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उत्तर प्रदेश मे सहारनपुर की मस्जिद पर विवाद गरम हो गया है। बताया जाता है कि मस्जिद को रातों रात ध्वस्तीकरण के बाद लोगो में आक्रोश दिखाई दिया। Varanasi Breking News
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उत्तर प्रदेश मे सहारनपुर की मस्जिद पर विवाद गरम हो गया है। बताया जाता है कि मस्जिद को रातों रात ध्वस्तीकरण के बाद लोगो में आक्रोश दिखाई दिया। Varanasi Breking News
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- सिधौना बाजार में अंधेरा बना हादसे की वजह, मजदूर की मौत1
- राष्ट्रीय पत्रकार परिषद बनेगी किसानों की आवाजराष्ट्रीय पत्रकार परिषद बनेगी किसानों की आवाज जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता हरीशचंद्र पटेल वाराणसी सिवनी, मध्य प्रदेश। राष्ट्रीय पत्रकार परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की टीम संगठनात्मक कार्य के सिलसिले में महाराष्ट्र जाते समय मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुंहीया ग्राम सभा पहुंची। टीम ने गांव में किसानों से मुलाकात कर उनके खेती-किसानी के तौर-तरीकों, फसलों और कृषि से जुड़ी समस्याओं को करीब से जाना। इस दौरान पत्रकार परिषद की टीम ने किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों, आर्थिक चुनौतियों, कृषि लागत, फसल उत्पादन और अन्य स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। किसानों ने भी अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं टीम के सामने रखीं। राष्ट्रीय पत्रकार परिषद का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं और उनकी आवाज को समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान किसानों की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित हो सके। सिवनी जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है और जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार यहां बड़ी मात्रा में भूमि पर खरीफ एवं रबी फसलों की खेती होती है। परिषद की टीम ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर दिखाना नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों की आवाज को सामने लाना भी है, जिनकी समस्याएं अक्सर व्यवस्था तक नहीं पहुंच पातीं।1
- कलम के तेज धार से जनपद अयोध्या में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद अयोध्या में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा - आज से 9 वर्ष पहले, 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति क्या थी! आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे, अव्यवस्था थी, रेसिपी ईमानदारी से केंद्रों तक नहीं पहुंचती थी। जब नहीं पहुंचेगी तो बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और सहायिकाओं की होती थी। बेईमानी तत्कालीन सरकार करती थी। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी की रेसिपी और पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। उसकी ऐसी पहुंच थी कि हर व्यवस्था को प्रभावित कर सकता था, कोई उसके सामने बोलता नहीं था। पोषाहार की शिकायतें होती थीं, गलती कोई करता था, भुगतना पड़ता था। सरकार और माफिया मिलकर व्यवस्था चौपट करते थे, गाली आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और सहायिकाओं को सुनने को मिलती थी।1
- मिर्जापुर: द मूवी देखकर सच कहूँ तो बेहद रोमांचित हूँ। मेरे हिसाब से यह फिल्म एक हिट वेब सीरीज को सफल फिल्म में बदलने का ब्लॉकबस्टर टेम्प्लेट है। ये फ़िल्म एक जबरदस्त बिजनेस मॉडल है! जैसे स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए हर मसाले का सही अनुपात जरूरी होता है, वैसे ही एक अच्छी मनोरंजक फिल्म बनाने के लिए इमोशंस, एक्शन, ड्रामा, रिश्ते, किरदार और कहानी का संतुलन जरूरी होता है। मिर्जापुर: द मूवी ने यही साबित किया है कि जब हर चीज़ सही अनुपात में मिले तो नतीजा कितना शानदार हो सकता है। मिर्जापुर वेब सीरीज लगभग सभी ने देखी है। जिन्होंने देखी है, उन्हें इसमें वही सब मिलेगा जो उन्हें सीरीज में पसंद था और जिन्होंने नहीं देखी है, वे भी कहानी से कटे हुए महसूस नहीं करेंगे। फिल्म को इस तरह से रचा गया है कि नए दर्शक भी आसानी से इससे जुड़ सकें। सबसे पहले यह साफ कर दूँ कि वेब सीरीज की तरह यह भी एडल्ट कंटेंट है। इसमें भरपूर वायलेंस है, इंटिमेट सीन हैं लेकिन इसका वायलेंस सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है। हर हिंसा के पीछे भावनाएँ हैं, रिश्ते हैं, बदले की आग है और कहानी का मजबूत कारण है। इसलिए यह अनावश्यक नहीं लगता। सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म ने वेब सीरीज के किरदार तो लिए हैं, लेकिन कहानी को नया रास्ता दिया है। मिर्जापुर हमेशा से अपने कैरेक्टराइजेशन के लिए जानी जाती रही है और फिल्म में भी हर किरदार उसी मजबूती के साथ सामने आता है। यह फिल्म इस बात की बेहतरीन मिसाल है कि किरदारों को कैसे गढ़ा और स्थापित किया जाता है। फ़िल्म का लेखन और निर्देशन शानदार है। एक-एक दृश्य को जिस बारीकी से फिल्माया गया है, वह प्रभावित करता है। कई जगह दिए गए पॉज़ सीन की गहराई को और बढ़ा देते हैं। अनगिनत डायलॉग्स कमाल के हैं, जो कई दृश्यों को साधारण से असरदार बनाते हैं। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके इमोशंस हैं। पति-पत्नी, भाई-भाई, दोस्ती, बाप-बेटा, मां-बेटा, प्रेमी-प्रेमिका, बहन-भाई, हर रिश्ते को जिस संवेदनशीलता से जोड़ा गया है, वह लाजवाब है। यही भावनात्मक जुड़ाव दर्शक को कहानी के भीतर बनाए रखता है। अभिनय की बात करूँ तो एक भी कलाकार ऐसा नहीं लगा जिसने निराश किया हो। हर कलाकार अपने किरदार में पूरी तरह ढला हुआ दिखाई देता है। खासतौर पर रवि किशन द्वारा निभाया गया बब्बन का किरदार। वेब सीरीज में यह किरदार नहीं था, लेकिन फिल्म को एक मुकम्मल सिनेमाई क्लाइमेक्स देने के लिए इसकी जरूरत थी और रवि किशन ने इसे यादगार बना दिया है। मुझे एक और बात बहुत पसंद आई। रॉबिन अग्रवाल का किरदार। उसका एक छोटा सा सीन है, लेकिन उसे देखकर लगा कि निर्माता-निर्देशक अच्छी तरह समझते हैं कि दर्शकों के दिल में कौन-सा किरदार बस चुका है। हालांकि ये सीन नहीं होता तो कहानी पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन वह एक खूबसूरत नॉस्टेलजिया पैदा करता है। उसका तकिया कलाम है ये भी ठीक है! मुझे ये किरदार बहुत पसंद है! राजनीति, सत्ता का खेल, ट्विस्ट एंड टर्न्स तो मिर्जापुर की पहचान रहे ही हैं, लेकिन इस फिल्म की असली सफलता इस बात में है कि इसने इमोशंस, एक्शन, वायलेंस, कहानी और किरदारों के विकास के बीच अद्भुत संतुलन बनाया है। मुझे लगता है कि आने वाले वर्षों में जब भी किसी सफल वेब सीरीज को फिल्म में बदलने की बात होगी, मिर्जापुर का उदाहरण जरूर दिया जाएगा। जिस तरह मिर्जापुर वेब सीरीज ने भारतीय वेब कंटेंट को नया रास्ता दिखाया था, उसी तरह यह फिल्म वेब सीरीज से फिल्मों में रूपांतरण का नया बिजनेस मॉडल और नया रास्ता दिखाती है। मेरी रेटिंग- ⭐⭐⭐⭐ (4/5)1
- बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी के नाम पर 6 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार वाराणसी। बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये ठगने वाले शातिर को सिगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर पीड़िता को धोखा दे रहा था। पुलिस ने आरोपी चन्द्रमणि शर्मा (32) पुत्र विंध्याचल शर्मा को सोनिया रोड स्थित उसके कार्यालय से मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से त्रिदेव नगर कॉलोनी, सरायनंदन, भेलूपुर का रहने वाला है और वर्तमान में आनंद नगर, कंदवा, चितईपुर में रहता है। कैसे दिया धोखा?आरोपी ने पीड़िता को बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर करीब 6 लाख रुपये ले लिए और विश्वास जीतने के लिए कूटरचित (फर्जी) नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। इस मामले में सिगरा थाने में मु.अ.सं. 0338/2026 धारा 318(4), 352, 336(3), 338, 340(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम:प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, उ.नि. विवेक सिंह, मुख्य आरक्षी कृपा सिंधु भारती और आरक्षी उमेश यादव।1
- लहिया बाजार के समीप सड़क पर गड्ढों का जाल, राहगीरों की बढ़ी परेशानी लहिया बाजार के समीप सड़क पर गड्ढों का जाल, राहगीरों की बढ़ी परेशानी वाराणसी के आराजी लाइन विकासखंड के लहिया बाजार के समीप देहली विनायक-लहरतारा मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और बाइक सवार कई बार अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। रात के समय अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। यह मार्ग ग्रामीणों के शहर जाने का प्रमुख रास्ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, राहगीर और किसान इसी मार्ग से सब्जियां लेकर मंडी तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क के गड्ढों को शीघ्र भरवाने और मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत करा दी जाए तो संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।1
- चंदौली बारिश के पानी में डूबी दो बीघा मिर्च की फसल, आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों ने मांगी मदद जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला। लगातार हो रही बारिश और खेतों में जलभराव के चलते महमदपुर जमालपुर गांव के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गांव निवासी राधेश्याम यादव और इकरम गोंड की करीब दो बीघा मिर्च की तैयार फसल पानी में डूब गई, जिससे फसल बर्बाद होने की आशंका है। पीड़ित किसानों के मुताबिक परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्होंने दूसरे किसान से किराए पर खेत लेकर खेती की थी। फसल तैयार करने में महंगे खाद-बीज, पौध और मजदूरी पर काफी खर्च किया गया था। मिर्च के पौधों में फल आने शुरू हो गए थे और किसान फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। जलभराव से फसल को बचाने के लिए किसान निजी इंजन लगाकर खेत से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, खेत में अधिक पानी भरने और लंबे समय तक जलजमाव रहने के कारण फसल को बचाना मुश्किल बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेती में लगाया गया पैसा और मेहनत दोनों डूबने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर फसल क्षति का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा व आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।1
- अरे यार सड़क बनेगी तो धंसेगी भी -डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य अरे यार, सड़क बनेगी तो धंसेगी भी और धंसेगी तो फिर बनेगी, ये तो नॉर्मल बात है! उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बरसात में सड़क धंसने के सवाल पर UP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने दिया अजब जवाब, बोले - बरसात इतनी होगी तो सड़क क्या, बड़े-बड़े पुल बह जाते हैं, देखो नेपाल में क्या हुआ! साथ ही कहा - अगर गुणवत्ता में कमी होगी तो जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।1
- सुभाष इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति की पाठशाला, छात्राओं को बताए हेल्पलाइन नंबर1