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मजदूरी से आत्मनिर्भरता तक: मुख्यमंत्री पशुधन योजना ने बदली कविता तांती की जिंदगी चाईबासा: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड के हरिला गांव की श्रीमती कविता तांती इसकी प्रेरक मिसाल बनी हैं। कभी दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहने वाली कविता तांती आज बकरी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपने परिवार के लिए स्थायी आय का जरिया तैयार कर रही हैं। योजना से जुड़ने से पहले कविता तांती की आजीविका मुख्य रूप से दैनिक मजदूरी पर निर्भर थी। काम की अनिश्चितता के कारण परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उस समय उनकी वार्षिक आय करीब 30 हजार रुपये थी।
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मजदूरी से आत्मनिर्भरता तक: मुख्यमंत्री पशुधन योजना ने बदली कविता तांती की जिंदगी चाईबासा: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड के हरिला गांव की श्रीमती कविता तांती इसकी प्रेरक मिसाल बनी हैं। कभी दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहने वाली कविता तांती आज बकरी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपने परिवार के लिए स्थायी आय का जरिया तैयार कर रही हैं। योजना से जुड़ने से पहले कविता तांती की आजीविका मुख्य रूप से दैनिक मजदूरी पर निर्भर थी। काम की अनिश्चितता के कारण परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उस समय उनकी वार्षिक आय करीब 30 हजार रुपये थी।
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- लड़की की भी गलती थी' Nandan Yadav के पड़ोसी ने जैसे ही ये बोला तो News Pinch का मुँह पर क्या जवाब?1
- jharkhand | chandi : चौका में बारिश से निर्माणाधीन सर्विस रोड जलमग्न, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल... |viral jharkhand | chandi : चौका में बारिश से निर्माणाधीन सर्विस रोड जलमग्न, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल... बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 चौका मोड़ पर तेज बारिश से निर्माणाधीन टाटा-रांची सर्विस रोड जलमग्न हो गई। बैंक, एटीएम और दुकानों में पानी घुसने से परेशानी हुई। सूचना पर एनएचएआई कर्मियों ने जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था की। चौका बाजार समिति अध्यक्ष बसंत प्रामाणिक ने स्थायी समाधान और मामले की जांच की मांग की | chandilnews | nh33 | suryodaysamvaad1
- एसआईआर में मतदाता सूची की त्रुटियों के सुधार और समय सीमा बढ़ाने की मांग, खूंटी से आंदोलन की चेतावनी। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। आदिवासी समन्वय समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और सुधार की समय सीमा 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की। समिति ने इस संबंध में ज्ञापन के माध्यम से जनहित में कई प्रस्ताव रखे। समिति ने कहा कि SIR स्वच्छ लोकतंत्र की प्रक्रिया है, जिसका संगठन स्वागत करता है। हालांकि, खूंटी में लगभग 1,34,587 और पूरे जिले में करीब 4,30,453 नागरिकों का मतदाता सूची में पेंडिंग होना चिंता का विषय है। पिछले मतदाता सूची की डाटा एंट्री में हुई त्रुटियों के कारण स्थानीय नागरिकों और BLO समेत संबंधित कर्मियों को दस्तावेजों के नाम पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठनों ने मांग की कि BLO और स्थानीय ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर मतदाता सूची की त्रुटियों का सुधार एवं डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो। साथ ही, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए मतदाता सूची के प्रकाशन और सुधार की प्रक्रिया को 15 नवंबर तक बढ़ाने की मांग की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में लोकसभा एवं विधानसभा सीटों का 100 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, सभी आदिवासी निवास क्षेत्रों का पुनरावलोकन कर उन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल करने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल होने की शिकायतों की जांच की मांग भी उठाई गई। समिति ने कहा कि आदिवासी मूलवासियों के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सकारात्मक निर्णय आवश्यक है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर खूंटी से जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई, जिसे पूरे झारखंड में विस्तार देने की बात कही गई। कार्यक्रम में मार्शल बरला, दामु मुंडा, चन्द्र प्रभात मुंडा, बिनसाय मुंडा, जोनसन होरो, नरेश तिर्की, बासिंह मुंडा, सोमा मुंडा, बिरतुस ओड़ेया, संतोष हस्सा, अमित पुर्ती, जोसेफ ढोडराय, डेविड हमसोय, अजीत हस्सा पुर्ती, जितेन सोय समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- रामगढ़ : पतरातू के गांवों में धूमधाम से मना करमा पर्व, प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम का दिखा अनूठा संगम1
- करमा पूजा में सपरिवार शामिल हुए उपायुक्त मनीष कुमार तीनों अखाड़ों में पारंपरिक विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, सामूहिक झूमर में भी हुए शामिल करमा पूजा में सपरिवार शामिल हुए उपायुक्त मनीष कुमार तीनों अखाड़ों में पारंपरिक विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, सामूहिक झूमर में भी हुए शामिल चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार बुधवार को सपरिवार चाईबासा के वान टोला अखाड़ा, बरकन्दाज टोली एवं पुलहातु अखाड़ा में आयोजित करमा पूजा समारोह में शामिल हुए। उन्होंने तीनों अखाड़ों में पारंपरिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ करम देवता की पूजा-अर्चना कर जिलेवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार एवं चाईबासा अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। तीनों अखाड़ों में उपायुक्त का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। पूजा-अनुष्ठान में सहभागिता के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं एवं जिलेवासियों को करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं। पूजा स्थलों पर पारंपरिक गीत-संगीत और झूमर नृत्य के बीच उत्सव का उल्लास देखने को मिला। उपायुक्त ने उपस्थित लोगों के साथ सामूहिक झूमर नृत्य में भी भाग लिया, जिससे समारोह का उत्साह और बढ़ गया।1
- एम एमएमडीआर अमेंडमेंट बिल 2026 के विरोध में कांग्रेस ने की प्रेस वार्ता। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। सांसद आवासीय कार्यालय खूंटी में कांग्रेस प्रवक्ता सुनील सिंह ने एमएमडीआर अमेंडमेंट बिल 2026 को लेकर संयुक्त प्रेस वार्ता की । उन्होंने केंद्र सरकार के इस कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया । उन्होंने कहा कि एमएमडीआर 2026 काला कानून 18 अगस्त 2026 को पूरे देश में लागू किया गया है । इस कानून का फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड को किया है । उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, झारखंड की धरती से 40% मिनरल्स, कोयला, लोहा, बॉक्साइट अन्य खनिज संसाधन देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । फिर झारखंड को केंद्रित करके काला कानून लाया गया जिस कानून से झारखंड को राजस्व जो सेस से मिलता था। उस पर प्रतिबंध लगाने का काम केन्द्र सरकार ने किया है । उन्होंने कहा कि इस कानून का विशेष प्रभाव झारखंड पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से कानून पर पुनर्विचार करने और झारखंड के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।1
- जोन्हा, हुंडरू, दशम फॉल, सीता फॉल, रिमिक्स फॉल एवं अन्य सभी जलप्रपातों में उफान के कारण पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी रांची और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जोन्हा, हुंडरू, दशम फॉल एवं सीता फॉल, रिमिक्स फॉल एवं अन्य सभी जलप्रपातों में उफान पर है, जिसको लेकर पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी, जलप्रपात अपनी पूर्ण उफान पर हैं। इन जलप्रपातों में जलधारा की प्रबल गति और चट्टानों से टकराने वाली धाराएं प्रकृति की अपार शक्ति का प्रदर्शन कर रही हैं। हालांकि यह दृश्य आकर्षक और मनोरम है, लेकिन यह अत्यंत खतरनाक भी है। एक छोटी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। *⚠️वर्तमान में जलप्रपातों के आसपास का क्षेत्र घूमने जाने के समय सावधानी रखें ⚠️* जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने पर्यटकों, आगंतुकों और स्थानीय लोगों से जोन्हा और हुंडरू जलप्रपातों के आसपास के क्षेत्रों में जाने पर अतिसावधानी बरतने की अपील की है। वर्तमान में जलप्रपातों के आसपास का क्षेत्र अत्यंत जोखिम भरा है। तेज जलधारा, फिसलन भरी चट्टानें और अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना पर्यटकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। *जिला प्रशासन की ओर से सुझाव* *👉🏻 पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनुरोध है कि वे जलप्रपातों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।* *👉🏻स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।* *👉🏻मौसम और जलप्रपातों की स्थिति के बारे में स्थानीय समाचारों और प्रशासनिक सूचनाओं पर नजर रखें।* *जलप्रपातों जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों से दूर रहें* *👉🏻अत्यधिक बारिश के समय बोटिंग बिल्कुल न करें।* *👉🏻 नशा-पान करके जल-प्रपात न घूमे एवं नशा पान करके बोटिंग न करें।* *👉🏻पर्यटन विभाग के सभी अनुदेशों का पालन करें तथा पर्यटक मित्र की बात को ध्यान से सुनें और मानें।* रांची जिला प्रशासन पर्यटकों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि अतिसावधानी बरतें। प्रकृति का आनंद सुरक्षित दूरी से ही लें और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1