किसान नेताओं ने रीवा जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा,किसानों के लिए गेहूं खरीदी स्लॉट खुलवाने की मांग किसान नेताओं ने रीवा जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा,किसानों के लिए गेहूं खरीदी स्लॉट खुलवाने की मांग *आवारा पशुओं व जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु बाड़ेबंदी का खर्च वहन करे सरकार* *बिजली विभाग की लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई बिजली विभाग से की जाए* *हर माह दो बार कृषि मंडियों में किसानों की जनसुनवाई आयोजित हो* रीवा : किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, प्रदेश सचिव संतकुमार पटेल, रीवा जिला अध्यक्ष फौजी यदुवंश प्रताप सिंह, मऊगंज जिला अध्यक्ष अजय सिंह किसान नेता धर्मेंद्र सिंह गढ़वा तथा जिला सचिव अनिल मिश्रा ने रीवा जिलाधीश नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि रीवा जिले के किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय हेतु स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि जिले के सभी किसानों की समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सुनिश्चित कराई जाए। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि रीवा जिले में आवारा पशुओं एवं जंगली जानवरों द्वारा बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट की जा रही हैं, जबकि किसानों को न तो राजस्व विभाग और न ही फसल बीमा योजना के माध्यम से उचित मुआवजा मिल रहा है। ग्राम पंचायत तिलखन, जनपद पंचायत सिरमौर में किसानों द्वारा निजी स्तर पर की गई बाड़ेबंदी का उल्लेख करते हुए मांग की गई कि इसी मॉडल को पूरे जिले में लागू किया जाए अथवा पंचायतों को अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाए। किसान नेताओं ने बिजली संकट को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि किसानों को घोषित 10 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। बिजली विभाग की लापरवाही से फसलें जल रही हैं, ट्रांसफार्मर एवं केबल समय पर नहीं बदले जा रहे, मोटरें खराब हो रही हैं तथा किसानों से मनमाने बिजली बिल वसूले जा रहे हैं। मांग की गई कि विभागीय लापरवाही से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की बिजली विभाग से की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिस प्रकार प्रत्येक मंगलवार को जिलाधीश कार्यालय में जनसुनवाई होती है, उसी प्रकार प्रत्येक 15 दिन में कृषि मंडियों में किसानों की समस्याओं को लेकर विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाए। जिलाधीश नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि गेहूं स्लॉट की समस्या सर्वर से जुड़ी हुई है। इस पर किसान नेताओं ने कहा कि बैंक और प्रशासन के कार्य तो प्रभावित नहीं होते, केवल किसानों के कार्यों में ही बाधाएं क्यों आती हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी में अड़चनें पैदा कर रही है। बाड़ेबंदी के संबंध में जिलाधीश ने तिलखन मॉडल को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे शीघ्र ही क्षेत्र का दौरा करेंगे तथा आवश्यक कार्यवाही करेंगे। मंडियों में जनसुनवाई और किसान संगठनों से नियमित संवाद के सुझाव पर उन्होंने कहा कि वें एसडीएम से मंडी में जनसुनवाई के लिए बात करेंगे । हर माह किसान संगठनों से संवाद के सुझाव को लेकर जिलाधीश ने कहा कि इस बहाने हमें किसानों से मुलाकात और समस्या जानने का मौका मिलेगा। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो किसान संगठन आंदोलन तेज करेंगे।
किसान नेताओं ने रीवा जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा,किसानों के लिए गेहूं खरीदी स्लॉट खुलवाने की मांग किसान नेताओं ने रीवा जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा,किसानों के लिए गेहूं खरीदी स्लॉट खुलवाने की मांग *आवारा पशुओं व जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु बाड़ेबंदी का खर्च वहन करे सरकार* *बिजली विभाग की लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई बिजली विभाग से की जाए* *हर माह दो बार कृषि मंडियों में किसानों की जनसुनवाई आयोजित हो* रीवा : किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, प्रदेश सचिव संतकुमार पटेल, रीवा जिला अध्यक्ष फौजी यदुवंश प्रताप सिंह, मऊगंज जिला अध्यक्ष अजय सिंह किसान नेता धर्मेंद्र सिंह गढ़वा तथा जिला सचिव अनिल मिश्रा ने रीवा जिलाधीश नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि रीवा जिले के किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय हेतु स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि जिले के सभी किसानों की समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सुनिश्चित कराई जाए। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि रीवा जिले में आवारा पशुओं एवं जंगली जानवरों द्वारा बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट की जा रही हैं, जबकि किसानों को न तो राजस्व विभाग और न ही फसल बीमा योजना के माध्यम से उचित मुआवजा मिल रहा है। ग्राम पंचायत तिलखन, जनपद पंचायत सिरमौर में किसानों द्वारा निजी स्तर पर की गई बाड़ेबंदी का उल्लेख करते हुए मांग की गई कि इसी मॉडल को पूरे जिले में लागू किया जाए अथवा पंचायतों को अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाए। किसान नेताओं ने बिजली संकट को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि किसानों को घोषित 10 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। बिजली विभाग की लापरवाही से फसलें जल रही हैं, ट्रांसफार्मर एवं केबल समय पर नहीं बदले जा रहे, मोटरें खराब हो रही हैं तथा किसानों से मनमाने बिजली बिल वसूले जा रहे हैं। मांग की गई कि विभागीय लापरवाही से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की बिजली विभाग से की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिस प्रकार प्रत्येक मंगलवार को जिलाधीश कार्यालय में जनसुनवाई होती है, उसी प्रकार प्रत्येक 15 दिन में कृषि मंडियों में किसानों की समस्याओं को लेकर विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाए। जिलाधीश नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि गेहूं स्लॉट की समस्या सर्वर से जुड़ी हुई है। इस पर किसान नेताओं ने कहा कि बैंक और प्रशासन के कार्य तो प्रभावित नहीं होते, केवल किसानों के कार्यों में ही बाधाएं क्यों आती हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी में अड़चनें पैदा कर रही है। बाड़ेबंदी के संबंध में जिलाधीश ने तिलखन मॉडल को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे शीघ्र ही क्षेत्र का दौरा करेंगे तथा आवश्यक कार्यवाही करेंगे। मंडियों में जनसुनवाई और किसान संगठनों से नियमित संवाद के सुझाव पर उन्होंने कहा कि वें एसडीएम से मंडी में जनसुनवाई के लिए बात करेंगे । हर माह किसान संगठनों से संवाद के सुझाव को लेकर जिलाधीश ने कहा कि इस बहाने हमें किसानों से मुलाकात और समस्या जानने का मौका मिलेगा। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो किसान संगठन आंदोलन तेज करेंगे।
- साईंखेड़ा में झोपड़ी में लगी आग, स्कॉर्पियो भी चपेट में आई साईंखेड़ा में झोपड़ी में लगी आग, स्कॉर्पियो भी चपेट में आई मुलताई। आज दोपहर लगभग 2:50 बजे ग्राम साईंखेड़ा के बाजार चौक के पास एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे झोपड़ी में रखा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटों की चपेट में पास में खड़ी एक स्कॉर्पियो कार भी आ गई, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही मुलताई नगर पालिका की फायर टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझाए जाने से आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया। फायर टीम में कर्मचारी धनराज पवार, विजय बडघरे एवं सुमित पुरी मौजूद रहे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कोरोना काल के कामकाज के तरीके अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इनहाउस मीटिंग और ऑनलाइन कार्य को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि देश के आर्थिक संसाधनों को बचाया जा सके।1
- बदबूदार पानी पीने को मजबूर रेल यात्री, यात्रियों के बीमार होने की भी आशंका*2
- जामटी निवासी 19 वर्षीय युवक सात दिनों से लापता, नहीं लग रहा सुराग, परिजन हो रहे परेशान आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम जामठी निवासी मयूर गीद विगत सात दिनों से लापता है। परिजनों द्वारा हर जगह तलाश की परन्तु कोई सुराग नहीं लग पाया,, पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई परन्तु पुलिस भी कुछ नहीं कर पाईं मामले को लेकर अब परीजनो की चिंता बढ़ रही है मिली जानकारी अनुसार 5 मई को युवक अपने पिता के साथ सुबह बैतूल बडोरा मंडी सब्जी खरीदने गया था चुंकि युवक के पिता हाट बाजार में सब्जी बेचने का कार्य करते हैं उसी के लिए पिता पुत्र खरीदी करने गये थे। परन्तु सुबह 9 बजे मयूर बरोडा से अचानक गायब हो गया। और आज तक नहीं लौटा मोबाइल भी बंद आ रहा है। पिता ने बैतूल बडोरा थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई है पिता ने बताया कि युवक का रंग सावला शरीर पतला,लाल नारंगी रंग की टी शर्ट और काली कैप पहनी है जिस किसी को भी युवक दिखाई दे तुरंत बैतूल पुलिस या आठनेर थाने में सुचना दे ताकि युवक परिजनों को मिल जाए।1
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट 25 करोड़ का दो मुंहा सांप बना कोतुहल सर्पमित्र विशाल विश्वकर्मा ने किया रेस्क्यू कहा ऐसे अफवाहों पर हम ध्यान नहीं देते उन्होंने जंगल में ले जाकर छोड़ा1
- अभी तक का सबसे बड़ा घटना ek budhe aadami Ko Kisi Ne maar Diya to usne Dekho Kya Kiya अभी तक का सबसे बड़ा घटना ek budhe aadami Ko Kisi Ne maar Diya to usne Dekho Kya Kiya उसने पूरी ट्रैफिक और लोगों को आने-जाने के लिए इतना सताया की क्या ही बताओ आपको आप खुद वीडियो देखें1
- मध्य प्रदेश के भैंसदेही में दो बाइकों की भीषण टक्कर में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। एक की मौत घटनास्थल पर हुई, जबकि दूसरे की भैंसदेही अस्पताल में इलाज के अभाव में मौत होने का आरोप है। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।3
- वन्य प्राणी कों बचाने फिर दौड़ी ऑटो एम्बुलेंस,लेकिन नहीं बच पाई चिंकारा की जान। वन्य प्राणी कों बचाने फिर दौड़ी ऑटो एम्बुलेंस,लेकिन नहीं बच पाई चिंकारा की जान। बैतूल। नेशनल हाईवे 47 पर आमला वन परिक्षेत्र के सापना घाट के पास एक घायल वन्य प्राणी चिंकारा को बचाने के लिए ऑटो एम्बुलेंस चालक दिनेश बारंगे ने अपनी जान जोखिम में डाल दी, बावजूद इसके चिंकारा की जान नहीं बच सकी। जानकारी के अनुसार दिनेश बारंगे बैतूल आरटीओ से ऑटो का फिटनेस कराकर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुत्तों का झुंड वन्य प्राणी चिंकारा का शिकार करनें उसके पीछे भाग रहा है। यह देख दिनेश बारंगे ऑटो में बैठी दो सवारियो के साथ तुरंत मुख्य मार्ग से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पहुंचे और कुत्तों कों पत्थर मार कर भगाया। और घायल चिंकारा कों उठाकर ऑटो तक लाया ऑटो चालक दिनेश ने बताया कि वही कुछ लोगों नें ऑटो में हिरन देख कर उन्हें रोक लिया और विवाद करने लगे,ऑटो चालक नें हिम्मत दिखाते हुए घायल चिंकारा को 27 किलोमीटर दूर मुलताई के पशु चिकित्सालय पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चिंकारा को मृत घोषित कर दिया,जिसके बाद दिनेश मृत चिंकारा को लेकर दक्षिण वन मंडल कार्यालय पहुंचे और वन कर्मियों को सौंप दिया। मामले में रेंजर नितिन पवार ने बताया कि घटना आमला वन परिक्षेत्र की है, आमला के वन अधिकारियों को सूचना दे दी गई है आगे की कार्रवाई उनके द्वारा की जाएंगी।2