सहारनपुर महानगर के देहरादून रोड स्थित फर्नीचर मार्केट में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से चार फर्नीचर शोरूम पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की शुरुआत एक लकड़ी के गोदाम से हुई थी, जहाँ से पहले धुएं का गुब्बार उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के अन्य शोरूमों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि करीब 500 मीटर दूर से धुएं के गुब्बार और ऊंची-ऊंची लपटें साफ दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुँची। दमकल विभाग की आठ गाड़ियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन लकड़ी और फर्नीचर के भारी स्टॉक के कारण आग तेजी से फैलती रही। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले गंगा फर्नीचर में लगी, जिसके बाद वह शक्ति फर्नीचर, अमन फर्नीचर और नमन फर्नीचर तक फैल गई। अधिकांश शोरूमों के ऊपरी हिस्से आग की चपेट में आए, जबकि शक्ति फर्नीचर के गोदाम तक भी आग पहुंच गई। आग का असर शोरूमों के पीछे स्थित खान आलमपुरा कॉलोनी तक भी महसूस किया गया। आग के दौरान एक दीवार गिर गई, जिससे इलाके में और अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। एहतियात के तौर पर, लोगों ने अपने घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इस घटना की सूचना मिलने पर शोरूम संचालक भी मौके पर पहुँचे और शटर खोलकर नीचे रखा कुछ सामान बाहर निकालने का प्रयास किया, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।
सहारनपुर महानगर के देहरादून रोड स्थित फर्नीचर मार्केट में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से चार फर्नीचर शोरूम पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की शुरुआत एक लकड़ी के गोदाम से हुई थी, जहाँ से पहले धुएं का गुब्बार उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के अन्य शोरूमों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि करीब 500 मीटर दूर से धुएं के गुब्बार और ऊंची-ऊंची लपटें साफ दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुँची। दमकल विभाग की आठ गाड़ियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन लकड़ी और फर्नीचर के भारी स्टॉक के कारण आग तेजी से फैलती रही। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू
पाया। जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले गंगा फर्नीचर में लगी, जिसके बाद वह शक्ति फर्नीचर, अमन फर्नीचर और नमन फर्नीचर तक फैल गई। अधिकांश शोरूमों के ऊपरी हिस्से आग की चपेट में आए, जबकि शक्ति फर्नीचर के गोदाम तक भी आग पहुंच गई। आग का असर शोरूमों के पीछे स्थित खान आलमपुरा कॉलोनी तक भी महसूस किया गया। आग के दौरान एक दीवार गिर गई, जिससे इलाके में और अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। एहतियात के तौर पर, लोगों ने अपने घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इस घटना की सूचना मिलने पर शोरूम संचालक भी मौके पर पहुँचे और शटर खोलकर नीचे रखा कुछ सामान बाहर निकालने का प्रयास किया, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव इब्राहिमी में सड़क की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीण इस परेशानी से जूझ रहे हैं और लगातार मांग कर रहे हैं कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।1
- गांव से जुड़े मदरसे के पास हमेशा कूड़ा पड़ा रहता है। इस कूड़े को कोई नहीं उठाता और न ही यहां सफाई होती है।1
- रादौर के गाँव जठलाना में एक पूर्व विधायक की फैक्ट्री पर हुई फायरिंग के मामले में, आरोपी हर्ष उर्फ गंजा को पुलिस निशानदेही के लिए ले गई। सुनेहडी खालसा गाँव का निवासी यह आरोपी, गाँव काजनु नहर पुल पर निशानदेही के लिए अपने घुटनों पर चलकर पहुँचा और प्रक्रिया पूरी की।1
- करनाल-असंध टोल प्लाज़ा पर एक बीटेक छात्र पर जानलेवा हमला किया गया है, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है। आरोप है कि टोल कर्मियों ने छात्र के साथ ईंटों, डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की। इस घटना से जुड़ा एक CCTV वीडियो भी सामने आया है।1
- यमुनानगर की एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने प्रतिबंधित नशीले कैप्सूलों की बड़ी खेप के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। टीम ने दो कार सवारों, गांव टेही जाट्टान निवासी सूरजभान उर्फ सूरज और रोहित उर्फ टिड्डा को 3600 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूलों (ट्रामाडोल सस्पास मोर) के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए, एंटी नारकोटिक सेल ने प्रतिबंधित कैप्सूलों के मुख्य सप्लायर चिलकाना निवासी अनस मलिक को भी गिरफ्तार किया, जो मदीना मेडिकल स्टोर का संचालक है। साथ ही, कैप्सूल खरीदने वाले प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सर्वजीत को भी टीम ने अपनी गिरफ्त में लिया।1
- सहारनपुर महानगर के देहरादून रोड स्थित फर्नीचर मार्केट में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से चार फर्नीचर शोरूम पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की शुरुआत एक लकड़ी के गोदाम से हुई थी, जहाँ से पहले धुएं का गुब्बार उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के अन्य शोरूमों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि करीब 500 मीटर दूर से धुएं के गुब्बार और ऊंची-ऊंची लपटें साफ दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुँची। दमकल विभाग की आठ गाड़ियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन लकड़ी और फर्नीचर के भारी स्टॉक के कारण आग तेजी से फैलती रही। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले गंगा फर्नीचर में लगी, जिसके बाद वह शक्ति फर्नीचर, अमन फर्नीचर और नमन फर्नीचर तक फैल गई। अधिकांश शोरूमों के ऊपरी हिस्से आग की चपेट में आए, जबकि शक्ति फर्नीचर के गोदाम तक भी आग पहुंच गई। आग का असर शोरूमों के पीछे स्थित खान आलमपुरा कॉलोनी तक भी महसूस किया गया। आग के दौरान एक दीवार गिर गई, जिससे इलाके में और अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। एहतियात के तौर पर, लोगों ने अपने घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इस घटना की सूचना मिलने पर शोरूम संचालक भी मौके पर पहुँचे और शटर खोलकर नीचे रखा कुछ सामान बाहर निकालने का प्रयास किया, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।2