बबेरू कस्बे में अपनी मां और छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी राजकिशोर मिश्रा के खिलाफ बांदा न्यायालय ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी की है। आरोपी ने पिछले 10 मई 2026 को तिंदवारी रोड के पास अपनी मां शांति देवी और छोटे भाई देवीदीन की कथित तौर पर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी राजकिशोर मिश्रा पुत्र जगदीश मिश्रा को गिरफ्तार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। माननीय न्यायालय ने 18 मई 2026 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। वारंट की तामील के निरंतर प्रयासों के बावजूद, अभियुक्त राजकिशोर मिश्रा के दस्तावेज न होने और माननीय न्यायालय से अपनी उपस्थिति छिपाने के कारण, माननीय न्यायालय मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट बांदा ने 30 मई 2026 को यह उद्घोषणा जारी की है। इसी क्रम में आज गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बबेरू कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह राजावत की मौजूदगी में अभियुक्त के आवास के पास मुनादी करवाई गई और नोटिस चिपकाया गया। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अभियुक्त जल्द ही न्यायालय में हाजिर नहीं होता है, तो आगे की कार्यवाही की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अभियुक्त की ही होगी।
बबेरू कस्बे में अपनी मां और छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी राजकिशोर मिश्रा के खिलाफ बांदा न्यायालय ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा जारी की है। आरोपी ने पिछले 10 मई 2026 को तिंदवारी रोड के पास अपनी मां शांति देवी और छोटे भाई देवीदीन की कथित तौर पर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी राजकिशोर मिश्रा पुत्र जगदीश मिश्रा को गिरफ्तार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। माननीय न्यायालय ने 18 मई 2026 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। वारंट की तामील के निरंतर प्रयासों के बावजूद, अभियुक्त राजकिशोर मिश्रा के दस्तावेज न होने और माननीय न्यायालय से अपनी उपस्थिति छिपाने के कारण, माननीय न्यायालय मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट बांदा ने 30 मई 2026 को यह उद्घोषणा जारी की है। इसी क्रम में आज गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बबेरू कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह राजावत की मौजूदगी में अभियुक्त के आवास के पास मुनादी करवाई गई और नोटिस चिपकाया गया। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अभियुक्त जल्द ही न्यायालय में हाजिर नहीं होता है, तो आगे की कार्यवाही की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अभियुक्त की ही होगी।
- उत्तर प्रदेश के बबेरू में मोहर्रम की दसवीं के अवसर पर सभी ताजियों का मिलाप करवाया गया। इस धार्मिक आयोजन में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए।1
- बांदा के कोतवाली नगर थाना पुलिस ने एक पुराने विवाद के चलते व्यक्ति पर ज्वलनशील पदार्थ डालने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाही के तहत यह कार्रवाई की गई। यह घटना बीते कल 26.06.2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के खुटला रहुनिया में हुई थी। खुटला रहुनिया निवासी संतोष पुत्र उमाशंकर ने दुकान के एक पुराने विवाद को लेकर अपने मकान मालिक साजू प्रसाद के ऊपर ज्वैलरी में इस्तेमाल होने वाला ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया था, जिससे साजू प्रसाद झुलस गए। घायल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां वर्तमान में पीड़ित की स्थिति सामान्य है। इस प्रकरण में, पीड़ित के पुत्र विकास की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ज्वलनशील पदार्थ की टूटी हुई कांच की बोतल भी बरामद की है। पूछताछ में अभियुक्त ने व्यक्ति पर ज्वैलरी में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ डालने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार अभियुक्त को आज 27.06.2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।4
- हेलो गाइस मैं आपका विमल सिंह सम्राट बांदा से❌मेरा पहला जो टॉपिक है ना यह टॉपिक है हमारीदेश के🥹उसे सोच को चेंजकरना है🥹❌🫂1
- बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव के निवासी दिव्यांग धर्मेंद्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 14 महीने पहले हुई मारपीट और मोबाइल तोड़े जाने की एक घटना में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब वे डीआईजी के निर्देश पर इंसाफ़ की उम्मीद में थाने पहुंचे, तो उन्हें कथित तौर पर अपमान, मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें बिना न्याय के लौटना पड़ा। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का दर्द नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी पीड़ित की रक्षा करना है। दूसरी ओर, थानाध्यक्ष संदीप पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए इसे ₹6000 के लेन-देन से जुड़ा एक विवाद बताया है। इस स्थिति में, असली सवाल यह नहीं है कि कौन क्या कह रहा है, बल्कि यह है कि सच आखिर कहाँ दबा पड़ा है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि लोकतंत्र में न्याय केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से स्थापित होता है। सबसे पीड़ादायक पहलू यह है कि यह दिव्यांग व्यक्ति अब अपने परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी देने को मजबूर होने की बात कह रहा है। यदि किसी नागरिक को अपनी फरियाद सुनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने की चेतावनी देनी पड़ती है, तो यह केवल उसकी बेबसी नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक तीखा कटाक्ष है। अब प्रशासन के सामने चुनौती केवल इन आरोपों का जवाब देना ही नहीं है, बल्कि यह साबित करना भी है कि कानून की चौखट पर न्याय बिकता नहीं, बल्कि मिलता भी है, और वर्दी का सम्मान उसके अधिकार से नहीं, बल्कि उसके आचरण से तय होता है।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरा के पांडेय घाट पर जमकर अवैध खनन का कार्य हो रहा है। यह जानकारी सामने आई है कि इस स्थान पर बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियाँ जारी हैं।1
- थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के कालवनगंज में एक दुकान के पुराने विवाद को लेकर संतोष सोनी नामक व्यक्ति ने मकान मालिक साजू प्रसाद के साथ वाद-विवाद किया। इस दौरान संतोष सोनी ने ज्वेलरी में इस्तेमाल किया जाने वाला ज्वलनशील पदार्थ साजू प्रसाद के ऊपर डाल दिया, जिससे वह झुलस गया। घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया और उसकी हालत ठीक बताई जा रही है। इस घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर में सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी संतोष सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने ज्वेलरी में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थ को फेंकने की बात स्वीकार की है। पुलिस अभियुक्त से आगे की पूछताछ करते हुए साक्ष्य संकलन की कार्यवाही कर रही है, जिसके आधार पर उसे माननीय न्यायालय भेजा जाएगा।1
- बांदा से आई खबर के अनुसार, समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी बैठक के दौरान बांदा-चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर यादव के बीच तीखी नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान सांसद कृष्णा देवी पटेल ने विधायक पर उन्हें बेइज्जत करने का आरोप लगाया, जिस पर विधायक विशंभर यादव ने आपत्ति जताते हुए उनसे 'तमीज से बात करने' को कहा। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बहस हुई, जिसे बैठक में मौजूद अन्य नेताओं ने शांत कराया। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1