फरीदकोट में 5 अगस्त से किसानों का पक्का मोर्चा, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर धरना लगाने का ऐलान सरकार के साथ किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पंजाबभर की इकाइयों से तैयारियां तेज करने का किया आह्वान फरीदकोट, 1 अगस्त। भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 5 अगस्त से फरीदकोट जिले के गांव संधवां स्थित पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान किया है। किसान संगठनों और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार देर शाम हुई बैठक में मांगों को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद किसान संगठनों ने आंदोलन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बैठक के बाद कहा कि सरकार के साथ बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन बैठक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद उन्होंने पंजाबभर की जिला इकाइयों से 5 अगस्त के कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज करने तथा किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित गांव संधवां पहुंचने का आह्वान किया। शंभू-खनौरी आंदोलन के नुकसान का मुआवजा मुख्य मांग किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में शंभू और खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है। इसके अलावा कृषि कर्ज के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू करने की मांग भी उठाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को एकमुश्त समाधान उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। खाली चेक लेने और कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया किसान संगठनों ने किसानों से कर्ज के समय लिए जाने वाले खाली अथवा हस्ताक्षरित चेकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। किसान नेताओं का तर्क है कि जब कर्ज के बदले किसानों की जमीन या अन्य संपत्ति गिरवी रखी जाती है तो अतिरिक्त रूप से खाली चेक लेना उचित नहीं है। किसान संगठनों का आरोप है कि कुछ मामलों में इन चेकों के कथित दुरुपयोग के कारण किसानों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि संबंधित जांच या सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही हो सकती है। फरीदकोट में बैंक के बाहर लंबे समय से धरना किसान संगठनों के अनुसार फरीदकोट में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर 30 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया, कृषि कर्ज और खाली चेकों से संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। किसान संगठनों ने दावा किया है कि पंजाब के करीब 12 जिलों में भी विभिन्न बैंकों के बाहर किसानों द्वारा धरने दिए जा रहे हैं। इन संगठनों की ओर से संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाओं की जांच और किसानों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की जा रही है। सरकार के साथ बातचीत के बाद फिर आंदोलन का ऐलान किसान संगठनों के मुताबिक सरकार की ओर से बातचीत का निमंत्रण मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन को कुछ समय के लिए रोककर वार्ता का रास्ता अपनाया गया था। शुक्रवार को हुई बैठक में किसानों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसान संगठनों ने 5 अगस्त से संधवां में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा कर दी है। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात की चुनौती यदि पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ संधवां पहुंचते हैं, तो प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी होगी। ऐसे में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच समन्वय तथा आम लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार के सामने फिर बातचीत का रास्ता मौजूदा घटनाक्रम में सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। किसानों की मांगों पर समयबद्ध निर्णय, बैंकिंग संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कर्ज समाधान को लेकर स्पष्ट नीति बनाने से विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का रास्ता निकल सकता है। वहीं किसान संगठनों के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन के दौरान आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग किया जाए। 5 अगस्त से प्रस्तावित पक्का मोर्चा अब सरकार और किसान संगठनों के बीच संवाद की अगली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार किसानों को दोबारा बातचीत के लिए बुलाती है या नहीं और क्या दोनों पक्ष किसी लिखित अथवा ठोस समाधान पर पहुंच पाते हैं।
फरीदकोट में 5 अगस्त से किसानों का पक्का मोर्चा, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर धरना लगाने का ऐलान सरकार के साथ किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पंजाबभर की इकाइयों से तैयारियां तेज करने का किया आह्वान फरीदकोट, 1 अगस्त। भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 5 अगस्त से फरीदकोट जिले के गांव संधवां स्थित पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान किया है। किसान संगठनों और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार देर शाम हुई बैठक में मांगों को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद किसान संगठनों ने आंदोलन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बैठक के बाद कहा कि सरकार के साथ बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन बैठक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद उन्होंने पंजाबभर की जिला इकाइयों से 5 अगस्त के कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज करने तथा किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित गांव संधवां पहुंचने का आह्वान किया। शंभू-खनौरी आंदोलन के नुकसान का मुआवजा मुख्य मांग किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में शंभू और खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है। इसके अलावा कृषि कर्ज के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू करने की मांग भी उठाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को एकमुश्त समाधान उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। खाली चेक लेने और कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया किसान संगठनों ने किसानों से कर्ज के समय लिए जाने वाले खाली अथवा हस्ताक्षरित चेकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। किसान नेताओं का तर्क है कि जब कर्ज के बदले किसानों की जमीन या अन्य संपत्ति गिरवी रखी जाती है तो अतिरिक्त रूप से खाली चेक लेना उचित नहीं है। किसान संगठनों का आरोप है कि कुछ मामलों में इन चेकों के कथित दुरुपयोग के कारण किसानों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि संबंधित जांच या सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही हो सकती है। फरीदकोट में बैंक के बाहर लंबे समय से धरना किसान संगठनों के अनुसार फरीदकोट में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर 30 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया, कृषि कर्ज और खाली चेकों से संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। किसान संगठनों ने दावा किया है कि पंजाब के करीब 12 जिलों में भी विभिन्न बैंकों के बाहर किसानों द्वारा धरने दिए जा रहे हैं। इन संगठनों की ओर से संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाओं की जांच और किसानों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की जा रही है। सरकार के साथ बातचीत के बाद फिर आंदोलन का ऐलान किसान संगठनों के मुताबिक सरकार की ओर से बातचीत का निमंत्रण मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन को कुछ समय के लिए रोककर वार्ता का रास्ता अपनाया गया था। शुक्रवार को हुई बैठक में किसानों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसान संगठनों ने 5 अगस्त से संधवां में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा कर दी है। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात की चुनौती यदि पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ संधवां पहुंचते हैं, तो प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी होगी। ऐसे में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच समन्वय तथा आम लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार के सामने फिर बातचीत का रास्ता मौजूदा घटनाक्रम में सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। किसानों की मांगों पर समयबद्ध निर्णय, बैंकिंग संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कर्ज समाधान को लेकर स्पष्ट नीति बनाने से विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का रास्ता निकल सकता है। वहीं किसान संगठनों के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन के दौरान आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग किया जाए। 5 अगस्त से प्रस्तावित पक्का मोर्चा अब सरकार और किसान संगठनों के बीच संवाद की अगली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार किसानों को दोबारा बातचीत के लिए बुलाती है या नहीं और क्या दोनों पक्ष किसी लिखित अथवा ठोस समाधान पर पहुंच पाते हैं।
- फरीदकोट में 5 अगस्त से किसानों का पक्का मोर्चा, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर धरना लगाने का ऐलान सरकार के साथ किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पंजाबभर की इकाइयों से तैयारियां तेज करने का किया आह्वान फरीदकोट, 1 अगस्त। भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने 5 अगस्त से फरीदकोट जिले के गांव संधवां स्थित पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान किया है। किसान संगठनों और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार देर शाम हुई बैठक में मांगों को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद किसान संगठनों ने आंदोलन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बैठक के बाद कहा कि सरकार के साथ बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन बैठक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद उन्होंने पंजाबभर की जिला इकाइयों से 5 अगस्त के कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज करने तथा किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित गांव संधवां पहुंचने का आह्वान किया। शंभू-खनौरी आंदोलन के नुकसान का मुआवजा मुख्य मांग किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में शंभू और खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है। इसके अलावा कृषि कर्ज के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस योजना लागू करने की मांग भी उठाई गई है। किसान नेताओं का कहना है कि कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को एकमुश्त समाधान उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। खाली चेक लेने और कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया किसान संगठनों ने किसानों से कर्ज के समय लिए जाने वाले खाली अथवा हस्ताक्षरित चेकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। किसान नेताओं का तर्क है कि जब कर्ज के बदले किसानों की जमीन या अन्य संपत्ति गिरवी रखी जाती है तो अतिरिक्त रूप से खाली चेक लेना उचित नहीं है। किसान संगठनों का आरोप है कि कुछ मामलों में इन चेकों के कथित दुरुपयोग के कारण किसानों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र और अंतिम पुष्टि संबंधित जांच या सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही हो सकती है। फरीदकोट में बैंक के बाहर लंबे समय से धरना किसान संगठनों के अनुसार फरीदकोट में लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर 30 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया, कृषि कर्ज और खाली चेकों से संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। किसान संगठनों ने दावा किया है कि पंजाब के करीब 12 जिलों में भी विभिन्न बैंकों के बाहर किसानों द्वारा धरने दिए जा रहे हैं। इन संगठनों की ओर से संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाओं की जांच और किसानों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की जा रही है। सरकार के साथ बातचीत के बाद फिर आंदोलन का ऐलान किसान संगठनों के मुताबिक सरकार की ओर से बातचीत का निमंत्रण मिलने के बाद प्रस्तावित आंदोलन को कुछ समय के लिए रोककर वार्ता का रास्ता अपनाया गया था। शुक्रवार को हुई बैठक में किसानों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसान संगठनों ने 5 अगस्त से संधवां में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा कर दी है। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था और यातायात की चुनौती यदि पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ संधवां पहुंचते हैं, तो प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी होगी। ऐसे में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच समन्वय तथा आम लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार के सामने फिर बातचीत का रास्ता मौजूदा घटनाक्रम में सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। किसानों की मांगों पर समयबद्ध निर्णय, बैंकिंग संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कर्ज समाधान को लेकर स्पष्ट नीति बनाने से विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का रास्ता निकल सकता है। वहीं किसान संगठनों के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन के दौरान आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग किया जाए। 5 अगस्त से प्रस्तावित पक्का मोर्चा अब सरकार और किसान संगठनों के बीच संवाद की अगली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार किसानों को दोबारा बातचीत के लिए बुलाती है या नहीं और क्या दोनों पक्ष किसी लिखित अथवा ठोस समाधान पर पहुंच पाते हैं।1
- ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਜਦੋਂ ਲੱਗੇ ਨਾਅਰੇ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਦੇ ਤਾਂ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਬੋਲੇ ਕੀ ਪਰੋਬਲਮ ਹੈ ਬਈ ! ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਜਦੋਂ ਲੱਗੇ ਨਾਅਰੇ ਚਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੰਨੀ ਦੇ ਤਾਂ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਬੋਲੇ ਕੀ ਪਰੋਬਲਮ ਹੈ ਬਈ ! #RajaWarring #CharanjitSinghChanni #PunjabCongress #PunjabPolitics #Congress #PoliticalNews #BreakingNews #ViralVideo #PunjabNews #LatestNews #PoliticalUpdate #GlobalKhabarnamaa #PunjabiNews #TrendingNow #NewsUpdate1
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- ਕਪੂਰਥਲਾ ਦੀ ਟਰੈਫਿਕ ਵਿਵਸਥਾ ਚਰਮਰਾਈ, ਹਰ ਜਗ੍ਹਾ ਜਾਮ ,ਭੀੜ ਭੜਕਾ ,ਲੋਕ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਕਪੂਰਥਲਾ ਸ਼ਹਿਰ ਚ ਟਰੈਫਿਕ ਸਮੱਸਿਆ ਵਿਕਰਾਲ ਰੂਪ ਧਾਰਨ ਕਰ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਹੈ ਪਾਸੇ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਟਰੈਫਿਕ ਜਾਮ ਨੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਖਾਸਾ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਹੈਰਾਨੀ ਯੋਗ ਗੱਲ ਹੈ ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਮੁਲਾਜ਼ਿਮ ਇਨ੍ਹਾਂ ਜਾਮ ਵਿਚ ਕਿਤੇ ਨਹੀਂ ਦਿਖਦੇ ਸਗੋ ਲੋਕ ਹੀ ਖੁਦ ਜਾਮ ਨੂੰ ਕਲੀਅਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤਾਜ਼ਾ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਅੱਜ ਸ਼ਨੀਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਸ਼ਾਲੀਮਾਰ ਬਾਗ਼ ਦੇ ਬਾਹਰ ਘੰਟੇ ਬਦੀ ਟਰੈਫਿਕ ਜਾਮ ਲਗਾ ਰਿਹਾ ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਟਰੈਫਿਕ ਮੁਲਾਜ਼ਿਮ ਨਾ ਪੁੱਜਿਆ ਤੇ ਕੁਝ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਹਿੰਮਤ ਕਰਕੇ ਸਾਰਾ ਜਾਮ ਕਲੀਅਰ ਕਰਵਾਇਆ ਜੋਂ ਅਸੀਂ ਕੈਮਰੇ ਚ ਵੀਡਿਓ ਬਣਾਕੇ ਤਹਾਨੂੰ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਹੈ ਪੁਰਾਣੀ ਸਬਜ਼ੀ ਮੰਡੀ,ਸਦਰ ਬਾਜ਼ਾਰ,ਘੰਟਾ ਘਰ ਚੌਂਕ,ਸਤ ਨਰਾਇਣ ਬਾਜ਼ਾਰ, ਮਾਲ ਰੋਡ ਇਹ ਸਾਰਾ ਇਲਾਕਾ ਟਰੈਫਿਕ ਜਾਮ ਦੀ ਭੇਂਟ ਚੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਪੰਜ ਮੰਦਿਰ ਦਾ ਇਲਾਕਾ ਨੋ ਪਾਰਕਿੰਗ ਜ਼ੋਨ ਹੈ ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਓਥੇ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਪਾਰਕਿੰਗ ਲੱਗੀ ਹੋਈ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲਗ ਰਿਹਾ ਸਾਰੀ ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਸੁੱਤੀ ਪਈ ਹੈ1
- ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਹਲਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਫਰੀਦਕੋਟ ਸ੍ਰ ਗੁਰਦਿੱਤ ਸਿੰਘ ਸੇਖੋਂ ਦਾ ਵੱਡਾ ਬਿਆਨ ਆਇਆ ਸਾਹਮਣੇ, #everyone #highlight #today #news #public #latest news #Faridkot news #video #reel #update #breaking news1
- ਬਦਮਾਸ਼ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵਿਚਾਲੇ ਚਲੀਆਂ ਆਮੋ ਸਾਹਮਣੇ ਗੋਲੀਆਂ ਜਿੱਥੇ ਕਿ ਬਦਮਾਸ਼ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਭੱਜਣ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਫਰਾਰ ਜਿੱਥੇ ਕਿ SSP ਸੁਰੇਦਰ ਲਾਂਬਾ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਕਰ ਰਹੇ ਨੇ ਜਾਂਚ ਮਾਮਲੇ ਦੀ1