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बरेली में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 10:30 बजे की कुछ तस्वीरों में इस तूफान से हुए काफी नुकसान को साफ तौर पर बयां किया गया है।
Press reporter
बरेली में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 10:30 बजे की कुछ तस्वीरों में इस तूफान से हुए काफी नुकसान को साफ तौर पर बयां किया गया है।
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- बरेली की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के ज़रिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पिछले छह महीनों में आरोपी के खातों से करीब 1.20 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद लग्जरी जीवनशैली का शौकीन है और हर महीने करीब एक लाख रुपये खर्च करता था। वह अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग पतों का इस्तेमाल करता था। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में डिग्री हासिल कर चुका यह आरोपी विदेशी मोटिवेशनल लेखकों की किताबें पढ़ता था और कई देशों की यात्राएं भी कर चुका है; महिलाओं पर खुलकर पैसा खर्च करना उसकी आदतों में शामिल था। पुलिस ने उसे देहरादून के सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज क्षेत्र निवासी आलोक दुबे ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग कर भारी लाभ कमाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर कथित ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शिकायतकर्ता ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब 20 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के ज़रिए कुल 49.43 लाख रुपये जमा किए। बाद में उनसे मुनाफा जारी करने के नाम पर 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी की अतिरिक्त मांग भी की गई। जब आलोक दुबे ने अपनी जमा राशि वापस लेने की कोशिश की, तो ऑडिट, तकनीकी अपडेट और अन्य प्रक्रियाओं का हवाला देकर भुगतान टाल दिया गया। मामले की जांच शुरू होने पर साइबर क्राइम टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके दौरान पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए। तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी सचिन कुमार की पहचान हुई और उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने निवेशकों को फंसाने के लिए एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट जैसे नामों से फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट तैयार कर रखी थीं। इन प्लेटफॉर्मों के ज़रिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को विभिन्न ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और बाद में डिजिटल वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में रखा जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के ज़रिए रकम को नकदी में परिवर्तित कर लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों से जुड़े आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में पता बदलवाकर उनका उपयोग करता था, ताकि जांच एजेंसियों को उसकी वास्तविक पहचान और लोकेशन तक पहुंचने में कठिनाई हो। पुलिस को उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, बैंक पासबुक, मोहरें और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में पहले से दर्ज धाराओं के अलावा अन्य प्रासंगिक धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना टीम ने अंजाम दिया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव सहित साइबर सेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि आरोपी सचिन कुमार फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर धोखाधड़ी कर रहा था। बरेली निवासी आलोक दुबे की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर देहरादून से गिरफ्तार किया।3
- थाना भोजीपुरा क्षेत्रान्तर्गत SRMS कॉलेज में एक छात्र द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के संबंध में श्री शिवम आशुतोष, ASP/CO हाईवे, ने बयान दिया है।1
- भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एसआरएमएस कॉलेज में एक छात्र ने आत्मदाह करने का प्रयास किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के संबंध में एएसपी/सीओ हाईवे श्री शिवम आशुतोष ने जानकारी दी है।1
- बरेली से जिला संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। यह स्पष्टीकरण पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद की नज़रबंदी और 11 जून, 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से जुड़ी अफवाहों के संबंध में दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद ने स्पष्ट किया है कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस द्वारा लखनऊ में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन का कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों में न आएं और शांति व्यवस्था बनाए रखें। इसके साथ ही, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिला व पुलिस प्रशासन से भी आग्रह किया है कि वे अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नज़र रखें और वास्तविक तथ्यों की जांच कर निष्पक्षता से काम करें। संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने भी साफ किया है कि 11 जून, 2026 को मुख्यमंत्री आवास अथवा फॉरेस्ट हाउस के सामने जिस दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन की बात कही जा रही है, वह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने दोहराया कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस देश के कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करती है और पार्टी का कोई भी कार्यक्रम प्रशासनिक अनुमति के बिना आयोजित नहीं किया जाता। पार्टी को प्रशासन द्वारा यह सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री मुख्तार अहमद को 12 जून, 2026 तक दो दिनों के लिए हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) किया गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस इस प्रशासनिक कार्रवाई को संज्ञान में लेगी और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अपनी बात रखेगी। पार्टी के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य रखें और किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए केवल पार्टी के अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें।1
- बरेली जिला संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत प्रदीप कुमार ने कुछ दिनों पहले आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने अपनी जांच में एक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें सुधीर कुमार उर्फ चूचू का नाम सामने आया। इस जानकारी के आधार पर, कोतवाली पुलिस ने कानपुर से सुधीर कुमार उर्फ चूचू को गिरफ्तार कर लिया है।1
- बहेड़ी पुलिस ने अपने क्षेत्र में चलाए जा रहे नशे के खिलाफ अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके अंतर्गत एक युवक को 100 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस को गश्त के दौरान यह सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में चरस लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कैसर इंटर कॉलेज मैदान के पास से आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 100 ग्राम चरस बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कासिद पुत्र मोहम्मद इस्माइल के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर स्थित सितारगंज का निवासी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह नशीले पदार्थों की बिक्री करके आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था। बरामदगी के आधार पर, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने में उपनिरीक्षक मोहित मावी, उपनिरीक्षक श्रीनाथ शर्मा, कांस्टेबल शिवांशु राठी, विकास कुमार और अमित धामा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बरामद चरस को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- बरेली के साइबर थाने ने एल्गो ट्रेडिंग में निवेश के बहाने की गई लगभग ₹49.44 लाख की बड़ी साइबर ठगी का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ठगी गई कुल राशि में से लगभग ₹31 लाख को होल्ड कराने में भी सफलता मिली है। इस पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस अधीक्षक अपराध श्री मनीष कुमार सोनकर ने एक बाइट के माध्यम से दी।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना पूर्वी फतेहगंज के अंतर्गत एक घटना सामने आई है, जहाँ दबंगों ने एक महिला को धारदार हथियारों से बुरी तरह पीटा। इस गंभीर घटना के बाद, पीड़ित महिला ने न्याय के लिए गुहार लगाई है।1