अंडरब्रिज में जलभराव जोखिम में जान, प्रशासन बेपरवाह,मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सतना। शहर के प्रेमनगर से कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। अंडरब्रिज में हुए भारी जलभराव के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चार पहिया वाहन निकालने को मजबूर हैं। पानी के गहराई का अंदाजा न होने के कारण कई वाहन चालक बीच रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सबसे चिंताजनक तस्वीर अंडरब्रिज में भरे पानी के बीच से सामने आ रही है। स्थानीय छोटे-छोटे बच्चे गहरे पानी में खिलवाड़ कर रहे हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों पर लटक रहे हैं। बच्चों की यह खतरनाक लापरवाही किसी भी वक्त किसी बड़े हादसे या अनहोनी का कारण बन सकती है। प्रशासन की 'बैरिकेटिंग' वाली इतिश्री इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद ढुलमुल नजर आ रहा है। नगर निगम और संबंधित प्रशासन ने अंडरब्रिज के दोनों तरफ महज बैरिकेट्स लगाकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। पानी की निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है, न ही वहां सुरक्षा के लिए किसी कर्मचारी की तैनात की गई है।
अंडरब्रिज में जलभराव जोखिम में जान, प्रशासन बेपरवाह,मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सतना। शहर के प्रेमनगर से कोतवाली मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। अंडरब्रिज में हुए भारी जलभराव के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर दोपहिया और चार पहिया वाहन निकालने को मजबूर हैं। पानी के गहराई का अंदाजा न होने के कारण कई वाहन चालक बीच रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मासूमों की खतरनाक मस्ती, हादसे का डर सबसे चिंताजनक तस्वीर अंडरब्रिज में भरे पानी के बीच से सामने आ रही है। स्थानीय छोटे-छोटे बच्चे गहरे पानी में खिलवाड़ कर रहे हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों पर लटक रहे हैं। बच्चों की यह खतरनाक लापरवाही किसी भी वक्त किसी बड़े हादसे या अनहोनी का कारण बन सकती है। प्रशासन की 'बैरिकेटिंग' वाली इतिश्री इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद ढुलमुल नजर आ रहा है। नगर निगम और संबंधित प्रशासन ने अंडरब्रिज के दोनों तरफ महज बैरिकेट्स लगाकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। पानी की निकासी का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है, न ही वहां सुरक्षा के लिए किसी कर्मचारी की तैनात की गई है।
- रील में व्यूज के लिए गटर में लोटे भरहुत नगर के रीलबाज, शर्म भी शर्मा गई सतना शहर के भरहुत नगर में युवाओं को अपनी रील वायरल करने का ऐसा नशा चढ़ा है कि लोग नाली और गंदे सीवर के पानी में लोटने से भी नहीं हिचक रहे। पूरे मोहल्ले के टॉयलेट और नाली का बदबूदार पानी मंजूर है, बस रील वायरल हो जाए। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए गंदगी से इश्क भी मंजूर, हद है।1
- स्मार्ट सिटी सतना का हाल: जलभराव से वार्ड क्रमांक 27 की जनता बेहाल स्मार्ट सिटी सतना का हाल: जलभराव से वार्ड क्रमांक 27 की जनता बेहाल वार्ड क्रमांक 27 में जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गलियों और सड़कों पर भरे पानी के कारण आम जनता को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अब लोगों का गुस्सा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति फूटने लगा है। सवाल यह है कि आखिर कब प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा? कब यहां के जनप्रतिनिधि जनता की परेशानी को समझेंगे? कब महापौर जी वार्ड क्रमांक 27 की जनता की इस समस्या को देखने आएंगे? पता नहीं कब यहां की जनता को जलभराव की समस्या से राहत की सांस मिलेगी। स्मार्ट सिटी सतना के इस हाल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान चाहती है। #groundreport #news #madhyapradesh #satna #ward271
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी के रेल रोको आंदोलन की चेतावनी के कारण रेलवे ने ओवर विज का कार्य को किया पूरा । केवल पीडब्लूडी के कार्य बांकी है जिसको ब्लैक लिस्ट के लिए दिया ज्ञापन।1
- चित्रकूट में आई बाढ़ के कारण डोंडा माफी टैंक के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत का कार्य जारी2
- धर्म नगरी चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की भीषण चपेट में है। रामघाट सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। कई परिवारों के घर जलमग्न हैं और लोगों के सामने खाने-पीने सहित रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए महिला नेत्री अर्चना नितिन उपाध्याय ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट, सीतापुर और तरौंहा सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया। किसी ने घरों में पानी भरने की समस्या बताई तो किसी ने बाढ़ से हुए नुकसान और खाने-पीने की दिक्कत के बारे में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कई परिवारों की मुश्किलें देखकर अर्चना नितिन उपाध्याय ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति को देखा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए कल उतनी ही तादाद में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और कल से हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, पानी और दैनिक जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इस मुश्किल वक्त में किसी परिवार को भोजन और जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े। मां मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को समझना और उसके बाद जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने की पहल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। अर्चना नितिन उपाध्याय ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा और जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बाइट: अर्चना नितिन उपाध्याय — महिला नेत्री धर्म नगरी चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की भीषण चपेट में है। रामघाट सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। कई परिवारों के घर जलमग्न हैं और लोगों के सामने खाने-पीने सहित रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए महिला नेत्री अर्चना नितिन उपाध्याय ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट, सीतापुर और तरौंहा सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया। किसी ने घरों में पानी भरने की समस्या बताई तो किसी ने बाढ़ से हुए नुकसान और खाने-पीने की दिक्कत के बारे में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कई परिवारों की मुश्किलें देखकर अर्चना नितिन उपाध्याय ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति को देखा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए कल उतनी ही तादाद में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और कल से हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, पानी और दैनिक जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इस मुश्किल वक्त में किसी परिवार को भोजन और जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े। मां मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को समझना और उसके बाद जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने की पहल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। अर्चना नितिन उपाध्याय ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा और जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बाइट: अर्चना नितिन उपाध्याय — महिला नेत्री1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे से लगी सेमराडी बरेठी सहित सैकड़ो गांव को जोड़ने वाला रास्ता हुआ जलमग्न, समाजसेवी अमर दीप कुशवाहा ने मौके में पहुंचकर सभी से अनुरोध किया और सरकार से पुल बनाने की मांग की चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे से लगी सेमराडी बरेठी सहित सैकड़ो गांव को जोड़ने वाला रास्ता हुआ जलमग्न, समाजसेवी अमर दीप कुशवाहा ने मौके में पहुंचकर सभी से अनुरोध किया और सरकार से पुल बनाने की मांग की1
- आखिर जनता को कब तक बेवकूफ बनाते रहेंगे नेता लोग नही हो रहा आवागमन हाँथी दरवाजा खुटहA से हीराउँदि मार्ग मे पड़ने वाला हाँथी दरवाजा का रोड इतना ज्यादा खराब है की pooncho मत आने जाने वालों को इतना ज्यादा परेसानी है कि आये दिन मौत को दावत दे रही ये रोड 100metar se ज्यादा भी नहीं है पर इस 100 मीटर को पर करने मे 2kilomitar जितना टाइम खाता है अगर कोई नेता को खुद निकालाना हो तो पता चले1
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