गन्ना मंत्री को कालनेमी बताने पर समर्थकों में उबाल, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा मथुरा जनपद के छाता शुगर मिल आंदोलन के विरोध में मंत्री लक्ष्मीनारायण के समर्थन में प्रेसवार्ता, बोले—मांग रखना अधिकार, अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं नंदगांव। छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने और आंदोलन के बीच अब क्षेत्रीय राजनीति भी गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को लेकर आंदोलन के दौरान की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को नंदगांव और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने मंत्री के समर्थन में प्रेसवार्ता कर आंदोलनकारियों से संयम बरतने और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की अपील की। ग्रामीणों का कहना था कि शुगर मिल को लेकर अपनी मांग रखना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना क्षेत्र की गरिमा और मुद्दे की गंभीरता दोनों को प्रभावित करता है। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण स्वयं गंभीर हैं और अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी राजनीति से प्रेरित कुत्सित मानसिकता का परिचायक प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि मिल का मुद्दा किसानों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे व्यक्तिगत राजनीतिक टकराव का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। खरोट से आईं फैली प्रधान ने कहा कि छाता शुगर मिल से हजारों किसानों और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। मिल शुरू होने से किसानों को गन्ने की फसल के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को आपसी समन्वय और सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धरना-प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं और जिनके पास स्वयं एक कुंतल खेत नहीं है, वे किसान बनने का ढोंग कर रहे हैं। बदनगढ़ से आए अधिवक्ता उधम सिंह ने कहा कि चौधरी लक्ष्मी नारायण लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय से मंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर उनके प्रयास लगातार जारी रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों से बचना सभी की जिम्मेदारी है। नंदगांव चेयरमैन प्रतिनिधि भीम चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल का मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों और आमजन के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। पूर्व चेयरमैन बदन सिंह ने भी आंदोलनकारियों से अपनी मांगें शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के बजाय मिल को शुरू कराने के प्रयासों में सभी को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। रामगोपाल नेता ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक समिति का गठन किया गया था और समिति के लोग पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांग रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें ठोस आश्वासन भी दिया गया है। ऐसे में अब धरना समाप्त कर सरकार को मिल शुरू कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए समय देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी, दानों नेता, फैली प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भीम सिंह, अधिवक्ता उधम सिंह, कुम्पी पहलवान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बदन सिंह, रामगोपाल, भुवनेश गोस्वामी, रणवीर चौधरी, कुलदीप सिंह, किशन नेता सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि छाता शुगर मिल के संचालन के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों के स्तर से चल रहे प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए आंदोलन और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाधान का रास्ता तलाशना ही क्षेत्र के हित में होगा।
गन्ना मंत्री को कालनेमी बताने पर समर्थकों में उबाल, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा मथुरा जनपद के छाता शुगर मिल आंदोलन के विरोध में मंत्री लक्ष्मीनारायण के समर्थन में प्रेसवार्ता, बोले—मांग रखना अधिकार, अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं नंदगांव। छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने और आंदोलन के बीच अब क्षेत्रीय राजनीति भी गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को लेकर आंदोलन के दौरान की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को नंदगांव और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने मंत्री के समर्थन में प्रेसवार्ता कर आंदोलनकारियों से संयम बरतने और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की अपील की। ग्रामीणों का कहना था कि शुगर मिल को लेकर अपनी मांग रखना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना क्षेत्र की गरिमा और मुद्दे की गंभीरता दोनों को प्रभावित करता है। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण स्वयं गंभीर हैं और अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी राजनीति से प्रेरित कुत्सित मानसिकता का परिचायक प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि मिल का मुद्दा किसानों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे व्यक्तिगत राजनीतिक टकराव का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। खरोट से आईं फैली प्रधान ने कहा कि छाता शुगर मिल से हजारों किसानों और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। मिल शुरू होने से किसानों को गन्ने की फसल के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को आपसी समन्वय और सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धरना-प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं और जिनके पास स्वयं एक कुंतल खेत नहीं है, वे किसान बनने का ढोंग कर रहे हैं। बदनगढ़ से आए अधिवक्ता उधम सिंह ने कहा कि चौधरी लक्ष्मी नारायण लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय से मंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर उनके प्रयास लगातार जारी रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों से बचना सभी की जिम्मेदारी है। नंदगांव चेयरमैन प्रतिनिधि भीम चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल का मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों और आमजन के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। पूर्व चेयरमैन बदन सिंह ने भी आंदोलनकारियों से अपनी मांगें शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के बजाय मिल को शुरू कराने के प्रयासों में सभी को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। रामगोपाल नेता ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक समिति का गठन किया गया था और समिति के लोग पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांग रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें ठोस आश्वासन भी दिया गया है। ऐसे में अब धरना समाप्त कर सरकार को मिल शुरू कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए समय देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी, दानों नेता, फैली प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भीम सिंह, अधिवक्ता उधम सिंह, कुम्पी पहलवान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बदन सिंह, रामगोपाल, भुवनेश गोस्वामी, रणवीर चौधरी, कुलदीप सिंह, किशन नेता सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि छाता शुगर मिल के संचालन के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों के स्तर से चल रहे प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए आंदोलन और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाधान का रास्ता तलाशना ही क्षेत्र के हित में होगा।
- गन्ना मंत्री को कालनेमी बताने पर समर्थकों में उबाल, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा मथुरा जनपद के छाता शुगर मिल आंदोलन के विरोध में मंत्री लक्ष्मीनारायण के समर्थन में प्रेसवार्ता, बोले—मांग रखना अधिकार, अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं नंदगांव। छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने और आंदोलन के बीच अब क्षेत्रीय राजनीति भी गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को लेकर आंदोलन के दौरान की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को नंदगांव और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने मंत्री के समर्थन में प्रेसवार्ता कर आंदोलनकारियों से संयम बरतने और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की अपील की। ग्रामीणों का कहना था कि शुगर मिल को लेकर अपनी मांग रखना हर व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना क्षेत्र की गरिमा और मुद्दे की गंभीरता दोनों को प्रभावित करता है। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण स्वयं गंभीर हैं और अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी राजनीति से प्रेरित कुत्सित मानसिकता का परिचायक प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि मिल का मुद्दा किसानों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसे व्यक्तिगत राजनीतिक टकराव का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। खरोट से आईं फैली प्रधान ने कहा कि छाता शुगर मिल से हजारों किसानों और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। मिल शुरू होने से किसानों को गन्ने की फसल के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को आपसी समन्वय और सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धरना-प्रदर्शन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं और जिनके पास स्वयं एक कुंतल खेत नहीं है, वे किसान बनने का ढोंग कर रहे हैं। बदनगढ़ से आए अधिवक्ता उधम सिंह ने कहा कि चौधरी लक्ष्मी नारायण लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय से मंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास से जुड़े अनेक मुद्दों को लेकर उनके प्रयास लगातार जारी रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों से बचना सभी की जिम्मेदारी है। नंदगांव चेयरमैन प्रतिनिधि भीम चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल का मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों और आमजन के भविष्य से जुड़ा है। इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। पूर्व चेयरमैन बदन सिंह ने भी आंदोलनकारियों से अपनी मांगें शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के बजाय मिल को शुरू कराने के प्रयासों में सभी को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। रामगोपाल नेता ने कहा कि आंदोलन के दौरान एक समिति का गठन किया गया था और समिति के लोग पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांग रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें ठोस आश्वासन भी दिया गया है। ऐसे में अब धरना समाप्त कर सरकार को मिल शुरू कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए समय देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी, दानों नेता, फैली प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भीम सिंह, अधिवक्ता उधम सिंह, कुम्पी पहलवान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बदन सिंह, रामगोपाल, भुवनेश गोस्वामी, रणवीर चौधरी, कुलदीप सिंह, किशन नेता सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि छाता शुगर मिल के संचालन के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों के स्तर से चल रहे प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए आंदोलन और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समाधान का रास्ता तलाशना ही क्षेत्र के हित में होगा।1
- छाता शुगरमिल पर भजन संध्या करते हुए किसान भाई, आंदोलन में समर्थन करने आए मथुरा के सभी क्षेत्रवासियों के गन्ना मिल खुलना बड़ी सौगात होगी जिसके ब्रज के हर गाँव के सभी लोग रात दिन आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं आज रात एक भजन कीर्तन मंडल भी शुगर मिल धरना प्रदर्शन में पहुंच गया है और कीर्तन मंडल भजनों पर नाच गाकर फ़ौजी और किसान भाइयों का मनोबल बढ़ा रहा है साथ ही आंदोलन करियो की सुरक्षा का जिम्मा भी बेहद जरूरी है जिसका लोग पूरा ख्याल रखा जा रहा है1
- छाता ग्रामवाशियों और किसान मोर्चा ने लगाए गंभीर आरोप जाने क्या है पूरी खबर छाता ग्रामवाशियों और किसान मोर्चा ने लगाए गंभीर आरोप1
- जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन पलवल के तत्वाधान में दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पतली गेट के प्रांगण में योगाचार्य गुरमेश सिंह के सानिध्य में योग विज्ञान चिकित्सा शिविर का शुभारंभ हुआ। पलवल कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ विजेंद्र सिंह गोड ने की तथा संयोजन सुभाष चंद्र मंच संचालन श्याम दत्त शर्मा ने किया। योगाचार्य गुरमेश सिंह ने गायत्री महामंत्र के उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं को विरुद्ध आहार में सात्विक आहार को कैसे जाने माने और प्रयोग करें इसकी विस्तृत जानकारी के साथ मार्गदर्शन दिया गया। तथा हरियाणा सरकार ने नशा मुक्त हरियाणा व भारत सरकार ने भी नशा मुक्ति पर जो अभियान चलाया हुआ है उसके दुष्परिणाम की विस्तृत जानकारी देकर नशा मुक्ति के लिए शपथ की दिलाई गई । आचार्य ने विशेष प्रेरणा योग सत्र के दौरान सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम, योगासन में ताड़ासन, त्रिकोणासन, पक्षी आसन, वृक्षासन, पद्मासन, गोमुखासन उत्थित पद्मासन, चक्रासन, सर्वांगासन, हलासन, करणपिंडासान, सलभाषण, उत्तानपादासन, धनुरासन, भुजंगासन, मयूरासन, शीर्षासन का अभ्यास कराया गया। सूक्ष्म में गिरवा चालन, सेकंध चालन, कटी चालन, घुटने चालन का अभ्यास के साथ-साथ प्राणायाम में भास्त्री का, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीद ओमकार मन की एकाग्रता के लिए ध्यान योग कराया गया। षट कर्म में पेट संबंधी समस्त विकारों को दूर करने के लिए न्यौली क्रिया अग्निसार का मार्गदर्शन दिया गया। स्कूल के सभी अध्यापक व अध्यापिकाओं ने भी इस विशेष योग सत्र का अभ्यास करके लाभ उठाया।4
- ➡️ 4 सितंबर को भव्य होगा कृष्ण जन्मोत्सव, मथुरा में तैयारी तेज: DM ➡️ जिलाधिकारी बोले- श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, पुख्ता हैं इंतजाम #श्रीकृष्णजन्मोत्सव Mathura Keshri News1
- वृंदावन में दिव्यांगों के ई-रिक्शा सीज और भारी चालान से आक्रोश, बोले- क्या हमें सम्मान से जीने का अधिकार नहीं? मथुरा/वृंदावन। वृंदावन में स्वरोजगार के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे दिव्यांगों के सामने इन दिनों बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। आरोप है कि दिव्यांगों द्वारा चलाए जा रहे ई-रिक्शा आए दिन सीज किए जा रहे हैं और उनके 5 हजार से लेकर 28 हजार रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं। कार्रवाई को लेकर दिव्यांगों में भारी रोष व्याप्त है। राष्ट्रीय दिव्यांग सेना, वृंदावन का कहना है कि इस समस्या को लेकर संगठन द्वारा पूर्व में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। संगठन का आरोप है कि स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का प्रयास कर रहे दिव्यांगों के सामने प्रशासनिक कार्रवाई के कारण आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। दिव्यांगों का कहना है कि वे किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते और मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहते हैं। उनका सवाल है कि "क्या हम दिव्यांग लोग भी सम्मान और इज्जत के साथ जिंदगी जीने के हकदार नहीं हैं? क्या हमें भीख मांगकर ही अपना जीवन गुजारना पड़ेगा?" बताया गया है कि हाल ही में एक दिव्यांग के ई-रिक्शा का 28 हजार रुपये का चालान किया गया। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उसके साथ अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद दिव्यांग समुदाय में खासा आक्रोश है। राष्ट्रीय दिव्यांग सेना ने प्रशासन से मांग की है कि दिव्यांगों के ई-रिक्शा के संबंध में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित समाधान निकाला जाए, अनावश्यक रूप से भारी चालान और ई-रिक्शा सीज करने की कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए तथा दिव्यांगों को स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाए। दिव्यांगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होगा।चाहें तो मैं इसका दमदार हेडलाइन, एंकर स्क्रिप्ट और 30 सेकंड की वीडियो न्यूज़ स्क्रिप्ट भी बना सकता हूँ।1
- हनुमान बाग आश्रम में आयोजित संत गया प्रसाद बाबा की पुण्य स्मृति भंडारे में पहुंचे सपा महासचिव रामगोपाल यादव गोवर्धन के संत शिरोमणि सियारामदास जी महाराज जी के हनुमान बाग आश्रम में आयोजित संत गया प्रसाद बाबा की पुण्य स्मृति भंडारे में पहुंचे जहां संतो और भक्तों के दर्शन के बाद साथ में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया और सपा महासचिव रामगोपाल यादव, उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े किये1
- रामपुर जिला से दिल दहलाने बाली खबर सामने आयी है एक सैनी परिवार कि बहन का बलातकार करके फांसी के फन्दे पर लटकाया गया जिला से रिपोर्ट रामपुर एक सैनी परिवार कि बेटी कि बलातकार करके उसको फांसी के फन्दे पर लटकाया गया1