कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद
मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू
कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- जंतर-मंतर पर व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे सोनम वांगचुक जी आज पांचवें दिन भी अन्न नहीं खा रहे हैं, लेकिन हम इस सच को निगल नहीं पा रहे हैं। जहाँ वह व्यवस्था से सीधी लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग अपने 'ट्रेंड-मंतर' पर केवल मोबाइल स्क्रीन स्क्रॉल करने में व्यस्त हैं। 'तीसरी आँख' की नज़र से देश की इस कड़वी हकीकत को दिखाते हुए समाज की बेरुखी पर तीखा प्रहार किया गया है। आज देश का सबसे नंगा सच यही बन चुका है कि हमारा समाज जीवित इंसान से असहज रहता है और मृत इंसान से सुरक्षित महसूस करता है, क्योंकि मरी हुई आवाजें कभी सवाल नहीं पूछतीं। देश को आज किसी शहीद की तस्वीर नहीं, बल्कि सत्ता की नींद उड़ाने वाले एक ज़िंदा योद्धा की ज़रूरत है।1
- जगदलपुर में श्रद्धालुओं के भारी उत्साह के साथ रथ परिक्रमा शुरू हो चुकी है। श्रद्धालु अत्यंत उत्साह पूर्वक रथ को खींच रहे हैं। यह रथ परिक्रमा गोल बाजार चौक, मिताली चौक और दंतेश्वरी मंदिर से होते हुए आगे बढ़ रही है और सीरासार भवन के समीप जाकर समाप्त होगी।2
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हेटारकसा, पल्लाहूर और जपमारका के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक नक्सली डम्प का पर्दाफाश करते हुए वहां से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया है। सुरक्षा की दृष्टि से बरामद टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल को बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और बीएसएफ डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा व 40वीं वाहिनी बीएसएफ के द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 14 जुलाई 2026 को चलाए गए इस अभियान में डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम शामिल थी। इस संयुक्त दल का नेतृत्व ग्राउंड पर बीएसएफ के सहायक कमांडेंट अंकुश कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक निर्मल जांगड़े, बीएसएफ इंस्पेक्टर अनुज कुमार, उप निरीक्षक गंगा राम, रजत जेफ, रोशन लाल मीणा तथा डीआरजी टीम कमांडर प्रधान आरक्षक रामकृष्ण यादव ने किया। नक्सली डम्प से बरामद की गई सामग्रियों में एक 303 रायफल मैगजीन, एक बीजीएल लॉन्चर, 303 रायफल के चार राउंड, एके-47 के 30 राउंड, एसएलआर के चार राउंड, 10 बीजीएल सेल, लगभग तीन किलोग्राम वजनी एक टिफिन आईईडी, दो पाइप बम और अन्य नक्सली सामग्री शामिल हैं। कांकेर पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए डीआरजी, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों का यह संयुक्त सघन सर्चिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।3
- कोंडागांव के डोगरीगुड़ा स्थित कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके साथ ही, उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और निवेश के नाम पर होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में सचेत किया गया। कार्यक्रम में यह महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।1
- कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3