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खड़कागांव में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी ने किया ग्रामीण स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27' का भव्य शुभारंभ उद्घाटन नारायणपुर : एडका जिला पंचायत क्षेत्र के ग्राम खड़कागांव में 'ग्रामीण स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27' का भव्य शुभारंभ हुआ। 11 दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री संतनाथ उसेंडी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री संतनाथ उसेंडी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों के युवाओं में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे लाने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है। खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी संचार करता है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। रोमांचक उद्घाटन मैच में बंडापाल की जीत: प्रतियोगिता का पहला मुकाबला बंडापाल और चिपरेल की टीमों के बीच खेला गया। बेहद कड़े और रोमांचक मैच में बंडापाल की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए चिपरेल पर 1-0 से जीत दर्ज कर विजयी आगाज़ किया। मुकाबले के दौरान दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर गजब का तालमेल और उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।

23 hrs ago
user_Santnath usendi
Santnath usendi
फारसगाँव, नारायणपुर, छत्तीसगढ़•
23 hrs ago
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खड़कागांव में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी ने किया ग्रामीण स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27' का भव्य शुभारंभ उद्घाटन नारायणपुर : एडका जिला पंचायत क्षेत्र के ग्राम खड़कागांव में 'ग्रामीण स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27' का भव्य शुभारंभ हुआ। 11 दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री संतनाथ उसेंडी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री संतनाथ उसेंडी

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ने कहा कि ग्रामीण अंचलों के युवाओं में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे लाने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है। खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी संचार करता है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। रोमांचक उद्घाटन

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मैच में बंडापाल की जीत: प्रतियोगिता का पहला मुकाबला बंडापाल और चिपरेल की टीमों के बीच खेला गया। बेहद कड़े और रोमांचक मैच में बंडापाल की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए चिपरेल पर 1-0 से जीत दर्ज कर विजयी आगाज़ किया। मुकाबले के दौरान दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर गजब का तालमेल और उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।

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  • कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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    कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग
कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा फरसगांव :- आज गणेश चतुर्थी पर्व में नगर फरसगांव के मुख्य चौक-चौराहों के साथ नगर हर गली मुहल्लो में गणपति बप्पा छोटे-बड़े आकार में विराजमान हुए । गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर गली-गली में लोगों के मन में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, साथ ही नगर भक्तिमय होता जा रहा है सुबह से ही लोग पुजा अर्चना में व्यस्त हैं। इसी तरह नगर में जगह जगह छोटे बड़े पंडालों, घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की गई। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नगर के गांधी चौक, जनपद स्कूल मैदान और बाजपाई कॉलोनी में गणेशोत्सव समितियो ने बड़े आकार के भगवान गणेश की मूर्ति का स्थापना किया गया है । इसी तरह राँधना रोड पर गप्पू बाफना के द्वारा दुकान में गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। सीटीओ कॉलोनी में कॉलोनी वासियों के द्वारा के साथ नगर के कई घरों में भगवान गणेश की मूर्ती छोटे बड़े आकारों में स्थापना कि गई है । अलग अलग गणेशोत्सव समिति के सदस्यों ने बताया की 11 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जैसे रामायण, डीजे डांस कम्पिटिशन, छत्तीसगढ़ी नाच, ओर्केस्ट्रा, जगराता, झांकी , बच्चों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिता के साथ साथ अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा ।
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    फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा
फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा
फरसगांव :- आज गणेश चतुर्थी पर्व में नगर फरसगांव के मुख्य चौक-चौराहों के साथ नगर हर गली मुहल्लो में गणपति बप्पा छोटे-बड़े आकार में विराजमान हुए । गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर गली-गली में लोगों के मन में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, साथ ही नगर भक्तिमय होता जा रहा है सुबह से ही लोग पुजा अर्चना में व्यस्त हैं।
इसी तरह नगर में जगह जगह छोटे बड़े पंडालों, घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की गई।  हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नगर के गांधी चौक, जनपद स्कूल मैदान और बाजपाई कॉलोनी में गणेशोत्सव समितियो ने बड़े आकार के भगवान गणेश की मूर्ति का स्थापना किया गया है ।   इसी तरह राँधना रोड पर गप्पू बाफना के द्वारा दुकान में गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। सीटीओ कॉलोनी में कॉलोनी वासियों के द्वारा के साथ नगर के कई घरों में भगवान गणेश की मूर्ती छोटे बड़े आकारों में स्थापना कि गई है ।  अलग अलग गणेशोत्सव समिति के सदस्यों ने बताया की 11 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जैसे रामायण, डीजे डांस कम्पिटिशन, छत्तीसगढ़ी नाच, ओर्केस्ट्रा, जगराता, झांकी , बच्चों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिता के साथ साथ अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा ।
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा 15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की। 6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था। कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।
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    लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा
15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की।
6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था।
कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    52 min ago
  • गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर कांकेर। सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ। दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं। दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा। भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं। विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।
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    गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर
निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल
गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर
कांकेर।  सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ।
दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई।
कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत
छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं।
दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा।
भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन
तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं।
विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं।
सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन
गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।
    user_Tokeshwar sahu
    Tokeshwar sahu
    Local News Reporter कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
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    नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
    user_Punit markam
    Punit markam
    Voice of people भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना.... दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।
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    नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना....
दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।
    user_Kamlesh singh thakur
    Kamlesh singh thakur
    दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • भेजामैदानी मे सामूहिक रूप से मनाया गया तीज महोत्सव, 1 हजार महिलाओ को खिलाया गया करुभात हरतालिका तीजा पर्व के एक दिन पहले महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से करेला और चावल करू भात खाकर व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है,ऐसे मे यहां भी युवा संगठन और ग्रामवासियों के सहयोग से लगभग 1 हजार महिलाओ को सामूहिक रूप से करुभात खिलाया गया। छत्तीसगढ़ी बोली मे करू का अर्थ कड़वा यानि करेला और भात का अर्थ पके हुए चावल से है। तीजा के निर्जला उपवास को शुरू करने से पहले महिलाएं कड़वा भोजन खाकर जीवन के कड़वे अनुभवों को स्वीकारने और व्रत का संकल्प लेती है। यह आयोजन तीजा पोला मिलन समारोह के रूप मे भी मनाया जाता है, जिससे महिलाओ मे आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ता है। महिलाओं ने बताया कि तीज महोत्सव मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन को समर्पित है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए बिना अन्न जल ग्रहण किए निर्जला व्रत रखती है।
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    भेजामैदानी मे सामूहिक रूप से मनाया गया तीज महोत्सव,  1 हजार महिलाओ को खिलाया गया करुभात 
हरतालिका तीजा पर्व के एक दिन पहले महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से करेला और चावल करू भात खाकर व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है,ऐसे मे यहां भी युवा संगठन और ग्रामवासियों के सहयोग से लगभग 1 हजार महिलाओ को सामूहिक रूप से करुभात खिलाया गया। छत्तीसगढ़ी बोली मे करू का अर्थ कड़वा यानि करेला और भात का अर्थ पके हुए चावल से है। तीजा के निर्जला उपवास को शुरू करने से पहले महिलाएं कड़वा भोजन खाकर जीवन के कड़वे अनुभवों को स्वीकारने और व्रत का संकल्प लेती है। यह आयोजन तीजा पोला मिलन समारोह के रूप मे भी मनाया जाता है, जिससे महिलाओ मे आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ता है। महिलाओं ने बताया कि तीज महोत्सव मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन को समर्पित है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए बिना अन्न जल ग्रहण किए निर्जला व्रत रखती है।
    user_खोमेश्वर गुरुपंच
    खोमेश्वर गुरुपंच
    Voice of people गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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    बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल
ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई।
पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
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