वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर हरदा/रहटगांव- ड्यूटी भी, संगीत भी ,वन विभाग के वनरक्षक मनीष राठौर की सुरीली आवाज के कायल हुए लोग, जंगल में गूंजती है सुरीली तान जो अपनी आवाज से वनरक्षक के साथ साथ गायक के रूप में भी पहचानें जातें हैं। मिली जानकारी के मुताबिक जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाले वन विभाग में गोराखाल में पदस्थ वनरक्षक मनीष राठौर इन दिनों अपने एक अनोखे हुनर को लेकर चर्चा में हैं। कर्तव्यों का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ वे अपनी सुरीली आवाज से लोगों का दिल जीत रहे हैं। वन क्षेत्र में गश्त के दौरान हो या विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राठौर जब भी गाते हैं, सुनने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। हालांकि राठौर सोसल नेटवर्किंग से दुरी बनाए हुए हैं और उनके मित्रों ने उन्हें कहा कि आप अपना चैनल बनाकर इस कला को पूरी दुनिया के सामने लाए। संगीत का सफर और ड्यूटी का संतुलन वनरक्षक मनीष राठौर बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था। नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने इस शौक को जिंदा रखा। वे बताते हैं जंगल में शांति के बीच गाना गाने से मानसिक थकावट दूर होती है और प्रकृति से एक अनोखा जुड़ाव महसूस होता है। मुल रुप से हरदा गोलापुरा के रहने बाले मनीष राठौर की नौकरी लगने की कहानी भी काफी प्रेरणा दायक है। वे नौकरी तो करना चाहते थे पहले से ही लेकिन सही प्लेटफॉर्म नहीं मिला इसलिए 12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने हरदा में ही पान की दुकान खोली जहां पर पान की दुकान में अच्छी खासी कमाई करते थे उसके बाद सुबह-सुबह घूमने जाते थे इस दौरान कॉलेज के छात्रों को पढ़ाई के संबंध में सुझाव दिया करते थे तो उन्होंने बोला कि सर हमें आप ही ट्यूशन पढ़ा दो तो उन्होंने लगभग 1 साल ट्यूशन पढ़ाया और इनके पढ़ाये हुए तकरीबन डेढ़ सौ बच्चे आज विभिन्न संस्थानों में नौकरी कर रहे है, उसके बाद फिर से पढ़ाई शुरू की और पुलिस विभाग में दौड़ में 5 से 6 बार कुछ-कुछ दूरी से रह गए उसके बाद उन्होंने अन्य विभागों में लगातार कोशिश जारी रखी इसके बाद में वन विभाग में उनका चयन हो गया उसके बाद से ही प्रकृति के साथ-साथ गायन पर भी अभी तक अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और जब भी किसी मंच पर उन्हें बुलाया जाता है तो वह अपनी आत्मकथा बताने में जरा भी संकोच नहीं करते और गायन के बारे में सभी को जानकारी देते हैं। गोराखाल के संतराम और रामगोपाल ने बताया की ग्राम में जब भी ड्यूटी के दौरान समय मिलता है वे गायन करते हैं जिससे हमें बहुत अच्छा लगता है।
वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर हरदा/रहटगांव- ड्यूटी भी, संगीत भी ,वन विभाग के वनरक्षक मनीष राठौर की सुरीली आवाज के कायल हुए लोग, जंगल में गूंजती है सुरीली तान जो अपनी आवाज से वनरक्षक के साथ साथ गायक के रूप में भी पहचानें जातें हैं। मिली जानकारी के मुताबिक जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाले वन विभाग में गोराखाल में पदस्थ वनरक्षक मनीष राठौर इन दिनों अपने एक अनोखे हुनर को लेकर चर्चा में हैं। कर्तव्यों का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ वे अपनी सुरीली आवाज से लोगों का दिल जीत रहे हैं। वन क्षेत्र में गश्त के दौरान हो या विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राठौर जब भी गाते हैं, सुनने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। हालांकि राठौर सोसल नेटवर्किंग से दुरी बनाए हुए हैं और उनके मित्रों ने उन्हें कहा कि आप अपना चैनल बनाकर इस कला को पूरी दुनिया के सामने लाए। संगीत का सफर और ड्यूटी का संतुलन वनरक्षक मनीष राठौर बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था। नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने इस शौक को जिंदा रखा। वे बताते हैं जंगल में शांति के बीच गाना गाने से मानसिक थकावट दूर होती है और प्रकृति से एक अनोखा जुड़ाव
महसूस होता है। मुल रुप से हरदा गोलापुरा के रहने बाले मनीष राठौर की नौकरी लगने की कहानी भी काफी प्रेरणा दायक है। वे नौकरी तो करना चाहते थे पहले से ही लेकिन सही प्लेटफॉर्म नहीं मिला इसलिए 12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने हरदा में ही पान की दुकान खोली जहां पर पान की दुकान में अच्छी खासी कमाई करते थे उसके बाद सुबह-सुबह घूमने जाते थे इस दौरान कॉलेज के छात्रों को पढ़ाई के संबंध में सुझाव दिया करते थे तो उन्होंने बोला कि सर हमें आप ही ट्यूशन पढ़ा दो तो उन्होंने लगभग 1 साल ट्यूशन पढ़ाया और इनके पढ़ाये हुए तकरीबन डेढ़ सौ बच्चे आज विभिन्न संस्थानों में नौकरी कर रहे है, उसके बाद फिर से पढ़ाई शुरू की और पुलिस विभाग में दौड़ में 5 से 6 बार कुछ-कुछ दूरी से रह गए उसके बाद उन्होंने अन्य विभागों में लगातार कोशिश जारी रखी इसके बाद में वन विभाग में उनका चयन हो गया उसके बाद से ही प्रकृति के साथ-साथ गायन पर भी अभी तक अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और जब भी किसी मंच पर उन्हें बुलाया जाता है तो वह अपनी आत्मकथा बताने में जरा भी संकोच नहीं करते और गायन के बारे में सभी को जानकारी देते हैं। गोराखाल के संतराम और रामगोपाल ने बताया की ग्राम में जब भी ड्यूटी के दौरान समय मिलता है वे गायन करते हैं जिससे हमें बहुत अच्छा लगता है।
- वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर वर्दी के पीछे छुपा हुनर, जंगल की रखवाली के साथ सुरों का जादू बिखेर रहे वनरक्षक मनीष राठौर हरदा/रहटगांव- ड्यूटी भी, संगीत भी ,वन विभाग के वनरक्षक मनीष राठौर की सुरीली आवाज के कायल हुए लोग, जंगल में गूंजती है सुरीली तान जो अपनी आवाज से वनरक्षक के साथ साथ गायक के रूप में भी पहचानें जातें हैं। मिली जानकारी के मुताबिक जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाले वन विभाग में गोराखाल में पदस्थ वनरक्षक मनीष राठौर इन दिनों अपने एक अनोखे हुनर को लेकर चर्चा में हैं। कर्तव्यों का कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ वे अपनी सुरीली आवाज से लोगों का दिल जीत रहे हैं। वन क्षेत्र में गश्त के दौरान हो या विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राठौर जब भी गाते हैं, सुनने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। हालांकि राठौर सोसल नेटवर्किंग से दुरी बनाए हुए हैं और उनके मित्रों ने उन्हें कहा कि आप अपना चैनल बनाकर इस कला को पूरी दुनिया के सामने लाए। संगीत का सफर और ड्यूटी का संतुलन वनरक्षक मनीष राठौर बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था। नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने इस शौक को जिंदा रखा। वे बताते हैं जंगल में शांति के बीच गाना गाने से मानसिक थकावट दूर होती है और प्रकृति से एक अनोखा जुड़ाव महसूस होता है। मुल रुप से हरदा गोलापुरा के रहने बाले मनीष राठौर की नौकरी लगने की कहानी भी काफी प्रेरणा दायक है। वे नौकरी तो करना चाहते थे पहले से ही लेकिन सही प्लेटफॉर्म नहीं मिला इसलिए 12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने हरदा में ही पान की दुकान खोली जहां पर पान की दुकान में अच्छी खासी कमाई करते थे उसके बाद सुबह-सुबह घूमने जाते थे इस दौरान कॉलेज के छात्रों को पढ़ाई के संबंध में सुझाव दिया करते थे तो उन्होंने बोला कि सर हमें आप ही ट्यूशन पढ़ा दो तो उन्होंने लगभग 1 साल ट्यूशन पढ़ाया और इनके पढ़ाये हुए तकरीबन डेढ़ सौ बच्चे आज विभिन्न संस्थानों में नौकरी कर रहे है, उसके बाद फिर से पढ़ाई शुरू की और पुलिस विभाग में दौड़ में 5 से 6 बार कुछ-कुछ दूरी से रह गए उसके बाद उन्होंने अन्य विभागों में लगातार कोशिश जारी रखी इसके बाद में वन विभाग में उनका चयन हो गया उसके बाद से ही प्रकृति के साथ-साथ गायन पर भी अभी तक अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और जब भी किसी मंच पर उन्हें बुलाया जाता है तो वह अपनी आत्मकथा बताने में जरा भी संकोच नहीं करते और गायन के बारे में सभी को जानकारी देते हैं। गोराखाल के संतराम और रामगोपाल ने बताया की ग्राम में जब भी ड्यूटी के दौरान समय मिलता है वे गायन करते हैं जिससे हमें बहुत अच्छा लगता है।2
- देख तेरे संसार की हालत क्या होगी भगवान,कितना परेशान है किसान किसान संगठनों के आंदोलन करने के बाद भी किसनो की दशा में कोई सुधार की गुंजाइश समझ नहीं आ रही है किसान अभी भी परेशान है ट्रालियों के लंबे-लंबी लाइन लगी हुई है1
- झिरन्या मार्ग से बाई जगवाड़ा रोड की बदहाल स्थिति पर ग्रामीणों की अपील झिरन्या मार्ग से बाई जगवाड़ा जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इस सड़क को बने बिना लगभग 5–6 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। बारिश के दिनों में सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है। यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े, तो समय पर पहुंचना बहुत कठिन हो जाता है। इससे ग्रामीणों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हम देवास जिले के कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन करते हैं कि कृपया एक बार स्वयं इस सड़क का निरीक्षण करें, ताकि यहां की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं का पता चल सके। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ऐसी ही छोटी-बड़ी लोकल खबरों के लिए Namnpur News पेज को फॉलो करें। झिरन्या मार्ग से बाई जगवाड़ा रोड की बदहाल स्थिति पर ग्रामीणों की अपील झिरन्या मार्ग से बाई जगवाड़ा जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इस सड़क को बने बिना लगभग 5–6 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। बारिश के दिनों में सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है। यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े, तो समय पर पहुंचना बहुत कठिन हो जाता है। इससे ग्रामीणों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हम देवास जिले के कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन करते हैं कि कृपया एक बार स्वयं इस सड़क का निरीक्षण करें, ताकि यहां की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं का पता चल सके। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण हो, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। ऐसी ही छोटी-बड़ी लोकल खबरों के लिए Namnpur News पेज को फॉलो करें।1
- दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत पर सिवनी मालवा में जश्न, मंदिर में पूजन के बाद निकाली रैली, बांटी मिठाई व मेलोडी दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत पर सिवनी मालवा में जश्न, मंदिर में पूजन के बाद निकाली रैली, बांटी मिठाई व मेलोडी सिवनी मालवा नगर में दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत पर सोमवार शाम नगर कांग्रेस एवं युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिवनी मालवा में उत्साहपूर्वक जीत का जश्न मनाया। शाम करीब 7 बजे कार्यकर्ताओं ने श्री सियाराम महावीर मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद आतिशबाजी करते हुए मंदिर से जयस्तंभ चौक तक विजय रैली निकाली। रैली के दौरान राहगीरों एवं दुकानदारों को मेलोडी चॉकलेट और मिठाई वितरित कर जीत की खुशी साझा की गई। युवक कांग्रेस अध्यक्ष हैरिसन स्वामी ने बताया कि दतिया में कांग्रेस की जीत ऐतिहासिक है। इसी खुशी में युवक कांग्रेस द्वारा नगरवासियों को मेलोडी चॉकलेट एवं मिठाई वितरित कर जश्न मनाया गया। कांग्रेस नेता विकास पाठक ने कहा कि मां पीताम्बरा एवं भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से कांग्रेस को दतिया चुनाव में विजय प्राप्त हुई है। इसी उपलक्ष्य में नगर कांग्रेस और युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर आतिशबाजी की तथा लोगों के बीच मिठाई और मेलोडी चॉकलेट बांटी। नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वदेश शर्मा ने कहा कि दतिया की जनता ने विकास, लोकतंत्र और कांग्रेस की नीतियों पर विश्वास जताते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी बनाया है। यह जीत पूरे प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा लेकर आई है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता इसी जोश के साथ आगामी चुनावों में भी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में नगर कांग्रेस एवं युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- Post by Rupali gosai1
- गीता व्याख्यान,गीता मर्मज्ञ, गीता मनीषी, आचार्य कृष्णकांत शर्मा द्वारा सरल शब्दों में गीता के श्लोक का अर्थ बताते हुए गीता पर व्याख्यान विश्वगीताप्रतिष्ठानम् द्वारा गीता ज्ञान यज्ञ पंचदिवसीय आयोजन 20से24 अगस्त तक मुखर्जी नगर देवास में देवास। विश्वगीताप्रतिष्ठानम् परिवार द्वारा प्रत्येक सोमवार को गीता अनुरागी सदस्यों के निवास पर गीता स्वाध्याय किया जाता है इससे पूरे परिवार का वातावरण कृष्ण भक्तिमय हो जाता हैं, इसी श्रृंखला में सोमवार को शुकदेव परमार के निवास मुखर्जी नगर देवास में गीता स्वाध्याय हुआ। स्वाध्याय के पश्चात विश्वगीताप्रतिष्ठानम् देवास की प्रबंध कार्यकारिणी सदस्यों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में लिए गए निर्णय के अनुसार दिनांक 10 से 14 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक गीता व्याख्यान,गीता मर्मज्ञ, गीता मनीषी, आचार्य कृष्णकांत शर्मा द्वारा सरल शब्दों में गीता के श्लोक का अर्थ बताते हुए गीता पर व्याख्यान, सरस्वती ज्ञानपीठ,हायर सेकेंडरी स्कूल, लक्ष्मण नगर, एपेक्स हॉस्पिटल के पीछे, देवास में आयोजित होगा। अतः सभी गीता अनुरागी महानुभावों से अनुरोध है कि इस गीता ज्ञान यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गीता ज्ञान यज्ञ का लाभ लेवें तथा आप अपने साथ अन्य गीता अनुरागी परिवारजनों इष्ट मित्रों को भी साथ लेकर आवें। उक्त आह्वान विश्वगीताप्रतिष्ठनम् मालवा प्रांत के वित्त प्रमुख नरेंद्र कुमार शर्मा, प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ मनीषा सोनी, नगर संयोजक जितेंद्र त्रिवेदी ,प्रचार प्रमुख उमेश जोशी, वित्त प्रमुख रोहित गुर्जर, व्यवस्था प्रमुख एस एन आर्य,सप्त उत्सव प्रमुख रमेश जोशी, गीता परीक्षा प्रमुख निरंजन सिंह ठाकुर,सहित सदस्यों द्वारा किया है।1
- मुंदी पुनासा/ खंडवा गौरव दिवस पर स्कूली बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुति किशोर कुमार के जन्मदिन 4 अगस्त को लेकर तीन दिवसीय गौरव दिवस के रुप में मनाया जा रहा है. -खण्डवा गौरव दिवस" पर स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये1
- एबीवीपी ने सेंट मेरी स्कूल में आंदोलन की दी चेतावनी, स्कूल प्रबंधन में महापुरुषों के चित्र दीवारों पर तुरन्त लगाए एबीवीपी ने सेंट मेरी स्कूल में आंदोलन की दी चेतावनी, स्कूल प्रबंधन में महापुरुषों के चित्र दीवारों पर तुरन्त लगाए हरदा/टिमरनी-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद टिमरनी (एबीवीपी) के नगर मंत्री कृष्णा भाटी ने बताया कि कार्यकर्ता आज सेंट मैरी स्कूल पहुंचे विद्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां किसी भी महापुरुष का चित्र प्रदर्शित नहीं था। परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन से पिछले 2 वर्ष से निवेदन कर रहे किंतु आज तक महापुरुषों के चित्र स्कूल प्रबंधन के द्वारा नहीं लग पाए । कार्यकर्ताओ ने आज पुनः चर्चा की और महापुरुषों के चित्र तत्काल लगवाए। कार्यकर्ताओं ने विद्यालय के प्राचार्य को चेतावनी दी ,अगर महापुरुषों के चित्र स्थायी रूप से विद्यालय में प्रदर्शित नहीं रहें तथा भविष्य में उन्हें हटाया गया तो एबीवीपी सेंट मेरी विद्यालय की तालाबंदी कर महापुरुषों के सम्मान में उग्र आंदोलन करेगी जिसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की रहेगी ,साथ ही विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनिर्माण में महापुरुषों के योगदान और उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर एबीवीपी के सदस्यता अभियान की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। कार्यकर्ताओं ने परिषद के उद्देश्य, छात्रहित में किए जाने वाले कार्यों तथा संगठन से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया और विद्यार्थियों से सदस्यता अभियान में सहभागिता का आह्वान किया । इस दौरान अभाविप नगर मंत्री कृष्णा भाटी, नगर अध्यक्ष अमित पालवे ,मयूर बोरसे,रोहित गौर शुभम धनवारे, कृष्णा कुशवाह, कार्तिक केथवास, करण मांडले, उमेश सोलंकी,पीयूष भाटी उपस्थित रहे।4