चलती ट्रेन से गिरी महिला, बेसुध पड़ी रही रेलवे ट्रैक पर: मंडीदीप में डॉक्टर की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा; 'जाको राखे साइयां' की कहावत हुई चरितार्थ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोई...' यह कहावत रायसेन जिले की औद्योगिक नगरी मंडीदीप में उस वक्त चरितार्थ साबित हुई, जब बुधवार रात रेलवे ट्रैक पर एक जिंदगी और मौत के बीच झूलती महिला को नया जीवन मिल गया। चलती ट्रेन से गिरकर खून से लथपथ और बेसुध पड़ी महिला के लिए स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और एक डॉक्टर की सूझबूझ वरदान बन गई। क्या है पूरा मामला? बुधवार देर रात नाहर कंपनी के पास रेलवे ट्रैक पर एक खौफनाक हादसा हुआ। चलती ट्रेन से अचानक एक महिला नीचे गिर गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक किनारे बेसुध पड़ गई। रात के अंधेरे और सुनसान इलाके में महिला तड़पती रही, लेकिन किस्मत से वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। 108 एम्बुलेंस और अस्पताल टीम की मुस्तैदी ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत 108 एम्बुलेंस को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान अवस्था में पड़ी महिला को तत्काल मंडीदीप के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर की सूझबूझ से मिली पहचान अस्पताल में नाईट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आयुष तिवारी ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत महिला का इमरजेंसी इलाज शुरू किया। महिला पूरी तरह बेसुध थी और उसके पास पहचान का कोई सीधा जरिया नहीं था। इलाज के साथ-साथ डॉक्टर तिवारी ने मानवता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला के पास मिले पर्स की जांच की। पर्स में रखे एक पुराने पर्चे पर एक आशा कार्यकर्ता का मोबाइल नंबर दर्ज था। डॉक्टर ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क साधा और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए महिला की पहचान जुटा ली। स्वास्थ्य में सुधार, परिजनों को मिली सूचना महिला की पहचान: अर्चना, पत्नी त्रिपाल ठाकुर (निवासी- पिपरिया)। वर्तमान स्थिति: मंडीदीप सिविल अस्पताल में महिला का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने से अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। परिजनों से संपर्क: घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जो अस्पताल के लिए रवाना हो चुके हैं। ग्रामीणों की इंसानियत, एम्बुलेंस टीम की तेजी और डॉक्टर आयुष तिवारी की इस सजगता की पूरे मंडीदीप शहर में जमकर सराहना हो रही है।
चलती ट्रेन से गिरी महिला, बेसुध पड़ी रही रेलवे ट्रैक पर: मंडीदीप में डॉक्टर की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा; 'जाको राखे साइयां' की कहावत हुई चरितार्थ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोई...' यह कहावत रायसेन जिले की औद्योगिक नगरी मंडीदीप में उस वक्त चरितार्थ साबित हुई, जब बुधवार रात रेलवे ट्रैक पर एक जिंदगी और मौत के बीच झूलती महिला को नया जीवन मिल गया। चलती ट्रेन से गिरकर खून से लथपथ और बेसुध पड़ी महिला के लिए स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और एक डॉक्टर की सूझबूझ वरदान
बन गई। क्या है पूरा मामला? बुधवार देर रात नाहर कंपनी के पास रेलवे ट्रैक पर एक खौफनाक हादसा हुआ। चलती ट्रेन से अचानक एक महिला नीचे गिर गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक किनारे बेसुध पड़ गई। रात के अंधेरे और सुनसान इलाके में महिला तड़पती रही, लेकिन किस्मत से वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। 108 एम्बुलेंस और अस्पताल टीम की मुस्तैदी ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत 108 एम्बुलेंस को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान
अवस्था में पड़ी महिला को तत्काल मंडीदीप के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर की सूझबूझ से मिली पहचान अस्पताल में नाईट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आयुष तिवारी ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत महिला का इमरजेंसी इलाज शुरू किया। महिला पूरी तरह बेसुध थी और उसके पास पहचान का कोई सीधा जरिया नहीं था। इलाज के साथ-साथ डॉक्टर तिवारी ने मानवता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला के पास मिले पर्स की जांच की। पर्स में रखे एक पुराने पर्चे पर एक आशा कार्यकर्ता का मोबाइल नंबर दर्ज था। डॉक्टर ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क साधा और कड़ी से कड़ी
जोड़ते हुए महिला की पहचान जुटा ली। स्वास्थ्य में सुधार, परिजनों को मिली सूचना महिला की पहचान: अर्चना, पत्नी त्रिपाल ठाकुर (निवासी- पिपरिया)। वर्तमान स्थिति: मंडीदीप सिविल अस्पताल में महिला का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने से अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। परिजनों से संपर्क: घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जो अस्पताल के लिए रवाना हो चुके हैं। ग्रामीणों की इंसानियत, एम्बुलेंस टीम की तेजी और डॉक्टर आयुष तिवारी की इस सजगता की पूरे मंडीदीप शहर में जमकर सराहना हो रही है।
- दीवानगंज में मां के घर 10 लाख के जेवरों की चोरी, बेटी व उसका मित्र 24 घंटे में गिरफ्तार** ** **दीवानगंज (रायसेन)।** सलामतपुर थाना पुलिस ने दीवानगंज में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए फरियादिया की पुत्री और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के शत-प्रतिशत जेवर बरामद कर लिए गए हैं। कमला बाई डागौर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ड्यूटी से लौटने पर उनके घर से सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की तो संदेही के रूप में फरियादिया की पुत्री सृष्टि डागौर चिन्हित हुई। पुलिस ने सुखी सेवनिया स्थित एक किराये के मकान में दबिश देकर सृष्टि और उसके पुरुष मित्र कार्तिक मेहर को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया।1
- प्रधानमंत्री के जन्म दिन पर गढ़ी के शांति धाम में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गढ़ी के शांति धाम परिसर में गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान आम, जामुन, शीशम, कदम सहित अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। शांति धाम परिसर को हराभरा और सुंदर बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर जालियां भी लगाई गईं, ताकि पौधों को पशुओं एवं अन्य नुकसान से बचाया जा सके। पौधारोपण के उपरांत उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच सैयद मसूद अली पटेल, उप सरपंच बृजेश जाटव, भाजपा नेता भागचंद चौरसिया, पूर्व जनपद सदस्य खेमचंद चौरसिया, एसडीओ आरईएस नरेश ठाकरे, उपयंत्री सूरज भान सिंह, पटवारी नंदकिशोर अहिरवार, जीआरएस बृजमोहन जाटव, सैयद दाऊद अली पटेल, रवि चौरसिया, मंसूर खां मंसूरी, अब्दुल्ला कुरैशी, कमल कुशवाहा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पौधों की सुरक्षा और स्वच्छ-हरित परिसर के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। ग्राम पंचायत द्वारा शांति धाम परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए भविष्य में भी पौधारोपण एवं संरक्षण गतिविधियां जारी रखने की बात कही गई।1
- न्यूज कोलार की धड़कन भोपाल श्री महाकाल गणेश उत्सव समिति मंदाकिनी चौराहा कोलार रोड भोपाल महाकाल गणेश उत्सव समिति मंदाकिनी चौराहा कोलार रोड भोपाल के अध्यक्ष रिक्की भिलवारे ने बताया कि हमारा गणेश उत्सव का तीसरा वर्ष है और इस तीसरे वर्ष में महाकाल की भव्य झांकी बनाई गई है प्रस्तुत की गई है कोलार वासियों से भोपाल वासियों से समिति निवेदन करती है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर श्री गणेश जी का आशीर्वाद ले और दर्शन लाभ ले न्यूज़ कोलार की धड़कन भोपाल4
- युवाओं के मन में क्या है, उनके सवाल क्या हैं, वे अपने भविष्य को लेकर क्या चाहते हैं? सरकार को अब, यह समझना ही होगा! • छात्रों की गूंज युवाओं के मन में क्या है, उनके सवाल क्या हैं, वे अपने भविष्य को लेकर क्या चाहते हैं? सरकार को अब, यह समझना ही होगा! • • छात्रों की गूंज1
- भोपाल ब्यूरो रिपोर्ट मध्य प्रदेश में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।1
- महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध किया। युवा सेना के कार्यकर्ता बोरियों में कुत्तों को भरकर मुख्य अधिकारी के ऑफिस पहुंचे और अफसर की टेबल पर छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और हंगामा भी किया। महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध किया। युवा सेना के कार्यकर्ता बोरियों में कुत्तों को भरकर मुख्य अधिकारी के ऑफिस पहुंचे और अफसर की टेबल पर छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और हंगामा भी किया।1
- रायसेन जिले के बाड़ी में सागौन माफिया और वन विभाग में टकराव: टीम पर पथराव कर भागे आरोपी, कार सहित 20 नग सागौन जब्त1
- चलती ट्रेन से गिरी महिला, बेसुध पड़ी रही रेलवे ट्रैक पर: मंडीदीप में डॉक्टर की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा; 'जाको राखे साइयां' की कहावत हुई चरितार्थ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोई...' यह कहावत रायसेन जिले की औद्योगिक नगरी मंडीदीप में उस वक्त चरितार्थ साबित हुई, जब बुधवार रात रेलवे ट्रैक पर एक जिंदगी और मौत के बीच झूलती महिला को नया जीवन मिल गया। चलती ट्रेन से गिरकर खून से लथपथ और बेसुध पड़ी महिला के लिए स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और एक डॉक्टर की सूझबूझ वरदान बन गई। क्या है पूरा मामला? बुधवार देर रात नाहर कंपनी के पास रेलवे ट्रैक पर एक खौफनाक हादसा हुआ। चलती ट्रेन से अचानक एक महिला नीचे गिर गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक किनारे बेसुध पड़ गई। रात के अंधेरे और सुनसान इलाके में महिला तड़पती रही, लेकिन किस्मत से वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। 108 एम्बुलेंस और अस्पताल टीम की मुस्तैदी ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत 108 एम्बुलेंस को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान अवस्था में पड़ी महिला को तत्काल मंडीदीप के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर की सूझबूझ से मिली पहचान अस्पताल में नाईट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आयुष तिवारी ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत महिला का इमरजेंसी इलाज शुरू किया। महिला पूरी तरह बेसुध थी और उसके पास पहचान का कोई सीधा जरिया नहीं था। इलाज के साथ-साथ डॉक्टर तिवारी ने मानवता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला के पास मिले पर्स की जांच की। पर्स में रखे एक पुराने पर्चे पर एक आशा कार्यकर्ता का मोबाइल नंबर दर्ज था। डॉक्टर ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क साधा और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए महिला की पहचान जुटा ली। स्वास्थ्य में सुधार, परिजनों को मिली सूचना महिला की पहचान: अर्चना, पत्नी त्रिपाल ठाकुर (निवासी- पिपरिया)। वर्तमान स्थिति: मंडीदीप सिविल अस्पताल में महिला का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने से अब उनकी हालत खतरे से बाहर है और सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। परिजनों से संपर्क: घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जो अस्पताल के लिए रवाना हो चुके हैं। ग्रामीणों की इंसानियत, एम्बुलेंस टीम की तेजी और डॉक्टर आयुष तिवारी की इस सजगता की पूरे मंडीदीप शहर में जमकर सराहना हो रही है।4