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प्रतापपुर-जोरी मार्ग पर गिरा विशाल पेड़, समय रहते हटाया गया, आवागमन बहाल प्रतापपुर : प्रतापपुर-जोरी मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक गिर जाने से कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। बताया जाता है कि यह पेड़ पहले से ही जर्जर अवस्था में था और कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। पेड़ गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय मुखिया और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद आवागमन पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सका। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहना की।
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प्रतापपुर-जोरी मार्ग पर गिरा विशाल पेड़, समय रहते हटाया गया, आवागमन बहाल प्रतापपुर : प्रतापपुर-जोरी मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक गिर जाने से कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। बताया जाता है कि यह पेड़ पहले से ही जर्जर अवस्था में था और कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। पेड़ गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय मुखिया और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद आवागमन पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सका। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहना की।
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- प्रतापपुर : प्रतापपुर-जोरी मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक गिर जाने से कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। बताया जाता है कि यह पेड़ पहले से ही जर्जर अवस्था में था और कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। पेड़ गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय मुखिया और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद आवागमन पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सका। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहना की।1
- चतरा के गिद्धौर में बीती रात रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहाँ एक बेलगाम हाईवा सोते हुए परिवार के लिए काल बनकर घर में जा घुसा। घटना गिद्धौर के ऊपर टोला की है, जहाँ रात्रि 2 बजे कटकमसांडी से टंडवा लौट रहा एक अनियंत्रित हाईवा, पूर्व जिला परिषद सदस्य बालेश्वर कुशवाहा के पुत्र राजेश कुशवाहा के घर में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाईवा बाउंड्री और अशोक के पेड़ को रौंदते हुए सीधे बरामदे तक पहुँच गया, जिससे एक बाइक चकनाचूर हो गई। गनीमत रही कि घर के सदस्य बाल-बाल बच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग की है।1
- Post by Hindustan Express News1
- छतरपुर (पलामू): पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक मार्मिक घटना सामने आई, जिसने जंगल और वन्यजीवों की बदहाल स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पानी और चारे की तलाश में जंगल से भटककर हिरणों का एक झुंड शहर तक पहुंच गया, जहां कुत्तों के हमले में एक हिरण की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 12 हिरणों का झुंड सुबह हाई स्कूल मैदान तक पहुंचा था। इसी दौरान एक हिरण झुंड से बिछुड़कर सोनार मोहल्ला में पहुंच गया, जहां आवारा कुत्तों ने उसे घेरकर बुरी तरह जख्मी कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिरण ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत हिरण को अपने साथ ले गई। प्रभारी वनपाल लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि हिरण का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी, पानी की कमी और लगातार हो रही जंगलों की कटाई के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास सिकुड़ता जा रहा है। ऐसे में जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांव और शहर की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, पूर्वी वन क्षेत्र में जानवरों के लिए 15 नाले बनाए गए हैं और डैम-चेकडैम में भी पानी की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में पानी की कमी और प्राकृतिक संसाधनों के घटने से जानवर भटक रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि हिरणों का यह झुंड महुअरी क्षेत्र के जंगल से भटककर छतरपुर पहुंचा। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में नीलगाय, बंदर, लंगूर और हिरण जैसे जंगली जानवरों का गांवों में आना बढ़ गया है, जिससे फसलों को भी नुकसान हो रहा है। यह घटना केवल एक हिरण की मौत नहीं, बल्कि उस संकट की चेतावनी है, जिसमें जंगल सिकुड़ रहे हैं और वन्यजीव इंसानी बस्तियों में भटकने को मजबूर हो रहे हैं। अब जरूरत है कि जंगलों के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- रफीगंज–बराही पथ पर पटोई मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों एवं परिजनों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ए.के. केसरी ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान पौथू थाना क्षेत्र के कुष्मी फेसरा गांव निवासी चंदन कुमार और उनकी पत्नी पुष्पा देवी के रूप में हुई है। घायल की बहन रेणु देवी ने बताया कि दोनों मोटरसाइकिल से रफीगंज बैंक में लोन लेने आए थे और वापस अपने गांव लौट रहे थे, इसी दौरान पटोई मोड़ के पास यह दुर्घटना हो गई।1
- Post by Sabindar paswan1
- रफीगंज प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को कन्यादान महा कल्याण ट्रस्ट की ओर से 31 जरूरतमंद कन्याओं को विवाह सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में प्रखंड उप प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश यादव, चौबड़ा पंचायत समिति प्रतिनिधि जुबैर अंसारी, ट्रस्ट अध्यक्ष रवि लाल, सिकंदर दास, मनीष सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से कन्याओं को गोदरेज अलमारी, ट्रंक, तोषक, रजाई, सिलाई , श्रृंगार, कपड़े, कुर्सी-टेबल समेत अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री वितरित की। सोमवार अपराह्न 3 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष रवि लाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना है। उन्होंने जानकारी दी कि गया जिले के शेरघाटी ताराडीह की आफरीन खातून, वनडोरी की सुमति कुमारी, रफीगंज की नेहा कुमारी, ज्योति कुमारी, अनोखी कुमारी समेत कुल 31 कन्याओं को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर कमलेश यादव ने इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं जुबैर अंसारी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा यह प्रयास बेहद सराहनीय है और इससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलती है।1