चेहराकलां के शेखपुरा कटहरा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के शेखपुरा कटहरा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्वास्थ्यकर्मियों की कथित लापरवाही और अस्पताल के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायतों के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कभी मरीजों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र आज बदइंतजामी का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विडंबना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित स्वास्थ्य केंद्र ही अपनी बदहाली के कारण सवालों के घेरे में है। अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, ओपीडी संचालन और मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों के बावजूद व्यवस्था सुधारने की पहल नहीं हो रही है? युवा जदयू के पूर्व वैशाली जिलाध्यक्ष हिमाचल कुमार, जदयू चेहराकलां प्रखंड अध्यक्ष उमेश भक्त, विशुनपुर अड़रा मुखिया पम्पी कुमारी, उपमुखिया देव प्रसाद यादव, पैक्स अध्यक्ष मनोज कुमार, सरपंच रिंकु देवी, समाजसेवी पवन कुमार चौरसिया स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराते हुए स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
चेहराकलां के शेखपुरा कटहरा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के शेखपुरा कटहरा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्वास्थ्यकर्मियों की कथित लापरवाही और अस्पताल के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायतों के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कभी मरीजों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र आज बदइंतजामी का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विडंबना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित स्वास्थ्य केंद्र ही अपनी बदहाली के कारण सवालों के घेरे में है। अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, ओपीडी संचालन और मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों के बावजूद व्यवस्था सुधारने की पहल नहीं हो रही है? युवा जदयू के पूर्व वैशाली जिलाध्यक्ष हिमाचल कुमार, जदयू चेहराकलां प्रखंड अध्यक्ष उमेश भक्त, विशुनपुर अड़रा मुखिया पम्पी कुमारी, उपमुखिया देव प्रसाद यादव, पैक्स अध्यक्ष मनोज कुमार, सरपंच रिंकु देवी, समाजसेवी पवन कुमार चौरसिया स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराते हुए स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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- निर्दलीय MLC के भाजपा में शामिल होने पर बिहार में सियासी घमासान! निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद भाजपा की सदस्यता लेने वाले दो विधान परिषद सदस्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। RJD ने संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है। ⚖️ क्या निर्दलीय MLC का पार्टी में शामिल होना दल-बदल कानून के दायरे में आएगा? अब सबकी नजर विधान परिषद के सभापति के फैसले पर है। आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं। पूरी खबर के लिए जुड़े रहें। 📰 सत्यम ग्राम न्यूज़ सच्ची निष्पक्ष – ग्राम की खबर सबसे पहले!1
- चेहराकलां के शेखपुरा कटहरा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल प्रणव कुमार हरपुरी, संपादक, H2H News, पटना (बिहार) : वैशाली जिले के चेहराकलां प्रखंड क्षेत्र के शेखपुरा कटहरा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्वास्थ्यकर्मियों की कथित लापरवाही और अस्पताल के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायतों के कारण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कभी मरीजों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र आज बदइंतजामी का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विडंबना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित स्वास्थ्य केंद्र ही अपनी बदहाली के कारण सवालों के घेरे में है। अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, ओपीडी संचालन और मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों के बावजूद व्यवस्था सुधारने की पहल नहीं हो रही है? युवा जदयू के पूर्व वैशाली जिलाध्यक्ष हिमाचल कुमार, जदयू चेहराकलां प्रखंड अध्यक्ष उमेश भक्त, विशुनपुर अड़रा मुखिया पम्पी कुमारी, उपमुखिया देव प्रसाद यादव, पैक्स अध्यक्ष मनोज कुमार, सरपंच रिंकु देवी, समाजसेवी पवन कुमार चौरसिया स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराते हुए स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।1
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- वैशाली थाना परिसर में मनाया गया भारतीय एकता दिवस, सरदार पटेल को किया गया नमन थानाध्यक्ष राजकुमार के नेतृत्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने का लिया गया संकल्प1
- मुजफ्फरपुर: आमगोला के निकट शहनाई बैंक्वेट हाल में अप्पन समाचार पुस्तक के बहाने भारतीय मिडिया सच के कितने पास तथ्य से कितने परे विषय पर एएस फाउंडेशन के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए। मीडिया को आजादी के समय की पत्रकारिता से सीखने की जरूरत : राजेन्द्र - एएस फाउंडेशन के बैनर तले 'भारतीय मीडिया : सच के कितने पास, तथ्य से कितने परे' पर विमर्श आयोजित मुजफ्फरपुर। आजादी के बाद भारतीय मीडिया का समाजशास्त्र समय के साथ बदलता गया। और इसलिए आज मीडिया की निष्पक्षता व निर्भीकता पर प्रश्न उठने लगे हैं। ये बातें इतिहासकार व लेखक डॉ राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहीं। श्री सिंह रविवार को आमगोला स्थित शहनाई बैंक्वेट हॉल में 'अप्पन समाचार' पुस्तक के बहाने "भारतीय मीडिया : सच के कितने पास, तथ्य से कितने परे' विषय पर एएस फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित विमर्श में बोल रहे थे। लेखक व चिंतक डॉ हरिनारायण ठाकुर ने कहा कि मीडिया को अपनी निष्पक्ष भूमिका को कभी भूलना नहीं चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से आज पारंपरिक पत्रकारिता अपने मूल उद्देश्य से विमुख होता हुआ दिख रहा है। उन्होंने अप्पन समाचार के काम की सराहना की। लेखक व संस्कृति अरुण नारायण ने बिहार की पत्रकारिता के इतिहास के आइने में पारंपरिक व वैकल्पिक मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया। दूसरे सत्र में पारंपरिक व वैकल्पिक मीडिया पर पैनल डिस्कशन किया गया, जिसमें पत्रकारिता के हरेक पक्ष पर गहन चर्चा की गयी। पैनलिस्ट डॉ ज्ञान प्रकाश, डॉ राजीव कुमार, भूपाल भारती, अशोक भारती, राजा ठाकुर, अमृतांज इंदीवर और संतोष सारंग से श्रोताओं ने पत्रकारिता की गिरते साख पर सवाल उठाए। इस मौके पर कठपुतली कलाकार सुनील सरला ने कठपुतली शो के जरिए लोकतांत्रिक मीडिया की प्रवृत्ति में आए बदलाव को दिखाया। मंच संचालन डॉ सुशांत कुमार एवं संतोष सारंग ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ हेम नारायण विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ रामेश्वर राय, डॉ ललन भगत, डॉ विष्णुदेव यादव, डॉ अविनाश कुमार, सोनू सरकार, मदन प्रसाद, बैजू कुमार, फुलदेव पटेल, नीरज कुमार, अमरेंद्र कुमार, यशोदा कुमारी पासवान, डॉ रिंकु कुमारी, अनीता कुमारी सिमरन सहनी, मुन्ना कुमार, लालबाबू पटेल, राकेश रंजन आदि मौजूद थे।2
- दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित आंदोलन के समर्थन में समस्तीपुर शहर के स्टेशन चौक स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने धरना-सभा आयोजित की। धरना के माध्यम से कथित वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग उठाई गई। सभा की अध्यक्षता भाकपा , माकपा, भाकपा माले, राजद एवं कांग्रेस के पांच सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की। इसमें सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामप्रीत पासवान, विनोद पासवान, रामसागर पासवान एवं डोमन राय शामिल थे। सभा को शत्रुघ्न राय पंजी, अशोक कुमार, उपेंद्र राय, दीनबंधु प्रसाद, दीपक यदुवंशी, शुशील राय, बच्चा राय, सुधीर कुमार देव, परमानंद मिश्र, अनील प्रसाद, मो० मुन्ना, शत्रुघ्न यादव, अनील कुमार महतो, तिलक सहनी, रामबृक्ष राय, हरिनारायण राय, रामप्रकाश यादव, डा० राम कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, मो० सईद अंसारी, शत्रुघ्न प्रसाद, विश्वनाथ सिंह हजारी, मो० आतीब समेत दर्जनों वक्ताओं ने संबोधित किया। बतौर मुख्य वक्ता सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के जिला सचिव सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना ने वोट चोरी के मुद्दे को लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा सवाल बताते हुए गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आम लोगों के बीच व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।1
- दिवाली को लेकर घर की साफ सफाई करते हुए और आप सबों को इसके लिए जागरुक करते हुए एक दिवाली1