसम विभाग ने भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई है।1
- आज के आधुनिक युग में, जहाँ बाज़ार में नई तकनीक और आकर्षक डिज़ाइन वाली मोटरसाइकिलें उपलब्ध हैं, वहीं रॉयल एनफील्ड की ओल्ड बुलेट का अपना एक विशेष रुतबा और पहचान है। यह केवल एक मोटरसाइकिल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए जुनून, शान और विरासत का प्रतीक है। इसकी दमदार 'ठक-ठक' आवाज़ लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेती है। ओल्ड बुलेट की मजबूत बनावट, शानदार संतुलन और लंबी दूरी तय करने की क्षमता इसे अन्य बाइकों से अलग बनाती है। यह गाँव की कच्ची सड़कों से लेकर शहर की व्यस्त गलियों तक, हर रास्ते पर अपनी एक अलग पहचान बनाती है। लोगों का पुरानी बुलेट के प्रति यह लगाव सिर्फ उसके लुक या आवाज़ के कारण नहीं है, बल्कि यह उन सुनहरे दिनों की याद दिलाती है जब मजबूती और भरोसे को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। आज भी कई लोग अपनी वर्षों पुरानी बुलेट को बड़े गर्व के साथ सँभाल कर रखते हैं और उसे परिवार के सदस्य जैसा मानते हैं। बुलेट चलाना केवल सफर करना नहीं, बल्कि एक खास अनुभव है। इसकी सवारी में जो आत्मविश्वास और शाही एहसास मिलता है, वह शायद ही किसी और बाइक में मिलता हो। यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद ओल्ड बुलेट का क्रेज आज भी बरकरार है, क्योंकि, जैसा कि सूर्य प्रकाश पाण्डेय (मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन) ने लिखा है, "बुलेट पुरानी हो सकती है, लेकिन उसका रुतबा कभी पुराना नहीं होता।"1
- जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग 10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था। घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।4