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जमुई में 29 जून, सोमवार से भाकपा माले के नेतृत्व में 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों विस्थापित किसानों ने हाथों में लाल झंडा लेकर अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक तक पैदल मार्च किया, जहाँ एक सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बरनार जलाशय निर्माण के कारण सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना किसानों की जमीन नहीं ले सकती। सिंह ने प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, समुचित पुनर्वास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के लिए वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा देने की भी मांग की गई। सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की, जबकि पदयात्रा का नेतृत्व बाबू साहब सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, संजय राय और कल्लू मरांडी ने किया। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती ने भी इस यात्रा को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा।

5 hrs ago
user_Saneh Lata Sinha
Saneh Lata Sinha
Local News Reporter Jamui, Bihar•
5 hrs ago

जमुई में 29 जून, सोमवार से भाकपा माले के नेतृत्व में 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों विस्थापित किसानों ने हाथों में लाल झंडा लेकर अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक तक पैदल मार्च किया, जहाँ एक सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बरनार जलाशय निर्माण के कारण सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना किसानों

की जमीन नहीं ले सकती। सिंह ने प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, समुचित पुनर्वास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के लिए वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा देने की भी मांग की गई। सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की, जबकि पदयात्रा का नेतृत्व बाबू साहब सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, संजय राय और कल्लू मरांडी ने किया। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती ने भी इस यात्रा को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा।

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  • जमुई के झाझा में श्री श्री 108 शनिदेव जी महाराज मंदिर का 17वां स्थापना दिवस सोमवार, 29 जून को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार विशेष पूजन, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शनिदेव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। स्थापना दिवस समारोह में कुंज बिहारी चौधरी ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर 'जय शनिदेव' के जयघोष और भक्ति गीतों से लगातार गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर उदयशंकर झा, सौरभ झा, मोती सिंघानिया, प्रशांत सुल्तानिया, रवि साव, ऋषभ गोयल, मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा, दिलीप झा और कुलदीप झा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मंदिर स्थापना दिवस का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की भावना को भी बढ़ावा देना है।
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    जमुई के झाझा में श्री श्री 108 शनिदेव जी महाराज मंदिर का 17वां स्थापना दिवस सोमवार, 29 जून को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार विशेष पूजन, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शनिदेव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

स्थापना दिवस समारोह में कुंज बिहारी चौधरी ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर 'जय शनिदेव' के जयघोष और भक्ति गीतों से लगातार गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

इस अवसर पर उदयशंकर झा, सौरभ झा, मोती सिंघानिया, प्रशांत सुल्तानिया, रवि साव, ऋषभ गोयल, मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा, दिलीप झा और कुलदीप झा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मंदिर स्थापना दिवस का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की भावना को भी बढ़ावा देना है।
    user_Ankita Priya Sinha
    Ankita Priya Sinha
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    5 hrs ago
  • जमुई में 29 जून, सोमवार से भाकपा माले के नेतृत्व में 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों विस्थापित किसानों ने हाथों में लाल झंडा लेकर अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक तक पैदल मार्च किया, जहाँ एक सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बरनार जलाशय निर्माण के कारण सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना किसानों की जमीन नहीं ले सकती। सिंह ने प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, समुचित पुनर्वास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के लिए वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा देने की भी मांग की गई। सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की, जबकि पदयात्रा का नेतृत्व बाबू साहब सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, संजय राय और कल्लू मरांडी ने किया। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती ने भी इस यात्रा को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा।
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    जमुई में 29 जून, सोमवार से भाकपा माले के नेतृत्व में 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों विस्थापित किसानों ने हाथों में लाल झंडा लेकर अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक तक पैदल मार्च किया, जहाँ एक सभा आयोजित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बरनार जलाशय निर्माण के कारण सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना किसानों की जमीन नहीं ले सकती। सिंह ने प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, समुचित पुनर्वास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के लिए वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा देने की भी मांग की गई।

सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की, जबकि पदयात्रा का नेतृत्व बाबू साहब सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, संजय राय और कल्लू मरांडी ने किया। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती ने भी इस यात्रा को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा।
    user_Saneh Lata Sinha
    Saneh Lata Sinha
    Local News Reporter Jamui, Bihar•
    5 hrs ago
  • भाकपा (माले), आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों ने पुनर्वास, मुआवजा और अपनी अन्य मांगों को लेकर सोनो, जमुई में पदयात्रा शुरू की है। सैकड़ों किसान लाल झंडों के साथ बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी से होते हुए सोनो चौक पहुंचे, जहाँ एक सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने आशंका जताई कि इस जलाशय के निर्माण से आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी और आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, जमीन के बदले जमीन, उचित मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। पदयात्रा में शामिल किसानों ने यह भी मांग रखी कि एनएच-333ए के लिए अधिग्रहित भूमि का वर्तमान एमवीआर (मार्केट वैल्यू रेट) के आधार पर पाँच गुना मुआवजा दिया जाए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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    भाकपा (माले), आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों ने पुनर्वास, मुआवजा और अपनी अन्य मांगों को लेकर सोनो, जमुई में पदयात्रा शुरू की है। सैकड़ों किसान लाल झंडों के साथ बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी से होते हुए सोनो चौक पहुंचे, जहाँ एक सभा का आयोजन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने आशंका जताई कि इस जलाशय के निर्माण से आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी और आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, जमीन के बदले जमीन, उचित मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए।

पदयात्रा में शामिल किसानों ने यह भी मांग रखी कि एनएच-333ए के लिए अधिग्रहित भूमि का वर्तमान एमवीआर (मार्केट वैल्यू रेट) के आधार पर पाँच गुना मुआवजा दिया जाए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
    user_Pinkey Kumari
    Pinkey Kumari
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    7 hrs ago
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [भाकपा माले] द्वारा बटिया से जमुई तक एक पदयात्रा का आयोजन किया गया है। यह पदयात्रा मुख्य रूप से पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है।
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    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [भाकपा माले] द्वारा बटिया से जमुई तक एक पदयात्रा का आयोजन किया गया है। यह पदयात्रा मुख्य रूप से पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है।
    user_Nandan Kumar Paswan
    Nandan Kumar Paswan
    जमुई, जमुई, बिहार•
    10 hrs ago
  • भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए बरनार जलाशय निर्माण से प्रभावित होने वाले किसानों की गंभीर चिंताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि जलाशय के पानी में सैकड़ों आदिवासी घर, खेत-खलिहान, बच्चों के स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाएं डूब जाने का भय किसानों के मन में है। इसी मुद्दे पर, किसान अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर भीषण गर्मी के बावजूद 75 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकलने का फैसला किया है। किसानों ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने से पहले, सरकार को प्रभावित किसानों के लिए पुनर्वास हेतु जमीन, खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल, प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी सुनिश्चित करनी होगी। बाबू साहब सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गारंटियों को पूरा नहीं करती है, तो किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं होंगे। उन्होंने सरकार से किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तुरंत वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए वर्तमान एमवीआर (MVR) का पाँच गुना मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह पदयात्रा आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगी। इस पदयात्रा में भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, वहीं इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शम्भू तांती ने भी सैकड़ों किसानों के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस पैदल यात्रा में कंचन रजक, ख़ूबला राणा, सलीम अंसारी, प्रदीप मंडल सहित सैकड़ों किसान शामिल हैं।
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    भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए बरनार जलाशय निर्माण से प्रभावित होने वाले किसानों की गंभीर चिंताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि जलाशय के पानी में सैकड़ों आदिवासी घर, खेत-खलिहान, बच्चों के स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाएं डूब जाने का भय किसानों के मन में है। इसी मुद्दे पर, किसान अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर भीषण गर्मी के बावजूद 75 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकलने का फैसला किया है। किसानों ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने से पहले, सरकार को प्रभावित किसानों के लिए पुनर्वास हेतु जमीन, खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल, प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी सुनिश्चित करनी होगी।

बाबू साहब सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गारंटियों को पूरा नहीं करती है, तो किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं होंगे। उन्होंने सरकार से किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तुरंत वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए वर्तमान एमवीआर (MVR) का पाँच गुना मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह पदयात्रा आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगी। इस पदयात्रा में भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, वहीं इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शम्भू तांती ने भी सैकड़ों किसानों के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस पैदल यात्रा में कंचन रजक, ख़ूबला राणा, सलीम अंसारी, प्रदीप मंडल सहित सैकड़ों किसान शामिल हैं।
    user_Jamui Samachar Tak News
    Jamui Samachar Tak News
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    10 hrs ago
  • वरनार विस्थापितों के न्याय की मांग को लेकर बटिया से जमुई मुख्यालय तक 'वरनार विस्थापित न्याय यात्रा' निकाली गई। इस पैदल यात्रा के दौरान किसान, आदिवासी और नेताओं द्वारा लगातार नारे लगाए जा रहे थे।
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    वरनार विस्थापितों के न्याय की मांग को लेकर बटिया से जमुई मुख्यालय तक 'वरनार विस्थापित न्याय यात्रा' निकाली गई। इस पैदल यात्रा के दौरान किसान, आदिवासी और नेताओं द्वारा लगातार नारे लगाए जा रहे थे।
    user_Reaction Bihar News
    Reaction Bihar News
    पत्रकार जमुई, जमुई, बिहार•
    10 hrs ago
  • बिहार के जमुई जिले में स्थित अमारी पंचायत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने ‘मन की बात’ सुनी, जिसके साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
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    बिहार के जमुई जिले में स्थित अमारी पंचायत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने ‘मन की बात’ सुनी, जिसके साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
    user_Mukesh kumar
    Mukesh kumar
    जमुई, जमुई, बिहार•
    20 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत बिल्लो गांव में रविवार को जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 44 वर्षीय आशा कार्यकर्ता संगीता भारती, जो स्वर्गीय सुरेंद्र महतो की पत्नी हैं, और उनके 23 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार उर्फ मनीष कुमार शामिल हैं। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल लखीसराय में कराया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय सुरेंद्र महतो के हिस्से की जमीन पर उनके हिस्सेदार बाढो महतो के पुत्र परमानंद महतो द्वारा जबरन ट्रैक्टर से जुताई की जा रही थी। जब संगीता भारती और उनके बेटे ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित संगीता भारती ने बताया कि 50 वर्ष पहले ही उनके परिवार का जमीनी बंटवारा हो चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले जब खेत में गेहूं लगा था, तब भी उनके हिस्सेदारी द्वारा लगभग 40 बीघा जमीन में लगे गेहूं की फसल में मनमानी की गई थी। अब धान के सीजन में भी जबरन उनके हिस्से की जमीन की जुताई की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पीएचसी रामगढ़ चौक लाया गया, जहां स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें सदर अस्पताल लखीसराय रेफर कर दिया गया। संगीता भारती ने इस संबंध में रामगढ़ चौक थाना में लिखित आवेदन दिया है। रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त हो गया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत बिल्लो गांव में रविवार को जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 44 वर्षीय आशा कार्यकर्ता संगीता भारती, जो स्वर्गीय सुरेंद्र महतो की पत्नी हैं, और उनके 23 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार उर्फ मनीष कुमार शामिल हैं। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल लखीसराय में कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय सुरेंद्र महतो के हिस्से की जमीन पर उनके हिस्सेदार बाढो महतो के पुत्र परमानंद महतो द्वारा जबरन ट्रैक्टर से जुताई की जा रही थी। जब संगीता भारती और उनके बेटे ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित संगीता भारती ने बताया कि 50 वर्ष पहले ही उनके परिवार का जमीनी बंटवारा हो चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले जब खेत में गेहूं लगा था, तब भी उनके हिस्सेदारी द्वारा लगभग 40 बीघा जमीन में लगे गेहूं की फसल में मनमानी की गई थी। अब धान के सीजन में भी जबरन उनके हिस्से की जमीन की जुताई की जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पीएचसी रामगढ़ चौक लाया गया, जहां स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें सदर अस्पताल लखीसराय रेफर कर दिया गया। संगीता भारती ने इस संबंध में रामगढ़ चौक थाना में लिखित आवेदन दिया है। रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त हो गया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vivek Anand
    Vivek Anand
    रामगढ़ चौक, लखीसराय, बिहार•
    3 hrs ago
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