राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) धौलपुर के अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और एडीजे रेखा यादव ने गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने केंद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित अभिलेखों की जांच कर लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा की, साथ ही यह निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। रेखा यादव ने केंद्र में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय एवं एफआईआर सहायता जैसी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़िताओं की गरिमा एवं निजता का हर हाल में संरक्षण किया जाए। निरीक्षण के समय केंद्र में चार बालिकाएं एवं एक महिला मौजूद मिलीं, जिनसे सचिव ने व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने उन्हें सकारात्मक जीवन अपनाने, परिवार के साथ समन्वय बनाकर रहने और किसी भी प्रकार के गलत कार्य से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें उनके विधिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक शिप्रा पचौरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) धौलपुर के अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और एडीजे रेखा यादव ने गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सचिव ने केंद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित अभिलेखों की जांच कर लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा की, साथ ही यह निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। रेखा यादव ने केंद्र में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय एवं एफआईआर सहायता जैसी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़िताओं की गरिमा एवं निजता का हर हाल में संरक्षण किया जाए। निरीक्षण के समय केंद्र में चार बालिकाएं एवं एक महिला मौजूद मिलीं, जिनसे सचिव ने व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने उन्हें सकारात्मक जीवन अपनाने, परिवार के साथ समन्वय बनाकर रहने और किसी भी प्रकार के गलत कार्य से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें उनके विधिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक शिप्रा पचौरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
- पत्रकार श्रीकांत प्रत्युज ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रीकांत प्रत्युज का कहना है कि इस पूरे मामले के असली खलनायक एसपी हैं। उन्होंने दावा किया कि गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी नहीं हैं, बल्कि असली दोषी वह व्यक्ति है जिसने ट्रिगर दबाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना में एसडीएम की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि असली लड़ाई उसी की थी और वे इस मामले को लेकर एसडीएम से मिलने जाएंगे। श्रीकांत प्रत्युज ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार भरत तिवारी एनकाउंटर के बारे में सुना, तो वे भरत से पूरी तरह अनजान थे। हालांकि, जैसे-जैसे उनके पास वीडियो आने लगे और उन्होंने उन्हें देखना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि भरत एक क्रांतिकारी लड़का था। श्रीकांत प्रत्युज ने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को क्यों मारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्टाचार के पीछे किसी अन्य भ्रष्टाचार का हाथ है, जिसकी पुष्टि उन्होंने खुद की है।1
- धौलपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कोटला मोहल्ले में 7 जुलाई को हुई फायरिंग और पथराव की घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी कृष्णराज जांगिड के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक वीरेन्द्र मीना ने यह कार्रवाई की, जिसके बाद मामले में आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है। यह घटना 8 जुलाई को अब्दुल हमीद कॉलोनी, कोटला मोहल्ला निवासी रहीसा पत्नी कल्ला कुरैशी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर सामने आई। रहीसा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 7 जुलाई की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच, सोहिल, अबरार, मुन्ना, अलीम, सलीम, अनीस, शाहरुख, रिजवान, आस मोहम्मद, इमरान और चांदबाबू सहित कई अन्य लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर और गली में घुस आए। आरोप के अनुसार, सोहिल और उसके एक साथी ने अकरम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने घर पर पथराव भी किया, जिससे निशा नामक महिला की हाथ की उंगली में चोट आई। उन्होंने घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो कार का पिछला शीशा भी तोड़ दिया और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। मोहल्ले के लोगों के इकट्ठा होने पर, सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सोहिल, अलीम, आस मोहम्मद, रिजवान और सोहिब नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार को इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार, अलीम, आस मोहम्मद और सोहिल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि रिजवान और सोहिब को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है।2
- धौलपुर जिले में गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के सदस्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव एडीजे रेखा यादव द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान, सचिव यादव ने सेंटर में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रकरणों के निष्पादन की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में संधारित विभिन्न अभिलेखों, जिनमें आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं, की गहनता से जांच की। इसके अतिरिक्त, सचिव ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय और एफआईआर सहायता जैसी उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए, सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और पीड़ित महिला/बालिका को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सेंटर में स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। काउंसलिंग कक्ष और अस्थायी निवास कक्ष का अवलोकन करते हुए, उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की गरिमा और निजता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। निरीक्षण के समय सेंटर में उपस्थित चार बालिकाओं और एक महिला से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। उनसे उनके प्रकरणों के बारे में जानकारी ली गई और उन्हें गलत कार्य न करने तथा अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उन्हें अपने घरवालों से मिलकर रहने की सीख दी गई तथा उनके विधिक अधिकारों के साथ-साथ नालसा और रालसा योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शिप्रा पचौरी और प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया भी उपस्थित रहे।3
- धौलपुर पुलिस, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, अपराधियों और असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर तत्पर है। इसी क्रम में आज अभय कमांड के माध्यम से थाना कोतवाली धौलपुर पुलिस को सूचना मिली कि मुरैना से अहमदाबाद जा रहा एक व्यक्ति चम्बल पुल के समीप चलती ट्रेन से गिर गया है। इस हादसे में उसके हाथ एवं पैरों में गंभीर चोटें आई थीं और वह घटनास्थल पर घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली के थानाधिकारी वीरेन्द्र मीणा के सुपरविजन और हैड कांस्टेबल श्री असलम के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। रास्ता दुर्गम होने के कारण पुलिस वाहन को जेल फाटक के पास खड़ा करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस टीम ने घायल व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर पैदल यात्रा की। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए, टीम के कांस्टेबल रामपाल, देवेन्द्र, हिमांशु और चालक कांस्टेबल राजेश कुमार ने तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मौके पर उपलब्ध लकड़ियों से एक वैकल्पिक स्ट्रेचर तैयार किया। घायल को उस स्ट्रेचर पर त्वरित सुरक्षित लिटाकर, पुलिस टीम उसे पैदल ही वापस पुलिस वाहन तक लाई। इसके बाद, उसे तत्काल धौलपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। घायल की पहचान प्रमोद पुत्र रामप्रकाश, जाति बाल्मीकि, निवासी कचनौदा, थाना दिमनी, जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। प्रमोद ने बताया कि वह मुरैना से अहमदाबाद जाने के लिए ट्रेन में सफर कर रहा था और यात्रा के दौरान असावधानीवश ट्रेन से नीचे गिर गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उसे घायल अवस्था में देखकर अभय कमांड को इसकी सूचना दी, जिसके बाद धौलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका सफल रेस्क्यू कर समय पर अस्पताल पहुंचाया। धौलपुर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संकट की घड़ी में आमजन की सहायता के लिए भी पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।2
- बाड़ी में भारत विकास परिषद का 63वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर परिषद ने जानकारी दी कि उनका काम हर जिले में चल रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया।2
- हुलासीपुरा गांव में तालाब की सफाई को लेकर स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का तालाब पूरी तरह भर चुका है, लेकिन अभी तक उसकी सफाई नहीं हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।4
- मोरैना ज़िले के एक गाँव में सड़क निर्माण के कार्य में ठेकेदार द्वारा दोबारा खराब सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत है कि सड़क की गुणवत्ता को ध्यान में न रखते हुए, ठेकेदार द्वारा फिर से निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।1
- भाजपा नेता अश्विनी चौबे के घर पर भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उनका बयान लेने के लिए मीडिया पहुँच गई। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अश्विनी चौबे ने बिहार पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि जिस लड़के ने अपनी पिस्तौल फेंक दी, वह आरोपी कैसे हो सकता है, जबकि बिहार पुलिस उसे आरोपी बताने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में भाजपा नेता अश्विनी चौबे ने सम्राट चौधरी को भी जमकर भला-बुरा कहा। उन्होंने भरत तिवारी का समर्थन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जनता के दुख-दर्द को समझता है और पीने के पानी के लिए आवाज उठाता है, वह आखिर आरोपी कैसे हो सकता है।2