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आखिर जनता को कब तक बेवकूफ बनाते रहेंगे नेता लोग नही हो रहा आवागमन हाँथी दरवाजा खुटहA से हीराउँदि मार्ग मे पड़ने वाला हाँथी दरवाजा का रोड इतना ज्यादा खराब है की pooncho मत आने जाने वालों को इतना ज्यादा परेसानी है कि आये दिन मौत को दावत दे रही ये रोड 100metar se ज्यादा भी नहीं है पर इस 100 मीटर को पर करने मे 2kilomitar जितना टाइम खाता है अगर कोई नेता को खुद निकालाना हो तो पता चले
Mahakal rudra Construction
आखिर जनता को कब तक बेवकूफ बनाते रहेंगे नेता लोग नही हो रहा आवागमन हाँथी दरवाजा खुटहA से हीराउँदि मार्ग मे पड़ने वाला हाँथी दरवाजा का रोड इतना ज्यादा खराब है की pooncho मत आने जाने वालों को इतना ज्यादा परेसानी है कि आये दिन मौत को दावत दे रही ये रोड 100metar se ज्यादा भी नहीं है पर इस 100 मीटर को पर करने मे 2kilomitar जितना टाइम खाता है अगर कोई नेता को खुद निकालाना हो तो पता चले
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- अंडरब्रिज में जलभराव जोखिम में जान, प्रशासन बेपरवाह,मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सतना। शहर के प्रेमनगर से कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। अंडरब्रिज में हुए भारी जलभराव के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चार पहिया वाहन निकालने को मजबूर हैं। पानी के गहराई का अंदाजा न होने के कारण कई वाहन चालक बीच रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सबसे चिंताजनक तस्वीर अंडरब्रिज में भरे पानी के बीच से सामने आ रही है। स्थानीय छोटे-छोटे बच्चे गहरे पानी में खिलवाड़ कर रहे हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों पर लटक रहे हैं। बच्चों की यह खतरनाक लापरवाही किसी भी वक्त किसी बड़े हादसे या अनहोनी का कारण बन सकती है। प्रशासन की 'बैरिकेटिंग' वाली इतिश्री इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद ढुलमुल नजर आ रहा है। नगर निगम और संबंधित प्रशासन ने अंडरब्रिज के दोनों तरफ महज बैरिकेट्स लगाकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। पानी की निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है, न ही वहां सुरक्षा के लिए किसी कर्मचारी की तैनात की गई है।1
- सकरौहा में बारिश का कहर: घरों में घुसा तीन फीट पानी, दर्जनों कच्चे मकान धराशायी गृहस्थी बर्बाद, सड़कों और नालियों का मिटा नामोनिशान; ओवरफ्लो अमृत सरोवर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत मानिकपुर/चित्रकूट। लगातार हो रही बारिश ने मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरौहा में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। कई दिनों से घरों में पानी भरे रहने के कारण दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे गरीब ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पलभर में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और अमृत सरोवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा हो गया है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गया। गांव का पानी बाहर निकालने के लिए पर्याप्त नाली नहीं होने से पानी घरों में भरता रहा। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण उनका कच्चा मकान कमजोर होकर आखिरकार गिर गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। बताया गया कि पंकज, केशव, राजेश, रामबाबू, सुशील पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, घनश्याम सेन, चंद्रपाल, तीरथ, छोटा, कलुवा, मंगल समेत कई ग्रामीणों के घर भी कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। मलबे में तब्दील हुई गृहस्थी, मदद की आस में ग्रामीण मकान गिरने से ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट आशियाने और गृहस्थी बचाने का खड़ा हो गया है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान समेत जरूरी सामग्री पानी और मलबे की भेंट चढ़ गई। गरीब परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था करना जिम्मेदार तंत्र की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी का इंतजाम किया गया होता तो कई परिवारों को अपना घर और गृहस्थी नहीं गंवानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षति का सर्वे कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। बड़ा सवाल: जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं हुई? सकरौहा में बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव में समय रहते नालियों और जल निकासी की व्यवस्था होती तो बारिश का पानी इस तरह घरों में नहीं घुसता। अब देखना यह है कि दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाते हैं या फिर ग्रामीण इसी तरह पानी और मलबे के बीच मदद की बाट जोहते रहेंगे।1
- चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा गोपीपुरवा मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गोपीपुरवा, मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि वर्तमान में रपटे के ऊपर से पानी का प्रवाह हो रहा है, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल पर स्थायी समाधान के लिए पिछले वर्ष कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की गई थी, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत लगभग 30 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए लगभग ₹1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है।1
- 🚨 चित्रकूट पुलिस अलर्ट: मंदाकिनी नदी की बाढ़ को लेकर रामघाट व निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र का निरीक्षण #चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के मद्देनजर अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को रामघाट, निर्मोही अखाड़ा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। रामघाट के निचले घाटों, दुकानों और निर्मोही अखाड़ा के समीप कुछ क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर गया है। पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों, पुजारियों, दुकानदारों और नाविकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। 🔹 हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश। 🔹 जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ के साथ समन्वय कर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश। 🔹 निचले इलाकों में फंसे लोगों को तत्काल बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश। 🔹 घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर स्नान व आवागमन पर प्रतिबंध। 🔹 लाउड हेलर के माध्यम से लगातार लोगों को सावधान किया जा रहा है। ⚠️ पुलिस की अपील: मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभी स्थिर नहीं है। नागरिक नदी एवं घाटों के आसपास न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें। निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी, चौकी प्रभारी रामघाट सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। #Chitrakoot #चित्रकूट #MandakiniRiver #मंदाकिनी_नदी #FloodAlert #बाढ़_अलर्ट #ChitrakootPolice1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | चित्रकूट 🚨 🌧️ 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से हनुवा पुल के ऊपर बह रहा पानी, एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित चित्रकूट। जिले में पिछले करीब 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मानिकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुवा स्थित पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मुख्य संपर्क मार्ग बाधित हो गया है और स्कूली बच्चों, राहगीरों व वाहनों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के मुताबिक सरैया-हनुवा मार्ग गढ़चपा, कौबरा, बराछी, रामपुर, बांधी समेत कई गांवों को जोड़ता है। बारिश के दौरान हनुवा के साथ कौबरा और बराछी पुल पर भी जलस्तर बढ़ने से एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों, सांसद, विधायक और मंत्री को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी इसी मार्ग से गुजरे, लेकिन पुल की स्थिति का जायजा नहीं लिया। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द पुल का निर्माण अथवा स्थायी समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण एकजुट होकर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जवाब देने की भी चेतावनी दी है। 📢 चित्रकूट न्यूज लाइव 🎥 ग्राउंड रिपोर्ट | जनसमस्या की आवाज #चित्रकूट #हनुवा #मानिकपुर #बारिश #बाढ़ #ग्रामीणसमस्या #हनुवापुल #ChitrakootNewsLive1
- लोकेशन रीवा। त्योहार पर जागा खाद्य विभाग? अधूरी कार्रवाई पर सवाल, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश। रीवा में रक्षाबंधन के दौरान खाद्य विभाग की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में है। सिरमौर चौराहा स्थित बृजवासी मिष्ठान भंडार में जांच के दौरान पनीर और रसगुल्लों में कीड़े मिलने की बात सामने आई। विभाग ने लाइसेंस निलंबित कर दिया, लेकिन प्रतिष्ठान सील क्यों नहीं हुआ और कार्रवाई के बाद भी संचालन कैसे जारी रहा? इन्हीं सवालों को लेकर मामला गरमा गया है। कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश द्विवेदी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बृजवासी मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया। जांच में खाद्य सामग्री में कथित तौर पर कीड़े मिलने के बाद विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की। लेकिन कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि जब खाद्य सामग्री उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाई गई तो केवल लाइसेंस निलंबन तक कार्रवाई क्यों सीमित रही? क्या प्रतिष्ठान को तत्काल सील किया जाना चाहिए था और यदि नहीं किया गया तो इसके पीछे नियम क्या कहते हैं? इसी बीच सूत्रों के हवाले से प्रभावशाली व्यक्ति अथवा मंत्री से फोन पर बातचीत कराने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में कार्रवाई की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। त्योहारों के दौरान खाद्य विभाग की सक्रियता पर भी सवाल हैं, क्या मिलावट और दूषित खाद्य सामग्री की जांच केवल त्योहारों तक सीमित है? और कार्रवाई के बाद उसकी निगरानी कौन करता है? मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जांच कराने और तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब निगाहें जांच पर हैं कि दोष खाद्य प्रतिष्ठान का निकलेगा, कार्रवाई में चूक की या फिर पूरे सिस्टम की निगरानी व्यवस्था की?1
- मानिकपुर गुरौला रोड 52 नंबर पुल में पानी का जल स्तर बढ़ चुका है आज की ताजा खबर/.. मानिकपुर में भारी बारिश के कारण आवागमन बंद हुआ जो मानिकपुर से कई गांव का संपर्क टूट1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | चित्रकूट 🚨 🛣️ बंदरी पुरवा संपर्क मार्ग को लेकर अनशन समाप्त मानिकपुर, चित्रकूट। बंदरी पुरवा संपर्क मार्ग की समस्या को लेकर बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा एवं ग्रामीणों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन अनशन प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। लगातार बारिश के चलते गांव को जोड़ने वाला पुल बह गया था, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आवागमन प्रभावित हो रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी, लेखपाल और थाना बहिलपुरवा प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीएम मानिकपुर ने मौके पर पहुंचकर संपर्क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने तत्काल वैकल्पिक रास्ता, बह चुके पुल का पुनर्निर्माण और स्थायी संपर्क मार्ग बनाने की मांग रखी। प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त हो गया है। अब ग्रामीणों की नजर आश्वासन पर होने वाली कार्रवाई पर है। 📲 चित्रकूट की हर छोटी-बड़ी खबर से जुड़े रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज को Follow करें। #चित्रकूट #मानिकपुर #बंदरीपुरवा #संपर्कमार्ग #ग्रामीणसमस्या #ब्रेकिंगन्यूज #ChitrakootNewsLive1
- मानिकपुर गुरौला संपर्क मार्ग पर आवागमन करने वालों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है चित्रकूट मानिकपुर.. गुरौला का संपर्क मत टूट1