कुशीनगर जिले में 'मिशन सेफ' योजना के तहत स्कूल वाहनों के फिटनेस को लेकर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। बार-बार नोटिस जारी करने और जागरूक करने के बावजूद गाड़ियों का फिटनेस न कराने पर विभाग द्वारा कई विद्यालयों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। हालांकि, जो विद्यालय फिटनेस कराने पहुंचे, उनकी गाड़ियों का ब्लैकलिस्ट खोला भी गया है। इनमें रजली देवी इण्टरमीडिएट कालेज परगन मठिया, मदरसा अब्दुल कलाम आजाद हरपुर मजहर, कोटवा और द मैनेजर सीता देवी जनकल्याण स्वयं सेवी संस्था डिबनी बन्जरवा आदि शामिल हैं, जिन्होंने ब्लैकलिस्ट हटवाकर अपने वाहनों के फिटनेस की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। एआरटीओ के अनुसार, पहले जिले में 176 ऐसी गाड़ियां थीं जिनका फिटनेस समाप्त हो चुका था, लेकिन अब केवल 100 वाहन ही ऐसे बचे हैं। इस संबंध में सड़क पर प्रवर्तन की कार्रवाई भी की गई है। विभाग का आरोप है कि अभिभावकों की स्वतंत्रता की आड़ में स्कूल प्रबंधन नाजायज फायदा उठा रहा है और सुरक्षित बसों के बजाय बोलेरो, मैजिक और टेम्पो जैसे वाहनों का उपयोग कर रहा है। फिलहाल, जिले के लगभग 10 प्रतिशत स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी ने अपने वाहनों का फिटनेस करवा लिया है और इसकी रोजाना मॉनिटरिंग भी की जा रही है। एआरटीओ ने सुझाव दिया है कि यदि स्कूलों की मान्यता और रिनुवल प्रक्रिया से पहले परिवहन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग की जाए, तो शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्कूली गाड़ियों का फिटनेस पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कुशीनगर जिले में 'मिशन सेफ' योजना के तहत स्कूल वाहनों के फिटनेस को लेकर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। बार-बार नोटिस जारी करने और जागरूक करने के बावजूद गाड़ियों का फिटनेस न कराने पर विभाग द्वारा कई विद्यालयों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। हालांकि, जो विद्यालय फिटनेस कराने पहुंचे, उनकी गाड़ियों का ब्लैकलिस्ट खोला भी गया है। इनमें रजली देवी इण्टरमीडिएट कालेज परगन मठिया, मदरसा अब्दुल कलाम आजाद हरपुर मजहर, कोटवा और द मैनेजर सीता देवी जनकल्याण स्वयं सेवी संस्था डिबनी बन्जरवा आदि शामिल हैं, जिन्होंने ब्लैकलिस्ट हटवाकर अपने वाहनों के फिटनेस की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। एआरटीओ के अनुसार, पहले जिले में 176 ऐसी गाड़ियां थीं जिनका फिटनेस समाप्त हो चुका था, लेकिन अब केवल 100 वाहन
ही ऐसे बचे हैं। इस संबंध में सड़क पर प्रवर्तन की कार्रवाई भी की गई है। विभाग का आरोप है कि अभिभावकों की स्वतंत्रता की आड़ में स्कूल प्रबंधन नाजायज फायदा उठा रहा है और सुरक्षित बसों के बजाय बोलेरो, मैजिक और टेम्पो जैसे वाहनों का उपयोग कर रहा है। फिलहाल, जिले के लगभग 10 प्रतिशत स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी ने अपने वाहनों का फिटनेस करवा लिया है और इसकी रोजाना मॉनिटरिंग भी की जा रही है। एआरटीओ ने सुझाव दिया है कि यदि स्कूलों की मान्यता और रिनुवल प्रक्रिया से पहले परिवहन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग की जाए, तो शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्कूली गाड़ियों का फिटनेस पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बांसगांव के रहने वाले प्रेमचंद कुमार शाह ने पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उनके परिवार पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब उन पर समझौते का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि यदि उन्होंने मुकदमा वापस नहीं लिया तो उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे सभी गहरे खौफ में हैं। इस विवाद की शुरुआत बीते 11 जुलाई को हुई थी, जब प्रेमचंद शाह की हार्डवेयर की दुकान पर गैस चूल्हा ठीक कराने आए संजय कुशवाहा से मजदूरी और पार्ट्स के 400 रुपये के लेनदेन को लेकर बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद संजय कुशवाहा अपने परिजनों के साथ लाठी, डंडे, बांस और लोहे की रॉड लेकर पहुंचा और प्रेमचंद के पिता अकलू शाह पर बर्बरता से हमला कर दिया। इस हमले के बीच-बचाव के लिए आए प्रदीप शाह भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस संबंध में विशुनपुरा थाने में मुकदमा संख्या 196/2026 दर्ज है। पीड़ित प्रेमचंद का आरोप है कि मुख्य आरोपी संजय कुशवाहा होमगार्ड में तैनात है और वह अपनी सरकारी नौकरी तथा वर्दी का प्रभाव दिखाकर पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहा है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, संजय कुशवाहा के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, आरोपी का भाई एक निजी स्कूल चलाता है और सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं से उसकी नजदीकी होने के कारण स्थानीय स्तर पर पीड़ित परिवार पर भारी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इसी प्रभाव के चलते आरोपियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और वे लगातार मारपीट व दबाव बनाने जैसी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी जान का सीधा खतरा सता रहा है और यदि समय रहते पुलिस ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की तो उनके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कुशीनगर जिले में 'मिशन सेफ' योजना के तहत स्कूल वाहनों के फिटनेस को लेकर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। बार-बार नोटिस जारी करने और जागरूक करने के बावजूद गाड़ियों का फिटनेस न कराने पर विभाग द्वारा कई विद्यालयों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। हालांकि, जो विद्यालय फिटनेस कराने पहुंचे, उनकी गाड़ियों का ब्लैकलिस्ट खोला भी गया है। इनमें रजली देवी इण्टरमीडिएट कालेज परगन मठिया, मदरसा अब्दुल कलाम आजाद हरपुर मजहर, कोटवा और द मैनेजर सीता देवी जनकल्याण स्वयं सेवी संस्था डिबनी बन्जरवा आदि शामिल हैं, जिन्होंने ब्लैकलिस्ट हटवाकर अपने वाहनों के फिटनेस की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। एआरटीओ के अनुसार, पहले जिले में 176 ऐसी गाड़ियां थीं जिनका फिटनेस समाप्त हो चुका था, लेकिन अब केवल 100 वाहन ही ऐसे बचे हैं। इस संबंध में सड़क पर प्रवर्तन की कार्रवाई भी की गई है। विभाग का आरोप है कि अभिभावकों की स्वतंत्रता की आड़ में स्कूल प्रबंधन नाजायज फायदा उठा रहा है और सुरक्षित बसों के बजाय बोलेरो, मैजिक और टेम्पो जैसे वाहनों का उपयोग कर रहा है। फिलहाल, जिले के लगभग 10 प्रतिशत स्कूलों को छोड़कर बाकी सभी ने अपने वाहनों का फिटनेस करवा लिया है और इसकी रोजाना मॉनिटरिंग भी की जा रही है। एआरटीओ ने सुझाव दिया है कि यदि स्कूलों की मान्यता और रिनुवल प्रक्रिया से पहले परिवहन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग की जाए, तो शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्कूली गाड़ियों का फिटनेस पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सकेगा।2
- कुशीनगर के रविंद्र नगर धूस थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान सरकारी सीलबंद राशन से भरी एक संदिग्ध डीसीएम को पकड़कर चालक सहित हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह संदिग्ध वाहन देवरिया से कुशीनगर की ओर आ रहा था। इस घटना की सूचना मिलते ही खाद्य एवं रसद विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। क्षेत्रीय खाद्य एवं रसद विभाग के एआरओ राजीव कुमार ने बताया कि इस बात की पड़ताल की जा रही है कि यह सरकारी सीलबंद राशन किस अनुमति, किस ठेकेदार और किस उद्देश्य से लाया जा रहा था। फिलहाल, कसया एसडीएम संतराम बघेल के नेतृत्व में विभागीय टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि क्या सरकारी राशन के परिवहन की निगरानी को और अधिक सख्त किया जाना चाहिए।1
- कुशीनगर से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट में एक महिला के शरीर के अलग-अलग भागों में बंटने और फिर जुड़ जाने को लेकर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया गया है। पोस्ट में उत्सुकता के साथ पूछा गया है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है और इसके पीछे क्या कारण है। इस अनोखे जादू के तरीके और इसके वैज्ञानिक या व्यावहारिक कारण को जानने के लिए सवाल उठाए गए हैं कि आखिर यह किस तरह का जादू है।1
- पश्चिम चंपारण के बगहा अंतर्गत मंगलपुर क्षेत्र में पड़ने वाले आसानी हॉट वार्ड नंबर 6 के बीच में भारी मात्रा में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। नगर पालिका द्वारा सारा कचरा लाकर इसी इलाके में डाला जा रहा है, जिससे यहाँ कचरे का बड़ा अंबार लग गया है। इस गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों में बीमारी फैलने की 100 प्रतिशत आशंका बनी हुई है। लोगों ने इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द सुनवाई करने और इलाके से कचरे की तुरंत सफाई कराने की पुरजोर मांग की है।2
- कुशीनगर के कसया में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब गया। पूरा वातावरण हरे राम-हरे कृष्ण के मधुर संकीर्तन और जयघोष से गूंज उठा। सड़कों पर जैसे ही रथयात्रा निकली, भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। संकीर्तन मंडली के पीछे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रूप से सजी रथयात्रा आगे बढ़ी, जिसे सैकड़ों श्रद्धालु रस्सी से खींच रहे थे। इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैदी से तैनात रहे।4
- कुशीनगर के दुदही पडरौना मार्ग पर नेटुआबीर बाबा के पास दो मोटरसाइकिलों की आपस में भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में एक युवक बुरी तरह घायल हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही विशुनपुरा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों द्वारा 108 नंबर पर फोन किया गया, जिसके बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस घायल युवक और उसकी पत्नी को लेकर दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई, जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल घायल युवक की पहचान नहीं हो सकी है।1