मिशन निदेशक हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी, पंचकूला डॉ. जोगिंद्र सिंह घंघास ने कहा कि आज के दौर में भूमि कम हो रही है। ऐसे में किसानों का बागवानी अपनाना सही कदम है। तकनीकी से बागवानी करने से कम जमीन पर अच्छी और ज्यादा पैदावार ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसान फसल का मूल्य और खुद की बिक्री से दो से चार गुणा मुनाफा बढ़ा सकते है। पलवल के अलावलपुर गांव में आयोजित जिला स्तरीय उद्यान सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला बागवानी अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह,डॉ नितेश डीएचसी होडल,कृष्ण कुमार,कृषि विशेषज्ञ महावीर मलिक,महेंद्र देशवाल सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे। डॉ.जोगेंद्र घंघास ने सेमिनार शुभारंभ रिबन काटकर व दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया। डॉ. जोगिंद्र सिंह घंघास ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य किसानों को बागवानी के प्रति जागरूक करना है। किसान गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाती है,ताकि किसान सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रकार की स्कीमें चलाई गई है। बागवानी की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए बागवानी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक पैदावार लेने के लिए किसानों को बागवानी की खेती करनी चाहिए। किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनने के लिए बागवानी की फसल लगानी चाहिए। बागवानी की फसलें नकदी फसलों में आती है। फल,फूल व सब्जियों की खेती कर किसान प्रतिदिन आय प्राप्त कर सकते है। इसके साथ साथ फसल विविधीकरण को अपनाऐं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा विभिन्न उत्पाद तैयार कर स्टॉल लगाई गई है। प्रगतिशील किसानों द्वारा गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार कर अपनी आय में बढोतरी की गई है। जिले के अन्य किसानों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाया जाए। इसके लिए बागवानी विभाग प्रयासरत है। अगर किसान स्वयं अपने उत्पाद को बेचेगा तो निश्चिततौर पर दोगुनी आय में बढ़ोतरी होगी।
मिशन निदेशक हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी, पंचकूला डॉ. जोगिंद्र सिंह घंघास ने कहा कि आज के दौर में भूमि कम हो रही है। ऐसे में किसानों का बागवानी अपनाना सही कदम है। तकनीकी से बागवानी करने से कम जमीन पर अच्छी और ज्यादा पैदावार ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसान फसल का मूल्य और खुद की बिक्री से दो से चार गुणा मुनाफा बढ़ा सकते है। पलवल के अलावलपुर गांव में आयोजित जिला स्तरीय उद्यान सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला बागवानी अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह,डॉ नितेश डीएचसी होडल,कृष्ण कुमार,कृषि विशेषज्ञ महावीर मलिक,महेंद्र देशवाल सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे। डॉ.जोगेंद्र घंघास ने सेमिनार शुभारंभ रिबन काटकर व दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया। डॉ. जोगिंद्र सिंह घंघास ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य किसानों को बागवानी के प्रति जागरूक करना है। किसान गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाती है,ताकि किसान सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रकार की स्कीमें चलाई गई है। बागवानी की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए बागवानी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक पैदावार लेने के लिए किसानों को बागवानी की खेती करनी चाहिए। किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनने के लिए बागवानी की फसल लगानी चाहिए। बागवानी की फसलें नकदी फसलों में आती है। फल,फूल व सब्जियों की खेती कर किसान प्रतिदिन आय प्राप्त कर सकते है। इसके साथ साथ फसल विविधीकरण को अपनाऐं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा विभिन्न उत्पाद तैयार कर स्टॉल लगाई गई है। प्रगतिशील किसानों द्वारा गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार कर अपनी आय में बढोतरी की गई है। जिले के अन्य किसानों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाया जाए। इसके लिए बागवानी विभाग प्रयासरत है। अगर किसान स्वयं अपने उत्पाद को बेचेगा तो निश्चिततौर पर दोगुनी आय में बढ़ोतरी होगी।
- Post by Haryana Voice Palwal1
- 24 मार्च 2026 को सीमा पर लड़ते- लड़ते मथुरा जिले के आदेश कुमार ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए आदेश कुमार गांव चांदपुर कलां का रहने वाला था उसका पार्थिव शरीर 25 मार्च को पैतृक गांव आया । जिसके अंतिम संस्कार में विधायक राजेश चौधरी भी शरीक हुए।2
- पलवल के अलावलपुर गांव में आयोजित जिला स्तरीय उद्यान सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला बागवानी अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह,डॉ नितेश डीएचसी होडल,कृष्ण कुमार,कृषि विशेषज्ञ महावीर मलिक,महेंद्र देशवाल सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे। डॉ.जोगेंद्र घंघास ने सेमिनार शुभारंभ रिबन काटकर व दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन भी किया। डॉ. जोगिंद्र सिंह घंघास ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य किसानों को बागवानी के प्रति जागरूक करना है। किसान गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाती है,ताकि किसान सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रकार की स्कीमें चलाई गई है। बागवानी की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए बागवानी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक पैदावार लेने के लिए किसानों को बागवानी की खेती करनी चाहिए। किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनने के लिए बागवानी की फसल लगानी चाहिए। बागवानी की फसलें नकदी फसलों में आती है। फल,फूल व सब्जियों की खेती कर किसान प्रतिदिन आय प्राप्त कर सकते है। इसके साथ साथ फसल विविधीकरण को अपनाऐं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा विभिन्न उत्पाद तैयार कर स्टॉल लगाई गई है। प्रगतिशील किसानों द्वारा गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार कर अपनी आय में बढोतरी की गई है। जिले के अन्य किसानों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाया जाए। इसके लिए बागवानी विभाग प्रयासरत है। अगर किसान स्वयं अपने उत्पाद को बेचेगा तो निश्चिततौर पर दोगुनी आय में बढ़ोतरी होगी।1
- Post by माथुर पत्रकार1
- फरीदाबाद-हरियाणा : आज राम नवमी के शुभ अवसर पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य और उनके साथ श्री हिमांशु शुक्ला ने फरीदाबाद स्थित श्री गोपाल गौशाला में जाकर गौमाताओं की सेवा की। इस पावन अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने समस्त देशवासी एवं विश्वभर में रहने वाले भारतीयों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने “जय गौमाता” के जयघोष के साथ गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत सरकार से पुनः आग्रह करते हुए कहा कि गौवंश को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाना चाहिए, जिससे भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को और सशक्त बनाया जा सके।1
- फरीदाबाद जिले में गेहूं की फसल की कटाई का काम शुरू हो चुका है। किसान सुबह से शाम तक कड़ी मेहनत कर अपनी फसल काट रहे हैं। इस दौरान किसानों और मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।1
- राम मंदिर निर्माण के बाद कितना बढ़े हम राम राज्य की तरफ ? क्या रैलियों में राम ध्वज लहराने से राम राज्य आ जाएगा ? क्या राम राज्य की कल्पना सिर्फ भारत तक ही सीमित रहना चाहिए ? इन सवालों के जानिए बुद्धिजीवियों से राजपथ न्यूज़ पर..1
- Post by Haryana Voice Palwal1