प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर नगर पंचायत के कार्यालय में सोमवार को आयोजित मिनी सदन की बैठक उस समय भारी हंगामे में बदल गई, जब एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के हस्तक्षेप को लेकर सभासद भड़क उठे। चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल की अध्यक्षता में चल रही इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन-चार वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके प्रधान लिपिक आत्मानंद अचानक पहुंच गए और अनाधिकृत रूप से दखल देने लगे। उनकी इस हरकत से आक्रोशित सभासदों ने तीखी बहस शुरू कर दी और उनके कड़े विरोध के बाद आखिरकार सेवानिवृत्त बाबू को बैठक से बाहर जाना पड़ा। सभासदों ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह पूर्व बाबू अब भी कार्यालय में अपनी पसंद का अधिशासी अधिकारी (ईओ) रखवाकर पिछले दरवाजे से मनमानी चलाना चाहता है। दरअसल, मानिकपुर नगर पंचायत इस समय एक अजीबोगरीब प्रशासनिक संकट का सामना कर रही है, जहाँ एक साथ दो अधिशासी अधिकारी कार्यरत हैं। ईओ अतुल रघुवंशी का तबादला होने के बाद कुंडा के ईओ अजय सिंह को मानिकपुर का अतिरिक्त प्रभार मिला था, लेकिन अतुल रघुवंशी हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर वापस लौट आए हैं। इस दोहरे प्रभार के कारण नगर पंचायत के सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। कर्मचारी असमंजस में हैं कि वे किस अधिकारी के आदेश का पालन करें, जिसका सीधा खमियाजा उन्हें दो महीने से वेतन न मिलने के रूप में भुगतना पड़ रहा है, जिससे वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानिकपुर कार्यालय अब राजनीति का अखाड़ा बन गया है। इस गतिरोध और अव्यवस्था पर चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल ने बताया कि दो ईओ की स्थिति पर स्पष्टीकरण और उचित दिशानिर्देश के लिए उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है, हालांकि अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन पर सफाई देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से होता है, जिसकी प्रक्रिया नगर पंचायत स्तर से की जाती है। बैठक में चेयरमैन प्रतिनिधि आशुतोष जायसवाल (डिंपू भैया), सभासद कृष्णा देवी, रुखसाना बानो, ललित जायसवाल, जगन्नाथ यादव, मोहम्मद अनस, मोहम्मद शहिद, रमेश मौर्य, रमेश सिंह, धर्मचंद्र सहित नामित सभासद अनिल पटेल, नन्हेंलाल गौतम, गयादीन प्रजापति समेत सभी 20 सभासद उपस्थित थे। चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रशासनिक अराजकता पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में नगर की सफाई, पानी और लाइट जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी।
प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर नगर पंचायत के कार्यालय में सोमवार को आयोजित मिनी सदन की बैठक उस समय भारी हंगामे में बदल गई, जब एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के हस्तक्षेप को लेकर सभासद भड़क उठे। चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल की अध्यक्षता में चल रही इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन-चार वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके प्रधान लिपिक आत्मानंद अचानक पहुंच गए और अनाधिकृत रूप से दखल देने लगे। उनकी इस हरकत से आक्रोशित सभासदों ने तीखी बहस शुरू कर दी और उनके कड़े विरोध के बाद आखिरकार सेवानिवृत्त बाबू को बैठक से बाहर जाना पड़ा। सभासदों ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह पूर्व बाबू अब भी कार्यालय में अपनी पसंद का अधिशासी अधिकारी (ईओ) रखवाकर पिछले दरवाजे से मनमानी चलाना चाहता है। दरअसल, मानिकपुर नगर पंचायत इस समय एक अजीबोगरीब प्रशासनिक संकट का सामना कर रही है, जहाँ एक साथ दो अधिशासी अधिकारी कार्यरत हैं। ईओ अतुल रघुवंशी का तबादला होने के बाद कुंडा के ईओ अजय सिंह को मानिकपुर का अतिरिक्त प्रभार मिला था, लेकिन अतुल रघुवंशी हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर वापस लौट आए हैं। इस दोहरे प्रभार के कारण नगर पंचायत के सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। कर्मचारी असमंजस में हैं कि वे किस अधिकारी के आदेश का पालन करें, जिसका सीधा खमियाजा उन्हें दो महीने से वेतन न मिलने के रूप में भुगतना पड़ रहा है, जिससे वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानिकपुर कार्यालय अब राजनीति का अखाड़ा बन गया है। इस गतिरोध और अव्यवस्था पर चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल ने बताया कि दो ईओ की स्थिति पर स्पष्टीकरण और उचित दिशानिर्देश के लिए उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है, हालांकि अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन पर सफाई देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से होता है, जिसकी प्रक्रिया नगर पंचायत स्तर से की जाती है। बैठक में चेयरमैन प्रतिनिधि आशुतोष जायसवाल (डिंपू भैया), सभासद कृष्णा देवी, रुखसाना बानो, ललित जायसवाल, जगन्नाथ यादव, मोहम्मद अनस, मोहम्मद शहिद, रमेश मौर्य, रमेश सिंह, धर्मचंद्र सहित नामित सभासद अनिल पटेल, नन्हेंलाल गौतम, गयादीन प्रजापति समेत सभी 20 सभासद उपस्थित थे। चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रशासनिक अराजकता पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में नगर की सफाई, पानी और लाइट जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी।
- प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर नगर पंचायत के कार्यालय में सोमवार को आयोजित मिनी सदन की बैठक उस समय भारी हंगामे में बदल गई, जब एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के हस्तक्षेप को लेकर सभासद भड़क उठे। चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल की अध्यक्षता में चल रही इस महत्वपूर्ण बैठक में तीन-चार वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुके प्रधान लिपिक आत्मानंद अचानक पहुंच गए और अनाधिकृत रूप से दखल देने लगे। उनकी इस हरकत से आक्रोशित सभासदों ने तीखी बहस शुरू कर दी और उनके कड़े विरोध के बाद आखिरकार सेवानिवृत्त बाबू को बैठक से बाहर जाना पड़ा। सभासदों ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह पूर्व बाबू अब भी कार्यालय में अपनी पसंद का अधिशासी अधिकारी (ईओ) रखवाकर पिछले दरवाजे से मनमानी चलाना चाहता है। दरअसल, मानिकपुर नगर पंचायत इस समय एक अजीबोगरीब प्रशासनिक संकट का सामना कर रही है, जहाँ एक साथ दो अधिशासी अधिकारी कार्यरत हैं। ईओ अतुल रघुवंशी का तबादला होने के बाद कुंडा के ईओ अजय सिंह को मानिकपुर का अतिरिक्त प्रभार मिला था, लेकिन अतुल रघुवंशी हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर वापस लौट आए हैं। इस दोहरे प्रभार के कारण नगर पंचायत के सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। कर्मचारी असमंजस में हैं कि वे किस अधिकारी के आदेश का पालन करें, जिसका सीधा खमियाजा उन्हें दो महीने से वेतन न मिलने के रूप में भुगतना पड़ रहा है, जिससे वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानिकपुर कार्यालय अब राजनीति का अखाड़ा बन गया है। इस गतिरोध और अव्यवस्था पर चेयरपर्सन श्रीमती चंद्र लता जायसवाल ने बताया कि दो ईओ की स्थिति पर स्पष्टीकरण और उचित दिशानिर्देश के लिए उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है, हालांकि अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन पर सफाई देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से होता है, जिसकी प्रक्रिया नगर पंचायत स्तर से की जाती है। बैठक में चेयरमैन प्रतिनिधि आशुतोष जायसवाल (डिंपू भैया), सभासद कृष्णा देवी, रुखसाना बानो, ललित जायसवाल, जगन्नाथ यादव, मोहम्मद अनस, मोहम्मद शहिद, रमेश मौर्य, रमेश सिंह, धर्मचंद्र सहित नामित सभासद अनिल पटेल, नन्हेंलाल गौतम, गयादीन प्रजापति समेत सभी 20 सभासद उपस्थित थे। चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रशासनिक अराजकता पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में नगर की सफाई, पानी और लाइट जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी।1
- कौशांबी जिले के अफजलपुर वारी में एक मामूली विवाद के चलते मारपीट की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के चालान किए हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) ने मंगलवार को कौशांबी के मंझनपुर तहसील परिसर में अपनी मासिक बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय ने की, जबकि तहसील अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार यादव ने इसका आयोजन किया और जिला उपाध्यक्ष राम प्रकाश पाठक ने संचालन किया। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने चार सूत्रीय मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और उनके जल्द समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में मंझनपुर के गांधी नगर निवासी सुमन देवी पत्नी किशन के घर तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण शामिल था, जिससे बरसात में आवागमन में होने वाली दिक्कतों से निजात मिल सके। इसके अतिरिक्त, मंझनपुर तहसील क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि उन्हें समय पर उर्वरक मिल सके। किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए सभी नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग भी उठाई। चौथी मांग के रूप रूप में, ब्लॉक सरसवां के ग्राम बरौली का पुरवा में सूर्य प्रताप सिंह के घर के समीप बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दो अतिरिक्त खंभे लगाए जाने की बात कही गई, क्योंकि खंभों की कमी के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। इस अवसर पर महिला जिलाध्यक्ष उषा देवी, महिला मोर्चा जिला महासचिव रत्ना देवी, महिला अध्यक्ष सुमन देवी, पंचम लाल, बुध प्रकाश, प्रेम चन्द्र सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।1
- कौशांबी के उजिहनी घाट पर एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। जानकारी के अनुसार, रात में तीन साथी गंगा नदी में मछली पकड़ने गए थे, लेकिन सुबह होने पर उनमें से केवल दो ही वापस लौटे। लापता हुए युवक का नाम विजय बताया गया है। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार गंगा नदी में विजय की तलाश कर रही है।1
- कौशांबी जिले में सराय अकिल थाना चौकी और सराय थाने की तिल्हापुर मोड़ चौकी के अंतर्गत, यमुना नदी में खुलेआम अवैध बालू खनन का कार्य जारी है। नंदा का पूर्व यमुना घाट पर, पीपा के पुल से महज 100 मीटर पहले, यमुना की बीच धार में जेसीबी पोकलैंड मशीनों का उपयोग कर यह खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है।1
- मुख्यमंत्री योगी ने एक बड़ा संदेश देते हुए यह स्पष्ट किया है कि गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता दरबार में इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं, जो ऐसे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हैं।1
- करारी/कौशांबी में श्री स्वर्णकार शिवालय सेवा ट्रस्ट ने भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच राहगीरों, श्रमिकों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को शीतल शरबत वितरित कर मानव सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। नगर के व्यस्त मार्ग पर आयोजित इस कार्यक्रम से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली, जिसकी राहगीरों और आम जनता ने खूब सराहना की और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। ट्रस्ट के अध्यक्ष श्याम किशोर वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन गर्मी के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। वर्मा ने यह भी जानकारी दी कि संस्था समय-समय पर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती रही है तथा भविष्य में भी जनहित के कार्य निरंतर जारी रहेंगे। इस शरबत वितरण कार्यक्रम के दौरान सेवा भावना और जनकल्याण का संदेश भी दिया गया, साथ ही उपस्थित लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी भी प्रदान की गई। राहगीरों ने इस पहल को समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार के जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सचिन शुक्ला, विजय कृष्ण वर्मा, गोपाल जी स्वर्णकार, प्रितम सिंह, सतीश कुमार, पराग, काली चरण मिश्र, वरुण त्रिपाठी, जयकरन गौतम, जे के त्रिपाठी, विनोद कुमार, धर्म चंद्र गौतम, हिमांशु स्वर्णकार, अरुण विश्वकर्मा, सत्यानंद सोनी, प्रेम चंद्र विश्वकर्मा, शिवांश सोनी, शैलेन्द्र गुप्ता, अम्बुज सिंह, कमलेश मिश्र, मक्खन पाल, अरुण विश्वकर्मा, सुशील मिश्रा, प्रेमचंद विश्वकर्मा, शूले राजपूत, दुर्गा प्रसाद वर्मा और नित्यानंद सोनी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी में सड़क की बेहद खराब गुणवत्ता का एक मामला सामने आया है, जहाँ हाथ लगाते ही सड़क उखड़ गई। इस घटना का वीडियो एक रिक्शा चलाने वाले लड़के और एक नौजवान ने बनाया। वीडियो बनाने के बाद, इन दोनों पर FIR दर्ज कर दी गई है। अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इस मामले में वीडियो बनाने वालों को जेल जाना पड़ेगा?1