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पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल ना गाइडलाइन का पालन न सुरक्षा इंतजाम भांडेर में पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी! प्रशासन की उदासीनता से सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल न गाइडलाइन का पालन, न सुरक्षा इंतजामों की स्पष्ट जानकारी, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी प्रभावी निगरानी जरूरी भांडेर में दीपावली के त्योहार को लेकर भांडेर नगर में पटाखों की दुकानें सज गई हैं और दुकानदारों द्वारा बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री की जा रही है। लेकिन पटाखों की बिक्री के दौरान शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है या नहीं, इसको लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानों पर नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप *ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति है। वहीं बेरियम साल्ट वाले प्रतिबंधित पटाखों और लड़ी एवं सीरीज पटाखों की बिक्री पर रोक है।* इसके बावजूद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दुकानों पर बिक रहे पटाखों की श्रेणी, पैकेट पर प्रमाणन, लाइसेंस और भंडारण की जांच सुनिश्चित करे। पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए *लाइसेंस, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टी, पानी की व्यवस्था, नो स्मोकिंग बोर्ड और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी* जैसे सुरक्षा मानक अनिवार्य हैं। लेकिन नगर में कई दुकानों पर इन मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी जा रही है। दुकानों के पास ही भीड़, दोपहिया वाहनों की आवाजाही और खुले में पटाखे फोड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने के लिए *प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच रही है।* न तो दुकानों पर लाइसेंस की जांच हो रही है और न ही प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापामार कार्रवाई हो रही है। इससे दुकानदार मनमाने तरीके से बिक्री कर रहे हैं। वहीं खरीदारों को भी *ग्रीन पटाखों की पहचान, क्यूआर कोड, सीएसआईआर-नीरी के प्रमाणन* आदि की जानकारी नहीं दी जा रही है। कई खरीदार अनजाने में प्रतिबंधित पटाखे खरीद रहे हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों की नियमित जांच की जाए, बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर कार्रवाई हो, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और दुकानों पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ सुरक्षित भी रहे।।

17 min ago
user_पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
Voice of people भांडेर, दतिया, मध्य प्रदेश•
17 min ago

पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल ना गाइडलाइन का पालन न सुरक्षा इंतजाम भांडेर में पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी! प्रशासन की उदासीनता से सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल न गाइडलाइन का पालन, न सुरक्षा इंतजामों की स्पष्ट जानकारी, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी प्रभावी निगरानी जरूरी भांडेर में दीपावली के त्योहार को लेकर भांडेर नगर में पटाखों की दुकानें सज गई हैं और दुकानदारों द्वारा बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री की जा रही है। लेकिन पटाखों की बिक्री के दौरान शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है या नहीं, इसको लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानों पर नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप *ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति है। वहीं बेरियम साल्ट वाले प्रतिबंधित पटाखों और लड़ी एवं सीरीज पटाखों की बिक्री पर रोक है।* इसके बावजूद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दुकानों पर बिक रहे पटाखों की श्रेणी, पैकेट पर प्रमाणन, लाइसेंस और भंडारण की जांच सुनिश्चित करे। पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए *लाइसेंस, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टी, पानी की व्यवस्था, नो स्मोकिंग बोर्ड और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी* जैसे सुरक्षा मानक अनिवार्य हैं। लेकिन नगर में कई दुकानों पर इन मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी जा रही है। दुकानों के पास ही भीड़, दोपहिया वाहनों की आवाजाही और खुले में पटाखे फोड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने के लिए *प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच रही है।* न तो दुकानों पर लाइसेंस की जांच हो रही है और न ही प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापामार कार्रवाई हो रही है। इससे दुकानदार मनमाने तरीके से बिक्री कर रहे हैं। वहीं खरीदारों को भी *ग्रीन पटाखों की पहचान, क्यूआर कोड, सीएसआईआर-नीरी के प्रमाणन* आदि की जानकारी नहीं दी जा रही है। कई खरीदार अनजाने में प्रतिबंधित पटाखे खरीद रहे हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों की नियमित जांच की जाए, बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर कार्रवाई हो, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और दुकानों पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ सुरक्षित भी रहे।।

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  • पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल ना गाइडलाइन का पालन न सुरक्षा इंतजाम भांडेर में पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी! प्रशासन की उदासीनता से सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल न गाइडलाइन का पालन, न सुरक्षा इंतजामों की स्पष्ट जानकारी, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी प्रभावी निगरानी जरूरी भांडेर में दीपावली के त्योहार को लेकर भांडेर नगर में पटाखों की दुकानें सज गई हैं और दुकानदारों द्वारा बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री की जा रही है। लेकिन पटाखों की बिक्री के दौरान शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है या नहीं, इसको लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानों पर नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप *ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति है। वहीं बेरियम साल्ट वाले प्रतिबंधित पटाखों और लड़ी एवं सीरीज पटाखों की बिक्री पर रोक है।* इसके बावजूद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दुकानों पर बिक रहे पटाखों की श्रेणी, पैकेट पर प्रमाणन, लाइसेंस और भंडारण की जांच सुनिश्चित करे। पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए *लाइसेंस, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टी, पानी की व्यवस्था, नो स्मोकिंग बोर्ड और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी* जैसे सुरक्षा मानक अनिवार्य हैं। लेकिन नगर में कई दुकानों पर इन मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी जा रही है। दुकानों के पास ही भीड़, दोपहिया वाहनों की आवाजाही और खुले में पटाखे फोड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने के लिए *प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच रही है।* न तो दुकानों पर लाइसेंस की जांच हो रही है और न ही प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापामार कार्रवाई हो रही है। इससे दुकानदार मनमाने तरीके से बिक्री कर रहे हैं। वहीं खरीदारों को भी *ग्रीन पटाखों की पहचान, क्यूआर कोड, सीएसआईआर-नीरी के प्रमाणन* आदि की जानकारी नहीं दी जा रही है। कई खरीदार अनजाने में प्रतिबंधित पटाखे खरीद रहे हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों की नियमित जांच की जाए, बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर कार्रवाई हो, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और दुकानों पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ सुरक्षित भी रहे।।
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    पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल ना गाइडलाइन का पालन न सुरक्षा इंतजाम
भांडेर में पटाखा दुकानों पर नियमों की अनदेखी! प्रशासन की उदासीनता से सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
न गाइडलाइन का पालन, न सुरक्षा इंतजामों की स्पष्ट जानकारी, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी प्रभावी निगरानी जरूरी
भांडेर में दीपावली के त्योहार को लेकर भांडेर नगर में पटाखों की दुकानें सज गई हैं और दुकानदारों द्वारा बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री की जा रही है। लेकिन पटाखों की बिक्री के दौरान शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है या नहीं, इसको लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते दुकानों पर नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है।
सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप *ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति है। वहीं बेरियम साल्ट वाले प्रतिबंधित पटाखों और लड़ी एवं सीरीज पटाखों की बिक्री पर रोक है।* इसके बावजूद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दुकानों पर बिक रहे पटाखों की श्रेणी, पैकेट पर प्रमाणन, लाइसेंस और भंडारण की जांच सुनिश्चित करे।
पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए *लाइसेंस, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टी, पानी की व्यवस्था, नो स्मोकिंग बोर्ड और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी* जैसे सुरक्षा मानक अनिवार्य हैं। लेकिन नगर में कई दुकानों पर इन मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी जा रही है। दुकानों के पास ही भीड़, दोपहिया वाहनों की आवाजाही और खुले में पटाखे फोड़ने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखा दुकानों का निरीक्षण करने के लिए *प्रशासन की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच रही है।* न तो दुकानों पर लाइसेंस की जांच हो रही है और न ही प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापामार कार्रवाई हो रही है। इससे दुकानदार मनमाने तरीके से बिक्री कर रहे हैं।
वहीं खरीदारों को भी *ग्रीन पटाखों की पहचान, क्यूआर कोड, सीएसआईआर-नीरी के प्रमाणन* आदि की जानकारी नहीं दी जा रही है। कई खरीदार अनजाने में प्रतिबंधित पटाखे खरीद रहे हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों की नियमित जांच की जाए, बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर कार्रवाई हो, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और दुकानों पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ सुरक्षित भी रहे।।
    user_पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
    पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
    Voice of people भांडेर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा दीपावली की बधाई देने के लिए दतिया के मुख्य बाजार में निकले और उन्होंने दतिया को दीपावली की बधाई दी। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा दीपावली की बधाई देने के लिए दतिया के मुख्य बाजार में निकले और उन्होंने दतिया को दीपावली की बधाई दी।
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    मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा दीपावली की बधाई देने के लिए दतिया के मुख्य बाजार में निकले और उन्होंने दतिया  को दीपावली की बधाई दी।
मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा दीपावली की बधाई देने के लिए दतिया के मुख्य बाजार में निकले और उन्होंने दतिया  को दीपावली की बधाई दी।
    user_Abnish Dubey
    Abnish Dubey
    Court reporter दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दीपावली पर दतिया पुलिस का सराहनीय उपहार, 154 लोगों को लौटाए गुम मोबाइल दीपावली पर दतिया पुलिस का सराहनीय उपहार, 154 लोगों को लौटाए गुम मोबाइल करीब 32 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रेस कर वास्तविक मालिकों को सौंपे दतिया। दीपावली के पावन पर्व पर दतिया पुलिस ने 154 लोगों के चेहरों पर खुशियां लौटाने का सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की साइबर सेल ने विशेष अभियान चलाकर करीब 32 लाख रुपये कीमत के 154 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलाया गया। इस दौरान साइबर सेल ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक ट्रेस किया। मोबाइल वापस मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला ने आवेदकों से संवाद कर मोबाइल गुम होने की परिस्थितियों की जानकारी ली। साथ ही भविष्य में मोबाइल फोन की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां भी बताईं। उन्होंने नागरिकों से जिले की कानून व्यवस्था एवं पुलिस की जनसेवाओं को लेकर चर्चा कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया। लंबे समय से गुम मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने दतिया पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक अभिषेक तोमर, आरक्षक प्रशांत शर्मा, वीरेंद्र, शुभम यादव, सूरज, उपेन्द्र, अंकेश तथा महिला आरक्षक अशिंका एवं सविता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दतिया पुलिस की इस पहल ने दीपावली के अवसर पर 154 परिवारों को खुशियों का अनमोल उपहार दिया।
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    दीपावली पर दतिया पुलिस का सराहनीय उपहार, 154 लोगों को लौटाए गुम मोबाइल
दीपावली पर दतिया पुलिस का सराहनीय उपहार, 154 लोगों को लौटाए गुम मोबाइल
करीब 32 लाख रुपये कीमत के मोबाइल फोन CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रेस कर वास्तविक मालिकों को सौंपे
दतिया। दीपावली के पावन पर्व पर दतिया पुलिस ने 154 लोगों के चेहरों पर खुशियां लौटाने का सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की साइबर सेल ने विशेष अभियान चलाकर करीब 32 लाख रुपये कीमत के 154 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे।
पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलाया गया। इस दौरान साइबर सेल ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक ट्रेस किया।
मोबाइल वापस मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला ने आवेदकों से संवाद कर मोबाइल गुम होने की परिस्थितियों की जानकारी ली। साथ ही भविष्य में मोबाइल फोन की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां भी बताईं। उन्होंने नागरिकों से जिले की कानून व्यवस्था एवं पुलिस की जनसेवाओं को लेकर चर्चा कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।
लंबे समय से गुम मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। नागरिकों ने दतिया पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक अभिषेक तोमर, आरक्षक प्रशांत शर्मा, वीरेंद्र, शुभम यादव, सूरज, उपेन्द्र, अंकेश तथा महिला आरक्षक अशिंका एवं सविता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दतिया पुलिस की इस पहल ने दीपावली के अवसर पर 154 परिवारों को खुशियों का अनमोल उपहार दिया।
    user_भूपेन्द्र जिगना
    भूपेन्द्र जिगना
    News Anchor दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सारे देश में दांडी पिटवा दो हमारे राजा राम आ रहे हैं#🙏♥️🙏#सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
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    सारे देश में दांडी पिटवा दो हमारे राजा राम आ रहे हैं#🙏♥️🙏#सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
    user_Kshatr Pal shivhare
    Kshatr Pal shivhare
    Security Guard मोठ, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रतनगढ़ माता सिंधु नदी घाट पर दीपावली भाई दूज मेला को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के लिए कड़ी व्यवस्था की है जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े
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    रतनगढ़ माता सिंधु नदी घाट पर दीपावली भाई दूज मेला को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के लिए कड़ी व्यवस्था की है
जिससे श्रद्धालुओं को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े
    user_AD SINGH DHAKAD
    AD SINGH DHAKAD
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दीपावली पर दतिया पुलिस की बड़ी पहल: अच्छे आचरण पर 45 गुंडा और 4 निगरानी बदमाशों को सूची से हटाया, मिला सुधार का मौका लोकेशन – दतिया, मध्यप्रदेश आप देख रहे हैं – बुन्देली बुलेटिन Live ऐंकर;-दीपावली के पर्व पर दतिया पुलिस ने सकारात्मक पहल करते हुए अपराध की दुनिया से दूरी बनाकर अच्छे आचरण और व्यवहार का परिचय देने वाले लोगों को सुधार का अवसर दिया है। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने अच्छे आचरण के आधार पर 45 गुंडा बदमाशों और 4 निगरानी बदमाशों के नाम संबंधित सूचियों से पृथक करने का निर्णय लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की लगातार निगरानी की जाती है। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों को थानों में बुलाकर उनके आचरण, व्यवहार और वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की जाती है। साथ ही उन्हें आपराधिक गतिविधियों, अवैध कार्यों और लड़ाई-झगड़ों से दूर रहकर समाज में अच्छे नागरिक की तरह जीवन जीने की समझाइश दी जाती है। इसी क्रम में दीपावली के अवसर पर समीक्षा के बाद 45 गुंडा बदमाशों को गुंडा सूची से तथा आचरण में सुधार पाए जाने पर 4 निगरानी बदमाशों को निगरानी सूची से हटाया गया है। वहीं, 2 निगरानी बदमाशों की मृत्यु होने के कारण उनके नाम भी सूची से पृथक किए गए हैं। दतिया पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल अपराधियों पर निगरानी रखना ही नहीं, बल्कि उनमें सुधार लाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अच्छे आचरण वालों को नियमानुसार सुधार का अवसर दिया जाएगा, जबकि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध निगरानी और वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    दीपावली पर दतिया पुलिस की बड़ी पहल: अच्छे आचरण पर 45 गुंडा और 4 निगरानी बदमाशों को सूची से हटाया, मिला सुधार का मौका
लोकेशन – दतिया, मध्यप्रदेश
आप देख रहे हैं – बुन्देली बुलेटिन Live
ऐंकर;-दीपावली के पर्व पर दतिया पुलिस ने सकारात्मक पहल करते हुए अपराध की दुनिया से दूरी बनाकर अच्छे आचरण और व्यवहार का परिचय देने वाले लोगों को सुधार का अवसर दिया है। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने अच्छे आचरण के आधार पर 45 गुंडा बदमाशों और 4 निगरानी बदमाशों के नाम संबंधित सूचियों से पृथक करने का निर्णय लिया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की लगातार निगरानी की जाती है। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों को थानों में बुलाकर उनके आचरण, व्यवहार और वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की जाती है। साथ ही उन्हें आपराधिक गतिविधियों, अवैध कार्यों और लड़ाई-झगड़ों से दूर रहकर समाज में अच्छे नागरिक की तरह जीवन जीने की समझाइश दी जाती है।
इसी क्रम में दीपावली के अवसर पर समीक्षा के बाद 45 गुंडा बदमाशों को गुंडा सूची से तथा आचरण में सुधार पाए जाने पर 4 निगरानी बदमाशों को निगरानी सूची से हटाया गया है। वहीं, 2 निगरानी बदमाशों की मृत्यु होने के कारण उनके नाम भी सूची से पृथक किए गए हैं।
दतिया पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल अपराधियों पर निगरानी रखना ही नहीं, बल्कि उनमें सुधार लाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अच्छे आचरण वालों को नियमानुसार सुधार का अवसर दिया जाएगा, जबकि आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध निगरानी और वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चतुर्वेदी ट्रेडर्स एंड फैमिली मार्ट के संचालक ऋषि चतुर्वेदी की ओर से समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों को छोटी एवं बड़ी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट चतुर्वेदी ट्रेडर्स एंड फैमिली मार्ट के संचालक ऋषि चतुर्वेदी की ओर से समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों को छोटी एवं बड़ी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट
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    चतुर्वेदी ट्रेडर्स एंड फैमिली मार्ट के संचालक ऋषि चतुर्वेदी की ओर से समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों को छोटी एवं बड़ी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट 
चतुर्वेदी ट्रेडर्स एंड फैमिली मार्ट के संचालक ऋषि चतुर्वेदी की ओर से समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों को छोटी एवं बड़ी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट
    user_Shri kant
    Shri kant
    Press advisory दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • दतिया कलेक्टर का पराली जलाने का आदेश हुआ बेअसर, किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली दतिया कलेक्टर का पराली जलाने का आदेश हुआ बेअसर, किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली भांडेर तहसील में दतिया कलेक्टर द्वारा जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद भांडेर तहसील क्षेत्र में आदेश का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। किसान खुले आम खेतों में पराली जलाते नजर आ रहे हैं। भांडेर तहसील के पंडोखर थाना क्षेत्र के रामनेर गांव के पास खेतों में खड़ी धान की पराली को किसान आग लगाकर स्वयं जला रहा है। आग की लपटों और धुएं से पूरा क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया है। वहीं उसी जगह बगल के खेत में खड़ी धान की फसल है। अगर भूल से भी आग धान की फसल में पहुंचती है तो सूखी खड़ी धान में भारी नुकसान हो सकता है। किसान की एक लापरवाही से दूसरे किसान की महीनों की मेहनत पलभर में राख हो सकती है। इसके अलावा मेन हाईवे रोड से निकलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पराली के धुएं के कारण सड़क पर सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। धुंध और धुएं के बीच वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है, जिससे सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी किसान पराली जला रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता नष्ट होना और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पराली जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय बताए जाएं, ताकि पर्यावरण और फसल दोनों सुरक्षित रह सकें।।
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    दतिया कलेक्टर का पराली जलाने का आदेश हुआ बेअसर, किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली
दतिया कलेक्टर का पराली जलाने का आदेश हुआ बेअसर, किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली
भांडेर तहसील में दतिया कलेक्टर द्वारा जिले में पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद भांडेर तहसील क्षेत्र में आदेश का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। किसान खुले आम खेतों में पराली जलाते नजर आ रहे हैं।
भांडेर तहसील के पंडोखर थाना क्षेत्र के रामनेर गांव के पास खेतों में खड़ी धान की पराली को किसान आग लगाकर स्वयं जला रहा है। आग की लपटों और धुएं से पूरा क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया है।
वहीं उसी जगह बगल के खेत में खड़ी धान की फसल है। अगर भूल से भी आग धान की फसल में पहुंचती है तो सूखी खड़ी धान में भारी नुकसान हो सकता है। किसान की एक लापरवाही से दूसरे किसान की महीनों की मेहनत पलभर में राख हो सकती है।
इसके अलावा मेन हाईवे रोड से निकलते वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पराली के धुएं के कारण सड़क पर सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। धुंध और धुएं के बीच वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है, जिससे सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी किसान पराली जला रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता नष्ट होना और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पराली जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय बताए जाएं, ताकि पर्यावरण और फसल दोनों सुरक्षित रह सकें।।
    user_पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
    पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
    Voice of people भांडेर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    50 min ago
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