गोवषण बावजी मंदिर में एक दिवसीय मेले का आयोजन हर घर से पहुंचा दूध, पशुपालकों का उमड़ा हुजूम सराड़ा। भाद्रपद शुक्ल पंचमी के शुभ अवसर पर कातनवाड़ा स्थित गोवषण बावजी मंदिर में मंगलवार को एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। गोवषण बावजी विकास संस्थान कातनवाड़ा एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धार्मिक मेले में सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज के गांवों से पशुपालकों, किसानों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मेले की विशेष परंपरा के तहत कातनवाड़ा गांव के प्रत्येक घर से मंदिर में प्रसाद निर्माण के लिए दूध पहुंचाया गया। इससे गांव की सामूहिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा की झलक देखने को मिली। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8:15 बजे गणेश जी मंदिर चौराहे से निकले भव्य ध्वजा जुलूस के साथ हुई। इसके बाद सुबह 11:15 बजे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन अनुष्ठान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। रात्रि 8 बजे से विशाल सत्संग एवं भजन संध्या का आयोजन होगा। इसमें स्थानीय एवं बाहर से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार गोवषण बावजी मंदिर में मनोकामना पूर्ण होने पर पशुपालकों द्वारा घोड़े चढ़ाने की अनूठी परंपरा है। प्रतिवर्ष भाद्रपद पंचमी पर आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र के पशुपालकों एवं किसानों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
गोवषण बावजी मंदिर में एक दिवसीय मेले का आयोजन हर घर से पहुंचा दूध, पशुपालकों का उमड़ा हुजूम सराड़ा। भाद्रपद शुक्ल पंचमी के शुभ अवसर पर कातनवाड़ा स्थित गोवषण बावजी मंदिर में मंगलवार को एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। गोवषण बावजी विकास संस्थान कातनवाड़ा एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धार्मिक मेले में सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज के गांवों से पशुपालकों, किसानों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मेले की विशेष परंपरा के तहत कातनवाड़ा गांव के प्रत्येक घर से मंदिर में प्रसाद निर्माण के लिए दूध पहुंचाया गया। इससे गांव की सामूहिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा की झलक देखने को मिली। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8:15
बजे गणेश जी मंदिर चौराहे से निकले भव्य ध्वजा जुलूस के साथ हुई। इसके बाद सुबह 11:15 बजे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन अनुष्ठान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। रात्रि 8 बजे से विशाल सत्संग एवं भजन संध्या का आयोजन होगा। इसमें स्थानीय एवं बाहर से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार गोवषण बावजी मंदिर में मनोकामना पूर्ण होने पर पशुपालकों द्वारा घोड़े चढ़ाने की अनूठी परंपरा है। प्रतिवर्ष भाद्रपद पंचमी पर आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र के पशुपालकों एवं किसानों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
- मावली में नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ, विधायक पुष्कर लाल डांगी सहित वरिष्ठ नेता रहे मौजूद उदयपुर जिले के मावली नगरपालिका के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह उपखंड कार्यालय में आयोजित किया गया। समारोह में उपखंड अधिकारी मावली ने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विधायक पुष्कर लाल डांगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ मावली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार गोखरू, खेमली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणावत, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन चौधरी तथा मावली के पूर्व सरपंच मोहन लाल जाट उपस्थित रहे।1
- प्रकृति की गोद में बस संगेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन सुंदरता के लिए एवं पौराणिक मान्यता भक्तों की हर आस्था पूर्ण करने वाला नदी के किनारे स्थित जहां की सुंदरता मनमोहन1
- नालंदा के विद्यार्थियों ने देखा मोबाइल स्पेस डोम शो, चंद्रयान की सफ़लता और अंतरिक्ष की बारीकियों से हुए रूबरू सीमलवाड़ा। स्थानीय नालंदा विद्यापीठ स्कूल में पोलाद स्टील कंपनी की ओर से एक विशेष 'मोबाइल स्पेस डोम शो' का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली अंतरिक्ष अभियानों और चंद्रयान मिशनों के सफर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यालय परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए एयर-प्रेशर डोम के भीतर छात्रों को 30-30 के समूहों में ले जाया गया। करीब 30 मिनट के विजुअल प्रेजेंटेशन में चंद्रयान-1 से लेकर चंद्रयान-3 तक की यात्रा, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और भारतीय वैज्ञानिकों के अतुलनीय योगदान को 3D विजुअल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। डोम के अद्भुत माहौल ने बच्चों को खुद अंतरिक्ष में होने जैसा रोमांचक अनुभव कराया। स्कूल प्रबंधन ने पोलाद स्टील की इस शैक्षणिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि केवल व्यावसायिक विज्ञापन के बजाय बच्चों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा जगाने का यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है। कार्यक्रम के सफल संचालन में संजय पाटीदार के मार्गदर्शन में जिग्नेश सर एवं धवल सर ने पोलाद स्टील टीम के साथ समन्वय बनाकर सहयोग दिया।4
- बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन: मेवाड़ा से कानपुर जीएस तक निकाली रैली, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी डूंगरपुर। जिले के बिछीवाड़ा क्षेत्र में लगातार हो रही अनियमित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मेवाड़ा से कानपुर जीएस तक एक विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को लेकर सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि अघोषित बिजली कटौती के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। साथ ही, किसानों को फसलों की सिंचाई करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- बांसवाडा में बीएपी की पूरी कार्यकारिणी भंग, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की भंग, बांसवाडा में निकाय चुनाव में बीएपी के पुअर परफोर्मेंस के चलते लिया एक्शन, कार्यकाल पूर्ण होने पर डूंगरपुर जिला अध्यक्ष भी हटाया एंकर इंट्रो- बांसवाडा जिले की तीन निकाय चुनावो में भारत आदिवासी पार्टी के पुअर परफोर्मेंस पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने कडा कदम उठाया है | पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने बांसवाडा जिले की जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है | वही इसके साथ कार्यकाल पूर्ण होने पर डूंगरपुर जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत को भी पद से हटा दिया है | बॉडी- भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने बताया कि पार्टी संविधान के तहत जिला अध्यक्ष पद का कार्यकाल 3 वर्ष का निर्धारित है। डूंगरपुर के जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत का 3 साल का कार्यकाल पूर्ण होने के कारण उन्हें नियम अनुसार पदमुक्त किया गया है। वही उन्होने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों विशेषकर बांसवाड़ा नगर परिषद, कुशलगढ़ नगरपालिका तथा गढ़ी नगरपालिका में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहा। चुनाव परिणामों की समीक्षा के बाद पार्टी नेतृत्व ने बांसवाड़ा जिले की पूरी कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय लिया है। हालाकि बांसवाडा जिले की नई कार्यकारिणी व डूंगरपुर जिला अध्यक्ष पद पर अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं की गई है | बाईट- मोहनलाल रोत राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएपी1
- डुंगरपुर नगर परिषद चुनाव 2026 जीत के बाद नवनिर्वाचित पार्षदो का शपथ ग्रहण बोर्ड गठन की प्रकिया शुरू। डुंगरपुर संवाददाता.तेजसिंह राठौड 9929285157 डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव 2026:, जीत के बाद नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण, बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू । डूंगरपुर। डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद विजयी घोषित हुए सभी पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को तय प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से शपथ दिलवाई गई। 40 वार्डों वाली नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 24, कांग्रेस के 12, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 3 और 1 निर्दलीय पार्षद ने जीत दर्ज की है। चुनावी नतीजे सामने आने और शपथ ग्रहण के बाद अब नगर परिषद के नए अध्यक्ष (सभापति) के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रमुख बिंदु: पद की शपथ: चुनाव में जीत हासिल करने वाले सभी दलों एवं निर्दलीय पार्षदों को आधिकारिक रूप से शपथ दिलाई गई। नगर परिषद की स्थिति: कुल 40 सीटों में से भाजपा 24, कांग्रेस 12, बीएपी 3 और निर्दलीय 1 सीट पर विजयी रहे हैं। सभापति चुनाव की तैयारी: शपथ ग्रहण संपन्न होने के साथ ही बोर्ड बनाने और सभापति के निर्वाचन के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है।1
- *खुला आसमान ही श्मशान: मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार नसीब नहीं, आदर्श श्मशान योजना कागजों में* रिपोर्टर प्रकाश सोलंकी पीपलवास *बिलड़ी / ग्राम पंचायत गरदाना (चित्तौड़गढ़)।* ग्रामीण अंचल में विकास के तमाम दावों के बीच जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यहां व्यक्ति को जीते जी तो सुविधाएं नहीं मिलती, मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो रहा है। ताजा मामला ग्राम पंचायत गरदाना के ग्राम *बिलड़ी* का है। यहां आज भी अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे, खेतों के बीच, झाड़ियों में चिता लगाकर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों से चिता जल ही नहीं रही है और परिजनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। इस संबंध में *सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल, बिलड़ी* ने बताया कि राजस्थान सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में *आदर्श श्मशान (मोक्षधाम)* बनाने की योजना शुरू की थी, जिसके लिए लाखों रुपये का बजट भी आता है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना पूरी तरह फेल है। बिलड़ी में आज तक न तो टीन शेड बना, न चारदीवारी और न ही श्मशान तक पहुंचने का रास्ता है। बरसात में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर बिलड़ी गांव में तत्काल सर्वसुविधायुक्त आदर्श मोक्षधाम का निर्माण करवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस पीड़ादायक स्थिति से न गुजरना पड़े।1
- खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में पहुंचे विधायक उमेश डामोर, बच्चों को दिया शिक्षा व अनुशासन का संदेश संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के आसपुर ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पारड़ा जानी में आयोजित 11 वर्षीय छात्र-छात्रा वर्ग की सेक्टर स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के ब्लॉक स्तरीय खेलकूद कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस समारोह में भारत आदिवासी पार्टी के आसपुर विधायक उमेश डामोर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान विधायक डामोर ने नन्हे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने मैदान पर बच्चों के जोश की सराहना की और विद्यार्थियों को खेलकूद के साथ-साथ शिक्षा, अनुशासन और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। विधायक उमेश डामोर ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी बाल खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की।1