तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र। तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र। *--बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। इस समय बिहार के 20 जिले बाढ जनित आपदा की चपेट में हैं। इस आपदा में फंसे लाखों लोग त्राहिमाम कर रहे हैं।* दैनिक सिरहा टाइम्स पटना 07 सितंबर 2026 पटना:-*तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।महोदय,बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। इस समय बिहार के 20 जिले बाढ जनित आपदा की चपेट में हैं। इस आपदा में फंसे लाखों लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। नदियों में निरंतर बढ़ते जलस्तर से जल ग्रहण क्षेत्र में वृद्धि के कारण सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है तथा हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है। राज्य की बड़ी आबादी भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, बिजली आपूर्ति, पशुचारा एवं सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार की एनडीए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बाढ़ राहत एवं बचाव व्यवस्था ऊँट के मुँह में जीरे के समान है। बिहार में विनाशकारी बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन तबाह कर दिया है, लेकिन बिहार सरकार और बिहार से निर्वाचित NDA के केंद्रीय मंत्री व सांसद बेबस, लाचार, अक्षम और असहाय नजर आ रहे हैं। वो ना तो केंद्र सरकार से इस भीषण बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करा पा रहे हैं और ना ही बिहार के लिए विशेष राहत एवं सहायता राशि की मांग मजबूती से उठा पा रहे हैं।यह स्थिति केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत response, mitigation और adaptation की वर्षों से चली आ रही सतत्त विफलता का भी परिणाम है। प्रत्येक वर्ष बाढ़ आने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है।यह अत्यंत चिंता का विषय है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीडितों की सहायता करने में उदासीन है। आपदा राहत की राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए था किन्तु इस वर्ष राज्य की आकस्मिक निधि एवं अन्य वित्तीय संसाधनों का उपयोग नियमित सरकारी खर्चों में इस प्रकार हुआ है कि आपदा के समय राहत के लिए धन की अत्यंत कमी हो रही है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में मेरा सविनय आग्रह है कि केंद्र सरकार-1. बिहार की विनाशकारी बाढ़ को "राष्ट्रीय आपदा" घोषित करे।2. बिहार की मदद के लिए तत्काल 5 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए विशेष बाढ़ राहत पैकेज उपलब्ध कराए।3. भीषण बाढ़ से प्रभावित एवं सड़क संपर्कहीन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त नाव. बोट एवं अन्य संसाधनों की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।4. बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का सहयोग सुनिश्चित किया जाए।5. भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा एवं अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।6. किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।7. राज्य की वित्तीय एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों तथा राज्य की आकस्मिक निधि के उपयोग व लेन-देन की स्वतंत्र समीक्षा / CAG परीक्षण कराई जाए। सर्वविदित है कि बिहार की भौगौलिक स्थिति के कारण बिहार का 76% भूभाग बाढ़ग्रस्त रहता है। भारी वर्षापात और जलस्तर में वृद्धि के कारण कई दफा यह 80% से भी अधिक हो जाता है। बिहार की बाढ समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक Flood Resilience Mission प्रारंभ किया जाए जिसमें नदी एवं तटबंध प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों का पुनर्जीवन, आधुनिक Flood Forecasting तथा नेपाल, बांग्लादेश एवं अन्य पड़ोसी देशों के साथ प्रभावी जल प्रबंधन नीति व संधि शामिल हो।इस समय हमारी प्राथमिकता बिहार के नागरिकों का जीवन बचाना है। बिहार की जनता संकट में है जिन्हें अब राजनीति नहीं, ठोस राहत और जवाबदेही चाहिए। मैं आग्रह करता हूं कि केंद्र सरकार बिहार के साथ किसी प्रकार का सौतेला व्यवहार न करे और वर्तमान संकट को मानवीय एवं राष्ट्रीय दायित्व के रूप में देखते हुए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराएं। वर्तमान संकट में राज्य सरकार की किसी भी वित्तीय कठिनाई का प्रभाव राहत एवं बचाव कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। विपदा की इस कठिन घड़ी में मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि अविलंब बिहार का दौरा कर हरसंभव मानवीय, वित्तीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध कराएं।
तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र। तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र। *--बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। इस समय बिहार के 20 जिले बाढ जनित आपदा की चपेट में हैं। इस आपदा में फंसे लाखों लोग त्राहिमाम कर रहे हैं।* दैनिक सिरहा टाइम्स पटना 07 सितंबर 2026 पटना:-*तेजस्वी प्रसाद यादव नेता विरोधी दल बिहार विधानसभा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय जनता दल पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।महोदय,बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। इस समय बिहार के 20 जिले बाढ जनित आपदा की चपेट में हैं। इस आपदा में फंसे लाखों लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। नदियों में निरंतर बढ़ते जलस्तर से जल ग्रहण क्षेत्र में वृद्धि के कारण सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है तथा हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है। राज्य की बड़ी आबादी भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, बिजली आपूर्ति, पशुचारा एवं सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार की एनडीए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बाढ़ राहत एवं बचाव व्यवस्था ऊँट के मुँह में जीरे के समान है। बिहार में विनाशकारी बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन तबाह कर दिया है, लेकिन बिहार सरकार और बिहार से निर्वाचित NDA के केंद्रीय मंत्री व सांसद बेबस, लाचार, अक्षम और असहाय नजर आ रहे हैं। वो ना तो केंद्र सरकार से इस भीषण बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करा पा रहे हैं और ना ही बिहार के लिए विशेष राहत एवं सहायता राशि की मांग मजबूती से उठा पा रहे हैं।यह स्थिति केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत response, mitigation और adaptation की वर्षों से चली आ रही सतत्त विफलता का भी परिणाम है। प्रत्येक वर्ष बाढ़ आने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है।यह अत्यंत चिंता का विषय है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीडितों की सहायता करने में उदासीन है। आपदा राहत की राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए था किन्तु इस वर्ष राज्य की आकस्मिक निधि एवं अन्य वित्तीय संसाधनों का उपयोग नियमित सरकारी खर्चों में इस प्रकार हुआ है कि आपदा के समय राहत के लिए धन की अत्यंत कमी हो रही है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में मेरा सविनय आग्रह है कि केंद्र सरकार-1. बिहार की विनाशकारी बाढ़ को "राष्ट्रीय आपदा" घोषित करे।2. बिहार की मदद के लिए तत्काल 5 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए विशेष बाढ़ राहत पैकेज उपलब्ध कराए।3. भीषण बाढ़ से प्रभावित एवं सड़क संपर्कहीन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त नाव. बोट एवं अन्य संसाधनों की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।4. बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का सहयोग सुनिश्चित किया जाए।5. भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा एवं अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।6. किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।7. राज्य की वित्तीय एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों तथा राज्य की आकस्मिक निधि के उपयोग व लेन-देन की स्वतंत्र समीक्षा / CAG परीक्षण कराई जाए। सर्वविदित है कि बिहार की भौगौलिक स्थिति के कारण बिहार का 76% भूभाग बाढ़ग्रस्त रहता है। भारी वर्षापात और जलस्तर में वृद्धि के कारण कई दफा यह 80% से भी अधिक हो जाता है। बिहार की बाढ समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक Flood Resilience Mission प्रारंभ किया जाए जिसमें नदी एवं तटबंध प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों का पुनर्जीवन, आधुनिक Flood Forecasting तथा नेपाल, बांग्लादेश एवं अन्य पड़ोसी देशों के साथ प्रभावी जल प्रबंधन नीति व संधि शामिल हो।इस समय हमारी प्राथमिकता बिहार के नागरिकों का जीवन बचाना है। बिहार की जनता संकट में है जिन्हें अब राजनीति नहीं, ठोस राहत और जवाबदेही चाहिए। मैं आग्रह करता हूं कि केंद्र सरकार बिहार के साथ किसी प्रकार का सौतेला व्यवहार न करे और वर्तमान संकट को मानवीय एवं राष्ट्रीय दायित्व के रूप में देखते हुए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराएं। वर्तमान संकट में राज्य सरकार की किसी भी वित्तीय कठिनाई का प्रभाव राहत एवं बचाव कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। विपदा की इस कठिन घड़ी में मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि अविलंब बिहार का दौरा कर हरसंभव मानवीय, वित्तीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध कराएं।
- सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मोतिहारी ज्ञानेश्वर प्रकाश के द्वारा 25 अगस्त 2026 को मीडिया कर्मी मनीषा का किया अपमान वीडियो हुआ वायरल। सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मोतिहारी ज्ञानेश्वर प्रकाश के द्वारा 25 अगस्त 2026 को मीडिया कर्मी मनीषा का किया अपमान वीडियो हुआ वायरल। *मनीष साह अनुमंडल ब्यूरो चीफ सन ऑफ़ इंडिया दैनिक सिरहा टाइम्स ने सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मोतिहारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश के व्यवहार से क्षुब्द होकर यहां से हटाने का किया मांग।* *--सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मोतिहारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश आकर कहते हैं आप लोगों के लिए यह बैठक नहीं है आप लोग चले जाइए।* मनीष साह सन ऑफ इंडिया अनुमंडल ब्यूरो चीफ दैनिक सिरहा टाइम्स शाखा मोतिहारी पूर्वी चंपारण मोतिहारी 08 सितंबर 2026 मोतिहारी:-दिनांक 25 अगस्त 2026 को राधा कृष्णन भवन मोतिहारी में समन्वय समिति की बैठक की सूचना अपने अखबार के सहायक संपादक डॉक्टर मनीष कुमार सिंह के द्वारा पाकर आयोजित बैठक में भाग लेने पहुंचा। जब वहां गया तो मीडिया के लिए जो भी लोग आए थे उनके गले में किसी प्रेस का आई कार्ड नहीं था। जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी जब प्रवेश करते हैं तो पूछते हैं मीडिया वाले लोग नहीं आए हैं। मैं आप सभी को बताना चाहता हूं जब से ज्ञानेश्वर प्रकाश पूर्वी चंपारण में सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में कार्य प्रभार में लिए हैं तब से मीडिया कर्मियों के साथ सौतेलापन व्यवहार करते आ रहे हैं। मैं जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण से अनुरोध करता हूं एवं सूचना निदेशालय बिहार पटना के संबंधित अधिकारी महोदय से निवेदन करता हूं की ज्ञानेश्वर प्रकाश सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी मोतिहारी को तुरंत मोतिहारी से हटाते हुए इन पर कानूनी कार्रवाई किया जाए। यह मीडिया कर्मियों के नियंत्रण अधिकारी होते हैं और इनका कार्य व्यवहार मीडिया कर्मियों के बीच दुष्प्रचार फैलाना मीडिया कर्मियों के लिए काफी घातक है।1
- माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा फैसला,5 निजी विवि के218 अभ्यार्थियों सर्टिफिकेट जांचेगा शिक्षा विभाग। माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की फिर से जांच होगी। आगे देखिए रिपोर्ट शेयर करें1
- नवरात्र से पहले पूरा होगा जगदीश नंदन सिंह पथपितृपक्ष के बाद जन सहयोग कैंप : सभापति शिवहर नगर परिषद के सभापति राजन नंदन सिंह ने प्रेसवार्ता कर नगर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ योजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जगदीश नंदन सिंह पथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे आगामी नवरात्र से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।1
- Avadh ojha की यह बात आप लोगों को कैसी लगी? #awadhojhasir #bhimraoambedkar #viralreels1
- Post by Vikash Kumar Singh1
- शिवहर में अब अपराधियों की खैर नहीं।1
- सुगौली के दक्षिणी सुगांव में जारी है भागवत कथा,भारी संख्या में उमड़ रही है लोगों की भीड़।1
- राष्ट्रीय हिंदी दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक रवि कुमार भार्गव ने कार्यालय में अखबार का किया विमोचन। राष्ट्रीय हिंदी दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक रवि कुमार भार्गव ने कार्यालय में अखबार का किया विमोचन। *--मातृभूमि पर जन्म लेने वाले हर व्यक्ति का कर्तव्य बनता है कि अपने मातृभूमि के नाम से कोई ऐसी संरचना करनी चाहिए जिससे उसे मातृभूमि की नाम इस भूतल पर छा जाए।* दैनिक सिरहा टाइम्स सिरहाकोठी 07 सितंबर 2026 सिरहाकोठी:-आज 7 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दैनिक सिरहा टाइम्स के कार्यालय में हमारी योजना बचत एवं साख स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड पूर्वी चंपारण के मनोनीत खाद्य सचिव श्री प्रभुनाथ पासवान पहुंचे। कार्यालय में पहले से विशाल कुमार डाक बाबू, राहुल कुमार डाक बाबू, अंजनी कुमार झा मौजूद थे। इस अवसर पर दैनिक सिरहा टाइम्स की अखबार देकर संपादक महोदय ने सभी का अभिवादन किया। इस अवसर पर प्रभु नाथ पासवान ने कहा कि आज बड़े गर्भ की बात है कि मैं अपनी जितनी लाइफ सिरहा की धरती पर बिताया है आज पहली बार अपने मातृभूमि के नाम से अखबार मेरे हाथ में आई है मैं इसके लिए अपने बड़े भाई श्री रवि कुमार भार्गव जी का आभार प्रकट करता हूं। विशाल कुमार डाक बाबू और अंजनी कुमार झा ने कहा कि आज हमारे क्षेत्र से अखबार जो निकल रहा है यह हम लोगों के लिए गर्व की बात है। सबों को संबोधित करते हुए संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने कहा कि जिस धरती पर हमने जन्म लिया है उसे मातृभूमि का री माता-पिता से बड़ा होता है। मातृभूमि पर जन्म लेने वाले हर व्यक्ति का कर्तव्य बनता है कि अपने मातृभूमि के नाम से कोई ऐसी संरचना करनी चाहिए जिससे उसे मातृभूमि की नाम इस भूतल पर छा जाए। इस प्रकार की कार्य करने वाले व्यक्ति के नाम से लेकर उनके माता-पिता के नाम तक अमर हो जाता है।1