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क्षेत्र में फिर बदला मौसम का मिजाज हुई झमाझम बारिश किसानो की बड़ी चिंताएं

8 hrs ago
user_Suresh tiwari
Suresh tiwari
Local News Reporter बरेली, रायसेन, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

क्षेत्र में फिर बदला मौसम का मिजाज हुई झमाझम बारिश किसानो की बड़ी चिंताएं

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • एक तो मैं किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं, मुख्यमंत्री जी ने भी आश्वस्त किया है, कि हर एक किसान से खरीदी होगी और अब खरीदी तेजी से चल रही है। एक समस्या पहले आ रही थी स्लॉट बुकिंग की। उसमें देरी लग रही थी, धीमा चल रहा था सिस्टम। लेकिन हमने अब किसानों से भी बात की, समीक्षा की, तो तेजी से स्लॉट बुक करने का काम चल रहा है और अब स्लॉट बुकिंग में कोई समस्या बची नहीं है। लेकिन आपकी जानकारी में और आपके माध्यम से मैं किसान भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूं कि अभी भी स्लॉट बुकिंग 23 तारीख तक हो सकता है, 23 मई तक। हालांकि जाएगा नहीं क्योंकि मैक्सिमम स्लॉट बुक हो चुके हैं अब। अपवाद स्वरूप बचे होंगे, तो मेरा विश्वास है कि दो-तीन दिन में सारे किसानों के स्लॉट बुक हो जाएंगे। दूसरी चीज थी कि जिनने कौली या लीज पर ली है (जो अपन कहते हैं अपने यहां कौली कहते हैं, वैसे टेनेंट किसान कहते हैं) जो खुद की जमीन नहीं है लेकिन दूसरे से लेकर खेती करते हैं। तो उनकी भी कोई समस्या नहीं है। जिसका भूमि स्वामित्व है, जो मालिक है जमीन का, वो अगर कह देता है कि मैंने इनको जमीन बेची है, तो उनका उत्पाद भी 'कौली जमीन मैंने बेची' तो वो उत्पाद भी खरीदा जा रहा है। एक समस्या ये आ रही थी पहले कि स्लॉट में सत्यापित नहीं हो रहा है कि गेहूं है कि नहीं। कुछ और लिख के आ जाता था पहले। लेकिन अब उस समस्या का समाधान भी हो गया है। कहीं इक्का-दुक्का मामले आते हैं तो उसके लिए भी हमने यहां फैसला किया है कि कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में रहेगा। अगर किसी किसान को ये समस्या आ रही है कि सत्यापित नहीं हो रहा, तो वो यहां पर जानकारी दे दे। तो वो सही किसान है तो सत्यापित करके उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। एक थी पहले बारदानों की कमी की समस्या। लेकिन आज पूरी समीक्षा में ये आया है कि बारदाने अब निरंतर आ रहे हैं। और अगले तीन दिन तक की खरीद के लिए बारदाने पर्याप्त हैं। और उनकी आपूर्ति लगातार हो रही है। कुछ जगह चूंकि सरकार ने भारी उत्पादन को देखते हुए पुराने बारदाने भी मैनेज किए थे, अब अगर वो बारदाने काम के हैं तो उनको उपयोग में लेंगे, नहीं तो उनकी जगह दूसरे भी रिप्लेस करने का काम लगातार हो रहा है। फिर तौल कांटे कहीं कम थे, उस तरह की समस्या थी। पहले तो आपको पता है कि 1000 क्विंटल ही खरीदी हो सकती थी एक खरीद केंद्र पे। अब वो बढ़ के 2250 क्विंटल हो गई है। और उसके हिसाब से जहां-जहां कांटों को बढ़ाने की भी आवश्यकता थी, वहां कांटे भी बढ़ाए जा रहे हैं ताकि जल्दी खरीदी का काम संपन्न हो सके। अब तक जो आज समीक्षा की है, जैसे विदिशा जिले में ही जिन किसानों ने पंजीकरण करवाया था (पंजीकृत किसान), उनकी संख्या 87,913 थी। उनमें से स्लॉट बुक हो गए 72,027 के। कई बार जितना पंजीयन करवाते हैं उतना सब स्लॉट बुक नहीं करवाते, ये हमेशा से होता आया है, कुछ कम ही होते हैं। लेकिन फिर भी 82% (अगर इस हिसाब से भी देखें) तो किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं और स्लॉट बुकिंग लगातार चल रही है, जारी है। अब तक जिन किसानों ने अपना गेहूं बेचा है (विक्रेता कृषक), उनकी संख्या 36,442 है और उनसे 1,99,563 मीट्रिक टन कुल 174 केंद्रों से अभी तक गेहूं खरीदा जा चुका है। रायसेन जिले का अगर हम देखें, तो 77,117 किसानों ने पंजीकरण करवाया था। उनमें से 68,639 किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं और उनमें से 32,374 किसान अपना गेहूं बेच चुके हैं और 1,80,199 मीट्रिक टन खरीदी हो चुकी है।
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    एक तो मैं किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं, मुख्यमंत्री जी ने भी आश्वस्त किया है, कि हर एक किसान से खरीदी होगी और अब खरीदी तेजी से चल रही है।
एक समस्या पहले आ रही थी स्लॉट बुकिंग की। उसमें देरी लग रही थी, धीमा चल रहा था सिस्टम। लेकिन हमने अब किसानों से भी बात की, समीक्षा की, तो तेजी से स्लॉट बुक करने का काम चल रहा है और अब स्लॉट बुकिंग में कोई समस्या बची नहीं है। लेकिन आपकी जानकारी में और आपके माध्यम से मैं किसान भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूं कि अभी भी स्लॉट बुकिंग 23 तारीख तक हो सकता है, 23 मई तक। हालांकि जाएगा नहीं क्योंकि मैक्सिमम स्लॉट बुक हो चुके हैं अब। अपवाद स्वरूप बचे होंगे, तो मेरा विश्वास है कि दो-तीन दिन में सारे किसानों के स्लॉट बुक हो जाएंगे।
दूसरी चीज थी कि जिनने कौली या लीज पर ली है (जो अपन कहते हैं अपने यहां कौली कहते हैं, वैसे टेनेंट किसान कहते हैं) जो खुद की जमीन नहीं है लेकिन दूसरे से लेकर खेती करते हैं। तो उनकी भी कोई समस्या नहीं है। जिसका भूमि स्वामित्व है, जो मालिक है जमीन का, वो अगर कह देता है कि मैंने इनको जमीन बेची है, तो उनका उत्पाद भी  'कौली जमीन मैंने बेची' तो वो उत्पाद भी खरीदा जा रहा है।
एक समस्या ये आ रही थी पहले कि स्लॉट में सत्यापित नहीं हो रहा है कि गेहूं है कि नहीं। कुछ और लिख के आ जाता था पहले। लेकिन अब उस समस्या का समाधान भी हो गया है। कहीं इक्का-दुक्का मामले आते हैं तो उसके लिए भी हमने यहां फैसला किया है कि कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में रहेगा। अगर किसी किसान को ये समस्या आ रही है कि सत्यापित नहीं हो रहा, तो वो यहां पर जानकारी दे दे। तो वो सही किसान है तो सत्यापित करके उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
एक थी पहले बारदानों की कमी की समस्या। लेकिन आज पूरी समीक्षा में ये आया है कि बारदाने अब निरंतर आ रहे हैं। और अगले तीन दिन तक की खरीद के लिए बारदाने पर्याप्त हैं। और उनकी आपूर्ति लगातार हो रही है। कुछ जगह चूंकि सरकार ने भारी उत्पादन को देखते हुए पुराने बारदाने भी मैनेज किए थे, अब अगर वो बारदाने काम के हैं तो उनको उपयोग में लेंगे, नहीं तो उनकी जगह दूसरे भी रिप्लेस करने का काम लगातार हो रहा है।
फिर तौल कांटे कहीं कम थे, उस तरह की समस्या थी। पहले तो आपको पता है कि 1000 क्विंटल ही खरीदी हो सकती थी एक खरीद केंद्र पे। अब वो बढ़ के 2250 क्विंटल हो गई है। और उसके हिसाब से जहां-जहां कांटों को बढ़ाने की भी आवश्यकता थी, वहां कांटे भी बढ़ाए जा रहे हैं ताकि जल्दी खरीदी का काम संपन्न हो सके।
अब तक जो आज समीक्षा की है, जैसे विदिशा जिले में ही जिन किसानों ने पंजीकरण करवाया था (पंजीकृत किसान), उनकी संख्या 87,913 थी। उनमें से स्लॉट बुक हो गए 72,027 के। कई बार जितना पंजीयन करवाते हैं उतना सब स्लॉट बुक नहीं करवाते, ये हमेशा से होता आया है, कुछ कम ही होते हैं। लेकिन फिर भी 82% (अगर इस हिसाब से भी देखें) तो किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं और स्लॉट बुकिंग लगातार चल रही है, जारी है। अब तक जिन किसानों ने अपना गेहूं बेचा है (विक्रेता कृषक), उनकी संख्या 36,442 है और उनसे 1,99,563 मीट्रिक टन कुल 174 केंद्रों से अभी तक गेहूं खरीदा जा चुका है।
रायसेन जिले का अगर हम देखें, तो 77,117 किसानों ने पंजीकरण करवाया था। उनमें से 68,639 किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं और उनमें से 32,374 किसान अपना गेहूं बेच चुके हैं और 1,80,199 मीट्रिक टन खरीदी हो चुकी है।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नर्मदापुरम, 2 मई 2026। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशों के पालन में जिले में अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन एवं संग्रहण के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण थोटा के सहयोग एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री अरविंद सागर के मार्गदर्शन में आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने वृत्त पिपरिया क्षेत्र में विशेष कार्रवाई की। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने अंबेडकर वार्ड, पुरानी बस्ती, रायखेड़ी रोड, बनखेड़ी आवास कॉलोनी, पलियापीपरिया एवं दुधी नदी क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 150 लीटर हाथभट्टी अवैध मदिरा तथा लगभग 4000 किलोग्राम महुआ लहान जब्त किया गया। इस संबंध में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत कुल 12 प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 4 लाख 30 हजार रुपये आंका गया है। यह कार्रवाई आबकारी वृत्त पिपरिया प्रभारी हितेश कुमार बिशोरिया के नेतृत्व में की गई। अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी, उपनिरीक्षक, आरक्षक एवं पुलिस बल का सराहनीय सहयोग रहा।
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    नर्मदापुरम, 2 मई 2026। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशों के पालन में जिले में अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन एवं संग्रहण के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण थोटा के सहयोग एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री अरविंद सागर के मार्गदर्शन में आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने वृत्त पिपरिया क्षेत्र में विशेष कार्रवाई की।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने अंबेडकर वार्ड, पुरानी बस्ती, रायखेड़ी रोड, बनखेड़ी आवास कॉलोनी, पलियापीपरिया एवं दुधी नदी क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 150 लीटर हाथभट्टी अवैध मदिरा तथा लगभग 4000 किलोग्राम महुआ लहान जब्त किया गया।
इस संबंध में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत कुल 12 प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 4 लाख 30 हजार रुपये आंका गया है।
यह कार्रवाई आबकारी वृत्त पिपरिया प्रभारी हितेश कुमार बिशोरिया के नेतृत्व में की गई। अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी, उपनिरीक्षक, आरक्षक एवं पुलिस बल का सराहनीय सहयोग रहा।
    user_Sandeep Mehra
    Sandeep Mehra
    Social Media Manager होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • https://youtu.be/dXTbrSk55n4?si=hd4Iide-hkg0msaL Jabalpur नर्मदा नदी पर बरगी डैम में पर्यटकों से भरा पर्यटक सवार थे, अभी तक 6 शव बरामद हुए
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    https://youtu.be/dXTbrSk55n4?si=hd4Iide-hkg0msaL
Jabalpur नर्मदा नदी पर बरगी डैम में पर्यटकों से भरा  पर्यटक सवार थे, अभी तक 6 शव बरामद हुए
    user_पं. सतीश लबानिया
    पं. सतीश लबानिया
    गाडरवारा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ! रायसेन के देवनगर थाना क्षेत्र से 7 मार्च को एक नाबालिग का अपहरण हुआ था। पुलिस ने 'मुस्कान अभियान' के तहत मात्र 12 घंटे में बच्ची को सकुशल बचा लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी चकमा देकर फरार हो गया। थाना प्रभारी हरिओम अस्ताया की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार तलाश करते हुए देवास निवासी शातिर आरोपी जसपाल पलातिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कड़क कार्रवाई के बाद 1 मई को आरोपी को सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
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    ! रायसेन के देवनगर थाना क्षेत्र से 7 मार्च को एक नाबालिग का अपहरण हुआ था। पुलिस ने 'मुस्कान अभियान' के तहत मात्र 12 घंटे में बच्ची को सकुशल बचा लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी चकमा देकर फरार हो गया। थाना प्रभारी हरिओम अस्ताया की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार तलाश करते हुए देवास निवासी शातिर आरोपी जसपाल पलातिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कड़क कार्रवाई के बाद 1 मई को आरोपी को सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
    user_KKREPORTER
    KKREPORTER
    पत्रकार रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • भोपाल में पत्रकारों का सैलाब: श्रमजीवी पत्रकार संघ की मांगों को लेकर विशाल रैली, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन भोपाल। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के आह्वान पर राजधानी भोपाल में पत्रकारों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेशभर से आए हजारों पत्रकारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए विशाल रैली निकाली और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। रैली का शुभारंभ शहर के प्रमुख स्थल से हुआ, जहां से पत्रकार हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए निर्धारित मार्गों से गुजरे। रैली में शामिल पत्रकारों ने अपनी प्रमुख मांगों को जोर-शोर से उठाया और सरकार से शीघ्र निराकरण की अपील की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और एकता का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला। पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से श्रमजीवी पत्रकारों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक सहायता, पेंशन योजना, बीमा सुविधा और मान्यता संबंधी मुद्दे प्रमुख हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब यह बड़ा आंदोलन करना पड़ा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पत्रकारों के हित में ठोस नीतियां बनाने, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, ग्रामीण एवं छोटे शहरों के पत्रकारों को विशेष सुविधाएं देने, और पत्रकार कल्याण योजनाओं का विस्तार करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। इस दौरान संघ के नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समय में प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है। रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों की बड़ी भागीदारी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पत्रकारों के मुद्दे अब व्यापक रूप से सामने आ रहे हैं और इनके समाधान के लिए ठोस पहल की आवश्यकता है। *मध्य प्रदेश श्रम जीवी पत्रकार संघ* *जिला उपाध्यक्ष, संजू नामदेव हरदा*
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    भोपाल में पत्रकारों का सैलाब: श्रमजीवी पत्रकार संघ की मांगों को लेकर विशाल रैली, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
भोपाल। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के आह्वान पर राजधानी भोपाल में पत्रकारों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेशभर से आए हजारों पत्रकारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए विशाल रैली निकाली और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
रैली का शुभारंभ शहर के प्रमुख स्थल से हुआ, जहां से पत्रकार हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए निर्धारित मार्गों से गुजरे। रैली में शामिल पत्रकारों ने अपनी प्रमुख मांगों को जोर-शोर से उठाया और सरकार से शीघ्र निराकरण की अपील की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और एकता का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला।
पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से श्रमजीवी पत्रकारों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक सहायता, पेंशन योजना, बीमा सुविधा और मान्यता संबंधी मुद्दे प्रमुख हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब यह बड़ा आंदोलन करना पड़ा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पत्रकारों के हित में ठोस नीतियां बनाने, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, ग्रामीण एवं छोटे शहरों के पत्रकारों को विशेष सुविधाएं देने, और पत्रकार कल्याण योजनाओं का विस्तार करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
इस दौरान संघ के नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समय में प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों की बड़ी भागीदारी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पत्रकारों के मुद्दे अब व्यापक रूप से सामने आ रहे हैं और इनके समाधान के लिए ठोस पहल की आवश्यकता है।
*मध्य प्रदेश श्रम जीवी पत्रकार संघ*
*जिला उपाध्यक्ष, संजू नामदेव हरदा*
    user_Lakhan Singh
    Lakhan Singh
    Photographer होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by हल्के भैया कौरव सुखदेव गिरि
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    Post by हल्के भैया कौरव सुखदेव गिरि
    user_हल्के भैया कौरव सुखदेव गिरि
    हल्के भैया कौरव सुखदेव गिरि
    गाडरवारा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • https://youtu.be/Z3DcdBqdGuw?si=58QaFTAG7U92xQE1 Gadarwara मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान पर गाडरवारा में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन #narsinghpur #latestnews #update_news
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    https://youtu.be/Z3DcdBqdGuw?si=58QaFTAG7U92xQE1
Gadarwara मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान पर गाडरवारा में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
#narsinghpur 
#latestnews 
#update_news
    user_पं. सतीश लबानिया
    पं. सतीश लबानिया
    गाडरवारा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • "झूठों ने झूठों से कहा है सच बोलो, सरकारी ऐलान हुआ है सच बोलो!" मशहूर शायर राहत इंदौरी साहब के इसी शेर के साथ सुनिए एक चौंकाने वाली खबर, क्योंकि क्या 40 साल से सरकारी फाइलों के मकड़जाल में फंसी रायसेन की ट्रेन अब सीधा आसमान से टपकेगी? जी हाँ, केके की नजर से देखिए तो रायसेन वालों के लिए एक ऐसा झुनझुना आया है जिसकी आवाज सीधे सैटेलाइट से गूंजेगी, क्योंकि 2010-11 के रेल बजट में जिस लाइन ने सिर्फ पन्नों पर छुक-छुक की थी, अब अप्रैल 2026 में रेलवे बोर्ड ने भोपाल-रायसेन-गैरतगंज-बेगमगंज होते हुए छतरपुर तक की उसी नई ब्रॉडगेज लाइन के सर्वे के लिए पूरे 69 लाख रुपये का प्रारंभिक बजट फाइनली पास कर दिया है! अब केके की नजर से इस 69 लाख के खेल को जरा करीब से समझिए... इस बार सिस्टम की पुरानी इंचीटेप से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक 'सैटेलाइट और हवाई सर्वेक्षण' से जमीन नापी जाएगी, मतलब अफसर जमीन पर आएं या न आएं, आसमान से विकास की 3D फोटो जरूर खींच ली जाएगी! पर अपनी सीट बेल्ट अभी मत बांधिए, क्योंकि ये सिर्फ एक 'सर्वे' का कागजी शिलान्यास है, लोहे की पटरियों का नहीं, और जिस देश में 40 साल में फाइलें सिर्फ एक टेबल से दूसरी टेबल तक खिसकती हैं, वहां ट्रेन को हकीकत के स्टेशन तक आते-आते कहीं हमारी अगली पीढ़ी ही टिकट कटाने के लिए न खड़ी मिले! इसलिए केके की नजर से ये बिल्कुल साफ है कि ये 69 लाख का ताजा 'ट्रेंडिंग मुद्दा' कागजी विकास की एक और लॉलीपॉप भी हो सकता है। तो सिस्टम और सरकार से अंत में केके का सीधा सवाल- क्या इस बार वाकई रायसेन के स्टेशन पर छुक-छुक गाड़ी की असली सीटी बजेगी या फिर एक बार और सैटेलाइट के नाम पर जनता की आंखों में सिर्फ हवाई धूल झोंक दी जाएगी? जवाब सोचिएगा जरूर, और जाते-जाते दुष्यंत कुमार जी का ये मशहूर शेर इस पूरे सिस्टम के नाम- "सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए!"
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    "झूठों ने झूठों से कहा है सच बोलो, सरकारी ऐलान हुआ है सच बोलो!" मशहूर शायर राहत इंदौरी साहब के इसी शेर के साथ सुनिए एक चौंकाने वाली खबर, क्योंकि क्या 40 साल से सरकारी फाइलों के मकड़जाल में फंसी रायसेन की ट्रेन अब सीधा आसमान से टपकेगी? जी हाँ, केके की नजर से देखिए तो रायसेन वालों के लिए एक ऐसा झुनझुना आया है जिसकी आवाज सीधे सैटेलाइट से गूंजेगी, क्योंकि 2010-11 के रेल बजट में जिस लाइन ने सिर्फ पन्नों पर छुक-छुक की थी, अब अप्रैल 2026 में रेलवे बोर्ड ने भोपाल-रायसेन-गैरतगंज-बेगमगंज होते हुए छतरपुर तक की उसी नई ब्रॉडगेज लाइन के सर्वे के लिए पूरे 69 लाख रुपये का प्रारंभिक बजट फाइनली पास कर दिया है! अब केके की नजर से इस 69 लाख के खेल को जरा करीब से समझिए... इस बार सिस्टम की पुरानी इंचीटेप से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक 'सैटेलाइट और हवाई सर्वेक्षण' से जमीन नापी जाएगी, मतलब अफसर जमीन पर आएं या न आएं, आसमान से विकास की 3D फोटो जरूर खींच ली जाएगी! पर अपनी सीट बेल्ट अभी मत बांधिए, क्योंकि ये सिर्फ एक 'सर्वे' का कागजी शिलान्यास है, लोहे की पटरियों का नहीं, और जिस देश में 40 साल में फाइलें सिर्फ एक टेबल से दूसरी टेबल तक खिसकती हैं, वहां ट्रेन को हकीकत के स्टेशन तक आते-आते कहीं हमारी अगली पीढ़ी ही टिकट कटाने के लिए न खड़ी मिले! इसलिए केके की नजर से ये बिल्कुल साफ है कि ये 69 लाख का ताजा 'ट्रेंडिंग मुद्दा' कागजी विकास की एक और लॉलीपॉप भी हो सकता है। तो सिस्टम और सरकार से अंत में केके का सीधा सवाल- क्या इस बार वाकई रायसेन के स्टेशन पर छुक-छुक गाड़ी की असली सीटी बजेगी या फिर एक बार और सैटेलाइट के नाम पर जनता की आंखों में सिर्फ हवाई धूल झोंक दी जाएगी? जवाब सोचिएगा जरूर, और जाते-जाते दुष्यंत कुमार जी का ये मशहूर शेर इस पूरे सिस्टम के नाम- "सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए!"
    user_KKREPORTER
    KKREPORTER
    पत्रकार रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • नर्मदापुरम और बुधनी क्षेत्र में शनिवार को अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिसके बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई। आंधी-बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
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    नर्मदापुरम और बुधनी क्षेत्र में शनिवार को अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिसके बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई।
आंधी-बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
    user_Basant Manjhi
    Basant Manjhi
    बुधनी, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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