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गंगोह समेत पूरे भारत में राष्ट्रीय महत्व का जनगणना अभियान आरंभ हो गया है। इस जरूरी अभियान के तहत नागरिकों का सही विवरण दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य व्यक्ति तक पहुंच सके। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घर पर आने वाले प्रगणक की आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) देखकर ही उन्हें अपने परिवार की बिल्कुल सटीक और सच्ची जानकारी लिखवाएं। यह भी सलाह दी गई है कि नागरिक अपने पहचान पत्र, जन्मतिथि और मकान से जुड़े जरूरी विवरण जैसे दस्तावेज़ पहले से ही तैयार रखें। जब जनगणना टीम घर आए, तो उन्हें पूरा समय दें ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।
मिस सोनिया
गंगोह समेत पूरे भारत में राष्ट्रीय महत्व का जनगणना अभियान आरंभ हो गया है। इस जरूरी अभियान के तहत नागरिकों का सही विवरण दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य व्यक्ति तक पहुंच सके। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घर पर आने वाले प्रगणक की आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) देखकर ही उन्हें अपने परिवार की बिल्कुल सटीक और सच्ची जानकारी लिखवाएं। यह भी सलाह दी गई है कि नागरिक अपने पहचान पत्र, जन्मतिथि और मकान से जुड़े जरूरी विवरण जैसे दस्तावेज़ पहले से ही तैयार रखें। जब जनगणना टीम घर आए, तो उन्हें पूरा समय दें ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।
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- गंगोह समेत पूरे भारत में राष्ट्रीय महत्व का जनगणना अभियान आरंभ हो गया है। इस जरूरी अभियान के तहत नागरिकों का सही विवरण दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य व्यक्ति तक पहुंच सके। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घर पर आने वाले प्रगणक की आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) देखकर ही उन्हें अपने परिवार की बिल्कुल सटीक और सच्ची जानकारी लिखवाएं। यह भी सलाह दी गई है कि नागरिक अपने पहचान पत्र, जन्मतिथि और मकान से जुड़े जरूरी विवरण जैसे दस्तावेज़ पहले से ही तैयार रखें। जब जनगणना टीम घर आए, तो उन्हें पूरा समय दें ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।2
- प्रस्तुत पोस्ट में किसी अज्ञात विषय पर यह जानने की जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि क्या वह बात सच है।1
- यमुनानगर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों और भूमि मालिकों ने सरकार की भूमि अधिग्रहण तथा ट्रांसमिशन लाइन मुआवजा नीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार द्वारा जारी 29 अप्रैल 2026 की अधिसूचना को किसान विरोधी करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत जगाधरी नई अनाज मंडी से हुई, जहां किसान एकत्रित होकर एक बैठक में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला और वहां धरना प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस प्रदर्शन में जिलेभर से किसान और भूमि मालिक भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में शामिल हुए। किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकार द्वारा ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और 'राइट ऑफ वे' (आरओडब्ल्यू) के तहत लाई गई नई मुआवजा नीति उनके हितों के सरासर खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नई अधिसूचना के तहत किसानों को उनकी जमीन का उचित बाजार मूल्य नहीं मिल पाएगा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिसूचना को तत्काल रद्द करने की अपनी मांग दोहराई। किसानों ने सरकार को चेतावनी भी दी।4
- हरियाणा के इंद्री में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर हर्बल पार्क में मिड डे मील वर्कर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान शिमला देवी ने की। इस बैठक में सरकार की नीतियों के खिलाफ आगामी 5 जून को हरियाणा के शिक्षा मंत्री के आवास पर जोरदार प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रधान शिमला देवी ने सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कच्चे कर्मचारियों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी जायज मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बैठक में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के ब्लॉक प्रधान ऋषिपाल और ग्रामीण चौकीदार यूनियन के जिला उपप्रधान मदन कलरा ने भी भाग लिया। मिड डे मील वर्कर यूनियन ने सरकार के सामने अपनी कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पंचकूला निदेशक के साथ 12 जनवरी को हुए समझौते को तुरंत लागू करना, स्कूलों में मिड डे मील वर्करों से गैर-शैक्षणिक कार्य बंद कराना, और बच्चों की संख्या कम होने पर हटाई गई कुक को बच्चों की संख्या बढ़ने पर दोबारा नियुक्त करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने मिड डे मील वर्करों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, सेवानिवृत्ति पर 2 लाख रुपये का भुगतान करने, तथा स्कूलों में खाना बनाते समय घायल होने पर इलाज का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना तो उनके आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।1
- सहारनपुर जनपद के पिलखनी में स्थित पीजीआई हॉस्पिटल की एक कर्मचारी ने प्रिंसिपल सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के चलते और आत्महत्या करने के उद्देश्य से, कर्मचारी आज पानी की टंकी पर चढ़ गई। टंकी पर चढ़कर उसने एक वीडियो बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया गया है। इस वीडियो में कर्मचारी ने उन सभी व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका उसने जिक्र किया है।1
- उत्तर प्रदेश के अतरौली में पुलिस ने महिलाओं से सोने के जेवर लूटने के एक मामले में कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत हुए पुलिस एनकाउंटर में, लूट में शामिल दो बदमाश ढेर हो गए हैं।1
- शामली जिले के गढ़ी पुख्ता नगर पंचायत में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहाँ भाजपा कार्यकर्ता बताए जा रहे एक नामित सभासद पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के बाद शामली में भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। आरोप है कि नामित सभासद ने नगर पंचायत की जेसीबी के तय सीमा से बाहर चलने का विरोध किया था। इसी बात से नाराज़ होकर चेयरमैन प्रतिनिधि ने सभासद के साथ मारपीट की और उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इस गंभीर घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।1
- सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र स्थित कुंडा कलां गांव में इन दिनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मामला गरमाया हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेरोकटोक संचालित हो रही हैं, जिससे न केवल राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस अवैध खनन कारोबार को रोकने के बजाय, कुछ पुलिसकर्मी कथित तौर पर उगाही में लिप्त हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि कुंडा कलां चौकी के दो सिपाही भी खनन क्षेत्र में घूमते हुए देखे गए हैं, जिससे इन आरोपों को बल मिल रहा है और लोगों में तरह-तरह की बातें हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है। वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1