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दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज़ नेटवर्क एजेंसी ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट दिल्ली/ लखनऊ: अपडेट न्यूज़ कानपुर आज दिनांक 22.09.2026 को प्रातः लगभग 09:00 बजे मकनपुर रोड पर एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुँची। मृतक की पहचान राजकिशोर उर्फ राजू, निवासी देववा गांव, उम्र लगभग 45 वर्ष के रूप में हुई है, जो बिल्हौर में पिछले करीब 20–22 वर्षों से कॉस्मेटिक की दुकान संचालित करते थे। मौके से मृतक की साइकिल तथा शव के पास ही सिर भी बरामद हुआ है। पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा रहा है। फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं तथा सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी ।*

19 hrs ago
user_Love Kush Press
Love Kush Press
Graphic designer मोहनलालगंज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago
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दिल्ली/ लखनऊ: शुरू लोकल न्यूज़ नेटवर्क एजेंसी ऑल इंडिया उत्तर प्रदेश स्टेट मुख्यालय प्रमुख हेड संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट दिल्ली/ लखनऊ: अपडेट न्यूज़ कानपुर आज दिनांक 22.09.2026 को प्रातः लगभग 09:00 बजे मकनपुर रोड पर एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल पुलिस मौके

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पर पहुँची। मृतक की पहचान राजकिशोर उर्फ राजू, निवासी देववा गांव, उम्र लगभग 45 वर्ष के रूप में हुई है, जो बिल्हौर में पिछले करीब 20–22 वर्षों से कॉस्मेटिक की दुकान संचालित करते थे। मौके से मृतक की साइकिल तथा शव के पास ही सिर भी बरामद हुआ है। पंचायतनामा की कार्रवाई

कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा रहा है। फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं तथा सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। *बाइट- पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी ।*

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  • पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी थानेदार से शिकायत के बाद नहीं सुनी गुहार. वाराणसी में पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी थानेदार से शिकायत के बाद नहीं सुनी गुहार. दर्जनों पत्रकार थाने के बाहर धरने पर बैठे. थाने के बाहर अर्ध नग्न होकर किया प्रदर्शन. मौके पर पहुंचे सपा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल. जिले के लालपुर पांडेपुर थाना क्षेत्र का मामला....
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    पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी
थानेदार से शिकायत के बाद नहीं सुनी गुहार. 
वाराणसी में पत्रकार से पुलिसकर्मी ने किया बदसलूकी. शिकायत को पहुंचे पत्रकारों से थाने पर की गई बत्तमीजी
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थाने के बाहर अर्ध नग्न होकर किया प्रदर्शन. 
मौके पर पहुंचे सपा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल. 
जिले के लालपुर पांडेपुर थाना क्षेत्र का मामला....
    user_Uma prakash
    Uma prakash
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • "आने वाले समय में जनता अपने मतदान से इस सरकार को हमेशा हमेशा के लिए बुलडोज कर देगी : अखिलेश यादव
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    "आने वाले समय में जनता अपने मतदान से इस सरकार को हमेशा हमेशा के लिए बुलडोज कर देगी : अखिलेश यादव
    user_Brijesh kumar
    Brijesh kumar
    पत्रकार सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ​​ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। लखनऊ समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ​​ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। आज बहन और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। जनता भयभीत है। हम लगातार मांग कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 20 अपराधियों के नाम घोषित करे जिससे पता चल जाएगा कि वे सभी भाजपा के नेता हैं..."
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    समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ​​ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। 
लखनऊ
समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ​​ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। प्रदेश में अपराधी भयमुक्त हो गए हैं। आज बहन और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। जनता भयभीत है। हम लगातार मांग कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 20 अपराधियों के नाम घोषित करे जिससे पता चल जाएगा कि वे सभी भाजपा के नेता हैं..."
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • क्या ये नियम क़ानून सही है?क्या यह नियम सही है अगर यही गाड़ी आप नागरिक की होती तो क्या है यह लखनऊ है आखिर आम आदमी को कब तक सताया जाएगा यह बस कितना दुआ दे रही है यह आप लोगों को दिख ही रहा होगा क्या यह नियम सही है अगर यही गाड़ी आप नागरिक की होती तो क्या है यह लखनऊ है आखिर आम आदमी को कब तक सताया जाएगा यह बस कितना दुआ दे रही है यह आप लोगों को दिख ही रहा होगा
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    क्या ये नियम क़ानून सही है?क्या यह नियम सही है अगर यही गाड़ी आप नागरिक की होती तो क्या है यह लखनऊ है आखिर आम आदमी को कब तक सताया जाएगा यह बस कितना दुआ दे रही है यह आप लोगों को दिख ही रहा होगा
क्या यह नियम सही है अगर यही गाड़ी आप नागरिक की होती तो क्या है यह लखनऊ है आखिर आम आदमी को कब तक सताया जाएगा यह बस कितना दुआ दे रही है यह आप लोगों को दिख ही रहा होगा
    user_Tillu Katiya
    Tillu Katiya
    Taxi Driver सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by VIKRAM Singh
    1
    Post by VIKRAM Singh
    user_VIKRAM Singh
    VIKRAM Singh
    रिपोर्टर सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
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    गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,।
चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।।

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 1

चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया,
तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।।
हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया,
मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।।

पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम,
सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।।

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 2
तेरी बातों में जैसे मधुर राग है,
तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है।
तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें,
तेरे आने से मन के दीपक जलें।

मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम,
मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 3
कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है,
कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है।
तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ,
तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ।

मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम,
मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 4 — विरह
दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें,
तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें।
चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी,
मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी।

आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम,
याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

समापन
प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है,
दो दिलों के मिलने का विश्वास है।
जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में,
वही सबसे खूबसूरत राज़ है।

मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम,
सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹

लेखिका कवयित्री 
सोनी शुक्ला क्रांति 
लखनऊ उत्तर प्रदेश
गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,।
चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 1
चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया,
तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।।
हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया,
मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।।
पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम,
सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 2
तेरी बातों में जैसे मधुर राग है,
तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है।
तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें,
तेरे आने से मन के दीपक जलें।
मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम,
मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 3
कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है,
कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है।
तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ,
तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ।
मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम,
मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 4 — विरह
दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें,
तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें।
चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी,
मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी।
आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम,
याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
समापन
प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है,
दो दिलों के मिलने का विश्वास है।
जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में,
वही सबसे खूबसूरत राज़ है।
मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम,
सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹
लेखिका कवयित्री 
सोनी शुक्ला क्रांति 
लखनऊ उत्तर प्रदेश
    user_Soni Shukla Kranti Lucknow
    Soni Shukla Kranti Lucknow
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹 नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,। चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 1 चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया, तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।। हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया, मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।। पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम, सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 2 तेरी बातों में जैसे मधुर राग है, तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है। तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें, तेरे आने से मन के दीपक जलें। मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम, मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 3 कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है, कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है। तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ, तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ। मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम, मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ अंतरा 4 — विरह दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें, तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें। चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी, मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी। आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम, याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम। नयनों में बस गए तुम, दिल में उतर गए तुम...॥ समापन प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है, दो दिलों के मिलने का विश्वास है। जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में, वही सबसे खूबसूरत राज़ है। मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम, सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम। नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹 लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
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    गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,।
चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।।

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 1

चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया,
तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।।
हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया,
मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।।

पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम,
सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।।

नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 2
तेरी बातों में जैसे मधुर राग है,
तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है।
तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें,
तेरे आने से मन के दीपक जलें।

मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम,
मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 3
कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है,
कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है।
तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ,
तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ।

मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम,
मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

अंतरा 4 — विरह
दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें,
तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें।
चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी,
मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी।

आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम,
याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥

समापन
प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है,
दो दिलों के मिलने का विश्वास है।
जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में,
वही सबसे खूबसूरत राज़ है।

मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम,
सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹

लेखिका कवयित्री 
सोनी शुक्ला क्रांति 
लखनऊ उत्तर प्रदेश
गीत :🌹 नयनों में बस गए तुम 🌹
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम,।
चुपके से मेरी धड़कन बनकर सँवर गए तुम।।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 1
चाँदनी रात थी, चाँद भी शरमा गया,
तेरी मुस्कान से मौसम भी मुस्का गया।।
हवा ने छूकर जब तेरा नाम लिया,
मन ने फिर प्रेम का पैगाम लिया।।
पलकों की छाँव में सपने सजा गए तुम,
सूने से इस हृदय में रंग भर गए तुम।।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 2
तेरी बातों में जैसे मधुर राग है,
तेरे साथ ही जीवन का अनुराग है।
तेरी आहट सुनूँ तो बहारें खिलें,
तेरे आने से मन के दीपक जलें।
मेरी हर साँस में बनकर प्यार गए तुम,
मेरे अधरों की मीठी पुकार गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 3
कभी रूठो तो मनाने को जी चाहता है,
कभी देखूँ तो निहारने को जी चाहता है।
तेरी खामोशी भी कहती है कुछ-कुछ,
तेरे संग हर पल लगे प्यारा-प्यारा कुछ।
मेरी धड़कन की धुन में समा गए तुम,
मेरी दुनिया की सबसे हसीं दुआ गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
अंतरा 4 — विरह
दूर हो तुम तो रातें भी लंबी लगें,
तेरी यादों की बारिश में पल-पल भीगें।
चाँद पूछे कि उदास क्यों है चाँदनी,
मैं कहूँ—बिन तुम्हारे अधूरी है ज़िंदगी।
आँखों में बनकर नमी ठहर गए तुम,
याद बनकर भी दिल में उतर गए तुम।
नयनों में बस गए तुम,
दिल में उतर गए तुम...॥
समापन
प्रेम कोई शब्द नहीं, एक एहसास है,
दो दिलों के मिलने का विश्वास है।
जिसे दुनिया से छुपाकर रखा दिल में,
वही सबसे खूबसूरत राज़ है।
मेरी कविता की हर पंक्ति का श्रृंगार हो तुम,
सोनी के गीतों में बसा प्यार हो तुम।
नयनों में बस गए तुम,दिल में उतर गए तुम...॥ 🌹
लेखिका कवयित्री 
सोनी शुक्ला क्रांति 
लखनऊ उत्तर प्रदेश
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी,ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी लखनऊ लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी!! ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी!! ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत नए साइबर अपराधों का लगातार विश्लेषण!! साइबर अपराधी नए तरीकों से आमजन को बना रहे आर्थिक ठगी का शिकार!! WhatsApp पर बैंकिंग फ्रॉड का नया तरीका सामने आया!! बैंक के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर ठगी की कोशिश!! फर्जी मैसेज में खाते से बड़ी रकम डेबिट होने का किया जा रहा दावा!! संदिग्ध YES/NO मैसेज भेजकर लोगों को तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उकसाया जा रहा!! WhatsApp पर आए संदिग्ध मैसेज का कोई जवाब न दें- लखनऊ पुलिस!! अनजान लिंक, APK, फाइल या अटैचमेंट को Open/Download न करें!! बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जानकारी Official Banking App/Website से ही करें Verify, साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें सतर्क रहें सुरक्षित रहें!!
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    लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी,ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी
लखनऊ
लखनऊ क्राइम ब्रांच का साइबर अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान जारी!!
ADCP Crime IPS किरन यादव ने साइबर फ्रॉड को लेकर दी अहम जानकारी!!
ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत नए साइबर अपराधों का लगातार विश्लेषण!!
साइबर अपराधी नए तरीकों से आमजन को बना रहे आर्थिक ठगी का शिकार!!
WhatsApp पर बैंकिंग फ्रॉड का नया तरीका सामने आया!!
बैंक के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर ठगी की कोशिश!!
फर्जी मैसेज में खाते से बड़ी रकम डेबिट होने का किया जा रहा दावा!!
संदिग्ध YES/NO मैसेज भेजकर लोगों को तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उकसाया जा रहा!!
WhatsApp पर आए संदिग्ध मैसेज का कोई जवाब न दें- लखनऊ पुलिस!!
अनजान लिंक, APK, फाइल या अटैचमेंट को Open/Download न करें!!
बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जानकारी Official Banking App/Website से ही करें Verify,
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें सतर्क रहें सुरक्षित रहें!!
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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