कटनी मप्र की दो महिलाओ से 4 करोड़ 59 लाख का गांजा बरामद छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ी गाँजे की खेप कपड़े गठरिया बना हो रही थी तस्करी कटनी: ओडिशा से मध्यप्रदेश के कटनी जा रही गांजे की एक बड़ी खेप को छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पुलिस ने जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 2 महिलाओं समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए गांजे की कुल मात्रा 9 क्विंटल 19 किलोग्राम लगभग 9.20 क्विंटल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹4.59 करोड़ आंकी गई है।पकड़े गए 6 आरोपियों में से जो दो महिलाएं शामिल हैं, वे मध्य प्रदेश के कटनी की ही रहने वाली हैं। बाकी के 4 पुरुष आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के निवासी हैं।छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नागपुर चौकी पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश बॉर्डर से ठीक पहले वाहन चेकिंग के दौरान मादक पदार्थ गाँजे की बड़ी खेप पकड़ी गई। कटनी की दो महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है यह बात सामने आने के बाद कटनी पुलिस भी लगातार छत्तीसगढ़ की पुलिस के संपर्क में और महिलाओं के संबंध में जानकारी जुटा जा रही है जिले में भी महिलाओं के संबंध में सुराग पुलिस लग रही है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने इस संबंध में जानकारी दी। •
कटनी मप्र की दो महिलाओ से 4 करोड़ 59 लाख का गांजा बरामद छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ी गाँजे की खेप कपड़े गठरिया बना हो रही थी तस्करी कटनी: ओडिशा से मध्यप्रदेश के कटनी जा रही गांजे की एक बड़ी खेप को छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पुलिस ने जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 2 महिलाओं समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए गांजे की कुल मात्रा 9 क्विंटल 19 किलोग्राम लगभग 9.20 क्विंटल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹4.59 करोड़ आंकी गई है।पकड़े गए 6 आरोपियों में से जो दो महिलाएं शामिल हैं, वे मध्य प्रदेश के कटनी की ही रहने वाली हैं। बाकी के 4 पुरुष आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के निवासी हैं।छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नागपुर चौकी पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश बॉर्डर से ठीक पहले वाहन चेकिंग के दौरान मादक पदार्थ गाँजे की बड़ी खेप पकड़ी गई। कटनी की दो महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है यह बात सामने आने के बाद कटनी पुलिस भी लगातार छत्तीसगढ़ की पुलिस के संपर्क में और महिलाओं के संबंध में जानकारी जुटा जा रही है जिले में भी महिलाओं के संबंध में सुराग पुलिस लग रही है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने इस संबंध में जानकारी दी। •
- *मुड़गुड़ी में बदहाल सड़क और बंद नालियों से ग्रामीण परेशान* *शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर को सौंपा स्मरण पत्र* *मानपुर/उमरिया*। तहसील मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की बदहाल स्थिति और कई वार्डों में खुली एवं क्षतिग्रस्त नालियों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान नालियां पानी और कीचड़ से भर जाने से सड़क पर जलभराव की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के बावजूद इसका स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी के ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति द्वारा कलेक्टर उमरिया के नाम स्मरण पत्र सौंपकर सड़क की समस्या तथा खुली/क्षतिग्रस्त नालियों के निर्माण, सफाई और ढकने की मांग की गई है। आवेदन में बताया गया है कि कई स्थानों पर नालियों की स्थिति खराब होने के कारण पानी की निकासी बाधित है, जिससे आमजन को आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है। *11 सितंबर को भी दिया गया था आवेदन* स्मरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि 11 सितंबर 2026 को भी ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की समस्या एवं खुली-क्षतिग्रस्त नालियों को लेकर आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। कलेक्टर से शीघ्र कार्रवाई की मांग ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर वस्तुस्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही खराब सड़क का सुधार, नालियों की सफाई, क्षतिग्रस्त नालियों का निर्माण एवं उन्हें ढकने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिल सके। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। *स्थान : ग्राम मुड़गुड़ी, तहसील मानपुर, जिला उमरिया* *प्रार्थी : ग्रामवासी एवं युवा जनशक्ति मुड़गुड़ी*2
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला नागौद के चमरौला वार्ड क्रमांक 15 में एक निजी मकान से कथित रूप से शराब की बिक्री किए जाने के आरोप सामने आए हैं जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रवि चौधरी नामक व्यक्ति के घर से नागौद शराब ठेके से जुड़ा शराब कारोबार संचालित कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि शराब ठेके के मैनेजर हरिंदर सिंह की कथित भूमिका से बड़ी मात्रा में शराब उपलब्ध कराई जा रही है।1
- ग्राम पंचायत कार्यालय में नहीं बैठते सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक, ग्रामीणों को हो रही परेशान उमरिया जिले के मानपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया से पंचायत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। आरोप है कि ग्राम पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते, जिसके चलते आमजन को अपने जरूरी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कई कामों और जानकारी के लिए उन्हें पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में नहीं मिलते। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत का कामकाज कार्यालय में करने के बजाय घर से ही संचालित किया जा रहा है। वहीं, जब ग्रामीण कार्यालय में जाकर अपने काम के संबंध में जानकारी मांगते हैं, तो कथित तौर पर उन्हें यह जवाब दिया जाता है कि "क्या आपके लिए ही ग्राम पंचायत कार्यालय खोल देंगे?" इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को अपने कामों के लिए परेशान न होना पड़े। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से कामकाज शुरू होता है या नहीं।1
- *सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी* *आचार्य विद्यासागर योजना से श्री मुकेश पटेल ने शुरू किया डेयरी व्यवसाय, बने आत्मनिर्भर* *पांच भैंसों के पालन से 10 माह में 12,000 लीटर दूध का उत्पादन, खर्च निकालकर करीब ₹3.20 लाख की शुद्ध बचत* मैहर, 29 सितंबर आचार्य विद्यासागर योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, इस योजना का लाभ उठाकर मैहर जिले के इटमा निवासी श्री मुकेश पटेल ने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की और अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। रोजगार की तलाश से लेकर डेयरी स्थापना तक श्री मुकेश पटेल के पास पहले कोई निश्चित रोजगार नहीं था और वे आजीविका की तलाश में थे। इसी दौरान उन्हें आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी मिली। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया और प्रक्रिया पूरी कर योजना के अंतर्गत ₹4.25 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त की। इस राशि से उन्होंने पांच उन्नत नस्ल की भैंसें खरीदीं और अपने डेयरी व्यवसाय का श्रीगणेश किया। उत्पादन और शानदार मुनाफा पिछले लगभग 10 महीनों से वे सफलतापूर्वक पशुपालन और दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। इस अवधि में उनके यहाँ लगभग 12,000 लीटर दूध का कुल उत्पादन हुआ है। उत्पादित दूध की बिक्री से उन्हें लगभग ₹4.25 लाख की आय प्राप्त हुई। चारा, दाना, चिकित्सा एवं अन्य सभी आवश्यक खर्चों को काटने के बाद भी उनके पास लगभग ₹3.20 लाख की ठोस बचत हुई है। आत्मनिर्भरता की राह पर परिवार डेयरी व्यवसाय से प्राप्त आय को न केवल बैंक में सुरक्षित रखा जा रहा है, बल्कि इस व्यवसाय के और अधिक विस्तार में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। आज श्री मुकेश पटेल का पूरा परिवार इस स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहा है। श्री मुकेश पटेल ने इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री जी एवं शासन-प्रशासन के प्रति अपनी ओर से गहरा आभार व्यक्त किया है। *सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी* *आचार्य विद्यासागर योजना से श्री मुकेश पटेल ने शुरू किया डेयरी व्यवसाय, बने आत्मनिर्भर* *पांच भैंसों के पालन से 10 माह में 12,000 लीटर दूध का उत्पादन, खर्च निकालकर करीब ₹3.20 लाख की शुद्ध बचत* मैहर, 29 सितंबर आचार्य विद्यासागर योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, इस योजना का लाभ उठाकर मैहर जिले के इटमा निवासी श्री मुकेश पटेल ने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की और अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। रोजगार की तलाश से लेकर डेयरी स्थापना तक श्री मुकेश पटेल के पास पहले कोई निश्चित रोजगार नहीं था और वे आजीविका की तलाश में थे। इसी दौरान उन्हें आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी मिली। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया और प्रक्रिया पूरी कर योजना के अंतर्गत ₹4.25 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त की। इस राशि से उन्होंने पांच उन्नत नस्ल की भैंसें खरीदीं और अपने डेयरी व्यवसाय का श्रीगणेश किया। उत्पादन और शानदार मुनाफा पिछले लगभग 10 महीनों से वे सफलतापूर्वक पशुपालन और दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। इस अवधि में उनके यहाँ लगभग 12,000 लीटर दूध का कुल उत्पादन हुआ है। उत्पादित दूध की बिक्री से उन्हें लगभग ₹4.25 लाख की आय प्राप्त हुई। चारा, दाना, चिकित्सा एवं अन्य सभी आवश्यक खर्चों को काटने के बाद भी उनके पास लगभग ₹3.20 लाख की ठोस बचत हुई है। आत्मनिर्भरता की राह पर परिवार डेयरी व्यवसाय से प्राप्त आय को न केवल बैंक में सुरक्षित रखा जा रहा है, बल्कि इस व्यवसाय के और अधिक विस्तार में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। आज श्री मुकेश पटेल का पूरा परिवार इस स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहा है। श्री मुकेश पटेल ने इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री जी एवं शासन-प्रशासन के प्रति अपनी ओर से गहरा आभार व्यक्त किया है।1
- जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क उमरिया। दो साल से जिस मां की तलाश में परिवार की आंखें अपनों की राह निहार रही थीं, अचानक वीडियो कॉल की स्क्रीन पर वही चेहरा सामने आया तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। मां और परिजनों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, दोनों ओर खुशी के आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद मां को सामने देखकर परिवार की आंखों में खुशी और भावनाओं का सैलाब उमड़ आया। इस भावुक मिलन की कड़ी बने स्थानीय पत्रकार दीपक वर्मा, जिनके प्रयासों से परिवार को अपनी बिछड़ी मां की जानकारी मिल सकी। जानकारी के अनुसार राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में रह रही एक महिला ने स्वयं को उमरिया जिले के ग्राम चंदवार का निवासी बताया था। आश्रम द्वारा चलाए जा रहे “एक प्रयास घर वापसी का अभियान” के तहत संस्थापक रजनीश जैन ने महिला से संबंधित जानकारी पत्रकार दीपक वर्मा तक पहुंचाई। इसके बाद बिछड़ी महिला के परिवार की तलाश शुरू हुई। लगातार प्रयास और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा किए जाने के बाद आखिरकार महिला के परिजनों से संपर्क हो गया। परिजनों ने बताया कि महिला करीब दो वर्षों से लापता थीं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मां के भरतपुर के अपना घर आश्रम में होने की जानकारी मिलते ही परिवार की वर्षों पुरानी तलाश को जैसे मंजिल मिल गई। स्क्रीन पर मां को देखते ही छलक पड़े आंसू इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए मां और परिवार की पहली बार बातचीत कराई गई। जैसे ही स्क्रीन पर मां का चेहरा दिखाई दिया, परिजन भावुक हो उठे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई लंबे समय बाद मां को देखकर अपनी भावनाएं नहीं रोक सका। इस मार्मिक क्षण के गवाह बने पत्रकार दीपक वर्मा की आंखें भी नम हो गईं। अब घर वापसी का इंतजार परिजन अब राजस्थान के भरतपुर पहुंचकर अपनी मां को वापस घर लाने की तैयारी में हैं। करीब दो वर्षों की जुदाई के बाद होने वाला यह मिलन परिवार के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला भावुक पल होगा। यह पूरा घटनाक्रम पत्रकारिता, सोशल मीडिया और समाजसेवा के सकारात्मक उपयोग की एक मिसाल बनकर सामने आया है। परिवार ने अपनी मां की जानकारी मिलने और उन्हें घर वापस लाने की राह आसान करने के लिए पत्रकार दीपक वर्मा तथा अपना घर आश्रम प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।1
- सतना के पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का निधन: 80 की उम्र में दिल्ली में ली अंतिम सांस, नागौद से 3 बार रहे विधायक मध्य भारत न्यूज़ (सतना): सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे वरिष्ठ नेता रामप्रताप सिंह का 80 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर सतना स्थित उनके धवारी आवास पर लाया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के आम नागरिकों ने पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन किए और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में सांसद गणेश सिंह, नागौद विधायक नागेंद्र सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, विधायक विक्रम सिंह तथा महापौर योगेश ताम्रकार सहित कई वरिष्ठ नेता और नागरिक शामिल रहे। धवारी आवास पर अंतिम दर्शन के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाया गया। राजनीतिक सफर और जनसेवा संसदीय सफर: रामप्रताप सिंह 1985 और 1990 में कांग्रेस के टिकट पर नागौद विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1998 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जल संकट के लिए प्रयास: उन्होंने सतना जिले में नर्मदा नदी का पानी लाने के लिए दीर्घकालिक संघर्ष किया। समर्थकों के अनुसार, सतना तक नर्मदा जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़े 'स्लिमाबाद टनल' के निर्माण में उनकी अग्रणी भूमिका रही।1
- गौ रक्षकों और समाजसेवियों ने की पन्ना कलेक्टर से अपील, लोहारहाई के गौवंश के वायरल वीडियो की हो जांच पन्ना जिला कलेक्टर महोदय से मेरा विनम्र अनुरोध है कि इस वीडियो क्लिप को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। यह कृत्य पन्ना जिले के लोहरहाई में हुआ है। वीडियो में गौमाता के साथ ट्रैक्टर एवं कल्टीवेटर के सहारे कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। यदि जाँच में यह कृत्य सत्य पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। पवई गौरक्षक टीम सहित सभी गौसेवकों की प्रशासन से अपील है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और गौमाता के साथ हुई इस घटना पर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस वीडियो को देखकर जन-जन आवाज उठा रहा है। सभी सनातनी भाइयों से अपील है कि कानून के दायरे में रहकर इस मामले में उचित कार्रवाई की माँग करें।1
- धनवाही डैम में मिला अज्ञात युवक का शव, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची नौरोजाबाद पुलिस। उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत घुलघुली स्थित धनवाही डैम में मंगलवार दोपहर पानी में एक अज्ञात युवक का शव दिखाई देने से इलाके में सनसनी फैल गई। डैम में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी जानकारी नौरोजाबाद पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। पुलिस द्वारा शव की स्थिति के साथ ही मौके से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आवश्यक जांच के बाद शव को डैम से बाहर निकालकर कब्जे में लेने की कार्रवाई कर रही है। मृतक की पहचान और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है और मृतक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- छात्रवृत्ति की राशि अब तक नहीं मिली, छात्राओं ने मीडिया के सामने उठाई आवाज कलेक्टर को सौंपे आवेदन में 2022-23 सत्र की छात्रवृत्ति भुगतान में देरी का मामला उठाया छात्रवृत्ति की राशि अब तक नहीं मिली, छात्राओं ने मीडिया के सामने उठाई आवाज कलेक्टर को सौंपे आवेदन में 2022-23 सत्र की छात्रवृत्ति भुगतान में देरी का मामला उठाया उमरिया। छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान लंबे समय से नहीं होने से परेशान छात्राओं ने अपनी समस्या मीडिया के सामने रखी। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, बावजूद इसके अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है। इस संबंध में छात्राओं द्वारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन भी दिया गया है। छात्राओं द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार मामला शैक्षणिक सत्र 2022-23 की छात्रवृत्ति से जुड़ा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि छात्रवृत्ति के लिए प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद भुगतान लंबित है। छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति का भुगतान संबंधित विभागीय प्रक्रिया के तहत होना है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें राशि प्राप्त नहीं हुई। छात्राओं ने बताया कि छात्रवृत्ति उनके लिए पढ़ाई से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण होती है। राशि समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि वे लगातार भुगतान का इंतजार कर रही हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि आखिर छात्रवृत्ति की राशि कब तक उनके खातों में पहुंचेगी। मीडिया के सामने छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि दस्तावेज या प्रक्रिया से संबंधित कोई कमी है तो उसकी जानकारी उन्हें दी जाए, ताकि आवश्यक सुधार कर सकें। वहीं यदि विभागीय स्तर पर भुगतान लंबित है तो उसे जल्द पूरा कराया जाए। कलेक्टर से जांच और शीघ्र भुगतान की मांग छात्राओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित विभाग से छात्रवृत्ति भुगतान की स्थिति की जानकारी लेकर लंबित राशि जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि लंबे समय से इंतजार के बाद भी भुगतान नहीं होने से उनमें निराशा है। अब उन्हें प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और समाधान की उम्मीद है। छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि छात्रवृत्ति भुगतान में आ रही अड़चन को दूर कर पात्र विद्यार्थियों को उनका हक समय पर दिलाया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।4