Shuru
Apke Nagar Ki App…
ok
Santosh kumar sah
ok
More news from Bihar and nearby areas
- सदर अस्पताल अररिया में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ थी और लगभग सभी बेड भरे हुए थे। इस बीच इमरजेंसी वार्ड में एक बेड खाली होने के बावजूद उपयोग में नहीं लाया जा सका, क्योंकि उस पर खून से सनी चादर पड़ी हुई थी। मरीज के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से कई बार चादर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे मरीज को बेड मिलने में अनावश्यक देरी हुई और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। इसी दौरान जब मीडिया टीम अस्पताल पहुंची, तो परिजनों ने अपनी समस्या साझा की। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड के टीम लीडर कृष्ण कुमार से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत खून से सनी चादर हटाकर बेड को साफ कराया। इसके बाद मरीज को बेड उपलब्ध कराया गया। यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।1
- जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == भारत-नेपाल सीमावर्ती जोगबनी बाजार में एक बार फिर चहल-पहल लौटती नजर आ रही है। पड़ोसी देश नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए कड़े टैक्स नियमों में ढील देने के बाद स्थानीय बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को राहत मिली है। ज्ञात हो कि नेपाल सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से हाल ही में एक नया भंसार (कस्टम ड्यूटी) नियम लागू किया था। इस नियम के तहत सीमा पार से नेपाल जाने वाले लोगों को 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि, इस नियम के लागू होते ही सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए थे। आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को रोजमर्रा के उपयोग के सामान ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए और बढ़ते असंतोष के बीच नेपाल सरकार को अपने फैसले में आंशिक बदलाव करते हुय नियमों में ढील के बाद जोगबनी बाजार में फिर से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे स्थानीय व्यापार को संजीवनी मिली है। खासकर वे लोग, जो रोजाना सीमापार से जरूरी सामान लाते-ले जाते हैं, उन्हें इस फैसले से बड़ी राहत मिली है।1
- ok1
- Post by Razi Anwar1
- Post by Duwarik Prajapat1
- गलत मानसिकता से से'क्स करता हैं। पति गलत मिला हैं।1
- Post by Araria News1
- अररिया में इलाज के दौरान हुई राजू पासवान की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरएस वार्ड नंबर एक निवासी सहदेव पासवान के सबसे छोटे पुत्र राजू पासवान की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी और पांच साल के बेटे पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक के भाई ने बताया कि राजू के गले में गांठ थी। इलाज डॉक्टर निलेश भूषण कर रहे थे। जांच के बाद गांठ का ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद घाव नहीं सूखा और उसमें पस बनने लगा। दोबारा डॉक्टर निलेश भूषण से चेकअप कराया गया। फिर जांच कराई गई। भाई के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया। काफी पूछने पर बताया गया कि कैंसर है। इसके साथ ही वार्ड नंबर 8 के पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संजीव कुमार पासवान ने कहा कि डॉक्टर निलेश भूषण की लापरवाही से परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है। उनका आरोप है कि ऑपरेशन होने तक कैंसर की बात सामने नहीं आई थी। ऑपरेशन के बाद कैंसर फोर्थ स्टेज पर पहुंच गया। उन्होंने डॉक्टर पर जांच की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।वहीं इस मामले में डॉक्टर निलेश भूषण ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि जिस वक्त ऑपरेशन किया गया था, उस वक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार कैंसर नहीं था। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।1